CBSE Class 5 Hindi NCERT Solutions: Chapter 4 - Nanha Funkar

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This chapter, 'Nanha Funkar' (The Little Artisan), from CBSE Class 5 Hindi, delves into the world of a young, talented craftsman named Keshav. The NCERT Solutions provide detailed answers to questions that explore themes of admiration for skill, the nature of craftsmanship, and the reasons behind migration. Students will learn about the significance of appreciating art and the dedication required to master a craft. The solutions also touch upon the importance of education and childhood development, contrasting it with early labor. This chapter encourages students to think critically about societal roles and the value of artistic expression. These solutions are designed to help students understand the nuances of the story and prepare effectively for their exams by offering clear explanations and thought-provoking insights.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 4

Chapter summary

Chapter 4, 'Nanha Funkar', focuses on a young artisan, Keshav, and his exceptional talent in stone carving. The NCERT Solutions cover questions related to the admiration of his work, the tools and techniques of craftsmanship, and the social aspects of migration. It highlights the interaction between Keshav and Emperor Akbar, exploring themes of respect for skill and the potential for learning across different social strata. The solutions also address the importance of childhood and education, prompting reflection on child labor.

Learning outcomes

  • Understand the concept of craftsmanship and artistic skill.
  • Analyze the reasons behind migration and settlement.
  • Appreciate the value of art and the dedication of artisans.
  • Reflect on the importance of education for children.
  • Identify and understand vocabulary related to different crafts.

Topics covered

Paper topics

  • Craftsmanship and Artistry
  • Appreciation of Skill
  • Emperor Akbar and Keshav
  • Stone Carving
  • Reasons for Migration
  • Childhood and Education
  • Vocabulary related to Crafts
  • Figurative Language (Similes)
  • Character Analysis
  • Moral and Social Themes

Important topics

  • Understanding Keshav's talent and Akbar's reaction.
  • Analyzing the reasons for migration.
  • Reflecting on the importance of education vs. early labor.
  • Identifying craft-related vocabulary.
  • Interpreting figurative language used in the text.

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

"माशा अल्लाह! ये घंटियाँ कितनी सुंदर हैं! तुमने खुद बनाई हैं?" बादशाह अकबर ने यह बात किसलिए कही होगी?
  • (क) केशव के काम की तारीफ में।
  • (ख) यह जानने के लिए कि घंटियाँ कितनी सुंदर हैं।
  • (ग) केशव से बातचीत शुरू करने के लिए।
  • (घ) घंटियाँ किसने बनाईं, यह जानने के लिए।
  • (ङ) क्योंकि उन्हें यकीन नहीं था कि 10 साल का बच्चा केशव इतनी सुंदर घंटियाँ बना सकता है।
  • (च) कोई और कारण जो तुम्हें ठीक लगता हो।
Solution: बादशाह अकबर ने यह बात केशव के काम की अत्यधिक प्रशंसा करते हुए कही। वे केशव की उम्र (सिर्फ 10 साल) के हिसाब से उसकी अद्भुत कारीगरी से चकित थे। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि इतनी कम उम्र का बच्चा इतनी बारीकी और सुंदरता से घंटियाँ तराश सकता है। इसलिए, विकल्प (ङ) सबसे उपयुक्त है, क्योंकि यह अकबर की आश्चर्य और प्रशंसा दोनों को व्यक्त करता है। यह केशव के काम की तारीफ भी है (क) और बातचीत शुरू करने का एक तरीका भी (ग), लेकिन मुख्य कारण उसकी उम्र के अनुपात में असाधारण प्रतिभा को देखकर आश्चर्यचकित होना था।

