कक्षा 12 रसायन विज्ञान: ऐल्कोहॉल, फिनॉल एवं ईथर NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 11, 'ऐल्कोहॉल, फिनॉल एवं ईथर' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐल्कोहॉलों के वर्गीकरण, ऐलिलिक ऐल्कोहॉलों की पहचान और विभिन्न कार्बनिक यौगिकों के IUPAC नामकरण से संबंधित प्रश्नों को शामिल किया गया है। समाधानों को स्पष्टता के लिए चरण-दर-चरण समझाया गया है, जिससे छात्रों को इन महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने में मदद मिलती है। यह संसाधन छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है, जिससे वे इन विषयों में महारत हासिल कर सकें।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectरसायन विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter11. ऐल्कोहॉल, फिनॉल एवं ईथर

Chapter summary

कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 11, 'ऐल्कोहॉल, फिनॉल एवं ईथर' के लिए NCERT समाधान, ऐल्कोहॉलों के वर्गीकरण (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक) और ऐलिलिक ऐल्कोहॉलों की पहचान पर केंद्रित हैं। यह खंड आई.यू.पी.ए.सी. नामकरण पद्धतियों का उपयोग करके विभिन्न कार्बनिक यौगिकों के नामकरण का भी अभ्यास प्रदान करता है। समाधान छात्रों को इन संरचनाओं को समझने और उन्हें सही ढंग से नामित करने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐल्कोहॉलों को वर्गीकृत करना सीखें।
  • ऐलिलिक ऐल्कोहॉलों की पहचान करना समझें।
  • दिए गए कार्बनिक यौगिकों के लिए आई.यू.पी.ए.सी. नामकरण लागू करें।
  • कार्बनिक संरचनाओं और उनके नामकरण के बीच संबंध स्थापित करें।

Topics covered

Paper topics

  • ऐल्कोहॉल का वर्गीकरण
  • प्राथमिक ऐल्कोहॉल
  • द्वितीयक ऐल्कोहॉल
  • तृतीयक ऐल्कोहॉल
  • ऐलिलिक ऐल्कोहॉल
  • आई.यू.पी.ए.सी. नामकरण
  • कार्बनिक यौगिकों का नामकरण
  • हाइड्रॉक्सिल समूह
  • कार्बन श्रृंखला
  • प्रतिस्थापी समूह

Important topics

  • ऐल्कोहॉल का वर्गीकरण (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक)
  • ऐलिलिक ऐल्कोहॉलों की पहचान
  • आई.यू.पी.ए.सी. नामकरण पद्धतियाँ

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Questions and Solutions

प्रश्न 1. निम्नलिखित को प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक ऐल्कोहॉल में वर्गीकृत कीजिए।

निम्नलिखित कार्बनिक यौगिकों को प्राथमिक (1°), द्वितीयक (2°), एवं तृतीयक (3°) ऐल्कोहॉल में वर्गीकृत कीजिए:
  1. CH_3 - \dot{C}H - CH_2OH
  2. CH_3 - CH_2 - CH_2OH
  3. CH_3 - CH(OH) - CH_3
  4. CH_3 - CH_2 - CH(OH) - CH_3
  5. CH_3 - C(CH_3)(OH) - CH_3
  6. CH_2 = CH - CH_2OH
Solution:

ऐल्कोहॉल का वर्गीकरण उस कार्बन परमाणु के प्रकार पर निर्भर करता है जिससे हाइड्रॉक्सिल (-OH) समूह जुड़ा होता है।

  1. संरचना: CH_3 - \dot{C}H - CH_2OH

    इस यौगिक में, हाइड्रॉक्सिल (-OH) समूह एक ऐसे कार्बन परमाणु से जुड़ा है जो केवल एक अन्य कार्बन परमाणु से जुड़ा है। इसलिए, यह एक प्राथमिक (1°) ऐल्कोहॉल है।

  2. संरचना: CH_3 - CH_2 - CH_2OH

    यहां, हाइड्रॉक्सिल (-OH) समूह एक प्राथमिक कार्बन परमाणु से जुड़ा है। इसलिए, यह एक प्राथमिक (1°) ऐल्कोहॉल है।

  3. संरचना: CH_3 - CH(OH) - CH_3

    इस संरचना में, हाइड्रॉक्सिल (-OH) समूह एक ऐसे कार्बन परमाणु से जुड़ा है जो दो अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा है। इसलिए, यह एक द्वितीयक (2°) ऐल्कोहॉल है।

  4. संरचना: CH_3 - CH_2 - CH(OH) - CH_3

    यहां, हाइड्रॉक्सिल (-OH) समूह एक द्वितीयक कार्बन परमाणु से जुड़ा है (जो दो अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा है)। इसलिए, यह एक द्वितीयक (2°) ऐल्कोहॉल है।

  5. संरचना: CH_3 - C(CH_3)(OH) - CH_3

    इस यौगिक में, हाइड्रॉक्सिल (-OH) समूह एक ऐसे कार्बन परमाणु से जुड़ा है जो तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा है। इसलिए, यह एक तृतीयक (3°) ऐल्कोहॉल है।

