कक्षा 7 गणित अध्याय 5: रेखा एवं कोण NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 7 के गणित के अध्याय 5, 'रेखा एवं कोण' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें पूरक कोण (जिनका योग 90° होता है) और संपूरक कोण (जिनका योग 180° होता है) की अवधारणाओं को स्पष्ट किया गया है। छात्र सीखेंगे कि कोणों के युग्मों को कैसे वर्गीकृत किया जाए, ऐसे कोणों को कैसे ज्ञात किया जाए जो अपने पूरक या संपूरक के बराबर हों, और कोणों में परिवर्तन के प्रभाव को कैसे समझा जाए। समाधानों में आसन्न कोण, रैखिक युग्म और ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोणों की पहचान भी शामिल है। यह विस्तृत व्याख्या छात्रों को इन ज्यामितीय अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करती है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | गणित |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 5. रेखा एवं कोण |
Chapter summary
कक्षा 7 के गणित के अध्याय 5, 'रेखा एवं कोण' के लिए NCERT समाधान, पूरक और संपूरक कोणों की पहचान और गणना पर केंद्रित हैं। यह अध्याय छात्रों को विभिन्न कोण युग्मों, जैसे आसन्न कोण, रैखिक युग्म और ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोणों के बीच संबंध को समझने में मदद करता है। समाधानों में कोणों के गुणों का उपयोग करके समस्याओं को हल करने के चरण-दर-चरण तरीके शामिल हैं, जो छात्रों को इन महत्वपूर्ण ज्यामितीय अवधारणाओं में महारत हासिल करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
Learning outcomes
- पूरक कोणों की गणना करना सीखें।
- संपूरक कोणों की गणना करना सीखें।
- कोणों के दिए गए युग्मों को पूरक या संपूरक के रूप में पहचानें।
- ऐसे कोण ज्ञात करें जो अपने पूरक या संपूरक के बराबर हों।
- आसन्न कोणों, रैखिक युग्मों और ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोणों को समझें और पहचानें।
- कोणों के बीच संबंधों का उपयोग करके समस्याओं को हल करें।
Topics covered
Paper topics
- कोणों के प्रकार
- पूरक कोण
- संपूरक कोण
- आसन्न कोण
- रैखिक युग्म
- ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण
- कोणों का वर्गीकरण
- कोणों का योग
- ज्यामितीय आकृतियाँ
- रेखाएँ और कोण
Important topics
- पूरक कोण
- संपूरक कोण
- आसन्न कोण
- रैखिक युग्म
- ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण
- कोणों के बीच संबंध
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Questions and Solutions
प्रश्न 1: निम्नलिखित कोणों में से प्रत्येक का पूरक ज्ञात कीजिए:
निम्नलिखित कोणों में से प्रत्येक का पूरक ज्ञात कीजिए:
(i) 20°
(ii) 63°
(iii) 57°
पूरक कोण वे दो कोण होते हैं जिनका योग 90° होता है। किसी कोण का पूरक ज्ञात करने के लिए, हम उसे 90° में से घटाते हैं।
(i) 20° का पूरक कोण =
(ii) 63° का पूरक कोण =
(iii) 57° का पूरक कोण =
प्रश्न 2: निम्नलिखित कोणों में से प्रत्येक का संपूरक ज्ञात कीजिए:
निम्नलिखित कोणों में से प्रत्येक का संपूरक ज्ञात कीजिए:
(i) 105°
(ii) 87°
(iii) 154°
संपूरक कोण वे दो कोण होते हैं जिनका योग 180° होता है। किसी कोण का संपूरक ज्ञात करने के लिए, हम उसे 180° में से घटाते हैं।
(i) 105° का संपूरक कोण =
(ii) 87° का संपूरक कोण =
