Class 5 Hindi NCERT Solutions: Chapter 4 - नन्हा फनकार

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This chapter, 'नन्हा फनकार' (The Little Artisan), from the Class 5 Hindi NCERT textbook, delves into the story of a young boy named Keshav who is a talented artisan. The solutions provide a deep dive into the narrative, exploring themes of art, craftsmanship, and the historical context of the Mughal era, particularly through the interaction between Keshav and Emperor Akbar. Students will understand the nuances of artistic creation, the value of skill regardless of age, and the social dynamics of the time. The questions encourage critical thinking about character motivations, the meaning of 'big people,' and comparisons with nature. These solutions are designed to help students grasp the story's essence, improve their comprehension skills, and prepare effectively for their Hindi examinations by offering clear, step-by-step explanations.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter4. नन्हा फनकार

Chapter summary

NCERT Solutions for Class 5 Hindi, Chapter 4 'नन्हा फनकार', focuses on the story of a young boy, Keshav, and his interaction with Emperor Akbar. The solutions cover comprehension questions about the story, character analysis, and vocabulary related to craftsmanship. They explore themes of talent, age, and social status, encouraging students to think critically about the narrative and its historical setting. The exercises also involve creative tasks like drawing and identifying tools, making the learning process interactive and comprehensive.

Learning outcomes

  • Understand the story 'नन्हा फनकार' and its characters.
  • Analyze the motivations and dialogues of characters like Keshav and Akbar.
  • Identify and understand vocabulary related to art and craftsmanship.
  • Develop critical thinking skills by answering comprehension questions.
  • Explore themes of talent, age, and social hierarchy.
  • Practice creative expression through drawing and descriptive writing.

Topics covered

Paper topics

  • Story Comprehension
  • Character Analysis (Keshav, Akbar)
  • Vocabulary (Craftsmanship, Tools)
  • Figurative Language (Similes)
  • Historical Context (Mughal Era)
  • Themes (Talent, Age, Social Status)
  • Creative Writing
  • Drawing and Art

Important topics

  • Understanding Keshav's talent and Akbar's appreciation.
  • Interpreting dialogues and character motivations.
  • Vocabulary related to art and tools.
  • Figurative language and comparisons.
  • The significance of Keshav's age in relation to his work.

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

"माशा अल्लाह! ये घंटियां कितनी सुंदर है| तुमने यह खुद बनाई है?" बादशाह अकबर ने यह बात किसलिए कही होगी?
  • (क) केशव के काम की तारीफ में
  • (ख) यह जानने के लिए कि घंटियाँ कितनी सुंदर है
  • (ग) केशव से बातचीत शुरू करने के लिए
  • (घ) घंटिया किसने बनाई , यह जानने के लिए
  • (ङ) क्योंकि उन्हें यकीन नहीं था कि 10 साल का बच्चा केशव इतनी सुंदर घंटियां बना सकता है |
  • (च) कोई और कारण जो तुम्हें ठीक लगता हो |
Solution:

बादशाह अकबर ने यह बात केशव के काम की प्रशंसा करते हुए कही थी। इसका एक मुख्य कारण यह भी था कि उन्हें आश्चर्य हुआ कि इतनी कम उम्र का (दस साल का) बच्चा इतनी कुशलता और सुंदरता से घंटियाँ तराश सकता है। यह उनकी प्रशंसा, आश्चर्य और केशव की कलात्मक प्रतिभा को स्वीकार करने का एक तरीका था। विकल्प (ङ) इस भावना को सबसे अच्छी तरह व्यक्त करता है।

प्रश्न 2

केशव पत्थर पर घंटिया तथा कडियां तराश रहा था | उसके द्वारा तराशी जा रही घंटियों और कड़ियों का चित्र अपनी कॉपी में बनाओ | तुम्हे क्या कोई ख़ास इमारत याद आ रही है जिसमें नक्काशी की गई हो | संभव हो तो उसकी तस्वीर चिपकाओ |
Solution:

यह प्रश्न छात्रों को अपनी रचनात्मकता का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

घंटियों और कड़ियों का चित्र: छात्र अपनी कॉपी में पत्थर पर तराशी जा रही घंटियों और कड़ियों का चित्र बना सकते हैं। ये घंटियाँ छोटी, घुमावदार और बारीक डिज़ाइन वाली हो सकती हैं, और कड़ियाँ उन्हें जोड़ने वाली छल्ले जैसी हो सकती हैं।

खास इमारत: भारत में कई ऐसी इमारतें हैं जिनमें सुंदर नक्काशी की गई है, जैसे - ताजमहल, लाल किला, फतेहपुर सीकरी, हवा महल, या किसी पुराने मंदिर की वास्तुकला। छात्र इनमें से किसी एक इमारत के बारे में सोच सकते हैं या उसकी तस्वीर चिपका सकते हैं।