प्रश्न 2

केशव पत्थर पर घंटियाँ तथा कड़ियाँ तराश रहा था। उसके द्वारा तराशी जा रही घंटियों और कड़ियों का चित्र अपनी कॉपी में बनाओ। तुम्हें क्या कोई खास इमारत याद आ रही है जिसमें नक्काशी की गई हो। संभव हो तो उसकी तस्वीर चिपकाओ।
Solution: यह प्रश्न छात्रों को अपनी रचनात्मकता और अवलोकन कौशल का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। छात्र अपनी कॉपी में पत्थर की घंटियों और कड़ियों के चित्र बना सकते हैं, जैसा कि केशव तराश रहा था। इसके अतिरिक्त, छात्र भारत की उन प्रसिद्ध इमारतों के बारे में सोच सकते हैं जिनमें सुंदर नक्काशी का काम हुआ है, जैसे ताजमहल, लाल किला, या अन्य ऐतिहासिक मंदिर और महल। यदि संभव हो, तो वे ऐसी किसी इमारत की तस्वीर चिपकाकर उसके नक्काशीदार डिजाइनों का अवलोकन कर सकते हैं। यह गतिविधि छात्रों को वास्तुकला और कला के ऐतिहासिक रूपों से परिचित कराती है।

प्रश्न (आना-जाना से संबंधित)

केशव के पिता गुजरात से आगरा आकर बस गए थे। हो सकता है तुम या तुम्हारे कुछ साथियों के माता-पिता भी कहीं और से यहाँ आकर बस गए हों। बातचीत करके पता लगाओ कि ऐसा करने के क्या कारण होते हैं?
Solution: लोगों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाकर बसने के कई महत्वपूर्ण कारण हो सकते हैं। सामान्य तौर पर, सबसे प्रमुख कारण **रोजगार की प्राप्ति** होता है, यानी बेहतर नौकरी या व्यवसाय के अवसर खोजना। इसके अलावा, **उच्च शिक्षा की प्राप्ति** भी एक बड़ा कारण है, जहाँ छात्र या व्यक्ति बेहतर शैक्षणिक संस्थानों की तलाश में दूसरे शहर या राज्य जाते हैं। **स्वास्थ्य सुविधाओं की प्राप्ति** भी महत्वपूर्ण है; लोग बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए बड़े शहरों में स्थानांतरित हो सकते हैं। अन्य कारणों में बेहतर जीवन स्तर की इच्छा, पारिवारिक कारण, या अनुकूल जलवायु की तलाश शामिल हो सकती है।

प्रश्न 3

अकबर को पहरेदार की दखलंदाजी अच्छी क्यों नहीं लगी?
Solution: बादशाह अकबर को पहरेदार की दखलंदाजी इसलिए अच्छी नहीं लगी क्योंकि वे नन्हें केशव से एकांत में और इत्मीनान से बात करना चाहते थे। वे केशव की अद्भुत कला और उसके हुनर के बारे में गहराई से जानना चाहते थे, और पहरेदार की उपस्थिति इस व्यक्तिगत बातचीत में बाधा डाल रही थी। अकबर केशव की प्रतिभा से इतने प्रभावित थे कि वे उसे बिना किसी व्यवधान के समझना चाहते थे।

प्रश्न 4

"लगता है कोई बहुत बड़ा आदमी है," यहाँ पर 'बड़े आदमी' से केशव का क्या मतलब है?
Solution: जब केशव ने कहा, "लगता है कोई बहुत बड़ा आदमी है," तो यहाँ 'बड़े आदमी' से उसका मतलब केवल शारीरिक रूप से लंबा या मोटा व्यक्ति नहीं था। केशव का तात्पर्य एक ऐसे व्यक्ति से था जो **प्रतिष्ठित, प्रभावशाली और महत्वपूर्ण** हो। केशव ने शायद पहरेदारों के आदर-सत्कार और उनके व्यवहार से यह अनुमान लगाया कि वह व्यक्ति कोई सामान्य व्यक्ति नहीं, बल्कि कोई खास या ऊँचे पद वाला व्यक्ति है।

