कक्षा 7 संस्कृत अध्याय 10: विश्वबंधुत्वं NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 7 संस्कृत के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से अध्याय 10, 'विश्वबंधुत्वं' पर केंद्रित है। यह अध्याय 'कारक विभक्ति' और 'उपपद विभक्ति' की अवधारणाओं की पड़ताल करता है। समाधान छात्रों को समानार्थक शब्दों को पहचानने, विलोम शब्दों का मिलान करने और व्याकरणिक रूप से सही वाक्य बनाने के लिए रेखांकित शब्दों को सही करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। अभ्यास में मञ्जूषा से सही शब्द चुनना और वाक्यों में उनका उपयोग करना शामिल है। ये समाधान छात्रों को इन महत्वपूर्ण व्याकरणिक विषयों को समझने और संस्कृत में अपनी भाषा दक्षता में सुधार करने में सहायता करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए एक मूल्यवान संसाधन के रूप में काम करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | Sanskrit |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 10 |
Chapter summary
कक्षा 7 संस्कृत के अध्याय 10, 'विश्वबंधुत्वं' के लिए NCERT समाधान, कारक और उपपद विभक्तियों पर केंद्रित हैं। इसमें समानार्थक शब्दों को मञ्जूषा से चुनने, रेखांकित शब्दों को सही करने और विलोम शब्दों का मिलान करने जैसे अभ्यास शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को संस्कृत व्याकरण की इन महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने और लागू करने में मदद करते हैं, जिससे उन्हें पाठ को बेहतर ढंग से समझने और भाषा के अपने ज्ञान को मजबूत करने में सहायता मिलती है।
Learning outcomes
- समानार्थक शब्दों को पहचानना और उनका मिलान करना।
- विलोम शब्दों को पहचानना और उनका मिलान करना।
- दिए गए संदर्भों के अनुसार वाक्यों में संज्ञाओं और सर्वनामों के सही रूप का उपयोग करना।
- कारक और उपपद विभक्तियों के अनुप्रयोग को समझना।
- संस्कृत वाक्यों में व्याकरणिक शुद्धता में सुधार करना।
Topics covered
Paper topics
- विश्वबंधुत्वं
- कारक विभक्ति
- उपपद विभक्ति
- समानार्थक शब्द
- विलोम शब्द
- वाक्य सुधार
- संस्कृत व्याकरण
- कक्षा 7 संस्कृत
Important topics
- कारक विभक्ति
- उपपद विभक्ति
- समानार्थक शब्दों का मिलान
- विलोम शब्दों का मिलान
- वाक्य सुधार
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Questions and Solutions
प्रश्न 2: मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
परस्य दुःखम्
आत्मानम्
बाधितः
परिवारः
सम्पन्नम्
त्यक्त्वा
सम्पूर्ण
स्वकीयम् -------
अवरुद्ध: -------
कुटुम्बकम् -------
अन्यस्य -------
अपहाय -------
समृद्धम् -------
कष्टम् -------
निखिले -------
इस प्रश्न में, आपको दिए गए शब्दों के समानार्थक शब्द मञ्जूषा (शब्द-सूची) से चुनकर रिक्त स्थानों को भरना है। यहाँ सही मिलान दिए गए हैं:
- स्वकीयम् - आत्मानम्
- अवरुद्ध: - बाधितः
- कुटुम्बकम् - परिवारः
- अन्यस्य - परस्य
- अपहाय - त्यक्त्वा
- समृद्धम् - सम्पन्नम्
- कष्टम् - दुःखम्
- निखिले - सम्पूर्ण
इस प्रकार, वाक्य पूर्ण होते हैं:
स्वकीयम् आत्मानम्
अवरुद्ध: बाधितः
कुटुम्बकम् परिवारः
अन्यस्य परस्य
अपहाय त्यक्त्वा
समृद्धम् सम्पन्नम्
कष्टम् दुःखम्
निखिले सम्पूर्ण
प्रश्न 3: रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत-
- (क) छात्रा: क्रीडाक्षेत्रे <u>कन्दुकात</u> क्रीडन्ति।
- (ख) <u>ते</u> बालिकाः मधुरं गायन्ति।
- (ग) अहं पुस्तकालयेन पुस्तकानि आनयामि।
- (घ) त्वं किं नाम?
