कक्षा 12 रसायन विज्ञान: अध्याय 4 रासायनिक बलगतिकी NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 4, रासायनिक बलगतिकी के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें अभिक्रियाओं के औसत वेग की गणना, विभिन्न इकाइयों में दर की अभिव्यक्ति, और अभिक्रिया दर को प्रभावित करने वाले कारकों की समझ शामिल है। समाधानों में प्रथम और द्वितीय कोटि की अभिक्रियाओं के लिए वेग स्थिरांक और समय की गणना भी शामिल है। यह खंड छात्रों को रासायनिक अभिक्रियाओं की दर और तंत्र को समझने में मदद करता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है। ये समाधान छात्रों को जटिल अवधारणाओं को स्पष्ट करने और अभ्यास प्रश्नों को हल करने में सहायता करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | रसायन विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 4. रासायनिक बलगतिकी |
Chapter summary
रासायनिक बलगतिकी अध्याय के ये NCERT समाधान छात्रों को अभिक्रिया दर, औसत वेग और तात्कालिक वेग की गणना करने में मदद करते हैं। इसमें विभिन्न कोटि की अभिक्रियाओं के लिए वेग नियम और वेग स्थिरांक की समझ शामिल है। समाधानों में प्रथम और द्वितीय कोटि की अभिक्रियाओं से संबंधित समस्याओं को हल करने के तरीके भी बताए गए हैं, जो परीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं।
Learning outcomes
- अभिक्रियाओं के औसत वेग की गणना करना सीखें।
- वेग स्थिरांक और अभिक्रिया की कोटि के बीच संबंध को समझें।
- प्रथम और द्वितीय कोटि की अभिक्रियाओं के लिए समय की गणना करें।
- अभिक्रिया दर पर सांद्रता परिवर्तन के प्रभाव का विश्लेषण करें।
- रासायनिक बलगतिकी की मूल अवधारणाओं को समझें।
Topics covered
Paper topics
- रासायनिक बलगतिकी
- अभिक्रिया दर
- औसत वेग
- तात्कालिक वेग
- वेग नियम
- अभिक्रिया की कोटि
- वेग स्थिरांक
- प्रथम कोटि की अभिक्रिया
- द्वितीय कोटि की अभिक्रिया
- अभिक्रिया की आणविकता
- एकीकृत दर समीकरण
Important topics
- औसत वेग की गणना
- अभिक्रिया की कोटि का निर्धारण
- वेग स्थिरांक और समय के बीच संबंध
- प्रथम कोटि की अभिक्रियाओं के लिए समय की गणना
- वेग नियम से अभिक्रिया की कोटि ज्ञात करना
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
प्रश्न 1
अभिक्रिया के लिए औसत वेग की गणना निम्न प्रकार की जाती है:
यहाँ, , , और .
औसत वेग (मिनट में):
औसत वेग (सेकंड में):
चूंकि ,
अतः, औसत वेग मिनट में और सेकंड में है।
प्रश्न 2
अभिक्रिया का वेग, अभिकारक A के लुप्त होने के वेग से संबंधित है। अभिक्रिया के लिए वेग नियम इस प्रकार दिया गया है:
यहाँ, और .
मानों को सूत्र में रखने पर:
अतः, इस समयांतराल के लिए अभिक्रिया का वेग है।
प्रश्न 3
किसी अभिक्रिया की कोटि वेग नियम में अभिकारकों की सांद्रता की घातों का योग होती है। दिए गए वेग नियम में,
A की घात है।
B की घात है।
अतः, अभिक्रिया की कुल कोटि इन घातों का योग होगी:
इसलिए, अभिक्रिया की कोटि है।
प्रश्न 4
अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है। इसका अर्थ है कि अभिक्रिया का वेग अभिकारक X की सान्द्रता के वर्ग के समानुपाती होता है। वेग नियम को इस प्रकार लिखा जा सकता है:
यदि X की सान्द्रता को तीन-गुना कर दिया जाए, तो नई सान्द्रता होगी। नया वेग होगा:
समीकरण (2) को समीकरण (1) से भाग देने पर:
इसलिए, .
अतः, Y के निर्माण होने का वेग 9 गुना बढ़ जायेगा।
प्रश्न 5
यह एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया है, इसलिए हम प्रथम कोटि के लिए एकीकृत दर समीकरण का उपयोग करेंगे:
यहाँ, वेग स्थिरांक .
प्रारम्भिक मात्रा .
अंतिम मात्रा .
इन मानों को सूत्र में रखने पर:
हम जानते हैं कि .
