कक्षा 7 संस्कृत पाठ 2: दुर्बुद्धि विनश्यति NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 7 के संस्कृत अध्याय 2, 'दुर्बुद्धि विनश्यति' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय एक मूर्ख कछुए की कहानी बताता है जो अपने दोस्तों, हंसों की सलाह न मानकर अपनी ही बुद्धि के कारण विनाश को प्राप्त होता है। समाधानों में एक-शब्द उत्तर, पूर्ण-वाक्य उत्तर, वाक्यों को सही क्रम में व्यवस्थित करना, क्रियाओं का सही प्रयोग और संवादों की पहचान शामिल है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से समझाया गया है, जिससे छात्रों को पाठ की मुख्य अवधारणाओं को समझने और परीक्षा की तैयारी में मदद मिलेगी। यह संसाधन छात्रों को कहानी के नैतिक मूल्यों और व्याकरणिक संरचनाओं को बेहतर ढंग से समझने में सहायता करता है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
SubjectSanskrit
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 2

Chapter summary

कक्षा 7 संस्कृत के अध्याय 2, 'दुर्बुद्धि विनश्यति' के ये NCERT समाधान छात्रों को कहानी के पात्रों, कथानक और नैतिक शिक्षा को समझने में मदद करते हैं। समाधानों में एक-शब्द और पूर्ण-वाक्य उत्तरों के माध्यम से पाठ की समझ का परीक्षण किया गया है। इसके अतिरिक्त, वाक्यों को सही क्रम में लगाना, क्रियाओं का उचित चयन और संवादों की पहचान जैसे अभ्यासों से छात्रों की व्याकरणिक क्षमता का विकास होता है। यह अध्याय सिखाता है कि मूर्खतापूर्ण निर्णय और दूसरों की सलाह की उपेक्षा विनाशकारी हो सकती है।

Learning outcomes

  • पाठ 'दुर्बुद्धि विनश्यति' के पात्रों और कथानक को समझना।
  • एक-शब्द और पूर्ण-वाक्य उत्तरों के माध्यम से पाठ की समझ का प्रदर्शन करना।
  • संवादों को पहचानना और यह बताना कि कौन किससे क्या कह रहा है।
  • दिए गए क्रियापदों का सही वाक्यों में प्रयोग करना।
  • घटनाओं के क्रम को समझना और वाक्यों को सही क्रम में व्यवस्थित करना।
  • पाठ के नैतिक संदेश को समझना और उसे अपने जीवन में लागू करना।

Topics covered

Paper topics

  • दुर्बुद्धि विनश्यति पाठ का सारांश
  • एक-शब्द उत्तर
  • पूर्ण-वाक्य उत्तर
  • संवाद पहचान
  • क्रियापद का प्रयोग
  • वाक्य निर्माण
  • घटना क्रम
  • नैतिक शिक्षा

Important topics

  • पाठ का सारांश और मुख्य पात्र
  • संवादों की पहचान (कौन किससे क्या कहता है)
  • क्रियापदों का सही प्रयोग
  • पाठ का नैतिक संदेश: मूर्खता का परिणाम
  • वाक्यों को सही क्रम में व्यवस्थित करना

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Questions and Solutions

प्रश्न 2: एक शब्द में उत्तर दें।

एकपदेन उत्तरत-

  • (क) कछुए का क्या नाम था?
  • (ख) तालाब के किनारे कौन आए थे?
  • (ग) कछुआ किस मार्ग से कहीं और जाना चाहता था?
  • (घ) लटकते हुए कछुए को देखकर कौन दौड़े?
Solution:

यहाँ दिए गए प्रश्नों के एक-शब्द में उत्तर इस प्रकार हैं:

  • (क) कछुए का नाम कम्बुग्रीव था।
  • (ख) तालाब के किनारे मछुआरे (धीवर) आए थे।
  • (ग) कछुआ आकाश मार्ग से कहीं और जाना चाहता था।
  • (घ) लटकते हुए कछुए को देखकर गोपालक (गांव के लड़के) दौड़े।

