CBSE Class 5 Hindi NCERT Solutions: पाठ 5. जहाँ चाह वहाँ राह

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CBSE Class 5 हिंदी पाठ 5, 'जहाँ चाह वहाँ राह', इला नाम की एक लड़की की प्रेरणादायक कहानी पर केंद्रित है। यह पाठ दिखाता है कि कैसे इला अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और कौशल से शारीरिक चुनौतियों पर विजय प्राप्त करती है। NCERT समाधान छात्रों को सहानुभूति, समावेशिता और विकलांग व्यक्तियों की क्षमता के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। अभ्यास के माध्यम से, छात्र इला जैसी किसी व्यक्ति द्वारा स्कूल में सामना की जाने वाली चुनौतियों पर विचार करते हैं और स्कूल को अधिक सुलभ बनाने के तरीकों पर विचार-मंथन करते हैं। समाधान इला की कढ़ाई की प्रतिभा पर भी प्रकाश डालते हैं, उसकी अनूठी कलात्मक शैली और नवीन तकनीकों को उजागर करते हैं। इन प्रश्नों और उत्तरों के माध्यम से, छात्र दृढ़ता, सहायता प्रणालियों के महत्व और सही मानसिकता और अवसरों के साथ सीमाओं को पार किया जा सकता है, इस विचार की गहरी समझ विकसित करते हैं। ये समाधान छात्रों को पाठ के मुख्य संदेशों को सुदृढ़ करके और सामाजिक मुद्दों और व्यक्तिगत क्षमताओं के बारे में आलोचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करके उनकी परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter5. जहाँ चाह वहाँ राह

Chapter summary

NCERT Solutions for Class 5 Hindi 'Rimjhim' Chapter 5, 'जहाँ चाह वहाँ राह', explores themes of determination and overcoming adversity. The solutions address questions about a character named Ila, focusing on the challenges she might face and how society can support her. It also highlights her artistic skills in embroidery, emphasizing innovation and unique techniques. These solutions help students understand the importance of inclusivity and the power of a positive attitude in achieving goals, making them valuable for exam revision.

Learning outcomes

  • Understand the importance of determination and willpower in overcoming challenges.
  • Develop empathy and a positive attitude towards individuals with disabilities.
  • Analyze the potential difficulties faced by differently-abled individuals in daily life and school.
  • Suggest practical solutions to make environments more inclusive and accessible.
  • Appreciate artistic skills and innovative approaches in creative work.
  • Reflect on the significance of support systems and opportunities for personal growth.

Topics covered

Paper topics

  • Determination and Willpower
  • Overcoming Challenges
  • Inclusivity and Accessibility
  • Empathy and Understanding
  • Skills and Talents
  • Embroidery and Artistry
  • Problem-Solving
  • Personal Growth
  • Support Systems
  • Perseverance

Important topics

  • The spirit of 'जहाँ चाह वहाँ राह'
  • Challenges faced by differently-abled individuals
  • Creating an inclusive school environment
  • Ila's unique embroidery skills
  • The importance of self-reliance and opportunity

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

इला या इला जैसी कोई लड़की यदि तुम्हारी कक्षा में दाखिला लेती तो तुम्हारे मन में कौन-कौन से प्रश्न उठते?
Solution: यदि इला जैसी कोई विशेष आवश्यकता वाली लड़की हमारी कक्षा में दाखिला लेती, तो हमारे मन में कई प्रश्न उठते। हम यह जानने के इच्छुक होते कि वह अपनी दैनिक गतिविधियों को कैसे करती होगी, जैसे लिखना, पढ़ना या अन्य काम। हम यह भी सोचते कि उसे स्कूल में किन-किन विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता होगा और हम उसकी मदद कैसे कर सकते हैं।

