कक्षा 5 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 17 छोटी-सी हमारी नदी
यह पृष्ठ कक्षा 5 हिंदी की पाठ्यपुस्तक 'रिमझिम' के पाठ 17 'छोटी-सी हमारी नदी' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें कविता पर आधारित प्रश्नों के उत्तर, नदी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा, और छात्रों को अपनी परिचित नदी के बारे में लिखने के लिए प्रोत्साहित करने वाले अभ्यास शामिल हैं। समाधान छात्रों को नदी के महत्व, उसके किनारे के जीवन और कविता में प्रयुक्त भाषा को समझने में मदद करते हैं। यह छात्रों को अपनी रचनात्मकता का उपयोग करने और अपने आसपास के वातावरण का निरीक्षण करने के लिए प्रेरित करता है। ये समाधान परीक्षा की तैयारी और विषय की गहरी समझ के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 5 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 17 छोटी -सी हमारी नदी |
Chapter summary
कक्षा 5 हिंदी के पाठ 'छोटी-सी हमारी नदी' के ये NCERT समाधान छात्रों को कविता के अर्थ को गहराई से समझने में मदद करते हैं। इसमें कविता में वर्णित नदी के विभिन्न रूपों, जैसे कि उसकी धार, पाट, बालू, कीचड़ और किनारों के बारे में प्रश्नोत्तर शामिल हैं। समाधान छात्रों को अपनी परिचित नदी के बारे में लिखने और उसके किनारे के दृश्यों का वर्णन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इसके अतिरिक्त, कविता में प्रयुक्त तुकांत शब्दों को पहचानने और दिए गए शब्दों के लिए कविता में प्रयुक्त विशेषणों को खोजने जैसे अभ्यास भी दिए गए हैं।
Learning outcomes
- कविता 'छोटी-सी हमारी नदी' के मुख्य भावों और अर्थ को समझना।
- नदी के विभिन्न भौगोलिक और पर्यावरणीय पहलुओं की पहचान करना।
- अपनी परिचित नदी के बारे में अपने विचारों और अनुभवों को व्यक्त करना।
- कविता में प्रयुक्त तुकांत शब्दों को पहचानना और उनका प्रयोग समझना।
- दिए गए शब्दों के लिए कविता में प्रयुक्त विशेषणों को खोजना।
- रचनात्मक लेखन के माध्यम से अपने आसपास के दृश्यों का वर्णन करना।
Topics covered
Paper topics
- कविता का भावार्थ
- नदी का वर्णन
- नदी के विभिन्न अंग (धार, पाट, बालू, कीचड़)
- नदी के किनारे का जीवन
- तुकांत शब्द
- विशेषण शब्द
- रचनात्मक लेखन
- पशु-पक्षी और नदी
- मौसम और नदी
Important topics
- कविता का केंद्रीय भाव
- नदी के विभिन्न तत्वों का वर्णन
- तुकांत शब्दों की पहचान
- अपने अनुभव पर आधारित लेखन
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
अपनी परिचित नदी के बारे में निम्नलिखित जानकारी दी जा सकती है:
धार: मेरी परिचित नदी की धार गर्मियों में शांत रहती है, लेकिन बरसात में बहुत तेज हो जाती है।
पाट: नदी का पाट चौड़ा है, जिसमें बरसात के मौसम में पानी भर जाता है।
बालू: नदी के तल में कहीं-कहीं सफेद और चिकनी बालू पाई जाती है।
कीचड़: बरसात के दिनों में नदी के किनारों पर और कुछ जगहों पर कीचड़ जमा हो जाता है।