प्रश्न 5

"खरगोश की-सी कातर आँखें" पशु-पक्षियों से तुलना करते हुए और भी बहुत-सी बातें कही जाती हैं जैसे-'हिरन जैसी चाल'। ऐसे ही कुछ उदाहरण तुम भी बताओ।
Solution: पशु-पक्षियों से तुलना करके किसी व्यक्ति या वस्तु की विशेषता बताने के कई उदाहरण हैं। पाठ में 'खरगोश की-सी कातर आँखें' और 'हिरन जैसी चाल' का उल्लेख है। इसी प्रकार के कुछ अन्य उदाहरण निम्नलिखित हैं:
  • कोयल-जैसी आवाज: मधुर और सुरीली आवाज के लिए।
  • शेर जैसी दहाड़: बहुत तेज और शक्तिशाली आवाज के लिए।
  • गाय जैसी सीधी: बहुत ही सरल और भली स्त्री के लिए।
  • घोड़ा जैसा अड़ियल: जिद्दी स्वभाव वाले व्यक्ति के लिए।
  • हाथी जैसी मस्त चाल: शान से या बेफिक्र होकर चलने वाले व्यक्ति के लिए।
  • चींटी जैसी मेहनती: बहुत परिश्रमी व्यक्ति के लिए।
ये तुलनाएँ भाषा को अधिक प्रभावशाली और चित्रात्मक बनाती हैं।

प्रश्न 6

अकबर ने जब नक्काशी सीखना चाहा, तो केशव ने उन्हें संदेहभरी नज़रों से क्यों देखा?
Solution: केशव ने बादशाह अकबर को संदेहभरी नज़रों से इसलिए देखा क्योंकि वह एक साधारण कारीगर का बेटा था और उसकी सोच भी उसी के अनुसार थी। केशव के विचार में, एक बादशाह के पास प्रजा के कल्याण, राज्य के प्रबंधन और अन्य कई महत्वपूर्ण कार्य होते हैं। उसे यह कल्पना करना कठिन लगा कि एक बादशाह, जिसके पास इतने सारे उत्तरदायित्व हों, वह नक्काशी जैसे बारीक काम को सीखने में रुचि लेगा। उसे लगा कि शायद बादशाह के पास इससे कहीं अधिक जरूरी काम होंगे।

प्रश्न 7

केशव दस साल का है। क्या उसकी उम्र के बच्चों का इस तरह के काम से जुड़ना ठीक है? अपने उत्तर का कारण जरूर बताओ।
Solution: दस साल की उम्र बच्चों के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। यह उम्र मुख्य रूप से **पढ़ने-लिखने, खेलने-कूदने और मानसिक व शारीरिक विकास** के लिए होती है। इस उम्र में बच्चों को काम में लगा देना उनके समग्र विकास के लिए ठीक नहीं है। लगातार काम करने से उनका शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है और वे स्कूल जाने व सीखने के अवसरों से वंचित रह सकते हैं, जिससे उनका मानसिक विकास भी कुंठित हो सकता है। इसलिए, इस उम्र में बच्चों को शिक्षा और खेलकूद पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलना चाहिए।

प्रश्न 8

"केशव बार-बार सबको सुनाता।" केशव सबसे क्या कहता होगा? कल्पना करके केशव के शब्दों में लिखो।
Solution: केशव शायद बहुत उत्साहित होकर सबको अपने अनुभव के बारे में बताता होगा। वह कुछ इस तरह से कहता होगा:

"पता है, आज मेरे साथ क्या हुआ? आज खुद बादशाह अकबर मेरे पास आए थे! हाँ, सच में! उन्होंने मेरी बनाई हुई घंटियों को देखा और कहा, 'माशा अल्लाह! ये घंटियाँ कितनी सुंदर हैं!' उन्होंने मेरी कारीगरी की बहुत तारीफ की। सबसे हैरानी की बात तो यह थी कि उन्होंने मुझसे नक्काशी का काम सीखना चाहा! मैंने उन्हें सिखाया भी। उन्होंने मुझसे 'जी हुजूर' भी कहा! उन्होंने कहा कि जब कारखाने खुलेंगे तो वे मुझे काम पर रखेंगे। वे मेरे काम से बहुत खुश थे!"