प्रश्न 2

इस लेख को पढ़ने के बाद क्या तुम्हारी सोच में कुछ बदलाव आए?
Solution: इस लेख को पढ़ने के बाद हमारी सोच में यह महत्वपूर्ण बदलाव आया है कि हम अब शारीरिक रूप से अक्षम या विशेष आवश्यकता वाले लोगों को कमज़ोर या असहाय नहीं समझेंगे। हम यह समझेंगे कि वे भी अपनी क्षमताओं और दृढ़ संकल्प से हर काम को कुशलतापूर्वक कर सकते हैं। यह लेख हमें उनकी क्षमता का सम्मान करना सिखाता है।

प्रश्न 1

यदि इला तुम्हारे विद्यालय में आए तो उसे किन-किन कामों में परेशानी आयेगी?
Solution: यदि इला हमारे विद्यालय में आती, तो उसे कुछ विशेष कामों में परेशानी आ सकती थी। इनमें शामिल हैं:
  • (क) जल्दी-जल्दी लिखने में, क्योंकि उसके हाथ की जगह पैर का उपयोग होता है।
  • (ख) कोई खेल खेलने में, जिसमें शारीरिक फुर्ती या दौड़ने की आवश्यकता हो।
  • (ग) कोई भारी या छोटा सामान उठाने में, जिसे हाथों से पकड़ना आसान होता है।

प्रश्न 2

उसे यह परेशानी न हो इसके लिए अपने विद्यालय में क्या तुम कुछ बदलाव सुझा सकते हो?
Solution: इला को विद्यालय में परेशानी न हो, इसके लिए हम कुछ सहायक बदलाव सुझा सकते हैं। जैसे:
  • विद्यालय में ऐसे सहायक शिक्षक या कर्मचारी नियुक्त किए जा सकते हैं जो इला जैसी छात्राओं की विशेष ज़रूरतों में मदद करें।
  • कक्षा में लिखने के लिए अतिरिक्त समय दिया जा सकता है।
  • खेलकूद की गतिविधियों को इस प्रकार अनुकूलित किया जा सकता है कि वह भी भाग ले सके।
  • विद्यालय परिसर को अधिक सुलभ बनाया जा सकता है, जैसे रैंप की व्यवस्था करना।

प्रश्न 1

इला को लेकर स्कूल वाले चिंतित क्यों थे? क्या उनका चिंता करना सही था या नहीं? अपने उत्तर का कारण भी लिखो।
Solution: स्कूल वाले इला को लेकर मुख्य रूप से उसकी सुरक्षा और उसकी काम करने की गति को लेकर चिंतित थे। चूँकि इला अपने पैर के अँगूठे का उपयोग करके लिखती और अन्य काम करती थी, इसलिए स्कूल को डर था कि कहीं उसे चोट न लग जाए या वह स्कूल के कामों को समय पर पूरा न कर पाए। उनका यह चिंता करना कुछ हद तक सही था, क्योंकि विशेष आवश्यकता वाले छात्रों को अतिरिक्त देखभाल और समय की आवश्यकता होती है। यह सुनिश्चित करना स्कूल की ज़िम्मेदारी है कि सभी छात्र सुरक्षित रहें और अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सकें।

प्रश्न 2

इला की कशीदाकारी में ख़ास बात क्या थी?
Solution: इला की कशीदाकारी (कढ़ाई) में यह ख़ास बात थी कि उसने पारंपरिक तकनीकों को नवीनता के साथ जोड़ा था। उसकी कढ़ाई में लखनऊ और बंगाल की शैलियों की झलक मिलती थी। उसने किंदियावाड़ी टाँकों के साथ-साथ कांथा टाँके का भी प्रयोग किया था, जिससे पत्तियों को उभारा गया था। उसके डिजाइनों में एक अनूठापन और रचनात्मकता थी, जो उसे अन्य कारीगरों से अलग बनाती थी।