(iii) 154° का संपूरक कोण =
प्रश्न 3: कोणों के निम्नलिखित युग्मों में से पूरक एवं संपूरक युग्मों की पृथक् – पृथक् पहचान कीजिए:
कोणों के निम्नलिखित युग्मों में से पूरक एवं संपूरक युग्मों की पृथक् – पृथक् पहचान कीजिए:
- 65°, 115°
- 63°, 27°
- 112°, 68°
- 130°, 50°
- 45°, 45°
- 80°, 10°
हम प्रत्येक युग्म के कोणों के योग की गणना करेंगे। यदि योग 90° है, तो वे पूरक युग्म हैं। यदि योग 180° है, तो वे संपूरक युग्म हैं।
- 65° + 115° = 180° (संपूरक युग्म)
- 63° + 27° = 90° (पूरक युग्म)
- 112° + 68° = 180° (संपूरक युग्म)
- 130° + 50° = 180° (संपूरक युग्म)
- 45° + 45° = 90° (पूरक युग्म)
- 80° + 10° = 90° (पूरक युग्म)
निष्कर्ष:
- संपूरक युग्म: (65°, 115°), (112°, 68°), (130°, 50°)
- पूरक युग्म: (63°, 27°), (45°, 45°), (80°, 10°)
प्रश्न 4: ऐसा कोण ज्ञात कीजिए जो अपने पूरक के समान हो।
ऐसा कोण ज्ञात कीजिए जो अपने पूरक के समान हो।
माना कि कोण का मान $x$ है। चूँकि कोण अपने पूरक के समान है, तो उसके पूरक कोण का मान भी $x$ होगा। पूरक कोणों का योग 90° होता है।
इसलिए, हम समीकरण बना सकते हैं:
समीकरण को हल करने पर:
अतः, 45° का कोण अपने पूरक कोण के समान है।
प्रश्न 5: ऐसा कोण ज्ञात कीजिए जो अपने संपूरक के समान हो।
ऐसा कोण ज्ञात कीजिए जो अपने संपूरक के समान हो।
माना कि कोण का मान $x$ है। चूँकि कोण अपने संपूरक के समान है, तो उसके संपूरक कोण का मान भी $x$ होगा। संपूरक कोणों का योग 180° होता है।
इसलिए, हम समीकरण बना सकते हैं:
समीकरण को हल करने पर:
अतः, 90° का कोण अपने संपूरक कोण के बराबर है।
प्रश्न 6: दी गई आकृति में, ∠ 1 एवं ∠ 2 संपूरक कोण हैं। यदि ∠ 1 में कमी की जाती है, तो ∠ 2 में क्या परिवर्तन होगा ताकि दोनों कोण फिर भी संपूरक रहें।
दी गई आकृति में, एवं संपूरक कोण हैं। यदि में कमी की जाती है, तो में क्या परिवर्तन होगा ताकि दोनों कोण फिर भी संपूरक रहें।
चूँकि और संपूरक कोण हैं, उनका योग हमेशा 180° होगा ()।
यदि के मान में कमी की जाती है, तो के मान में उतनी ही वृद्धि होनी चाहिए ताकि उनका योग 180° बना रहे। उदाहरण के लिए, यदि 10° कम हो जाता है, तो को 10° बढ़ना होगा।
इसलिए, यदि में कमी की जाती है, तो के मान में उतनी ही वृद्धि होगी ताकि वे संपूरक बने रहें।
प्रश्न 7: क्या दो ऐसे कोण संपूरक हो सकते हैं यदि उनमे से दोनों:
क्या दो ऐसे कोण संपूरक हो सकते हैं यदि उनमे से दोनों:
(i) न्यून कोण हैं?
(ii) अधिक कोण हैं?
(iii) सम कोण हैं?
संपूरक कोणों का योग 180° होता है।
(i) न्यून कोण: एक न्यून कोण 0° से बड़ा और 90° से छोटा होता है। दो न्यून कोणों का अधिकतम योग 90° + 90° = 180° हो सकता है, लेकिन चूँकि वे 'न्यून' हैं, उनका योग हमेशा 180° से कम होगा। इसलिए, दो न्यून कोण संपूरक नहीं हो सकते।
(ii) अधिक कोण: एक अधिक कोण 90° से बड़ा और 180° से छोटा होता है। दो अधिक कोणों का न्यूनतम योग 90° + 90° = 180° हो सकता है। चूँकि वे 'अधिक' हैं, उनका योग हमेशा 180° से अधिक होगा। इसलिए, दो अधिक कोण संपूरक नहीं हो सकते।
(iii) सम कोण: एक सम कोण ठीक 90° होता है। दो सम कोणों का योग 90° + 90° = 180° होता है। इसलिए, दो सम कोण संपूरक हो सकते हैं।
प्रश्न 8: एक कोण 45° से बड़ा है। क्या इसका पूरक कोण 45° से बड़ा है अथवा 45° के बराबर है अथवा 45° से छोटा है?
