कक्षा 7 गणित: त्रिभुजों की सर्वांगसमता NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 7 गणित के अध्याय 7, 'त्रिभुजों की सर्वांगसमता' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें प्रश्नावली 7.1 और 7.2 के सभी प्रश्नों के हल शामिल हैं, जो छात्रों को सर्वांगसमता की अवधारणाओं को समझने में मदद करते हैं। समाधानों में रेखाखंडों और कोणों की सर्वांगसमता, वास्तविक जीवन के उदाहरण, और त्रिभुजों की सर्वांगसमता के विभिन्न प्रतिबंधों (जैसे SSS, SAS, ASA, RHS) का उपयोग करके प्रश्नों को हल करना शामिल है। प्रत्येक प्रश्न का हल स्पष्ट चरणों और आवश्यक गणितीय स्पष्टीकरण के साथ प्रदान किया गया है, जिससे छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार मिलता है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectगणित
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter7. त्रिभुजों की सर्वांगसमता

Chapter summary

कक्षा 7 के गणित के लिए 'त्रिभुजों की सर्वांगसमता' पर केंद्रित यह समाधान सेट, छात्रों को सर्वांगसमता के मूल सिद्धांतों से परिचित कराता है। इसमें रेखाखंडों और कोणों की सर्वांगसमता की परिभाषाएँ, वास्तविक दुनिया के उदाहरण और त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए प्रमुख कसौटियाँ (SSS, SAS, ASA, RHS) शामिल हैं। प्रश्नावली 7.1 और 7.2 के प्रश्नों को हल करके, छात्र संगत भागों की पहचान करना और सर्वांगसमता सिद्ध करना सीखते हैं।

Learning outcomes

  • रेखाखंडों और कोणों की सर्वांगसमता को समझना।
  • वास्तविक जीवन में सर्वांगसम आकृतियों के उदाहरणों की पहचान करना।
  • त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए SSS, SAS, ASA और RHS प्रतिबंधों को लागू करना।
  • सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भागों (भुजाएँ और कोण) को सूचीबद्ध करना।
  • दिए गए प्रतिबंधों के आधार पर त्रिभुजों की सर्वांगसमता का निर्धारण करना।

Topics covered

Paper topics

  • त्रिभुजों की सर्वांगसमता
  • रेखाखंडों की सर्वांगसमता
  • कोणों की सर्वांगसमता
  • सर्वांगसमता के प्रतिबंध
  • SSS सर्वांगसमता
  • SAS सर्वांगसमता
  • ASA सर्वांगसमता
  • RHS सर्वांगसमता
  • संगत भाग
  • त्रिभुजों की तुलना

Important topics

  • त्रिभुजों की सर्वांगसमता के प्रतिबंध (SSS, SAS, ASA, RHS)
  • सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भागों की पहचान
  • सर्वांगसमता की परिभाषा और अनुप्रयोग
  • वास्तविक जीवन में सर्वांगसमता के उदाहरण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

निम्नलिखित कथनों को पूरा कीजिए: (a) दो रेखाखंड सर्वांगसम होते हैं यदि _____ । (b) दो सर्वांगसम कोणों में से एक की माप 70° है, दूसरे कोण की माप _____ है। (c) जब हम <math>\angle A = \angle B</math> लिखते हैं, हमारा वास्तव में अर्थ होता है _____ ।
Solution: (a) दो रेखाखंड सर्वांगसम होते हैं यदि उनकी लम्बाई समान हो। सर्वांगसमता का अर्थ है कि आकृतियाँ आकार और माप में बिल्कुल समान हों। रेखाखंडों के लिए, इसका मतलब है कि उनकी लम्बाई बराबर होनी चाहिए। (b) दो सर्वांगसम कोणों की माप हमेशा बराबर होती है। इसलिए, यदि एक कोण की माप 70° है, तो दूसरे सर्वांगसम कोण की माप भी 70° होगी। (c) जब हम <math>\angle A = \angle B</math> लिखते हैं, तो हमारा वास्तव में अर्थ होता है कि कोण A की माप कोण B की माप के बराबर है, जिसे <math>m\angle A = m\angle B</math> के रूप में दर्शाया जाता है। यह इंगित करता है कि दोनों कोण सर्वांगसम हैं।

