CBSE Class 5 Hindi NCERT Solutions: Chapter 3 - Khilone wala

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This section provides comprehensive NCERT Solutions for Class 5 Hindi, Chapter 3, titled 'Khilone wala' (The Toy Seller). The solutions cover a range of questions related to the poem, focusing on understanding emotions like sulking, the significance of festivals celebrating the victory of good over evil, and the admirable qualities of Lord Rama. It also delves into identifying specific lines from the poem that express certain sentiments and exploring the world of street vendors and their calls. Additionally, it touches upon children's preferences for toys and the games they play. These solutions are designed to help students grasp the nuances of the chapter, enhance their comprehension skills, and prepare thoroughly for their Hindi examinations by offering clear explanations and engaging content.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 3

Chapter summary

Chapter 3 of the CBSE Class 5 Hindi textbook, 'Khilone wala', is explored through these NCERT Solutions. The solutions address questions about the poem's themes, including reasons for sulking, understanding festivals like Dussehra, appreciating the virtues of Lord Rama, and identifying poetic lines. It also includes an activity on street vendors' calls and a discussion on children's favorite toys and games. This chapter aims to build vocabulary, comprehension, and an appreciation for cultural elements and everyday life.

Learning outcomes

  • Understand the reasons behind sulking and how one is pacified.
  • Identify festivals that celebrate the victory of good over evil and their associated stories.
  • Recognize and appreciate the noble qualities of Lord Rama.
  • Identify specific lines in a poem that convey particular emotions or ideas.
  • Learn about the calls and roles of street vendors in the community.
  • Discuss preferences for toys and common games played by children.

Topics covered

Paper topics

  • Understanding emotions (sulking)
  • Festivals celebrating good over evil
  • Stories of Lord Rama
  • Poetic interpretation
  • Street vendors and their calls
  • Toy preferences
  • Children's games
  • Word formation (suffix 'wala')

Important topics

  • Poem comprehension and line identification
  • Understanding the theme of good vs. evil in festivals
  • Character analysis of Lord Rama
  • Street vendors' calls and their role
  • Word formation and vocabulary building

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

(क) अक्सर तुम किस तरह की बातों पर रूठती हो? (ख) माँ के अलावा घर में और कौन-कौन हैं जो तुम्हें मनाते हैं?
Solution:

(क) बच्चे अक्सर तब रूठते हैं जब उन्हें उनकी मनपसंद चीज़ नहीं मिलती, या जब उन्हें लगता है कि उनके साथ अन्याय हो रहा है। उदाहरण के लिए, अगर माता-पिता किसी बात पर डाँटें, या भाई-बहन कोई खिलौना या टीवी देखने का समय न दें, तो बच्चे रूठ सकते हैं।

(ख) माँ के अलावा, घर में पिता, दादा-दादी, या बड़े भाई-बहन भी बच्चों को मना सकते हैं। अक्सर बड़े परिवार के सदस्य बच्चों को प्यार-दुलार देकर, उनकी बात सुनकर या उन्हें कोई छोटी सी चीज़ दिलाकर मना लेते हैं।

प्रश्न 2

हम ऐसे कई त्योहार मनाते हैं जो बुराई पर अच्छाई की जीत पर बल देते हैं। ऐसे त्योहारों के बारे में और उनसे जुड़ी कहानियों के बारे में पता करके कक्षा में सुनाओ।
Solution:

भारत में कई ऐसे त्योहार मनाए जाते हैं जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक हैं। इनमें सबसे प्रमुख है दशहरा।

दशहरा: इस त्योहार से जुड़ी कहानी भगवान राम और रावण के युद्ध की है। भगवान राम ने दस दिनों के युद्ध के बाद लंका के राजा रावण का वध किया था। यह बुराई (रावण) पर अच्छाई (राम) की जीत का प्रतीक है। इस दिन रावण के पुतले जलाए जाते हैं और रामलीला का मंचन भी किया जाता है। यह त्योहार पूरे भारत में बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है।

अन्य त्योहारों में दिवाली भी शामिल है, जो भगवान राम के चौदह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने और नरकासुर नामक राक्षस के वध का प्रतीक है।

प्रश्न 3

तुमने रामलीला के जरिए या फिर किसी कहानी के जरिए रामचन्द्र के बारे में जाना-समझा होगा। तुम्हें उनकी कौन-सी बातें अच्छी लगीं?
Solution:

भगवान रामचन्द्र के जीवन से हमें कई प्रेरणादायक बातें सीखने को मिलती हैं। उनकी सबसे प्रशंसनीय बातों में से एक है अपने माता-पिता के प्रति उनकी गहरी आज्ञाकारिता। उन्होंने पिता के वचन की रक्षा के लिए चौदह वर्ष का वनवास स्वीकार किया।

इसके अतिरिक्त, उनके अन्य गुण जैसे उच्च आदर्श, त्याग की भावना, कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखना, और अपने कर्तव्यों के प्रति अटूट निष्ठा भी बहुत प्रेरणादायक हैं। वे एक आदर्श पुत्र, भाई, पति और राजा के रूप में जाने जाते हैं।

प्रश्न 4

नीचे दिए गए भाव कविता की जिन पंक्तियों में आए हैं, उन्हें छाँटो

(क) खिलौनेवाला साड़ी नहीं बेचता है।

(ख) खिलौनेवाला बच्चों को खिलौने लेने के लिए आवाजें लगा रहा है।

(ग) मुझे कौन-सा खिलौना लेना चाहिए-उसमें माँ की सलाह चाहिए।

(घ) माँ के बिना कौन मनाएगा और कौन गोद में बिठाएगा।

Solution:

कविता में दिए गए भावों से मेल खाती पंक्तियाँ इस प्रकार हैं:

(क) खिलौनेवाला साड़ी नहीं बेचता है।

कविता की पंक्ति: "कभी खिलौनेवाला भी माँ क्या साडी ले आता है।"

(ख) खिलौनेवाला बच्चों को खिलौने लेने के लिए आवाजें लगा रहा है।

कविता की पंक्ति: "नए खिलौने ले लो भैया जोर-जोर वह रहा पुकार।"

(ग) मुझे कौन-सा खिलौना लेना चाहिए-उसमें माँ की सलाह चाहिए।

कविता की पंक्तियाँ: "कौन खिलौने लेता हूँ मैं तुम भी मन में करो विचार।" (यह पंक्ति बच्चे के मन की उलझन को दर्शाती है, जहाँ वह सोच रहा है कि कौन सा खिलौना ले, और अप्रत्यक्ष रूप से माँ की राय जानना चाहता है।)

(घ) माँ के बिना कौन मनाएगा और कौन गोद में बिठाएगा।

कविता की पंक्ति: "तो कौन मना लेगा कौन प्यार से बिठा गोद में मनचाही चीजें देगा।"

प्रश्न 5

तुमने फेरीवालों को ऐसी आवाजें लगाते ज़रूर सुना होगा। तुम्हारे गली-मोहल्ले में ऐसे कौन-से फेरीवाले आते हैं और किस ढंग से आवाज़ लगाते हैं? उनका अभिनय करके दिखाओ। वे क्या बोलते हैं, उसका भी एक संग्रह तैयार करो।
Solution:

हमारे गली-मोहल्ले में कई तरह के फेरीवाले आते हैं जो अलग-अलग ढंग से आवाज़ लगाते हैं। यहाँ कुछ उदाहरण दिए गए हैं:

  • कबाड़ीवाला: "कबाड़ी... कबाड़ीवाला, रद्दी पेपर वाला, पुराना लोहे का सामान ले लो!"
  • सब्जीवाला: "ताज़ी सब्ज़ी ले लो! दस का सवा किलो आलू, ताज़े मटर ले लो, प्याज ले लो, टमाटर ले लो!"
  • फलवाला: "मीठे-मीठे अमरूद ले लो! इलाहाबाद के बढ़िया अमरूद, सेब, संतरा, चीकू ले लो!"
  • बर्तनवाला: "बर्तन ले लो, स्टील के बर्तन ले लो, कुकर, कढ़ाई ले लो!"
  • रहीम की चाट वाला: "गरम-गरम चाट ले लो! पानी पूरी, दही भल्ला ले लो!"

अभिनय: विद्यार्थी इन फेरीवालों की आवाज़ों और हाव-भाव की नकल करके घर पर या कक्षा में अभिनय कर सकते हैं। इससे उन्हें उनकी बोली और काम करने के तरीके को समझने में मदद मिलेगी।

नोट: विद्यार्थी अपनी पसंद के अनुसार इसमें कुछ और फेरीवालों के नाम और उनकी आवाज़ें जोड़ सकते हैं।

प्रश्न 1

(क) तुम यहाँ लिखे खिलौनों में से किसे लेना पसंद करोगी। क्यों?

गेंद हवाई जहाज़ मोटरगाड़ी रेलगाड़ी फिरकी गुड़िया बर्तन सेट धनुष-बाण बल्ला या कुछ और

(ख) तुम अपने साथियों के साथ कौन-कौन से खेल खेलती हो?

