CBSE कक्षा 12 रसायन विज्ञान: हैलोएल्केन्स और हैलोएरीन्स NCERT समाधान

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यह पृष्ठ CBSE कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 10, 'हैलोएल्केन्स और हैलोएरीन्स' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें पाठ्य-पुस्तक में दिए गए प्रश्नों के हल शामिल हैं, जो छात्रों को विभिन्न हैलोएल्केन और हैलोएरीन यौगिकों की संरचनाओं को बनाने और समझने में मदद करते हैं। समाधानों में रासायनिक अभिक्रियाओं के स्पष्टीकरण भी शामिल हैं, जैसे कि ऐल्कोहॉल से ऐल्किल आयोडाइड बनाते समय सल्फ्यूरिक अम्ल का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है। यह विस्तृत व्याख्या छात्रों को इन महत्वपूर्ण कार्बनिक यौगिकों की प्रकृति और अभिक्रियाओं को गहराई से समझने में सहायता करती है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectरसायन विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter10. हैलोएल्केन्स तथा हैलोएरीन्स

Chapter summary

अध्याय 10, 'हैलोएल्केन्स और हैलोएरीन्स' के लिए NCERT समाधान छात्रों को कार्बनिक रसायन विज्ञान के इन महत्वपूर्ण वर्गों की संरचनाओं को चित्रित करने और उनकी रासायनिक अभिक्रियाओं को समझने में मदद करते हैं। समाधानों में यौगिकों के नामकरण और संरचना निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया गया है, साथ ही विशिष्ट अभिकर्मकों के उपयोग के पीछे के कारणों की व्याख्या भी की गई है। यह छात्रों को परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए तैयार करने में सहायक है।

Learning outcomes

  • दिए गए IUPAC नामों के आधार पर हैलोएल्केन्स और हैलोएरीन्स की संरचनाएं बनाने में सक्षम होना।
  • ऐल्कोहॉल से ऐल्किल आयोडाइड के संश्लेषण में सल्फ्यूरिक अम्ल के अनुपयुक्तता के कारण को समझना।
  • कार्बनिक यौगिकों के नामकरण और संरचना के बीच संबंध स्थापित करना।
  • रासायनिक अभिक्रियाओं में अभिकर्मकों की भूमिका का विश्लेषण करना।

Topics covered

Paper topics

  • हैलोएल्केन्स की संरचना
  • हैलोएरीन्स की संरचना
  • IUPAC नामकरण
  • कार्बनिक यौगिकों का संश्लेषण
  • ऐल्कोहॉल की अभिक्रियाएं
  • ऐल्किल आयोडाइड का निर्माण
  • ऑक्सीकरण अभिक्रियाएं
  • प्रतिस्थापन अभिक्रियाएं

Important topics

  • हैलोएल्केन्स और हैलोएरीन्स की संरचनाएं बनाना
  • IUPAC नामकरण का अनुप्रयोग
  • ऐल्कोहॉल से ऐल्किल आयोडाइड के संश्लेषण की सीमाएं
  • रासायनिक अभिक्रियाओं में अभिकर्मकों की भूमिका

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Questions and Solutions

प्रश्न 1. निम्नलिखित यौगिकों की संरचनाएं लिखिए:

1. 2-क्लोरो-3-मेथिलपेन्टेन

2. 1-क्लोरो-4-एथिलसाइक्लोहेक्सेन

3. 4-तृतीयक-ब्यूटिल-3-आयडोहेप्टेन

4. 1,4-डाइब्रोमोब्यूट-2-ईन

5. 1-ब्रोमो-4-द्वितीयक-ब्यूटिल-2-मेथिलबेन्जीन

Solution:

दिए गए IUPAC नामों के आधार पर यौगिकों की संरचनाएं निम्नलिखित हैं:

