कक्षा 12 रसायन विज्ञान अध्याय 13: ऐमीन NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 13, 'ऐमीन' के लिए व्यापक NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें ऐमीनों के वर्गीकरण, संरचनात्मक समावयवता और आई.यू.पी.ए.सी. नामकरण को शामिल किया गया है। समाधान विभिन्न ऐमीनों के बीच रूपांतरणों को स्पष्ट करते हैं, जैसे बेंजीन से ऐनिलीन और बेंजीन से N, N-डाइमेथिलऐनिलीन का निर्माण। यह अध्याय ऐमीन यौगिकों की मूलभूत समझ प्रदान करता है, जिसमें उनकी संरचनात्मक विशेषताएं और नामकरण की विधियाँ शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए अभ्यास प्रश्नों को हल करने और अवधारणाओं को स्पष्ट करने में सहायता करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | रसायन विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 13. ऐमीन |
Chapter summary
कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 13 के ये NCERT समाधान ऐमीन यौगिकों पर केंद्रित हैं। इसमें प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐमीनों के वर्गीकरण, अणुसूत्र C4H11N के विभिन्न समावयवी ऐमीनों की संरचनाओं और उनके आई.यू.पी.ए.सी. नामों की पहचान शामिल है। समाधान विभिन्न प्रकार की समावयवता, जैसे शृंखला, स्थान और क्रियात्मक समावयवता की भी व्याख्या करते हैं। इसके अतिरिक्त, यह बेंजीन से ऐनिलीन और N, N-डाइमेथिलऐनिलीन जैसे महत्वपूर्ण रासायनिक परिवर्तनों को दर्शाता है।
Learning outcomes
- ऐमीनों को प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक के रूप में वर्गीकृत करना सीखें।
- दिए गए अणुसूत्र के लिए ऐमीन समावयवियों की संरचनाएँ बनाना समझें।
- ऐमीन समावयवियों के आई.यू.पी.ए.सी. नाम लिखना सीखें।
- ऐमीनों में विभिन्न प्रकार की समावयवता (शृंखला, स्थान, क्रियात्मक) की पहचान करें।
- बेंजीन और अन्य यौगिकों से ऐमीनों के संश्लेषण के लिए रासायनिक परिवर्तन करें।
Topics covered
Paper topics
- ऐमीनों का वर्गीकरण (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक)
- ऐमीनों की संरचना
- ऐमीनों की समावयवता (शृंखला, स्थान, क्रियात्मक)
- ऐमीनों के आई.यू.पी.ए.सी. नाम
- बेंजीन से ऐनिलीन का संश्लेषण
- बेंजीन से N, N-डाइमेथिलऐनिलीन का संश्लेषण
- हेक्सेन-1,6-डाइऐमीन का संश्लेषण
Important topics
- ऐमीनों का वर्गीकरण
- ऐमीन समावयवता
- आई.यू.पी.ए.सी. नामकरण
- बेंजीन से ऐनिलीन का परिवर्तन
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
(i) NH_2
(ii)
\rm N(CH_3)_2
(iii) (C_2H_5)_2CHNH_2
(iv) (C_2H_5)_2NH
- प्राथमिक ऐमीन (1°): इस ऐमीन में नाइट्रोजन परमाणु केवल एक कार्बन परमाणु से जुड़ा होता है।
- द्वितीयक ऐमीन (2°): इस ऐमीन में नाइट्रोजन परमाणु दो कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है।
- तृतीयक ऐमीन (3°): इस ऐमीन में नाइट्रोजन परमाणु तीन कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है।
दिए गए ऐमीनों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
(i) यह एक प्राथमिक ऐमीन है क्योंकि नाइट्रोजन परमाणु एक ऐरिल समूह (बेंजीन वलय) से जुड़ा है।