प्रश्न 2

वास्तिविक जीवन से संबंधित सर्वांगसम आकारों के कोई दो उदहारण दीजिए।
Solution: वास्तविक जीवन में सर्वांगसम आकृतियों के दो उदाहरण निम्नलिखित हैं: 1. दो समान आकार के सिक्के: जैसे कि दो ₹1 के सिक्के या दो ₹5 के सिक्के, ये आकार और व्यास में बिल्कुल समान होते हैं, इसलिए ये सर्वांगसम होते हैं। 2. एक ही मॉडल के दो मोबाइल फोन: यदि एक ही कंपनी द्वारा बनाए गए एक ही मॉडल के दो मोबाइल फोन लिए जाएं, तो वे आकार, डिज़ाइन और माप में समान होंगे, इसलिए वे सर्वांगसम माने जा सकते हैं।

प्रश्न 3

यदि सुमेलन <math>\triangle ABC \leftrightarrow FED</math> के अंतर्गत <math>\triangle ABC \cong \triangle FED</math> हो तो त्रिभुजों के सभी संगत सर्वांगसम भागों को लिखिए।
Solution: दिया गया है कि <math>\triangle ABC \cong \triangle FED</math>। इसका अर्थ है कि त्रिभुज ABC त्रिभुज FED के सर्वांगसम है, और संगत शीर्षों का क्रम A↔F, B↔E, और C↔D है। त्रिभुजों के सभी संगत सर्वांगसम भागों को निम्नलिखित रूप में लिखा जा सकता है: संगत कोण: 1. <math>\angle A \leftrightarrow \angle F</math> (कोण A, कोण F के संगत है) 2. <math>\angle B \leftrightarrow \angle E</math> (कोण B, कोण E के संगत है) 3. <math>\angle C \leftrightarrow \angle D</math> (कोण C, कोण D के संगत है) संगत भुजाएँ: 4. <math>\overline{AB} \leftrightarrow \overline{FE}</math> (भुजा AB, भुजा FE के संगत है) 5. <math>\overline{BC} \leftrightarrow \overline{ED}</math> (भुजा BC, भुजा ED के संगत है) 6. <math>\overline{AC} \leftrightarrow \overline{FD}</math> (भुजा AC, भुजा FD के संगत है)

प्रश्न 4

यदि <math>\triangle DEF \cong \triangle BCA</math> हो, तो <math>\triangle BCA</math> के उन भागों को लिखिए जो निम्न के संगत हो: (i) <math>\angle E</math> (ii) <math>\overline{EF}</math> (iii) <math>\angle F</math> (iv) <math>\overline{DF}</math>
Solution: दिया गया है कि <math>\triangle DEF \cong \triangle BCA</math>। इसका अर्थ है कि त्रिभुज DEF त्रिभुज BCA के सर्वांगसम है, और संगत शीर्षों का क्रम D↔B, E↔C, और F↔A है। इसके आधार पर, <math>\triangle BCA</math> के वे भाग जो <math>\triangle DEF</math> के दिए गए भागों के संगत हैं, निम्नलिखित हैं: (i) <math>\angle E</math> का संगत कोण <math>\triangle BCA</math> में <math>\angle C</math> है। (ii) <math>\overline{EF}</math> का संगत भुजा <math>\triangle BCA</math> में <math>\overline{CA}</math> है। (iii) <math>\angle F</math> का संगत कोण <math>\triangle BCA</math> में <math>\angle A</math> है। (iv) <math>\overline{DF}</math> का संगत भुजा <math>\triangle BCA</math> में <math>\overline{BA}</math> है।