  1. 2-क्लोरो-3-मेथिलपेन्टेन: यह एक पांच-कार्बन श्रृंखला (पेन्टेन) है जिसमें दूसरे कार्बन पर एक क्लोरीन परमाणु और तीसरे कार्बन पर एक मेथिल समूह जुड़ा होता है।

    \overset{5}{\text{CH}}_{3}-\overset{4}{\text{CH}}_{2}-\overset{3}{\text{CH}}(\text{CH}_{3})-\overset{2}{\text{CH}}(\text{Cl})-\overset{1}{\text{CH}}_{3}

  2. 1-क्लोरो-4-एथिलसाइक्लोहेक्सेन: यह एक साइक्लोहेक्सेन वलय है जिसके पहले कार्बन पर एक क्लोरीन परमाणु और चौथे कार्बन पर एक एथिल समूह जुड़ा होता है।

    \text{Cyclohexane ring with Cl at C1 and CH}_{2}\text{CH}_{3} \text{ at C4}

  3. 4-तृतीयक-ब्यूटिल-3-आयडोहेप्टेन: यह एक सात-कार्बन श्रृंखला (हेप्टेन) है जिसमें तीसरे कार्बन पर एक आयोडीन परमाणु और चौथे कार्बन पर एक तृतीयक-ब्यूटिल समूह जुड़ा होता है। तृतीयक-ब्यूटिल समूह में केंद्रीय कार्बन तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है।

    \overset{7}{\text{CH}}_{3}-\overset{6}{\text{CH}}_{2}-\overset{5}{\text{CH}}_{2}-\overset{4}{\text{C}}(\text{CH}_{3})_{3}-\overset{3}{\text{CH}}(\text{I})-\overset{2}{\text{CH}}_{2}-\overset{1}{\text{CH}}_{3}

  4. 1,4-डाइब्रोमोब्यूट-2-ईन: यह चार-कार्बन श्रृंखला (ब्यूट) है जिसमें पहले और चौथे कार्बन पर ब्रोमीन परमाणु जुड़े होते हैं, और दूसरे और तीसरे कार्बन के बीच एक द्विबंध होता है।

    \text{Br}-\overset{1}{\text{CH}}_{2}-\overset{2}{\text{CH}}=\overset{3}{\text{CH}}-\overset{4}{\text{CH}}_{2}-\text{Br}

  5. 1-ब्रोमो-4-द्वितीयक-ब्यूटिल-2-मेथिलबेन्जीन: यह एक बेंजीन वलय है जिसके पहले कार्बन पर एक ब्रोमीन परमाणु, दूसरे कार्बन पर एक मेथिल समूह और चौथे कार्बन पर एक द्वितीयक-ब्यूटिल समूह जुड़ा होता है। द्वितीयक-ब्यूटिल समूह में केंद्रीय कार्बन दो अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है।

    \text{Benzene ring with Br at C1, CH}_{3} \text{ at C2, and } \text{CH}(\text{CH}_{3})\text{CH}_{2}\text{CH}_{3} \text{ at C4}

प्रश्न 2. ऐल्कोहॉल तथा KI की अभिक्रिया में सल्फ्यूरिक अम्ल का उपयोग क्यों नहीं करते हैं?

ऐल्कोहॉल तथा पोटैशियम आयोडाइड (KI) की अभिक्रिया द्वारा ऐल्किल आयोडाइड बनाते समय सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है?

Solution:

ऐल्कोहॉल (R-OH) की पोटैशियम आयोडाइड (KI) के साथ अभिक्रिया करके ऐल्किल आयोडाइड (R-I) बनाने के लिए हाइड्रोजन आयोडाइड (HI) की आवश्यकता होती है। यद्यपि KI और सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया से HI उत्पन्न होता है, लेकिन सल्फ्यूरिक अम्ल का उपयोग इस अभिक्रिया के लिए अनुपयुक्त है क्योंकि:

  1. KI और सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया से HI बनता है, जो ऐल्कोहॉल के साथ अभिक्रिया करके ऐल्किल आयोडाइड बना सकता है।