  6. संरचना: CH_2 = CH - CH_2OH

    यहां, हाइड्रॉक्सिल (-OH) समूह एक प्राथमिक कार्बन परमाणु से जुड़ा है। हालांकि यह कार्बन द्विबंध के निकट है, यह स्वयं द्विबंध में शामिल नहीं है और केवल एक अन्य कार्बन परमाणु से जुड़ा है। इसलिए, यह एक प्राथमिक (1°) ऐल्कोहॉल है। (यह एक ऐलिलिक ऐल्कोहॉल भी है)।

प्रश्न 2. प्रश्न 1. के उदाहरणों में से ऐलिलिक ऐल्कोहॉलों को पहचानिए।

प्रश्न 1 में दिए गए उदाहरणों में से ऐलिलिक ऐल्कोहॉलों की पहचान करें।
Solution:

ऐलिलिक ऐल्कोहॉल वे ऐल्कोहॉल होते हैं जिनमें हाइड्रॉक्सिल (-OH) समूह एक ऐसे कार्बन परमाणु से जुड़ा होता है जो सीधे कार्बन-कार्बन द्विबंध (C=C) से जुड़े कार्बन परमाणु से जुड़ा होता है।

प्रश्न 1 के उदाहरणों में से, यौगिक (vi) CH_2 = CH - CH_2OH एक ऐलिलिक ऐल्कोहॉल है। यहाँ, -OH समूह एक प्राथमिक कार्बन से जुड़ा है, और यह प्राथमिक कार्बन सीधे CH_2 = CH भाग के द्विबंध वाले कार्बन से जुड़ा है।

प्रश्न 3. निम्नलिखित यौगिकों के नाम आई.यू.पी.ए.सी. (IUPAC) पद्धित में दीजिए।

निम्नलिखित कार्बनिक यौगिकों के नाम आई.यू.पी.ए.सी. (IUPAC) नामकरण पद्धति का उपयोग करके दीजिए:
  1. CH_3 - CH_2 - CH - CH - CH - CH_3 \qquad \qquad \qquad \qquad \qquad | \qquad \qquad \qquad \qquad \qquad CH_2OH
  2. H_3C - CH - CH_2 - CH - CH - CH_3 \qquad \qquad \qquad \qquad | \qquad \qquad \qquad | \qquad \qquad \qquad \qquad CH_3 \qquad \qquad OH
  3. H_2C = CH - CH - CH_2 - CH_2 - CH_3 \qquad \qquad \qquad \qquad | \qquad \qquad \qquad \qquad OH
  4. CH_3 - C = C - CH_2OH \qquad \qquad | \quad | \qquad \qquad CH_3 \quad Br
Solution:

आई.यू.पी.ए.सी. नामकरण के लिए, हम सबसे लंबी कार्बन श्रृंखला का चयन करते हैं जिसमें कार्यात्मक समूह (इस मामले में -OH) शामिल होता है, और श्रृंखला को इस तरह से क्रमांकित करते हैं कि कार्यात्मक समूह को न्यूनतम संभव संख्या मिले।

  1. संरचना: CH_3 - CH_2 - CH - CH - CH - CH_3

    \qquad \qquad \qquad \qquad \qquad |

    \qquad \qquad \qquad \qquad \qquad CH_2OH

    सबसे लंबी कार्बन श्रृंखला में 6 कार्बन परमाणु हैं। हाइड्रॉक्सिल समूह (-CH2OH) श्रृंखला के एक सिरे पर है। श्रृंखला को दाईं ओर से क्रमांकित करने पर, -CH2OH समूह को स्थिति 1 मिलेगी। श्रृंखला का नाम हेक्सेनॉल होगा। स्थिति 2 पर एक मिथाइल समूह है।

    आई.यू.पी.ए.सी. नाम: 2-मिथाइलहेक्सेन-1-ऑल

  2. संरचना: H_3C - CH - CH_2 - CH - CH - CH_3

    \qquad \qquad \qquad \qquad | \qquad \qquad \qquad |

    \qquad \qquad \qquad \qquad CH_3 \qquad \qquad OH

    सबसे लंबी कार्बन श्रृंखला में 6 कार्बन परमाणु हैं। हाइड्रॉक्सिल (-OH) समूह को न्यूनतम संख्या देने के लिए श्रृंखला को दाईं ओर से क्रमांकित किया जाएगा, जिससे यह स्थिति 2 पर आएगा। स्थिति 4 पर एक मिथाइल समूह है।

    आई.यू.पी.ए.सी. नाम: 4-मिथाइलहेक्सेन-2-ऑल

  3. संरचना: H_2C = CH - CH - CH_2 - CH_2 - CH_3

    \qquad \qquad \qquad \qquad |

    \qquad \qquad \qquad \qquad OH

    यह एक ऐल्कीनॉल है। सबसे लंबी श्रृंखला में 6 कार्बन परमाणु हैं और इसमें एक द्विबंध और एक हाइड्रॉक्सिल समूह है। श्रृंखला को इस प्रकार क्रमांकित किया जाना चाहिए कि -OH समूह को न्यूनतम संख्या मिले, जो स्थिति 3 है। द्विबंध स्थिति 1 पर है।