प्रश्न (अगला भाग)

केशव के पिता गुजरात से आगरा आकर बस गए थे | हो सकता है कि तुम या तुम्हारे कुछ साथियों के माता - पिता भी कहीं ओर से यहां आकर बस गए हो | बातचीत करके पता लगाओ कि ऐसा करने के क्या हो सकते हैं ?
Solution:

लोगों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाकर बसने के कई कारण हो सकते हैं। बातचीत के आधार पर कुछ संभावित कारण इस प्रकार हैं:

  • रोजगार के अवसर: बेहतर नौकरी या व्यवसाय की तलाश में लोग अक्सर उन शहरों में जाते हैं जहाँ अधिक अवसर होते हैं।
  • शिक्षा: अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए या अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए परिवार एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा सकते हैं।
  • पारिवारिक कारण: परिवार के सदस्यों के साथ रहने या उनकी देखभाल के लिए भी लोग प्रवास करते हैं।
  • जीवन स्तर में सुधार: बेहतर जीवन जीने की इच्छा, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं या सुरक्षित वातावरण की तलाश में भी लोग प्रवास करते हैं।
  • प्राकृतिक आपदाएँ: कभी-कभी बाढ़, सूखा या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण भी लोगों को अपना घर छोड़कर कहीं और बसना पड़ता है।

प्रश्न 3

अकबर को पहरेदार की दखलंदाजी अच्छी क्यों नहीं लगी?
Solution:

अकबर एक प्रजावत्सल राजा थे और वे अपनी प्रजा से सीधे मिलना और उनकी बातें सुनना पसंद करते थे। पहरेदार ने बादशाह के काम में दखल दिया था जब वह केशव से बात कर रहे थे। बादशाह को यह पसंद नहीं आया क्योंकि वे किसी भी बाहरी हस्तक्षेप के बिना अपनी प्रजा के साथ सहजता से बातचीत करना चाहते थे। पहरेदार का काम सुरक्षा करना था, न कि बादशाह की बातचीत में बाधा डालना।

प्रश्न 4

"लगता है कोई बहुत बड़ा आदमी है," यहां पर 'बड़े आदमी' से केशव का क्या मतलब है?
Solution:

जब केशव ने कहा "लगता है कोई बहुत बड़ा आदमी है," तो उसका मतलब केवल शारीरिक रूप से लंबा या मोटा होना नहीं था। केशव के लिए 'बड़े आदमी' का अर्थ था कोई ऐसा व्यक्ति जो बहुत अमीर हो, जिसका समाज में बहुत सम्मान हो, या जो बहुत शक्तिशाली पद पर हो। वह व्यक्ति के पहनावे, व्यवहार और आसपास के माहौल से यह अंदाज़ा लगा रहा था कि वह कोई सामान्य व्यक्ति नहीं, बल्कि कोई खास या प्रभावशाली व्यक्ति है।

प्रश्न 5

"खरगोश की-सी कातर आँखें" पशु पक्षियों से तुलना करते हुए और भी बहुत-सी बातें कही जाती है जैसे 'हिरन जैसी चाल'| ऐसे ही कुछ उदाहरणतुम भी बताओ|
Solution:

पशु-पक्षियों और प्राकृतिक चीजों से तुलना करके बहुत सी बातें कही जाती हैं ताकि उनका वर्णन अधिक सजीव और स्पष्ट हो सके। 'खरगोश की-सी कातर आँखें' और 'हिरन जैसी चाल' के कुछ अन्य उदाहरण इस प्रकार हैं:

  • शेर जैसी दहाड़: बहुत तेज़ और शक्तिशाली आवाज़ के लिए।
  • मोरनी जैसी गर्दन: सुंदर और आकर्षक गर्दन के लिए।
  • कोयल जैसी मीठी आवाज़: बहुत मधुर और सुरीली आवाज़ के लिए।
  • हाथी जैसी चाल: धीमी, भारी और शाही चाल के लिए।
  • चीते जैसी फुर्ती: बहुत तेज़ी से दौड़ने या काम करने की क्षमता के लिए।
  • बंदर जैसी शरारत: बहुत ज़्यादा चंचल और नटखट स्वभाव के लिए।

प्रश्न 6

अकबर ने जब नक्काशी सीखना चाहा, तो केशव ने उन्हे सन्देहभरी नज़रों से क्यों देखा?
Solution:

केशव ने अकबर को नक्काशी सीखते हुए संदेह भरी नज़रों से देखा क्योंकि केशव जानता था कि नक्काशी का काम बहुत बारीक और मेहनत वाला होता है। उसे यह विश्वास नहीं हो रहा था कि बादशाह, जो इतने बड़े और शक्तिशाली पद पर हैं, वे इस तरह का मेहनत-भरा और बारीक काम सीख पाएंगे। केशव के मन में यह संदेह था कि क्या बादशाह के पास इतना धैर्य और समय होगा कि वे इस कला को सीख सकें।