(ii) यह एक तृतीयक ऐमीन है क्योंकि नाइट्रोजन परमाणु तीन मेथिल समूहों से जुड़ा है।
(iii) यह एक प्राथमिक ऐमीन है क्योंकि ऐमीनो समूह (-NH2) एक कार्बन परमाणु से जुड़ा है।
(iv) यह एक द्वितीयक ऐमीन है क्योंकि नाइट्रोजन परमाणु दो एथिल समूहों से जुड़ा है।
प्रश्न 2
- ब्यूटेन-1-ऐमीन (प्राथमिक): ————
- ब्यूटेन-2-ऐमीन (प्राथमिक): ——
प्रश्न 3
- बेन्जीन से ऐनिलीन
- बेन्जीन से N, N-डाइमेथिलऐनिलीन
- से हेक्सेन-1,6-डाइऐमीन
(i) बेन्जीन से ऐनिलीन का परिवर्तन:
यह परिवर्तन दो चरणों में किया जाता है:
- नाइट्रीकरण: बेन्जीन की अभिक्रिया सान्द्र नाइट्रिक एसिड () और सान्द्र सल्फ्यूरिक एसिड () के साथ कराने पर नाइट्रोबेंजीन बनता है।
- अपचयन: नाइट्रोबेंजीन का अपचयन टिन (Sn) या आयरन (Fe) और हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) की उपस्थिति में करने पर ऐनिलीन प्राप्त होता है।
(ii) बेन्जीन से N, N-डाइमेथिलऐनिलीन का परिवर्तन:
यह परिवर्तन भी दो मुख्य चरणों में किया जाता है:
- ऐनिलीन का निर्माण: जैसा कि ऊपर (i) में बताया गया है, बेन्जीन से पहले ऐनिलीन बनाया जाता है।
- N-मेथिलीकरण: ऐनिलीन की अभिक्रिया मेथिल आयोडाइड () या डाइमेथिल सल्फेट () जैसे मेथिलीकरण अभिकर्मक के साथ क्षारीय माध्यम में कराने पर N, N-डाइमेथिलऐनिलीन बनता है। इस अभिक्रिया में दो मेथिल समूह नाइट्रोजन परमाणु पर जुड़ते हैं।
(iii) से हेक्सेन-1,6-डाइऐमीन का परिवर्तन:
यह परिवर्तन अमोनिया के साथ ऐल्किल हैलाइड की अभिक्रिया द्वारा किया जा सकता है। 1,4-डाइक्लोरोब्यूटेन की अभिक्रिया अमोनिया () की अधिकता के साथ उच्च दाब और ताप पर कराने पर हेक्सेन-1,6-डाइऐमीन बनता है। यह एक ऐल्किलीकरण अभिक्रिया है।
नोट: स्रोत में दिए गए सूत्र में कार्बन की संख्या गलत प्रतीत होती है। Cl-(CH2)4-Cl एक 6-कार्बन यौगिक है, जिससे हेक्सेन-1,6-डाइऐमीन (6-कार्बन) बनेगा। यदि यह 1,4-डाइक्लोरोब्यूटेन होता, तो ब्यूटेन-1,4-डाइऐमीन बनता। यहाँ स्रोत के अनुसार 6-कार्बन यौगिक मानकर हल किया गया है।
Common mistakes
- ऐमीनों के वर्गीकरण में भ्रमित होना (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक)।
- समावयवी संरचनाओं को सही ढंग से न बना पाना।
- आई.यू.पी.ए.सी. नामकरण नियमों को लागू करने में त्रुटियाँ।
- रासायनिक परिवर्तनों के लिए अभिकर्मकों और प्रतिक्रिया स्थितियों को गलत चुनना।
Revision tips
- प्रत्येक ऐमीन के वर्गीकरण (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक) का अभ्यास करें।
- दिए गए अणुसूत्रों के लिए सभी संभावित ऐमीन समावयवियों को बनाने का अभ्यास करें।
- आई.यू.पी.ए.सी. नामकरण नियमों को याद करें और उनका उपयोग करें।
- दिए गए परिवर्तनों को पूरा करने के लिए आवश्यक अभिकर्मकों और प्रतिक्रियाओं की सूची बनाएं।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा एक प्राथमिक ऐमीन है?
Explanation: प्राथमिक ऐमीन में नाइट्रोजन परमाणु केवल एक कार्बन परमाणु से जुड़ा होता है। (C2H5)2CHNH2 में -NH2 समूह एक कार्बन से जुड़ा है, जो स्वयं दो अन्य कार्बन से जुड़ा है, लेकिन नाइट्रोजन सीधे केवल एक कार्बन से जुड़ा है।
Q2. अणुसूत्र C4H11N के कितने समावयवी ऐमीन संभव हैं?