अतः, अभिकारक की 5 g मात्रा को घटकर 3 g होने में लगभग 444 सेकंड लगेंगे।
Common mistakes
- औसत वेग की गणना करते समय ऋणात्मक चिह्न का उपयोग न करना।
- अभिक्रिया की कोटि की गणना करते समय घातों को सही ढंग से न जोड़ना।
- वेग स्थिरांक की इकाइयों को गलत तरीके से लिखना।
- प्रथम कोटि की अभिक्रियाओं के लिए एकीकृत दर समीकरण को गलत लागू करना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के लिए उपयोग किए गए सूत्र को पहचानें और समझें।
- औसत वेग और अभिक्रिया दर की गणना के लिए इकाइयों पर ध्यान दें।
- अभिक्रिया की कोटि और आणविकता के बीच अंतर को स्पष्ट करें।
- वेग स्थिरांक और समय के बीच संबंध को समझने के लिए उदाहरणों का अभ्यास करें।
Practice MCQs
Q1. एक अभिक्रिया $R P$ के लिए, यदि अभिकारक R की सान्द्रता 25 मिनट में 0.03 M से 0.02 M हो जाती है, तो औसत वेग क्या है?
Explanation: औसत वेग = -Δ[R]/Δt = -(0.02 - 0.03) M / 25 min = 0.01 M / 25 min = 4 x 10⁻⁴ mol L⁻¹ min⁻¹।
Q2. अभिक्रिया $2A $ उत्पाद के लिए, यदि A की सान्द्रता 10 मिनट में 0.5 M से 0.4 M हो जाती है, तो अभिक्रिया का वेग क्या है?
Explanation: अभिक्रिया का वेग = -1/2 * Δ[A]/Δt = -1/2 * (0.4 - 0.5) M / 10 min = -1/2 * (-0.1 M / 10 min) = 0.005 mol L⁻¹ min⁻¹।
Q3. एक अभिक्रिया के लिए वेग नियम $[A]^{1/2} [B]^2$ है। इस अभिक्रिया की कोटि क्या है?
Explanation: अभिक्रिया की कोटि घातों का योग है: 1/2 + 2 = 5/2।
Q4. यदि एक द्वितीय कोटि की अभिक्रिया में अभिकारक X की सान्द्रता तीन-गुनी कर दी जाए, तो अभिक्रिया का वेग कितने गुना बढ़ जाएगा?
Explanation: द्वितीय कोटि की अभिक्रिया के लिए, वेग [X]² के समानुपाती होता है। सान्द्रता को 3 गुना करने पर वेग (3)² = 9 गुना बढ़ जाएगा।
Q5. एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया का वेग स्थिरांक $1.15 10^{-3} ^{-1}$ है। यदि अभिकारक की प्रारंभिक मात्रा 5 g है, तो 3 g होने में कितना समय लगेगा?
Explanation: समय t = (2.303/k) log([R]₀/[R]) = (2.303 / 1.15 x 10⁻³) log(5/3) ≈ 443.8 s।
Frequently asked questions
रासायनिक बलगतिकी में औसत वेग की गणना कैसे की जाती है?
औसत वेग की गणना अभिकारक या उत्पाद की सान्द्रता में परिवर्तन को उस समय अंतराल से विभाजित करके की जाती है जिसमें यह परिवर्तन होता है। अभिकारक के लिए, यह ऋणात्मक होता है: औसत वेग = -Δ[अभिकारक]/Δt।
अभिक्रिया की कोटि क्या है और इसे कैसे निर्धारित किया जाता है?
अभिक्रिया की कोटि वेग नियम में सांद्रता पदों की घातों का योग होती है। इसे प्रायोगिक रूप से निर्धारित किया जाता है, जैसा कि प्रश्न 3 में दिखाया गया है जहाँ कोटि 1/2 + 2 = 5/2 है।
प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए समय की गणना का सूत्र क्या है?
प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए, समय (t) की गणना सूत्र t = (2.303/k) log([R]₀/[R]) का उपयोग करके की जाती है, जहाँ k वेग स्थिरांक है, [R]₀ प्रारंभिक सान्द्रता है, और [R] अंतिम सान्द्रता है।
द्वितीय कोटि की अभिक्रिया में सान्द्रता परिवर्तन का वेग पर क्या प्रभाव पड़ता है?
द्वितीय कोटि की अभिक्रिया में, अभिक्रिया वेग अभिकारक की सान्द्रता के वर्ग के समानुपाती होता है। इसलिए, यदि सान्द्रता को n गुना बढ़ाया जाता है, तो वेग n² गुना बढ़ जाता है, जैसा कि प्रश्न 4 में दिखाया गया है।
क्या ये समाधान कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा के लिए उपयोगी हैं?
हाँ, ये समाधान विशेष रूप से CBSE कक्षा 12 रसायन विज्ञान के पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किए गए हैं और परीक्षा में पूछे जाने वाले रासायनिक बलगतिकी से संबंधित प्रश्नों को समझने और हल करने में मदद करते हैं।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.