कक्षा 7 संस्कृत पाठ 3 स्वावलम्बनम NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 7 संस्कृत के पाठ 3, 'स्वावलम्बनम' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। यह पाठ आत्मनिर्भरता के महत्व पर प्रकाश डालता है और बताता है कि कैसे कृष्णमूर्ति और उसके परिवार ने बिना किसी नौकर के अपना काम स्वयं करके सादगीपूर्ण जीवन जिया। समाधानों में पाठ के प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं, जो छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और संस्कृत में अपनी शब्दावली और व्याकरण कौशल को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। ये समाधान छात्रों को पाठ की मुख्य अवधारणाओं को समझने और परीक्षा की तैयारी के लिए एक मूल्यवान संसाधन के रूप में काम करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
SubjectSanskrit
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 3

Chapter summary

कक्षा 7 संस्कृत के पाठ 3 'स्वावलम्बनम' के ये NCERT समाधान छात्रों को आत्मनिर्भरता के महत्व को समझने में मदद करते हैं। समाधान पाठ के प्रश्नों के उत्तर प्रदान करते हैं, जिसमें श्रीकंठ और कृष्णमूर्ति के जीवन की तुलना, संख्याओं का ज्ञान और विभिन्न वस्तुओं की गिनती शामिल है। यह पाठ छात्रों को यह सिखाता है कि कैसे बिना किसी बाहरी सहायता के अपने दैनिक कार्यों को पूरा करना आत्म-निर्भरता और आत्मविश्वास को बढ़ाता है।

Learning outcomes

  • पाठ 'स्वावलम्बनम' के प्रश्नों के उत्तर देना।
  • आत्मनिर्भरता के महत्व को समझना।
  • संस्कृत में संख्याओं और गिनती का अभ्यास करना।
  • पाठ की शब्दावली और वाक्यों को समझना।
  • कृष्णमूर्ति और श्रीकंठ के जीवन की तुलना करना।

Topics covered

Paper topics

  • आत्मनिर्भरता का महत्व
  • श्रीकंठ और कृष्णमूर्ति का जीवन
  • संस्कृत में संख्याएँ (1-50)
  • ऋतुओं के नाम
  • वस्तुओं की गिनती
  • दैनिक कार्य और नौकरों की भूमिका

Important topics

  • आत्मनिर्भरता का महत्व
  • संस्कृत में संख्याओं का ज्ञान
  • पाठ के मुख्य पात्रों की तुलना
  • पाठ की शब्दावली और वाक्य रचना

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Questions and Solutions

प्रश्न 2

अधोलिखितानां प्रश्नानामुत्तराणि लिखत:

(क) कस्य भवने सर्वविधानि सुखसाधनानि आसन्?

(ख) कस्य गृहे कर्मकर: नासीत्?

(ग) श्रीकण्ठस्य आतिथ्यम् के अकुर्वन्?

(घ) प्रत्येकं चतुर्थवर्षे फरवरी-मासे कित दिनानि भवन्ति?

(ङ) कति ऋतवः भवन्ति?

(च) कृष्णमूर्ते: कित कर्मकरा: सन्ति?

Solution:

यहाँ दिए गए प्रश्नों के उत्तर निम्नलिखित हैं:

(क) श्रीकण्ठस्य भवने सर्वविधानि सुखसाधनानि आसन्। (श्रीकंठ के भवन में सभी प्रकार के सुख-सुविधा के साधन थे।)

(ख) कृष्णमूर्तै: गृहे कर्मकर: नासीत्। (कृष्णमूर्ति के घर में कोई नौकर नहीं था।)

(ग) कृष्णमूर्ति: तस्य माता-पिता च श्रीकण्ठस्य आतिथ्यम् अकुर्वन्। (कृष्णमूर्ति और उसके माता-पिता ने श्रीकंठ का आतिथ्य सत्कार किया।)

(घ) प्रत्येकं चतुर्थवर्षे फरवरी-मासे एकोनत्रिशंत् दिनानि भवन्ति। (प्रत्येक चौथे वर्ष फरवरी के महीने में उनतीस दिन होते हैं।)

(ङ) षड् ऋतवः भवन्ति। (छह ऋतुएँ होती हैं।)

(च) कृष्णमूर्ते: अष्टौ कर्मकरा: सन्ति। (कृष्णमूर्ति के आठ नौकर थे। - *यह उत्तर मूल पाठ के विपरीत है, जो कहता है कि उसके कोई नौकर नहीं थे। संभवतः यह प्रश्न या उत्तर में त्रुटि है, या यह श्रीकंठ के नौकरों की संख्या का उल्लेख कर रहा है। पाठ के अनुसार, कृष्णमूर्ति के पास नौकर नहीं थे, बल्कि उसके हाथ-पैर ही उसके नौकर थे।)*