एक कोण 45° से बड़ा है। क्या इसका पूरक कोण 45° से बड़ा है अथवा 45° के बराबर है अथवा 45° से छोटा है?
माना कि कोण $x$ है और उसका पूरक कोण $y$ है। हम जानते हैं कि पूरक कोणों का योग 90° होता है, इसलिए ।
हमें दिया गया है कि कोण 45° से बड़ा है, अर्थात ।
हम इस असमानता को के लिए हल कर सकते हैं:
चूँकि , तो ।
दोनों तरफ 90° जोड़ने पर:
अतः, यदि एक कोण 45° से बड़ा है, तो उसका पूरक कोण 45° से छोटा होगा।
प्रश्न 9: संलग्न आकृति में:
संलग्न आकृति में:
क्या , का आसन्न है?
क्या , का आसन्न है?
क्या एवं रैखिक युग्म बनाते हैं?
क्या एवं संपूरक है?
क्या का उर्ध्वाधर सम्मुख कोण है?
का उर्ध्वाधर सम्मुख कोण क्या है?
(आकृति को प्रश्न के साथ प्रदान किया जाना चाहिए, लेकिन यहाँ सामान्य ज्यामितीय समझ के आधार पर उत्तर दिए गए हैं।)
आकृति के बिना, हम सामान्य ज्यामितीय परिभाषाओं के आधार पर उत्तर देंगे। मान लीजिए कि रेखाएँ AD और BE बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं, और C तथा E बिंदु इस प्रकार स्थित हैं कि कोण बनते हैं।
(i) क्या , का आसन्न है? आसन्न कोणों का एक उभयनिष्ठ शीर्ष और एक उभयनिष्ठ भुजा होती है, और उनकी गैर-उभयनिष्ठ भुजाएँ विपरीत दिशाओं में होती हैं। यदि और का एक उभयनिष्ठ शीर्ष (O) और एक उभयनिष्ठ भुजा (जैसे OA या OB) है, और वे एक दूसरे के ऊपर नहीं हैं, तो वे आसन्न हैं। आकृति के बिना निश्चित रूप से कहना मुश्किल है, लेकिन यदि वे एक सीधी रेखा पर हैं और उनका एक उभयनिष्ठ शीर्ष और भुजा है, तो वे आसन्न हो सकते हैं।
(ii) क्या , का आसन्न है? यदि और का एक उभयनिष्ठ शीर्ष (O) और एक उभयनिष्ठ भुजा (OA) है, और OC, OE के बीच स्थित है (या इसके विपरीत), तो वे आसन्न हैं।
(iii) क्या एवं रैखिक युग्म बनाते हैं? रैखिक युग्म बनाने के लिए, कोणों का योग 180° होना चाहिए और उनकी गैर-उभयनिष्ठ भुजाएँ एक सीधी रेखा बनानी चाहिए। यदि C, O, D एक सीधी रेखा बनाते हैं, और E शीर्ष O पर है, तो और रैखिक युग्म बना सकते हैं।
(iv) क्या एवं संपूरक है? संपूरक कोणों का योग 180° होता है। यदि और आसन्न कोण हैं जिनकी गैर-उभयनिष्ठ भुजाएँ (OB और OA) एक सीधी रेखा बनाती हैं, तो वे एक रैखिक युग्म बनाते हैं और इसलिए संपूरक होते हैं।
(v) क्या का उर्ध्वाधर सम्मुख कोण है? ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण तब बनते हैं जब दो रेखाएँ एक दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं, और वे शीर्ष के विपरीत स्थित होते हैं। यदि और दो प्रतिच्छेदी रेखाओं द्वारा बनाए गए विपरीत कोण हैं, तो हाँ, का ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण है।
(vi) का उर्ध्वाधर सम्मुख कोण क्या है? यदि दो प्रतिच्छेदी रेखाओं द्वारा बनाया गया कोण है, तो इसका ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण वह कोण होगा जो शीर्ष के विपरीत स्थित है और समान माप का है। आकृति के बिना, हम केवल यह कह सकते हैं कि का ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण वह कोण है जो इसके ठीक सामने बनता है।
Common mistakes
- पूरक और संपूरक कोणों के योग (90° और 180°) को भ्रमित करना।
- आसन्न कोणों और रैखिक युग्मों के बीच अंतर करने में गलती करना।
- ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोणों की पहचान में त्रुटियाँ करना।
- कोणों के गुणों को लागू करते समय गणना संबंधी त्रुटियाँ करना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रकार के कोण (पूरक, संपूरक, आसन्न, रैखिक युग्म, ऊर्ध्वाधर सम्मुख) की परिभाषाओं को याद करें।
- प्रत्येक प्रश्न के समाधान में उपयोग किए गए चरणों का पालन करें।
- विभिन्न कोणों के बीच संबंधों को दर्शाने वाले आरेख बनाएं।
- अभ्यास के लिए अतिरिक्त कोण युग्मों के साथ स्वयं प्रश्न बनाएं।
Practice MCQs
Q1. दो कोणों का योग 90° है। वे क्या कहलाते हैं?