प्रश्न 3: बताएं कि निम्नलिखित वाक्य किसने किससे कहे।

अधोलिखितवाक्यानि कः कं प्रति कथयति इति लिखत-

किसने कहा किससे कहा

जैसे: सुबह जो उचित हो, वह करना चाहिए। हंसों ने कछुए से कहा।

  • (क) मैं तुम दोनों के साथ आकाश मार्ग से जाना चाहता हूँ। ------
  • (ख) यहाँ क्या उपाय है? -----
  • (ग) मैं कुछ भी उत्तर नहीं दूँगा। -----
  • (घ) तुम सब राख खाओ। -----
Solution:

यह अभ्यास बताता है कि कहानी में कौन सा पात्र किससे बात कर रहा है। सही मिलान इस प्रकार है:

जैसे: सुबह जो उचित हो, वह करना चाहिए। हंसों ने कछुए से कहा।

  • (क) मैं तुम दोनों के साथ आकाश मार्ग से जाना चाहता हूँ। कछुआ हंसों से कह रहा है।
  • (ख) यहाँ क्या उपाय है? हंस कछुए से पूछ रहे हैं।
  • (ग) मैं कुछ भी उत्तर नहीं दूँगा। कछुआ हंसों से कह रहा है।
  • (घ) तुम सब राख खाओ। कछुआ गोपालकों से कह रहा है।

प्रश्न 4: मंजूषा से क्रियापद चुनकर वाक्यों को पूरा करें।

मञ्जूषात: क्रियापदं चित्वा वाक्यानि पूरयत-

अभिनन्दित, भक्षयिष्यामः, इच्छामि, वदिष्यामि, उड्डीयते, प्रतिवसति स्म

  • (क) हंसों के साथ कछुआ भी -----।
  • (ख) मैं कुछ भी नहीं -----।
  • (ग) जो मित्रों की हितैषी बात को नहीं -----।
  • (घ) एक कछुआ भी वहीं -----।
  • (ङ) मैं आकाश मार्ग से कहीं और जाना -----।
  • (च) हम घर ले जाकर कछुए को -----।
Solution:

दिए गए क्रियापदों का सही प्रयोग करके वाक्यों को पूरा करें:

  • (क) हंसों के साथ कछुआ भी उड्डीयते (उड़ रहा था)।
  • (ख) मैं कुछ भी नहीं वदिष्यामि (बोलूंगा)।
  • (ग) जो मित्रों की हितैषी बात को नहीं अभिनन्दित (स्वीकार करता है)।
  • (घ) एक कछुआ भी वहीं प्रतिवसति स्म (रहता था)।
  • (ङ) मैं आकाश मार्ग से कहीं और जाना इच्छामि (चाहता हूँ)।
  • (च) हम घर ले जाकर कछुए को भक्षयिष्यामः (खाएंगे)।

प्रश्न 5: पूर्ण वाक्य में उत्तर दें।

पूर्णवाक्येन उत्तरत-

  • (क) कछुआ कहाँ जाना चाहता था?
  • (ख) कछुए ने क्या उपाय बताया?
  • (ग) लटकते हुए कछुए को देखकर गोपालक क्या बोले?
  • (घ) कछुए ने मित्रों की बात भूलकर क्या कहा?
Solution:

यहाँ पाठ के आधार पर पूर्ण वाक्यों में उत्तर दिए गए हैं:

  • (क) कछुआ हंसों के साथ आकाश मार्ग से किसी दूसरी जगह जाना चाहता था।
  • (ख) कछुए ने उपाय बताया कि तुम दोनों एक लकड़ी के डंडे को अपनी चोंच से पकड़ना, और मैं उस डंडे के बीच में लटककर तुम दोनों के पंखों के बल से सुखपूर्वक चला जाऊँगा।
  • (ग) लटकते हुए कछुए को देखकर गोपालक बोले, "अरे! बहुत आश्चर्य है। हंसों के साथ कछुआ भी उड़ रहा है।"
  • (घ) कछुए ने मित्रों की बात भूलकर कहा, "तुम सब राख खाओ।"