केशव इस अनुभव को बार-बार सुनाकर अपनी खुशी और गर्व जाहिर कर रहा होगा।

प्रश्न 1 (शब्दों की निराली दुनिया)

(क) नक्काशी जैसे किसी एक काम को चुनो (बढ़ईगिरी, मिस्त्री इत्यादि) जिसमें औज़ारों का इस्तेमाल होता है। उन खास औज़ारों के नाम और काम पता करके लिखो।
Solution: चलिए, हम **बढ़ईगिरी (लकड़ी का काम)** को चुनते हैं। बढ़ईगिरी में कई खास औज़ारों का इस्तेमाल होता है, जिनके अपने विशिष्ट कार्य होते हैं:
  • आरी (Saw): लकड़ी को काटने के काम आती है। विभिन्न प्रकार की आरी (जैसे हाथ आरी, बिजली की आरी) अलग-अलग मोटाई और प्रकार की लकड़ी को काटने के लिए उपयोग की जाती हैं।
  • रंदा (Plainer/Hand Plane): लकड़ी की सतह को चिकना करने और उसे समतल बनाने के लिए इस्तेमाल होता है। यह लकड़ी के खुरदुरेपन को हटाकर उसे मुलायम बनाता है।
  • छेनी (Chisel): लकड़ी को तराशने, आकार देने या उसमें बारीक डिज़ाइन बनाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। इसे हथौड़े से ठोककर या हाथ से दबाकर इस्तेमाल करते हैं।
  • हथौड़ा (Hammer): कीलें ठोकने, छेनी को चलाने या लकड़ी के टुकड़ों को जोड़ने के लिए इस्तेमाल होता है।
  • मापनी/इंची टेप (Measuring Tape): लकड़ी के टुकड़ों को सही माप में काटने या जोड़ने के लिए लंबाई मापने के काम आती है।
  • पेंच कस (Screwdriver): पेंचों को कसने या खोलने के लिए इस्तेमाल होता है।
ये कुछ मुख्य औज़ार हैं जो बढ़ई अपने काम में इस्तेमाल करते हैं।

प्रश्न 1 (शब्दों की निराली दुनिया - जारी)

(ख) छैनी, हथौड़ा, तराशना, किरचें-ये सब पत्थर के काम से जुड़े हुए शब्द हैं। लकड़ी के दुकानदार और बढ़ई से बात करके लकड़ी के काम से जुड़े शब्द इकट्टे करों और कक्षा में उन पर सामूहिरक रूप से बातचीत करो। कुछ शब्द हम यहाँ दे रहे हैं। आरी, रंदा, बुरादा, प्लाई, सूत...
Solution: पत्थर के काम से जुड़े शब्दों की तरह, लकड़ी के काम से भी कई शब्द जुड़े होते हैं। बढ़ई और लकड़ी के दुकानदार से बात करके हम ऐसे कई शब्द जान सकते हैं। पाठ में दिए गए शब्दों के अलावा, लकड़ी के काम से जुड़े कुछ और शब्द इस प्रकार हैं:
  • लकड़ी (Wood): वह कच्चा माल जिससे फर्नीचर आदि बनता है।
  • प्लाईवुड (Plywood): लकड़ी की पतली परतों को चिपकाकर बनाया गया एक मजबूत बोर्ड।
  • लकड़ी काटना (Sawing): आरी से लकड़ी को काटना।
  • चिकना करना (Plaining): रंदे से लकड़ी की सतह को समतल और चिकना बनाना।
  • जोड़ना (Joining): लकड़ी के टुकड़ों को कील, पेंच या गोंद से जोड़ना।
  • पॉलिश करना (Polishing): लकड़ी की सतह को चमकदार और सुरक्षित बनाने की प्रक्रिया।
  • लकड़ी का बुरादा (Sawdust): लकड़ी को काटते या तराशते समय निकलने वाली महीन धूल या कण।
  • लकड़ी काटना (Cutting): लकड़ी को आवश्यक आकार में काटना।
  • नक्काशी (Carving): लकड़ी पर डिज़ाइन या चित्र उकेरना।
  • कील (Nail): लकड़ी के टुकड़ों को जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाली धातु की नुकीली वस्तु।
  • गोंद (Glue): लकड़ी के टुकड़ों को चिपकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला पदार्थ।
  • सूत (Thread/Line): लकड़ी पर सीधी रेखाएँ खींचने या माप लेने के लिए इस्तेमाल होने वाला धागा या फीता।
कक्षा में इन शब्दों पर चर्चा करने से छात्रों की शब्दावली बढ़ेगी और वे लकड़ी के काम की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।