प्रश्न 3

चित्राणि गणयित्वा तदग्रे संख्यावाचकशब्दं लिखत।

(चित्रों की गिनती करके उनके आगे संख्यावाचक शब्द लिखिए।)

(यहाँ चित्रों की गिनती और उनके संस्कृत संख्यावाचक शब्दों को दर्शाया गया है, जो में स्पष्ट रूप से प्रस्तुत नहीं हैं, लेकिन उत्तरों से अनुमानित हैं।)

Solution:

चित्रों की गिनती के आधार पर संख्यावाचक शब्द इस प्रकार हैं:

अष्टादश घटानि (अठारह घड़े)

अष्टादश आम्रफलानि (अठारह आम)

पञ्चदश कन्दुकानि (पंद्रह गेंदें)

त्रयस्त्रिंशत् सिक्थवर्तिकाणि (तैंतीस मोमबत्तियाँ)

त्रयस्त्रिंशत् पत्राणि (तैंतीस पत्ते)

चतुर्विंशति: कञ्चकानि (चौबीस कछुए)

प्रश्न 4

मञ्जूषातः अङ्कानां कृते पदानि चिनुत:

(दिए गए शब्दों में से संख्याओं के लिए सही पद चुनिए।)

मञ्जूषा: चत्वारिंशत् (40), सप्तविंशतिः (27), एकत्रिंशत् (31), पञ्चाशत् (50), अष्टाविंशतिः (28), त्रिंशत् (30), चतुर्विंशतिः (24)

1. ---- 27 ----

2. ---- 31 ----

3. ----- 40 ------

4. ---- 28 ----

5. ---- 30 ----

Solution:

मञ्जूषा से संख्याओं के लिए सही पद इस प्रकार हैं:

1. 27 - सप्तविंशतिः

2. 31 - एकत्रिंशत्

3. 40 - चत्वारिंशत्

4. 28 - अष्टाविंशतिः

5. 30 - त्रिंशत्

Common mistakes

  • संख्याओं को संस्कृत में लिखने में त्रुटियाँ।
  • पाठ के पात्रों और उनकी जीवन शैली के बारे में गलतफहमी।
  • वाक्य संरचना और व्याकरण संबंधी अशुद्धियाँ।

Revision tips

  • पाठ को ध्यान से पढ़ें और मुख्य पात्रों की विशेषताओं को समझें।
  • सभी प्रश्नों के उत्तरों को अपनी समझ के अनुसार फिर से लिखने का अभ्यास करें।
  • पाठ में दी गई संख्याओं और उनकी संस्कृत शब्दावली को याद करें।
  • आत्मनिर्भरता के महत्व पर विचार करें और इसे अपने जीवन से जोड़ें।

Practice MCQs

Q1. श्रीकंठ के भवन में क्या था?

Q2. कृष्णमूर्ति के घर में कितने नौकर थे?

Q3. फरवरी माह में प्रत्येक चौथे वर्ष कितने दिन होते हैं?

Q4. पाठ के अनुसार कितने ऋतुएँ होती हैं?

Q5. चित्रों की गिनती के अनुसार, कितने घट (घड़े) थे?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह समाधान कक्षा 7 के संस्कृत विषय के लिए है, विशेष रूप से पाठ 3 'स्वावलम्बनम' पर केंद्रित है।

समाधान में क्या शामिल है?

समाधान में पाठ 3 के सभी प्रश्नों के विस्तृत उत्तर, संख्याओं की गिनती और आत्मनिर्भरता के महत्व की व्याख्या शामिल है।

यह समाधान छात्रों की मदद कैसे करेगा?

यह समाधान छात्रों को पाठ की अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने, संस्कृत में अपनी संख्यात्मक शब्दावली को मजबूत करने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करेगा।

क्या समाधान में केवल प्रश्न और उत्तर हैं?

नहीं, समाधान में प्रश्नों के उत्तर के साथ-साथ प्रत्येक उत्तर के पीछे की तर्कसंगतता और स्पष्टीकरण भी प्रदान किया गया है, जिससे सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो जाती है।

पाठ 'स्वावलम्बनम' का मुख्य संदेश क्या है?

पाठ का मुख्य संदेश आत्मनिर्भरता का महत्व है। यह सिखाता है कि अपने काम स्वयं करना न केवल व्यावहारिक है बल्कि आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान भी बढ़ाता है।

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