- (ङ) गुरुं नम:।
इस प्रश्न में, आपको वाक्यों में रेखांकित शब्दों को व्याकरणिक रूप से सही करना है। यहाँ संशोधित वाक्य दिए गए हैं:
- (क) छात्रा: क्रीडाक्षेत्रे कन्दुकेन क्रीडन्ति। (छात्र खेल के मैदान में गेंद से खेलते हैं। यहाँ 'गेंद से' के लिए तृतीया विभक्ति 'कन्दुकेन' का प्रयोग होगा।)
- (ख) ताः बालिकाः मधुरं गायन्ति। (वे लड़कियाँ मधुर गाती हैं। 'बालिकाः' (लड़कियाँ) स्त्रीलिंग बहुवचन है, इसलिए इसके लिए सर्वनाम 'ताः' (वे) का प्रयोग होगा।)
- (ग) अहं पुस्तकालयात् पुस्तकानि आनयामि। (मैं पुस्तकालय से पुस्तकें लाता हूँ। 'से' के अर्थ में पंचमी विभक्ति 'पुस्तकालयात्' का प्रयोग होगा।)
- (घ) तव किं नाम? (तुम्हारा क्या नाम है? प्रश्न पूछने के लिए 'तव' (तुम्हारा) का प्रयोग उचित है।)
- (ङ) गुरवे नम:। (गुरु को नमस्कार। 'नमः' के साथ चतुर्थी विभक्ति का प्रयोग होता है, इसलिए 'गुरवे' सही है।)
प्रश्न 4: मञ्जूषात: विलोमपदानि चित्वा लिखत-
अधुना
मित्रतायाः
लघुचेतसाम्
गृहीत्वा
दुःखिनः
दानवाः
शत्रुताया: -------
पुरा -------
मानवा: -------
उदारचरितानाम् -------
सुखिन: -------
अपहाय -------
इस प्रश्न में, आपको दिए गए शब्दों के विलोम शब्द मञ्जूषा (शब्द-सूची) से चुनकर रिक्त स्थानों को भरना है। यहाँ सही विलोम शब्द मिलान दिए गए हैं:
- शत्रुताया: - मित्रतायाः
- पुरा - अधुना
- मानवा: - दानवाः
- उदारचरितानाम् - लघुचेतसाम्
- सुखिन: - दुःखिनः
- अपहाय - गृहीत्वा
इस प्रकार, विलोम शब्द युग्म बनते हैं:
शत्रुताया: मित्रतायाः
पुरा अधुना
मानवा: दानवाः
उदारचरितानाम् लघुचेतसाम्
सुखिन: दुःखिनः
अपहाय गृहीत्वा
Common mistakes
- समानार्थक और विलोम शब्दों के बीच भ्रमित होना।
- वाक्यों में संज्ञाओं और सर्वनामों के लिए गलत विभक्ति रूपों का उपयोग करना।
- कारक और उपपद विभक्तियों के नियमों को गलत तरीके से लागू करना।
- वाक्य सुधार अभ्यासों में मूल शब्दों को गलत तरीके से बदलना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के लिए दिए गए मञ्जूषा (शब्द-सूची) का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें।
- समानार्थक और विलोम शब्दों के जोड़े को याद करने के लिए उन्हें जोर से पढ़ें।
- वाक्य सुधार अभ्यासों में, रेखांकित शब्द के आसपास के संदर्भ पर ध्यान दें ताकि सही रूप निर्धारित किया जा सके।
- कारक और उपपद विभक्तियों के नियमों को समझने के लिए प्रत्येक सही उत्तर की समीक्षा करें।
Practice MCQs
Q1. प्रश्न 2 में, 'परस्य दुःखम्' का समानार्थक शब्द क्या है?
Explanation: मञ्जूषा से 'अन्यस्य' शब्द 'परस्य दुःखम्' का सही समानार्थक है, जिसका अर्थ है 'दूसरे का दुःख'।
Q2. प्रश्न 3(क) में, 'कन्दुकात' को सही करके क्या लिखा जाएगा?
Explanation: वाक्य 'छात्रा: क्रीडाक्षेत्रे कन्दुकेन क्रीडन्ति।' में, 'कन्दुकेन' (गेंद से) तृतीया विभक्ति का सही रूप है।
Q3. प्रश्न 3(घ) में, 'त्वं किं नाम?' को सही करने पर क्या होगा?
Explanation: प्रश्न पूछने के लिए 'तव किं नाम?' (तुम्हारा क्या नाम है?) सही व्याकरणिक रूप है, जिसमें 'तव' (तुम्हारा) सर्वनाम का प्रयोग किया गया है।
Q4. प्रश्न 4 में, 'शत्रुताया:' का विलोम शब्द क्या है?
Explanation: मञ्जूषा से 'मित्रतायाः' (मित्रता) शब्द 'शत्रुताया:' (शत्रुता) का सही विलोम है।
Q5. प्रश्न 4 में, 'लघुचेतसाम्' का विलोम शब्द क्या है?
Explanation: 'उदारचरितानाम्' (विस्तृत हृदय वाले) 'लघुचेतसाम्' (संकीर्ण हृदय वाले) का सही विलोम है।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान कक्षा 7 के संस्कृत विषय के लिए है।
यह समाधान किस अध्याय को कवर करता है?
यह समाधान अध्याय 10, जिसका शीर्षक 'विश्वबंधुत्वं' है, को कवर करता है।
समाधान में किन मुख्य व्याकरणिक अवधारणाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है?
समाधान मुख्य रूप से कारक विभक्ति और उपपद विभक्ति की अवधारणाओं पर केंद्रित है।
छात्र इन समाधानों का उपयोग कैसे कर सकते हैं?
छात्र इन समाधानों का उपयोग समानार्थक और विलोम शब्दों का अभ्यास करने, वाक्यों में व्याकरणिक त्रुटियों को सुधारने और कारक व उपपद विभक्तियों की अपनी समझ को मजबूत करने के लिए कर सकते हैं।
क्या इन समाधानों में अभ्यास के लिए प्रश्न शामिल हैं?
हाँ, इन समाधानों में समानार्थक शब्द, विलोम शब्द और वाक्य सुधार जैसे अभ्यासों के लिए प्रश्न शामिल हैं।
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