प्रश्न 1 (शब्दों की निराली दुनिया - जारी)

(ग) हो सकता है कि तुम्हारे इलाके में इन चीज़ों और कामों के लिए कुछ अलग किस्म के शब्द इस्तेमाल होते हों।
Solution: यह एक बहुत ही रोचक अवलोकन है कि हर इलाके की अपनी स्थानीय भाषा और बोली होती है, जिसके कारण एक ही चीज़ या काम के लिए अलग-अलग शब्दों का प्रयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, पत्थर तराशने के लिए इस्तेमाल होने वाली छैनी को किसी क्षेत्र में कुछ और कहा जा सकता है, या बढ़ई के औजारों के नाम भी स्थानीय बोली के अनुसार बदल सकते हैं।

जैसे:

  • कहीं 'रंदा' को 'पेंदा' या 'रंदा मशीन' कहा जाता हो।
  • 'छैनी' को किसी खास प्रकार की छैनी के लिए कोई स्थानीय नाम हो।
  • लकड़ी के छोटे टुकड़ों या कतरनों को 'छीलन' या 'कतरन' के अलावा कुछ और कहा जाता हो।
  • 'कारीगर' या 'मिस्त्री' के लिए भी स्थानीय स्तर पर प्रचलित शब्द हो सकते हैं।
छात्रों को अपने इलाके के बड़े-बुजुर्गों, कारीगरों या दुकानदारों से बात करके ऐसे स्थानीय शब्दों को खोजना चाहिए और कक्षा में साझा करना चाहिए। इससे भाषा की विविधता और स्थानीय संस्कृति की समझ बढ़ेगी।

Common mistakes

  • Confusing the literal meaning of 'big man' with social status.
  • Not considering the developmental needs of children when discussing work.
  • Overlooking the nuances of Akbar's admiration for Keshav's skill.

Revision tips

  • Focus on understanding the characters' motivations, especially Akbar's and Keshav's.
  • Pay attention to the vocabulary related to crafts and tools.
  • Reflect on the moral questions raised about child labor and education.
  • Practice answering questions that require imaginative thinking, like Keshav's dialogue.

Practice MCQs

Q1. बादशाह अकबर ने केशव की घंटियों की तारीफ करते हुए क्या कहा?

Q2. केशव के पिता गुजरात से आगरा क्यों आए थे?

Q3. अकबर को पहरेदार की दखलंदाजी क्यों अच्छी नहीं लगी?

Q4. केशव ने अकबर को संदेहभरी नज़रों से क्यों देखा जब उन्होंने नक्काशी सीखना चाहा?

Q5. पाठ के अनुसार, 'बड़े आदमी' से केशव का क्या मतलब था?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह NCERT समाधान कक्षा 5 के हिंदी विषय के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 4 'नन्हा फनकार' पर केंद्रित हैं।

अध्याय 4 'नन्हा फनकार' में मुख्य विषय क्या हैं?

इस अध्याय में मुख्य रूप से एक युवा कारीगर केशव की प्रतिभा, उसकी कला की प्रशंसा, और लोगों के पलायन के कारणों जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।

क्या इन समाधानों में प्रश्नों के उत्तर विस्तृत हैं?

हाँ, इन समाधानों में प्रत्येक प्रश्न का उत्तर विस्तार से और स्पष्ट रूप से समझाया गया है, जिससे छात्रों को विषय को गहराई से समझने में मदद मिलती है।

यह समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को समझने, महत्वपूर्ण बिंदुओं को याद रखने और विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के उत्तर देने का अभ्यास करने में मदद करके परीक्षा की तैयारी में सहायता करते हैं।

क्या समाधानों में पाठ से संबंधित शब्दावली पर भी ध्यान दिया गया है?

हाँ, समाधानों में पाठ से संबंधित शब्दावली, विशेष रूप से शिल्प और औजारों से जुड़े शब्दों पर भी ध्यान दिया गया है, जैसा कि प्रश्न 1 (क) और (ख) में दर्शाया गया है।

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