प्रश्न 7

केशव दस साल का है| क्या उसकी उम्र के बच्चों का इस तरह के काम से जुड़ना ठीक है? अपने उत्तर के कारण जरूर बताओ |
Solution:

यह एक विचारणीय प्रश्न है। दस साल के बच्चे का इस तरह के बारीक और मेहनत वाले काम से जुड़ना पूरी तरह से ठीक नहीं माना जा सकता, इसके कुछ कारण हैं:

  • शिक्षा का महत्व: इस उम्र में बच्चों का मुख्य कार्य पढ़ाई-लिखाई करना होता है ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
  • शारीरिक और मानसिक विकास: लगातार घंटों तक एक ही जगह बैठकर बारीक काम करने से बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास पर असर पड़ सकता है।
  • बाल श्रम: यदि यह काम मजबूरी में या आर्थिक तंगी के कारण किया जा रहा है, तो यह बाल श्रम की श्रेणी में आ सकता है, जो कि कानूनी रूप से गलत है।

हालांकि, यदि यह काम केवल शौक के तौर पर, कम समय के लिए और पढ़ाई-लिखाई को प्रभावित किए बिना किया जा रहा है, तो यह बच्चे की रचनात्मकता और कौशल को बढ़ा सकता है। लेकिन कहानी के संदर्भ में, जहाँ केशव इस काम में बहुत माहिर है, यह चिंता का विषय हो सकता है कि कहीं वह अपनी शिक्षा से वंचित न रह जाए।

प्रश्न 8

"केशव बार-बार सबको सुनाता।" केशव सबसे क्या कहता होगा? कल्पना करके केशव के शब्दों में लिखो।
Solution:

केशव शायद सबको बड़े गर्व से यह बताता होगा:

"पता है, आज मुझसे मिलने खुद बादशाह अकबर आए थे! हाँ, वही बादशाह! वो मेरी बनाई घंटियाँ देख रहे थे और उन्होंने कहा, 'माशा अल्लाह, ये घंटियाँ कितनी सुंदर हैं!' मैंने ही वो घंटियाँ बनाई थीं। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैंने ये खुद बनाई हैं, और जब मैंने हाँ कहा तो वे बहुत खुश हुए। उन्होंने मुझसे नक्काशी भी सीखी। क्या तुम्हारे यहाँ कभी कोई बादशाह मिलने आया है?"

प्रश्न 1 (क)

नक्काशी जैसे किसी काम को चुनो (बढ़ईगिरी, मिस्त्री इत्यादि) जिसमे औजारों का इस्तेमाल होता है| उन ख़ास औजारों के नाम पता करके लिखो |
Solution:

नक्काशी की तरह ही बढ़ईगिरी (लकड़ी का काम) में भी कई खास औजारों का इस्तेमाल होता है। बढ़ईगिरी में प्रयोग होने वाले कुछ प्रमुख औजार इस प्रकार हैं:

  • आरी: लकड़ी को काटने के लिए।
  • हथौड़ा: कील ठोकने या लकड़ी के टुकड़ों को जोड़ने के लिए।
  • रंदा: लकड़ी की सतह को चिकना करने या उसे सही आकार देने के लिए।
  • जमुर (या प्लास): कील उखाड़ने या पकड़ने के लिए।
  • छेनी (बड़ी): लकड़ी को तराशने या डिज़ाइन बनाने के लिए।
  • पेचकस: पेंच कसने या खोलने के लिए।
  • माप-पट्टी (इंची टेप): लकड़ी की लंबाई या चौड़ाई मापने के लिए।

प्रश्न 1 (ख)

छैनी, हथौड़ा, तराशना, किरचें- ये सब पत्थर के काम से जुड़े हुए शब्द है| लकड़ी के दूकानदार और बढ़ई से बात करके लकड़ी के काम से जुड़े शब्द इकट्ठे करो और कक्षा में उन पर सामूहिक रूप से बातचीत करो। कुछ शब्द हम यह दे रहे हैं। आरी, रंदा, बुरादा, प्लाई, सूत.....|
Solution:

पत्थर के काम से जुड़े शब्दों की तरह, लकड़ी के काम से भी कई शब्द जुड़े होते हैं। बढ़ई और लकड़ी के दुकानदारों से बात करके कुछ और शब्द इस प्रकार हैं:

  • आरी: लकड़ी काटने का औजार।
  • रंदा: लकड़ी को चिकना करने का औजार।
  • बुरादा: लकड़ी घिसने या काटने पर निकलने वाली महीन लकड़ी की धूल।
  • प्लाई (Plywood): लकड़ी की पतली परतों को चिपकाकर बनाया गया बोर्ड।
  • सूत (या सूतली): लकड़ी को बांधने या मापने के लिए इस्तेमाल होने वाला धागा।
  • कील: लकड़ी के टुकड़ों को जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाली धातु की पिन।
  • हथोड़ी: कील ठोकने का औजार।
  • कड़ी: लकड़ी का एक छोटा टुकड़ा या जोड़।
  • फट्टा: लकड़ी का लंबा और चौड़ा टुकड़ा।
  • पेच (Screw): लकड़ी को कसकर जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाली धातु की वस्तु।
  • सनमाइका (Laminate): फर्नीचर की सतह पर लगाने वाली सजावटी परत।
  • गोंद: लकड़ी के टुकड़ों को चिपकाने के लिए।
  • लकड़ी काटना, जोड़ना, पॉलिश करना, नापना।

कक्षा में इन शब्दों पर सामूहिक रूप से बातचीत करके इनके अर्थ और उपयोग को समझा जा सकता है।

प्रश्न 1 (ग)

हो सकता है के तुम्हारे इलाके में इन चीजों और कामों के लिए कुछ अलग किस्म के शब्द इस्तेमाल होते हों। उन पर भी
Solution:

यह प्रश्न छात्रों को अपने स्थानीय परिवेश और भाषा पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित करता है। हर क्षेत्र में कुछ चीज़ों या कामों के लिए विशेष स्थानीय शब्दों का प्रयोग होता है जो मुख्यधारा की भाषा से थोड़े अलग हो सकते हैं।

छात्र अपने परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों या स्थानीय कारीगरों से बात करके पता लगा सकते हैं कि क्या उनके इलाके में बढ़ईगिरी, पत्थर की नक्काशी या अन्य शिल्पकलाओं से जुड़े कोई खास शब्द इस्तेमाल होते हैं। उदाहरण के लिए, किसी औजार का नाम, लकड़ी के प्रकार का नाम, या किसी विशेष तकनीक का नाम स्थानीय बोली में अलग हो सकता है। इन शब्दों को इकट्ठा करके कक्षा में साझा करना एक रोचक गतिविधि हो सकती है।

Common mistakes

  • Misinterpreting the meaning of 'बड़े आदमी' (big people) in the context of social status.
  • Difficulty in understanding Akbar's perspective and his appreciation for art.
  • Confusing the literal meaning of words with their contextual significance.
  • Not providing sufficient reasoning for answers, especially regarding Keshav's work and age appropriateness.

Revision tips

  • Read the story 'नन्हा फनकार' carefully to understand the plot and characters.
  • Pay close attention to the dialogues between Keshav and Akbar to grasp their interactions.
  • Review the vocabulary related to art and tools mentioned in the chapter.
  • Practice answering the comprehension questions by referring back to the story.
  • Try to visualize the carvings Keshav made and imagine the historical setting.

Practice MCQs

Q1. बादशाह अकबर ने केशव की घंटियों की तारीफ करते हुए क्या कहा?

Q2. केशव के पिता कहाँ से आगरा आकर बसे थे?

Q3. अकबर को पहरेदार की दखलंदाजी अच्छी क्यों नहीं लगी?

Q4. केशव के अनुसार 'बड़े आदमी' का क्या मतलब है?

Q5. निम्नलिखित में से कौन सा 'शेर जैसी दहाड़' का उदाहरण है?

Q6. केशव ने अकबर को नक्काशी सिखाने में संदेह क्यों किया?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह समाधान कक्षा 5 के हिंदी विषय के लिए हैं, विशेष रूप से पाठ 4 'नन्हा फनकार' पर केंद्रित हैं।

पाठ 'नन्हा फनकार' का मुख्य विषय क्या है?

पाठ का मुख्य विषय एक छोटे लड़के केशव की कलात्मक प्रतिभा, उसकी बादशाह अकबर से मुलाकात और कला व शिल्प के महत्व को दर्शाता है।

क्या इन समाधानों में कहानी के सभी प्रश्न शामिल हैं?

हाँ, इन समाधानों में पाठ 'नन्हा फनकार' के सभी प्रश्नों के उत्तर विस्तृत और स्पष्ट रूप से दिए गए हैं।

इन समाधानों से छात्रों को क्या लाभ होगा?

ये समाधान छात्रों को कहानी को गहराई से समझने, पात्रों के इरादों का विश्लेषण करने, शब्दावली सीखने और परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे।

क्या समाधानों में कोई रचनात्मक कार्य शामिल है?

हाँ, समाधानों में चित्र बनाने और लकड़ी के काम से जुड़े शब्दों को इकट्ठा करने जैसे रचनात्मक कार्यों के लिए मार्गदर्शन भी शामिल है।

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