प्रश्न 3

सही के आगे (√) का निशान लगाओ: इला दसवीं की परीक्षा पास नहीं कर सकी क्योंकि...
Solution: इला दसवीं की परीक्षा पास नहीं कर सकी क्योंकि लिखने की गति धीमी होने के कारण वह प्रश्न-पत्र पूरे नहीं कर पाती थी।
  • परीक्षा के लिये उसने अच्छी तैयारी नहीं की थी |
  • वह परीक्षा पास करना नही चाहती थी |
  • लिखने की गति धीमी होने के कारण वह प्रश्न - पत्र पूरे नहीं कर पाती थी |

  • उसको पढ़ी करना कभी अच्छा लगा ही नहीं |

प्रश्न 4

क्या इला अपने पैर के अँगूठे से कुछ भी करना सीख पाती, अगर उसके आस-पास के लोग उसके लिए सभी काम स्वयं कर देते और उसको कुछ करने का मौका नहीं देते?
Solution: नहीं, यदि इला के आस-पास के लोग उसके लिए सभी काम स्वयं कर देते और उसे कुछ करने का मौका नहीं देते, तो वह अपने पैर के अँगूठे से कुछ भी करना नहीं सीख पाती। किसी भी कौशल को सीखने के लिए अभ्यास और प्रयास की आवश्यकता होती है। यदि उसे स्वयं प्रयास करने का अवसर ही नहीं मिलता, तो वह अपनी क्षमताओं को विकसित नहीं कर पाती और आत्मनिर्भर नहीं बन पाती।

Common mistakes

  • Underestimating the capabilities of individuals with physical challenges.
  • Assuming that disabilities inherently limit a person's potential.
  • Not considering practical ways to support and include everyone in school activities.
  • Focusing only on limitations rather than on solutions and strengths.

Revision tips

  • Read Ila's story carefully to understand her challenges and her spirit.
  • Think about how you would feel and act if you were in Ila's situation.
  • Consider the practical suggestions made in the solutions for making school more accessible.
  • Discuss with friends or family the importance of 'where there's a will, there's a way'.
  • Pay attention to the description of Ila's embroidery to appreciate her unique skills.

Practice MCQs

Q1. इला को स्कूल में किन कामों में परेशानी आ सकती थी?

Q2. इला की कशीदाकारी की खास बात क्या थी?

Q3. स्कूल वाले इला को लेकर क्यों चिंतित थे?

Q4. यदि इला के आस-पास के लोग उसके लिए सब काम कर देते, तो क्या होता?

Q5. इस पाठ का मुख्य संदेश क्या है?

Frequently asked questions

यह पाठ 'जहाँ चाह वहाँ राह' किस बारे में है?

यह पाठ दृढ़ इच्छाशक्ति और चुनौतियों पर विजय पाने के बारे में है, जो इला नामक एक लड़की की कहानी के माध्यम से बताया गया है।

इला को स्कूल में किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था?

इला को लिखने की गति धीमी होने, खेल खेलने और सामान उठाने जैसे कामों में परेशानी आ सकती थी।

इला की कशीदाकारी की क्या विशेषता थी?

इला की कशीदाकारी में लखनऊ और बंगाल की झलक थी, जिसमें उसने पारंपरिक टाँकों के साथ नवीनता का मिश्रण किया था।

इस पाठ से हमें क्या सीखने को मिलता है?

हमें यह सीखने को मिलता है कि यदि हम कुछ करने की ठान लें, तो कोई भी बाधा हमें रोक नहीं सकती।

स्कूल को इला जैसे छात्रों के लिए अधिक सुलभ कैसे बनाया जा सकता है?

स्कूल में सहायक नियुक्त करके या अन्य तरीकों से मदद करके, ताकि उन्हें किसी भी काम में परेशानी न हो।

क्या इला के लिए यह महत्वपूर्ण था कि उसे खुद काम करने का मौका मिले?

हाँ, यह बहुत महत्वपूर्ण था। यदि उसे खुद काम करने का मौका नहीं मिलता, तो वह अपने पैर के अँगूठे से कुछ भी करना नहीं सीख पाती।

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