प्रश्न 6: घटनाओं के क्रम के अनुसार वाक्यों को लिखें।

घटनाक्रमानुसारं वाक्यानि लिखत-

  • (क) कछुआ हंसों की सहायता से आकाश मार्ग से गया।
Solution:

यह प्रश्न घटनाओं के सही क्रम को व्यवस्थित करने के लिए है। पाठ के अनुसार, घटनाओं का सही क्रम इस प्रकार है:

  1. 1. मछुआरे तालाब के किनारे आए और कछुए को पकड़ने की योजना बनाई।
  2. 2. कछुए ने हंसों से आकाश मार्ग से जाने का उपाय पूछा।
  3. 3. हंसों ने कछुए को एक लकड़ी के डंडे को बीच से पकड़ने को कहा।
  4. 4. कछुआ हंसों की सहायता से आकाश मार्ग से गया।
  5. 5. लटकते हुए कछुए को देखकर गोपालक दौड़े और आश्चर्य व्यक्त किया।
  6. 6. कछुए ने गोपालकों को देखकर अपनी मित्रता की बात भूलकर कहा, "तुम सब राख खाओ।"
  7. 7. कछुआ डंडे से गिर गया और गोपालकों द्वारा मारा गया।

(क) कछुआ हंसों की सहायता से आकाश मार्ग से गया। (यह घटना क्रम में चौथी है।)

Common mistakes

  • संवादों में 'कौन किसे कह रहा है' की पहचान में गलती करना।
  • क्रियापदों का गलत रूप चुनना या वाक्यों में उनका गलत प्रयोग करना।
  • घटनाओं के क्रम को गलत तरीके से व्यवस्थित करना।
  • पाठ के नैतिक संदेश को समझने में चूक करना।

Revision tips

  • कहानी को ध्यान से पढ़ें और मुख्य पात्रों के नामों और उनके कार्यों को याद करें।
  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को समझने के लिए पाठ के संबंधित भाग को फिर से देखें।
  • क्रियापदों के प्रयोग वाले अभ्यास को हल करते समय, प्रत्येक क्रिया के अर्थ और वाक्य में उसके उपयुक्त स्थान पर ध्यान दें।
  • कहानी के अंत में दिए गए नैतिक संदेश पर विचार करें और उसे अपने शब्दों में व्यक्त करने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. कछुए का क्या नाम था?

Q2. तालाब के किनारे कौन आए थे?

Q3. कछुआ किस मार्ग से उड़ना चाहता था?

Q4. लटकते हुए कछुए को देखकर कौन दौड़े?

Q5. कछुए ने हंसों से क्या कहा जब उसने उड़ने का उपाय पूछा?

Q6. कछुए ने दोस्तों की बात भूलकर क्या कहा?

Frequently asked questions

कक्षा 7 संस्कृत के पाठ 2 का शीर्षक क्या है?

कक्षा 7 संस्कृत के पाठ 2 का शीर्षक 'दुर्बुद्धि विनश्यति' है।

यह पाठ किस बारे में है?

यह पाठ एक मूर्ख कछुए की कहानी है जो अपने दोस्तों, हंसों की सलाह न मानकर अपनी मूर्खता के कारण मारा जाता है।

NCERT समाधान में किस प्रकार के प्रश्न शामिल हैं?

समाधानों में एक-शब्द उत्तर, पूर्ण-वाक्य उत्तर, संवाद पहचान, क्रियापदों का सही प्रयोग और घटनाओं के क्रम को व्यवस्थित करने जैसे प्रश्न शामिल हैं।

क्या इन समाधानों से परीक्षा की तैयारी में मदद मिलेगी?

हाँ, ये समाधान पाठ की अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और अभ्यासों के माध्यम से छात्रों को परीक्षा के लिए तैयार करने में मदद करते हैं।

पाठ का मुख्य नैतिक संदेश क्या है?

पाठ का मुख्य नैतिक संदेश यह है कि मूर्खतापूर्ण व्यवहार और दूसरों की अच्छी सलाह की उपेक्षा विनाश का कारण बनती है।

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