कक्षा 5 हिंदी NCERT समाधान: अध्याय 7 डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की जुबानी

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यह पृष्ठ कक्षा 5 के हिंदी विषय के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, जो अध्याय 7 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की जुबानी' पर केंद्रित है। इसमें कंवरसिंह नामक एक डाक सेवक के जीवन, उसके कर्तव्यों और पहाड़ी इलाकों में डाक पहुँचाने की चुनौतियों का विस्तृत विवरण दिया गया है। समाधान कंवरसिंह के व्यक्तिगत जीवन, जैसे उसके परिवार और एक दुखद दुर्घटना के बारे में भी जानकारी प्रदान करते हैं। यह अध्याय छात्रों को डाकिए के महत्वपूर्ण कार्य, समाज में उनके सम्मान और कठिन परिस्थितियों में भी कर्तव्य निभाने के उनके समर्पण को समझने में मदद करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए स्पष्ट और संक्षिप्त उत्तर प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter7 डाकिए की कहानी ,कंवरसिंह की जुबानी

Chapter summary

अध्याय 7 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की जुबानी' के ये NCERT समाधान कंवरसिंह के जीवन और डाकिए के रूप में उसके अनुभवों पर प्रकाश डालते हैं। समाधान कंवरसिंह के दैनिक कार्यों, जैसे चिट्ठियाँ, पार्सल और पेंशन पहुँचाना, और पहाड़ी क्षेत्रों में डाक वितरण की कठिनाइयों का वर्णन करते हैं। यह छात्रों को डाकिए के महत्व और समाज में उनके प्रति सम्मान को समझने में मदद करता है।

Learning outcomes

  • कंवरसिंह के जीवन और उसके डाक सेवक के रूप में कार्यों को समझना।
  • पहाड़ी इलाकों में डाक पहुँचाने की चुनौतियों का वर्णन करना।
  • समाज में डाकिए के महत्व और सम्मान के कारणों को पहचानना।
  • कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने के महत्व को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • डाकिए का जीवन
  • डाक सेवक के कर्तव्य
  • हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके
  • डाक वितरण की चुनौतियाँ
  • समाज में डाकिए का सम्मान
  • कंवरसिंह की व्यक्तिगत कहानी
  • सरकारी पुरस्कार और सम्मान

Important topics

  • डाकिए के दैनिक कार्य
  • पहाड़ी इलाकों में डाक पहुँचाने की कठिनाइयाँ
  • डाकिए के प्रति सामाजिक सम्मान
  • कठिन परिस्थितियों में कर्तव्यनिष्ठा

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Questions and Solutions

कंवरसिंह कौन है? उसके एक बेटे की मौत कैसे हुई?

कंवरसिंह कौन है? उसके एक बेटे की मौत कैसे हुई?
Solution: कंवरसिंह भारतीय डाक सेवा में एक डाक सेवक हैं। वे हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के नेरवा गाँव के रहने वाले हैं और उनकी उम्र पैंतालीस वर्ष है। कंवरसिंह के चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियाँ और एक बेटा शामिल है। उनकी दो बेटियों की शादी हो चुकी है। दुर्भाग्यवश, उनका एक और बेटा था जिसकी मृत्यु एक पहाड़ी से लकड़ियाँ लाते समय गिरने के कारण हो गई थी।

कॅबरसिंह को डाकसेवक के रूप में कौन-कौन से काम करने होते हैं?

कंवरसिंह को डाकसेवक के रूप में कौन-कौन से काम करने होते हैं?
Solution: कंवरसिंह को एक डाकसेवक के रूप में अपने गाँव और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की डाक सामग्री वितरित करनी होती है। इन कार्यों में सामान्य चिट्ठियाँ, रजिस्ट्री पत्र, पार्सल, बिजली या पानी के बिल, और विशेष रूप से बूढ़े लोगों के लिए पेंशन के पैसे पहुँचाना शामिल है। उन्हें इन सभी चीजों को गाँव-गाँव जाकर लोगों तक सुरक्षित पहुँचाना होता है।

गाँवों में डाकिए का बड़ा आदर और सम्मान किया जाता है। क्यों?

गाँवों में डाकिए का बड़ा आदर और सम्मान किया जाता है। क्यों?
Solution: गाँवों में डाकिए का आदर और सम्मान इसलिए किया जाता है क्योंकि आज के समय में भी, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, डाक ही लोगों तक सूचना और महत्वपूर्ण संदेश पहुँचाने का सबसे प्रमुख और विश्वसनीय माध्यम है। गाँव के लोग अपनी चिट्ठियों, मनीऑर्डर या अन्य डाक सामग्री का बेसब्री से इंतजार करते हैं, और डाकिया ही वह व्यक्ति होता है जो यह इंतजार खत्म करता है।

आप कैसे कह सकते हैं कि कँवरसिंह को अपनी नौकरी बहुत अच्छी लगती है?