Explanation: जिन दो कोणों का योग 90° होता है, उन्हें पूरक कोण कहा जाता है।
Q2. यदि एक कोण 110° है, तो उसका संपूरक कोण क्या होगा?
Explanation: संपूरक कोणों का योग 180° होता है। इसलिए, 180° - 110° = 70°।
Q3. कौन सा कोण अपने पूरक कोण के बराबर होता है?
Explanation: एक कोण जो अपने पूरक के बराबर होता है, वह 45° होता है, क्योंकि 45° + 45° = 90°।
Q4. दो कोण जो एक सीधी रेखा पर स्थित होते हैं और जिनका एक उभयनिष्ठ शीर्ष और एक उभयनिष्ठ भुजा होती है, वे क्या बनाते हैं?
Explanation: दो कोण जो एक सीधी रेखा बनाते हैं और जिनका एक उभयनिष्ठ शीर्ष और भुजा होती है, वे रैखिक युग्म बनाते हैं और संपूरक होते हैं।
Q5. जब दो रेखाएँ एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं, तो बनने वाले विपरीत कोण क्या कहलाते हैं?
Explanation: प्रतिच्छेदी रेखाओं द्वारा बनाए गए विपरीत कोण ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण कहलाते हैं और वे बराबर होते हैं।
Frequently asked questions
कक्षा 7 गणित के अध्याय 5 में किन मुख्य कोण अवधारणाओं को शामिल किया गया है?
अध्याय 5 मुख्य रूप से पूरक कोण (जिनका योग 90° होता है), संपूरक कोण (जिनका योग 180° होता है), आसन्न कोण, रैखिक युग्म और ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोणों पर केंद्रित है।
पूरक कोण और संपूरक कोण में क्या अंतर है?
पूरक कोणों के दो कोणों का योग 90° होता है, जबकि संपूरक कोणों के दो कोणों का योग 180° होता है।
क्या दो न्यून कोण संपूरक हो सकते हैं?
नहीं, दो न्यून कोणों का योग हमेशा 180° से कम होता है, इसलिए वे संपूरक नहीं हो सकते।
क्या दो अधिक कोण पूरक हो सकते हैं?
नहीं, दो अधिक कोणों का योग हमेशा 90° से अधिक होता है, इसलिए वे पूरक नहीं हो सकते।
रैखिक युग्म क्या है?
रैखिक युग्म दो आसन्न कोणों का एक युग्म होता है जिनकी गैर-उभयनिष्ठ भुजाएँ एक सीधी रेखा बनाती हैं। उनका योग हमेशा 180° होता है।
ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण क्या होते हैं?
जब दो रेखाएँ एक दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं, तो वे एक उभयनिष्ठ शीर्ष पर चार कोण बनाती हैं। विपरीत कोणों के युग्म ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण कहलाते हैं और वे बराबर होते हैं।
ये NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और विभिन्न प्रकार की समस्याओं को हल करने का तरीका सीखने में मदद मिलती है, जो परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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