    आई.यू.पी.ए.सी. नाम: हेक्स-1-ईन-3-ऑल

  4. संरचना: CH_3 - C = C - CH_2OH

    \qquad \qquad | \quad |

    \qquad \qquad CH_3 \quad Br

    यह एक ऐल्कीनॉल है जिसमें एक ब्रोमीन परमाणु भी है। सबसे लंबी श्रृंखला में 4 कार्बन परमाणु हैं। -OH समूह को न्यूनतम संख्या देने के लिए श्रृंखला को दाईं ओर से क्रमांकित किया जाएगा, जिससे यह स्थिति 1 पर आएगा। द्विबंध स्थिति 2 पर है। स्थिति 3 पर एक मिथाइल समूह और स्थिति 3 पर एक ब्रोमीन परमाणु है।

    आई.यू.पी.ए.सी. नाम: 3-ब्रोमो-3-मिथाइलब्यूट-2-ईन-1-ऑल

Common mistakes

  • ऐल्कोहॉल के वर्गीकरण में कार्बन श्रृंखला की लंबाई या प्रतिस्थापियों की संख्या को गलत समझना।
  • ऐलिलिक स्थिति को पहचानने में भ्रमित होना।
  • आई.यू.पी.ए.सी. नामकरण के लिए मुख्य श्रृंखला का चयन करने या अंकन में त्रुटियाँ करना।
  • प्रतिस्थापियों के नामकरण या स्थिति निर्धारण में गलतियाँ।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रकार के ऐल्कोहॉल (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक) के लिए संरचनात्मक उदाहरणों की समीक्षा करें।
  • ऐलिलिक ऐल्कोहॉल की परिभाषा और उदाहरणों को याद करें।
  • आई.यू.पी.ए.सी. नामकरण के नियमों का अभ्यास करें, विशेष रूप से ऐल्कोहॉलों के लिए।
  • दिए गए समाधानों का उपयोग करके अपनी नामकरण क्षमताओं का परीक्षण करें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सा एक प्राथमिक ऐल्कोहॉल है?

Q2. ऐलिलिक ऐल्कोहॉल में हाइड्रॉक्सिल समूह किस प्रकार के कार्बन से जुड़ा होता है?

Q3. CH3-CH(OH)-CH3 का आई.यू.पी.ए.सी. नाम क्या है?

Q4. निम्नलिखित में से कौन सा एक द्वितीयक ऐल्कोहॉल का उदाहरण है?

Frequently asked questions

कक्षा 12 रसायन विज्ञान में ऐल्कोहॉल, फिनॉल और ईथर अध्याय का क्या महत्व है?

यह अध्याय कार्बनिक रसायन विज्ञान की नींव रखता है, जो ऐल्कोहॉल, फिनॉल और ईथर जैसे महत्वपूर्ण कार्यात्मक समूहों की संरचना, गुण और प्रतिक्रियाओं को समझने में मदद करता है। यह आगे के अध्यायों और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐल्कोहॉलों में अंतर कैसे करें?

ऐल्कोहॉल का वर्गीकरण उस कार्बन परमाणु पर निर्भर करता है जिससे हाइड्रॉक्सिल (-OH) समूह जुड़ा होता है। यदि -OH समूह एक प्राथमिक कार्बन (केवल एक अन्य कार्बन से जुड़ा) से जुड़ा है, तो यह प्राथमिक ऐल्कोहॉल है। यदि यह एक द्वितीयक कार्बन (दो अन्य कार्बन से जुड़ा) से जुड़ा है, तो यह द्वितीयक ऐल्कोहॉल है। यदि यह एक तृतीयक कार्बन (तीन अन्य कार्बन से जुड़ा) से जुड़ा है, तो यह तृतीयक ऐल्कोहॉल है।

ऐलिलिक ऐल्कोहॉल क्या होते हैं?

ऐलिलिक ऐल्कोहॉल वे यौगिक होते हैं जिनमें हाइड्रॉक्सिल (-OH) समूह एक ऐसे कार्बन परमाणु से जुड़ा होता है जो सीधे कार्बन-कार्बन द्विबंध (C=C) से जुड़े कार्बन परमाणु से जुड़ा होता है।

आई.यू.पी.ए.सी. नामकरण क्यों महत्वपूर्ण है?

आई.यू.पी.ए.सी. (IUPAC) नामकरण एक मानकीकृत प्रणाली है जो दुनिया भर के वैज्ञानिकों को रासायनिक यौगिकों को स्पष्ट और विशिष्ट रूप से पहचानने और संवाद करने की अनुमति देती है, जिससे भ्रम से बचा जा सके।

ये समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान अध्याय की प्रमुख अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और अभ्यास प्रश्न प्रदान करते हैं। चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण छात्रों को समस्या-समाधान तकनीकों को समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए आत्मविश्वास बनाने में मदद करते हैं।

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