प्रश्नावली 7.2

प्रश्न 1

निम्न में आप कौन से सर्वांगसम प्रतिबंधों का प्रयोग करेंगे? 1. दिया है: <math>AC = DF</math>, <math>AB = DE</math>, <math>BC = EF</math> इसलिए, <math>\triangle ABC \cong \triangle DEF</math> 2. दिया है: <math>RP = ZX</math>, <math>RQ = ZY</math>, <math>\angle PRQ = \angle XZY</math> इसलिए, <math>\triangle PQR \cong \triangle XYZ</math> 3. दिया है: <math>\angle MLN = \angle FGH</math>, <math>\angle NML = \angle HFG</math>, <math>ML = FG</math> इसलिए, <math>\Delta LMN \cong \Delta GFH</math> 4. दिया है: <math>EB = BD</math>, <math>AE = CB</math>, <math>\angle A = \angle C = 90°</math> इसलिए, <math>\triangle ABE \cong \triangle CDB</math>
Solution: यहाँ प्रत्येक स्थिति में उपयोग किए गए सर्वांगसमता प्रतिबंधों का विवरण दिया गया है: 1. **SSS (भुजा-भुजा-भुजा) सर्वांगसम प्रतिबंध:** दिया गया है: <math>AC = DF</math>, <math>AB = DE</math>, <math>BC = EF</math>। चूँकि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ दूसरे त्रिभुज की तीनों संगत भुजाओं के बराबर हैं, इसलिए <math>\triangle ABC \cong \triangle DEF</math> SSS प्रतिबंध द्वारा सिद्ध होता है। 2. **SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसम प्रतिबंध:** दिया गया है: <math>RP = ZX</math>, <math>RQ = ZY</math>, और <math>\angle PRQ = \angle XZY</math>। यहाँ दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण बराबर हैं। इसलिए, <math>\triangle PQR \cong \triangle XYZ</math> SAS प्रतिबंध द्वारा सिद्ध होता है। 3. **ASA (कोण-भुजा-कोण) सर्वांगसम प्रतिबंध:** दिया गया है: <math>\angle MLN = \angle FGH</math>, <math>\angle NML = \angle HFG</math>, और <math>ML = FG</math>। यहाँ दो कोण और उनके बीच की भुजा बराबर हैं। इसलिए, <math>\Delta LMN \cong \Delta GFH</math> ASA प्रतिबंध द्वारा सिद्ध होता है। 4. **RHS (समकोण-कर्ण-भुजा) सर्वांगसम प्रतिबंध:** दिया गया है: <math>\angle A = \angle C = 90°</math> (समकोण), <math>EB = BD</math> (कर्ण बराबर हैं, क्योंकि वे बिंदु B पर प्रतिच्छेद करते हैं और E, B, D एक रेखा पर हैं, और A, B, C एक रेखा पर हैं, यह मानते हुए कि ये समकोण त्रिभुज हैं), और <math>AE = CB</math> (एक भुजा)। हालाँकि, प्रश्न में दी गई जानकारी के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि EB और BD कर्ण हैं या AE और CB कर्ण हैं। यदि हम यह मानें कि <math>\triangle ABE</math> और <math>\triangle CDB</math> समकोण त्रिभुज हैं जहाँ <math>\angle A = 90°</math> और <math>\angle C = 90°</math> है, तो कर्ण क्रमशः EB और DB होंगे। यदि EB = DB दिया गया है, और AE = CB दिया गया है, तो यह RHS प्रतिबंध के लिए पर्याप्त नहीं है जब तक कि यह स्पष्ट न हो कि EB और DB कर्ण हैं। यदि हम मान लें कि प्रश्न का इरादा यह है कि <math>\triangle ABE</math> और <math>\triangle CDB</math> में <math>\angle A = \angle C = 90°</math>, <math>AE = CB</math> और <math>AB = CD</math> (जो कि प्रश्न में नहीं दिया गया है), तो यह SSS होगा। यदि <math>\angle A = \angle C = 90°</math>, <math>AE = CB</math> और <math>\angle AEB = \angle CBD</math> (जो नहीं दिया गया है), तो यह ASA होगा। प्रश्न में दी गई जानकारी के अनुसार, यदि EB और DB कर्ण हैं और AE और CB भुजाएँ हैं, तो यह RHS प्रतिबंध के लिए पर्याप्त नहीं है। हालाँकि, यदि हम मान लें कि प्रश्न में कुछ जानकारी छूट गई है या यह एक विशेष व्यवस्था है जहाँ EB और DB कर्ण हैं, और AE और CB संगत भुजाएँ हैं, तो यह RHS हो सकता है। लेकिन सामान्यतः, RHS के लिए कर्ण और एक भुजा का बराबर होना आवश्यक है। यहाँ, यदि हम मान लें कि <math>\angle A = \angle C = 90°</math>, <math>AE = CB</math> और <math>AB = CD</math> (जो प्रश्न में नहीं है), तो यह SSS होगा। यदि <math>\angle A = \angle C = 90°</math>, <math>AE = CB</math> और <math>\angle AEB = \angle CBD</math> (जो नहीं दिया गया है), तो यह ASA होगा। यदि <math>\angle A = \angle C = 90°</math>, <math>EB = DB</math> (कर्ण) और <math>AE = CB</math> (भुजा), तो यह RHS प्रतिबंध द्वारा सर्वांगसम होगा। इस प्रकार, हम RHS प्रतिबंध का उपयोग करेंगे।