    \text{KI} + \text{H}_{2}\text{SO}_{4} \rightarrow \text{KHSO}_{4} + \text{HI}

  2. हालांकि, सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल एक प्रबल ऑक्सीकारक है। यह अभिक्रिया में उत्पन्न HI को आयोडीन (I2) में ऑक्सीकृत कर देता है।

    2\text{HI} + \text{H}_{2}\text{SO}_{4} \rightarrow 2\text{H}_{2}\text{O} + \text{SO}_{2} + \text{I}_{2}

  3. उत्पन्न हुई आयोडीन (I2) ऐल्कोहॉल के साथ अभिक्रिया करके ऐल्किल आयोडाइड नहीं बनाती है। इस प्रकार, सल्फ्यूरिक अम्ल HI के निर्माण को रोकता है और उत्पाद की प्राप्ति को कम कर देता है। इसलिए, ऐल्कोहॉल से ऐल्किल आयोडाइड बनाने के लिए सल्फ्यूरिक अम्ल के स्थान पर फॉस्फोरिक अम्ल (H3PO4) जैसे कम ऑक्सीकारक का उपयोग किया जाता है।

Common mistakes

  • नामकरण के अनुसार सही संरचना बनाने में त्रुटियाँ।
  • रासायनिक अभिक्रियाओं के पीछे के तर्क को समझने में कठिनाई।
  • जटिल संरचनाओं में प्रतिस्थापियों की स्थिति निर्धारित करने में भ्रम।

Revision tips

  • प्रत्येक यौगिक के लिए संरचना बनाते समय IUPAC नामकरण नियमों की समीक्षा करें।
  • सल्फ्यूरिक अम्ल के उपयोग से संबंधित प्रश्न के पीछे के रासायनिक तर्क को समझें।
  • अभ्यास के लिए अतिरिक्त हैलोएल्केन और हैलोएरीन संरचनाएं बनाएं।

Practice MCQs

Q1. 2-क्लोरो-3-मेथिलपेन्टेन की संरचना में कितने कार्बन परमाणु होते हैं?

Q2. ऐल्कोहॉल से ऐल्किल आयोडाइड बनाते समय HI को किसमें ऑक्सीकृत होने से बचाने के लिए सल्फ्यूरिक अम्ल का उपयोग नहीं किया जाता है?

Q3. 1,4-डाइब्रोमोब्यूट-2-ईन में कितने द्विबंध (double bonds) होते हैं?

Q4. 4-तृतीयक-ब्यूटिल-3-आयडोहेप्टेन में मुख्य श्रृंखला में कितने कार्बन परमाणु हैं?

Frequently asked questions

कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 10 में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?

अध्याय 10, 'हैलोएल्केन्स और हैलोएरीन्स', मुख्य रूप से इन यौगिकों की संरचनाओं को बनाने और समझने, उनके नामकरण और कुछ विशिष्ट रासायनिक अभिक्रियाओं पर केंद्रित है।

क्या ये समाधान कक्षा 12 के छात्रों के लिए उपयोगी हैं?

हाँ, ये समाधान विशेष रूप से कक्षा 12 के CBSE छात्रों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं ताकि वे हैलोएल्केन्स और हैलोएरीन्स से संबंधित प्रश्नों को हल करने में मदद पा सकें।

ऐल्कोहॉल से ऐल्किल आयोडाइड बनाते समय सल्फ्यूरिक अम्ल का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है?

सल्फ्यूरिक अम्ल एक ऑक्सीकारक है जो अभिक्रिया में बनने वाले HI को I2 में ऑक्सीकृत कर देता है, जिससे ऐल्किल आयोडाइड का निर्माण बाधित होता है।

इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?

ये समाधान आपको प्रश्नों के हल को समझने, संरचना बनाने की विधि सीखने और रासायनिक अभिक्रियाओं के पीछे के तर्क को स्पष्ट करने में मदद करते हैं, जो परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए महत्वपूर्ण है।

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