Explanation: अणुसूत्र C4H11N के कुल आठ समावयवी ऐमीन संभव हैं, जिनमें विभिन्न शृंखला और स्थान समावयवी शामिल हैं।
Q3. ब्यूटेन-1-ऐमीन और ब्यूटेन-2-ऐमीन किस प्रकार के समावयवी हैं?
Explanation: ब्यूटेन-1-ऐमीन और ब्यूटेन-2-ऐमीन में कार्बन शृंखला समान है, लेकिन ऐमीनो (-NH2) समूह की स्थिति भिन्न है, इसलिए वे स्थान समावयवी हैं।
Q4. N-एथिल एथेनेमीन किस प्रकार का ऐमीन है?
Explanation: N-एथिल एथेनेमीन में नाइट्रोजन परमाणु दो ऐल्किल समूहों (एक एथिल और एक मेथिल) और एक हाइड्रोजन परमाणु से जुड़ा होता है, जो इसे एक द्वितीयक ऐमीन बनाता है।
Q5. बेंजीन से ऐनिलीन बनाने के लिए कौन से दो मुख्य चरण आवश्यक हैं?
Explanation: बेंजीन का पहले नाइट्रिक एसिड और सल्फ्यूरिक एसिड के मिश्रण से नाइट्रीकरण करके नाइट्रोबेंजीन बनाया जाता है, और फिर नाइट्रोबेंजीन का अपचयन करके ऐनिलीन प्राप्त किया जाता है।
Frequently asked questions
ऐमीन क्या होते हैं और उन्हें कैसे वर्गीकृत किया जाता है?
ऐमीन अमोनिया (NH3) के व्युत्पन्न होते हैं जिनमें एक या अधिक हाइड्रोजन परमाणुओं को ऐल्किल या ऐरिल समूहों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है। उन्हें नाइट्रोजन परमाणु से जुड़े ऐल्किल/ऐरिल समूहों की संख्या के आधार पर प्राथमिक (1°), द्वितीयक (2°), या तृतीयक (3°) ऐमीन में वर्गीकृत किया जाता है।
C4H11N अणुसूत्र वाले ऐमीनों में किस प्रकार की समावयवता पाई जाती है?
C4H11N अणुसूत्र वाले ऐमीनों में शृंखला समावयवता (कार्बन शृंखला में भिन्नता), स्थान समावयवता (क्रियात्मक समूह की स्थिति में भिन्नता), और क्रियात्मक समावयवता (प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐमीन के रूप में भिन्नता) पाई जाती है।
बेंजीन से ऐनिलीन कैसे बनाया जाता है?
बेंजीन से ऐनिलीन बनाने के लिए दो मुख्य चरण हैं: पहला, बेंजीन का सान्द्र नाइट्रिक एसिड और सान्द्र सल्फ्यूरिक एसिड के साथ नाइट्रीकरण करके नाइट्रोबेंजीन बनाना। दूसरा, नाइट्रोबेंजीन का टिन (Sn) या आयरन (Fe) और हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) की उपस्थिति में अपचयन करके ऐनिलीन प्राप्त करना।
प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐमीन के बीच मुख्य अंतर क्या है?
मुख्य अंतर नाइट्रोजन परमाणु से जुड़े कार्बन परमाणुओं की संख्या है। प्राथमिक ऐमीन में नाइट्रोजन एक कार्बन से जुड़ा होता है, द्वितीयक में दो कार्बन से, और तृतीयक में तीन कार्बन से जुड़ा होता है।
क्या ऐमीन क्रियात्मक समावयवी हो सकते हैं?
हाँ, ऐमीन क्रियात्मक समावयवी हो सकते हैं। विशेष रूप से, प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐमीन एक ही अणुसूत्र के लिए एक-दूसरे के क्रियात्मक समावयवी होते हैं (जैसे C3H9N के लिए प्रोपेन-1-ऐमीन, प्रोपेन-2-ऐमीन और N-मेथिलएथेनेमीन)।
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