आप कैसे कह सकते हैं कि कंवरसिंह को अपनी नौकरी बहुत अच्छी लगती है?
Solution: हम यह कह सकते हैं कि कंवरसिंह को अपनी नौकरी बहुत अच्छी लगती है क्योंकि वह अपने काम से मिलने वाले संतोष का अनुभव करते हैं। जब वे किसी को मनीऑर्डर, परीक्षा का रिजल्ट, नियुक्ति पत्र या पेंशन पहुँचाते हैं, तो लोगों के चेहरे पर खुशी और राहत देखते हैं। लोगों की यह खुशी देखकर कंवरसिंह को अपने कर्तव्य को पूरा करने का आनंद मिलता है, जो उन्हें अपनी नौकरी से संतुष्टि प्रदान करता है।

पहाड़ी इलाकों में डाक पहुँचाने में कँवरसिंह को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है?

पहाड़ी इलाकों में डाक पहुँचाने में कंवरसिंह को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है?
Solution: पहाड़ी इलाकों में डाक पहुँचाने में कंवरसिंह को कई गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इन क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड पड़ती है, और किन्नौर व लाहौल-स्पीति जैसे जिलों में तो अप्रैल के महीने में भी बर्फबारी हो जाती है। बर्फ में चलते हुए उनके पैरों में ठंड के कारण 'स्नोबाइट' (बर्फ से होने वाली हानि) का खतरा रहता है, इसलिए उन्हें अपने पैरों को बचाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, इन जिलों में उन्हें एक घर से दूसरे घर तक डाक पहुँचाने के लिए रोजाना लगभग 26 किलोमीटर की कठिन दूरी तय करनी पड़ती है।

कॅवरसिंह को 'बेस्ट पोस्टमैन' की उपाधि क्यों और कब मिली?

कंवरसिंह को 'बेस्ट पोस्टमैन' की उपाधि क्यों और कब मिली?
Solution: कंवरसिंह को भारत सरकार द्वारा 'बेस्ट पोस्टमैन' की उपाधि से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उन्हें वर्ष 2004 में मिला। उन्हें यह उपाधि इसलिए दी गई क्योंकि उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए, कठिन परिस्थितियों में भी डाक की सामग्री को सुरक्षित बचाया था। इस सम्मान के साथ उन्हें 500 रुपये नकद और एक प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया था।

Common mistakes

  • डाकिए के कार्यों की पूरी श्रृंखला को सूचीबद्ध न कर पाना।
  • पहाड़ी इलाकों में आने वाली विशिष्ट कठिनाइयों को अनदेखा करना।
  • कंवरसिंह के व्यक्तिगत जीवन और व्यावसायिक जीवन के बीच संबंध को स्पष्ट न कर पाना।

Revision tips

  • कंवरसिंह के दैनिक कार्यों की सूची बनाएँ।
  • पहाड़ी इलाकों में डाकिए को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, इस पर ध्यान केंद्रित करें।
  • डाकिए के प्रति समाज के सम्मान के कारणों पर विचार करें।

Practice MCQs

Q1. कंवरसिंह किस राज्य के नेरवा गाँव का निवासी है?

Q2. कंवरसिंह को 'बेस्ट पोस्टमैन' का इनाम कब मिला?

Q3. गाँवों में डाकिए का आदर क्यों किया जाता है?

Q4. पहाड़ी इलाकों में डाक पहुँचाने में कंवरसिंह को क्या कठिनाई होती है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह NCERT समाधान कक्षा 5 के हिंदी विषय के लिए है, जो अध्याय 7 'डाकिए की कहानी, कंवरसिंह की जुबानी' पर आधारित है।

इन समाधानों में कंवरसिंह के बारे में क्या बताया गया है?

समाधानों में कंवरसिंह के डाक सेवक के रूप में कार्यों, उसके परिवार, उसके गाँव और पहाड़ी इलाकों में डाक पहुँचाने की उसकी चुनौतियों का वर्णन किया गया है।

डाकिए को 'बेस्ट पोस्टमैन' का इनाम क्यों मिला?

कंवरसिंह को अपनी जान पर खेलकर डाक की चीजें बचाने के लिए भारत सरकार द्वारा 'बेस्ट पोस्टमैन' का इनाम दिया गया था।

पहाड़ी इलाकों में डाक पहुँचाने में क्या मुश्किलें आती हैं?

पहाड़ी इलाकों में अत्यधिक ठंड, बर्फबारी और लंबी दूरी तक चलना पड़ता है, जिससे स्नोबाइट का खतरा रहता है।

यह समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करेगा?

यह समाधान अध्याय के मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट करता है और कंवरसिंह के अनुभवों तथा डाकिए के महत्व को समझने में मदद करता है, जो परीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं।

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