Solution:

(क) मैं रेलगाड़ी लेना पसंद करूंगी। मुझे रेलगाड़ी से निकलने वाली 'छुक-छुक' की आवाज़ बहुत पसंद है और उसे चलते हुए देखना भी अच्छा लगता है। यह एक मज़ेदार खिलौना है जो कल्पना को उड़ान देता है।

(ख) मैं अपने साथियों के साथ कई तरह के खेल खेलती हूँ। इनमें से कुछ प्रमुख खेल हैं:

  • कबड्डी
  • लुका-छिपी (छुपन-छुपाई)
  • खो-खो
  • बैडमिंटन
  • क्रिकेट (बैडमिंटन या असली बल्ले से)
  • रस्साकशी

ये खेल हमें शारीरिक रूप से सक्रिय रखते हैं और दोस्तों के साथ मिलकर खेलने में बहुत मज़ा आता है।

प्रश्न 2

खिलौनेवाला शब्द संज्ञा में 'वाला' जोड़ने से बना है। नीचे लिखे वाक्यों में रेखांकित हिस्सों को ध्यान से देखो और संज्ञा, क्रिया आदि पहचानो।

पानवाले की दुकान आज बंद है।

Solution:

दिए गए वाक्य में 'पानवाले' शब्द 'पान' (संज्ञा) में 'वाला' प्रत्यय जोड़कर बनाया गया है। इसी तरह, 'खिलौनेवाला' शब्द 'खिलौने' (संज्ञा) में 'वाला' प्रत्यय जोड़कर बना है।

वाक्य का विश्लेषण:

  • पानवाले: यह एक यौगिक शब्द है जो 'पान' (संज्ञा) और 'वाला' (प्रत्यय) से मिलकर बना है। यह एक व्यक्ति को दर्शाता है जो पान बेचता है।
  • की: संबंध कारक।
  • दुकान: संज्ञा (स्थान)।
  • आज: क्रिया विशेषण (समय)।
  • बंद: विशेषण (अवस्था)।
  • है: क्रिया (सहायक क्रिया)।

इस प्रकार के शब्द बनाने से संज्ञा का अर्थ विस्तृत हो जाता है और वह किसी विशेष कार्य या वस्तु से संबंधित व्यक्ति का बोध कराता है।

Common mistakes

  • Confusing the meaning of poetic lines.
  • Incomplete recall of festival stories.
  • Difficulty in identifying specific grammatical elements like 'wala' in compound words.
  • Not expanding on personal experiences when asked.

Revision tips

  • Read the poem 'Khilone wala' aloud to understand its rhythm and meaning.
  • Discuss the answers with classmates or family to clarify doubts.
  • Practice identifying the specific lines from the poem that match the given sentiments.
  • Try imitating the calls of different street vendors to make learning fun.
  • Reflect on your own experiences of sulking and being pacified.

Practice MCQs

Q1. कविता में बच्चा किन बातों पर रूठता है?

Q2. बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक कौन सा त्योहार है?

Q3. रामचन्द्र के किस गुण की प्रशंसा की गई है?

Q4. कविता की कौन सी पंक्ति दर्शाती है कि खिलौनेवाला साड़ी भी बेचता है?

Q5. 'खिलौनेवाला' शब्द में 'वाला' प्रत्यय किस संज्ञा से जुड़ा है?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह समाधान CBSE कक्षा 5 हिंदी के लिए हैं, विशेष रूप से 'खिलौनेवाला' नामक तीसरे अध्याय पर केंद्रित हैं।

समाधान में किस प्रकार के प्रश्न शामिल हैं?

समाधान में कविता की समझ, त्योहारों की कहानियों, भगवान राम के गुणों, फेरीवालों की आवाजों और बच्चों के पसंदीदा खिलौनों और खेलों से संबंधित प्रश्न शामिल हैं।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान विस्तृत स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं जो छात्रों को अध्याय की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करेंगे।

कविता की पंक्तियों को पहचानने का क्या महत्व है?

कविता की पंक्तियों को पहचानने से छात्रों को कविता के भावों और विचारों को समझने में मदद मिलती है, जिससे उनकी साहित्यिक समझ बढ़ती है।

क्या समाधान में कोई गतिविधि शामिल है?

हाँ, समाधान में फेरीवालों की आवाजों का अनुकरण करने और उनके द्वारा बोली जाने वाली बातों का संग्रह तैयार करने जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं।

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