प्रश्न 2

आप <math>\triangle ART \cong \triangle PEN</math>: दर्शाना चाहते हैं, (a) यदि आप SSS सर्वांगसमता प्रतिबंध का प्रयोग करें तो आपको दर्शाने की आवश्यकता है: <math>(i) AR = </math> (ii) <math>RT = </math> (iii) <math>AT = </math> (b) यदि यह दिया गया है कि <math>\angle T = \angle N</math> और आपको SAS प्रतिबंध का प्रयोग करना है, तो आपको आवश्यकता होगी: <math>RT = </math> और (c) यदि यह दिया गया है कि <math>AT = PN</math> और आपको ASA प्रतिबंध का प्रयोग करना है, तो आपको आवश्यकता होगी: (i)? (ii)?
Solution: हमें <math>\triangle ART \cong \triangle PEN</math> दर्शाना है। (a) **SSS सर्वांगसमता प्रतिबंध का प्रयोग करने पर:** SSS प्रतिबंध के अनुसार, यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ दूसरे त्रिभुज की संगत तीनों भुजाओं के बराबर हों, तो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। <math>\triangle ART \cong \triangle PEN</math> दर्शाने के लिए, हमें निम्नलिखित संगत भुजाओं को बराबर दिखाना होगा: (i) <math>AR = PE</math> (ii) <math>RT = EN</math> (iii) <math>AT = PN</math> (b) **SAS सर्वांगसमता प्रतिबंध का प्रयोग करने पर (दिया गया है <math>\angle T = \angle N</math>):** SAS प्रतिबंध के अनुसार, यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण दूसरे त्रिभुज की संगत दो भुजाओं और उनके बीच के कोण के बराबर हों, तो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। हमें दिया गया है कि <math>\angle T = \angle N</math>। <math>\triangle ART \cong \triangle PEN</math> दर्शाने के लिए, हमें <math>\angle T</math> और <math>\angle N</math> को शामिल करने वाली संगत भुजाओं को बराबर दिखाना होगा। इसलिए, हमें आवश्यकता होगी: <math>RT = EN</math> (भुजाएँ जो <math>\angle T</math> और <math>\angle N</math> के साथ हैं) और <math>AT = PN</math> (भुजाएँ जो <math>\angle T</math> और <math>\angle N</math> के साथ हैं) (c) **ASA सर्वांगसमता प्रतिबंध का प्रयोग करने पर (दिया गया है <math>AT = PN</math>):** ASA प्रतिबंध के अनुसार, यदि एक त्रिभुज के दो कोण और उनके बीच की भुजा दूसरे त्रिभुज के संगत दो कोणों और उनके बीच की भुजा के बराबर हों, तो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। हमें दिया गया है कि <math>AT = PN</math>। <math>\triangle ART \cong \triangle PEN</math> दर्शाने के लिए, हमें <math>AT</math> और <math>PN</math> के संगत कोणों को बराबर दिखाना होगा। इसलिए, हमें आवश्यकता होगी: (i) <math>\angle A = \angle P</math> (कोण A, भुजा AT के एक सिरे पर है और कोण P, भुजा PN के एक सिरे पर है) (ii) <math>\angle T = \angle N</math> (कोण T, भुजा AT के दूसरे सिरे पर है और कोण N, भुजा PN के दूसरे सिरे पर है)

Common mistakes

  • संगत भागों की गलत पहचान करना।
  • सर्वांगसमता प्रतिबंधों को गलत तरीके से लागू करना।
  • कोणों और रेखाखंडों की सर्वांगसमता के बीच अंतर करने में भ्रमित होना।
  • प्रश्न में दी गई जानकारी को ध्यान से न पढ़ना।

Revision tips

  • प्रत्येक सर्वांगसमता प्रतिबंध (SSS, SAS, ASA, RHS) की परिभाषा और उपयोग को अच्छी तरह समझें।
  • हल किए गए उदाहरणों का अभ्यास करें और स्वयं हल करने का प्रयास करें।
  • संगत भागों की पहचान करने पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि यह सर्वांगसमता सिद्ध करने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • वास्तविक जीवन के उदाहरणों से अवधारणा को जोड़ने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. दो रेखाखंड सर्वांगसम कब होते हैं?

Q2. यदि &lt;math&gt;\triangle ABC \cong \triangle FED&lt;/math&gt;, तो &lt;math&gt;\angle B&lt;/math&gt; का संगत कोण कौन सा है?

Q3. त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए SSS प्रतिबंध का क्या अर्थ है?

Q4. यदि &lt;math&gt;\triangle PQR \cong \triangle XYZ&lt;/math&gt; और &lt;math&gt;\angle PRQ = \angle XZY&lt;/math&gt;, तो यह किस सर्वांगसमता प्रतिबंध को दर्शाता है?

Q5. दो सर्वांगसम कोणों में से एक की माप 70° है, तो दूसरे कोण की माप क्या होगी?

Frequently asked questions

कक्षा 7 गणित में 'त्रिभुजों की सर्वांगसमता' का क्या अर्थ है?

त्रिभुजों की सर्वांगसमता का अर्थ है कि दो त्रिभुज आकार और माप में बिल्कुल समान हैं। इसका मतलब है कि एक त्रिभुज को दूसरे पर रखने पर वे पूरी तरह से एक दूसरे को ढक लेंगे। उनके संगत कोण और संगत भुजाएँ बराबर होती हैं।

त्रिभुजों की सर्वांगसमता सिद्ध करने के लिए कौन-कौन से मुख्य प्रतिबंध हैं?

त्रिभुजों की सर्वांगसमता सिद्ध करने के लिए चार मुख्य प्रतिबंध हैं: SSS (भुजा-भुजा-भुजा), SAS (भुजा-कोण-भुजा), ASA (कोण-भुजा-कोण), और RHS (समकोण-कर्ण-भुजा)।

संगत भाग क्या होते हैं?

संगत भाग दो सर्वांगसम आकृतियों के वे हिस्से होते हैं जो एक दूसरे के अनुरूप होते हैं। त्रिभुजों के संदर्भ में, संगत भाग संगत कोण और संगत भुजाएँ होती हैं।

क्या यह समाधान कक्षा 7 के पाठ्यक्रम के अनुसार हैं?

हाँ, ये समाधान विशेष रूप से CBSE कक्षा 7 के गणित पाठ्यक्रम के अध्याय 'त्रिभुजों की सर्वांगसमता' के लिए NCERT पाठ्यपुस्तक के अनुसार तैयार किए गए हैं।

इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत, चरण-दर-चरण हल प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और उन्हें लागू करने में मदद मिलती है। अभ्यास के लिए ये बहुत उपयोगी हैं।

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