किनारे: नदी के किनारे हरे-भरे हैं, जहाँ पेड़-पौधे और कुछ गाँव बसे हुए हैं।
बरसात में नदी: बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और पानी का बहाव तेज हो जाता है। यह अपने किनारों को भी लांघ सकती है।
प्रश्न 2
मेरी परिचित नदी के किनारे कई चीजें होती हैं। नदी के एक ओर एक पुराना मंदिर है, जहाँ लोग पूजा करने आते हैं। किनारे पर कुछ गाँव भी बसे हैं जहाँ लोग रहते हैं। बच्चों के खेलने के लिए भी यह एक पसंदीदा जगह है। नदी में नावें भी चलती हैं जो लोगों को नदी पार कराती हैं। कुछ जगहों पर छोटे-छोटे बाजार भी लगते हैं।
प्रश्न 3
यह प्रश्न व्यक्तिगत जानकारी पर आधारित है, इसलिए इसका उत्तर छात्र स्वयं अपने स्थानीय भूगोल के अनुसार देंगे। छात्रों को अपने क्षेत्र की नदियों के उद्गम स्थल (जहाँ से वे निकलती हैं) और उनके संगम स्थल (जहाँ वे किसी अन्य नदी या समुद्र में मिलती हैं) का पता लगाना चाहिए।
प्रश्न 4
यह प्रश्न छात्रों को उनकी पाठ्यपुस्तक के अन्य पाठों को याद करने और उनमें नदी के संदर्भ को खोजने के लिए प्रोत्साहित करता है। यदि किसी अन्य पाठ में नदी का उल्लेख है, तो छात्र को उस पाठ का नाम बताना होगा और उसमें नदी के बारे में लिखी गई बातों को संक्षेप में बताना होगा। (यह उत्तर छात्र की पाठ्यपुस्तक की सामग्री पर निर्भर करेगा)।
प्रश्न 5
नदी में नहाना एक बहुत ही सुखद और रोमांचक अनुभव हो सकता है। नदी के ठंडे और ताज़े पानी में तैरना या खेलना मन को शांति और आनंद देता है। कभी-कभी नदी की धारा तेज हो सकती है, जिससे थोड़ी सावधानी बरतनी पड़ती है। नदी के किनारे बैठकर पानी की आवाज़ सुनना भी एक सुकून भरा अनुभव होता है। यह प्रकृति के करीब महसूस करने का एक शानदार तरीका है।
प्रश्न 6
यह प्रश्न छात्रों को उनके व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करने के लिए प्रेरित करता है। यदि किसी छात्र ने मछली पकड़ी है, तो वह बता सकता है कि उसने कैसे पकड़ी, उसे क्या महसूस हुआ, और उसका अनुभव कैसा रहा। यदि नहीं पकड़ी है, तो वह बता सकता है कि वह कब और कैसे मछली पकड़ना चाहेगा। यह गतिविधि कक्षा में आपसी संवाद और सहभागिता को बढ़ावा देती है।
प्रश्न 7
यह प्रश्न कविता की पंक्तियों से संबंधित है और यह पूछ रहा है कि 'किचपिच-किचपिच' की आवाज़ किसकी तरह लगती है। कविता के अनुसार, यह आवाज़ मैना की तरह लगती है। यह ध्वनि की अनुकृति है जो मैना की चहचहाहट का वर्णन करती है।
प्रश्न 8
यह प्रश्न नदी में नहाते हुए बच्चों के उत्साह और चंचलता का वर्णन करता है। 'कच्चे-बच्चे' का अर्थ है छोटे बच्चे। वे खुशी से उछल-कूद करते हुए नदी में नहा रहे हैं, जो उनके आनंद और ऊर्जा को दर्शाता है। यह दृश्य नदी के किनारे के एक जीवंत और खुशनुमा माहौल को प्रस्तुत करता है।
प्रश्न 9
यह एक रचनात्मक कार्य है जिसमें छात्रों को कविता के पहले पद को पढ़कर अपने मन में बने चित्र को बनाना है। चित्र में छात्र नदी, उसके किनारे, पेड़-पौधे, जानवर (जैसे सियार, ढोर-डंगर), और संभवतः नदी में नहाते हुए बच्चे या बहते हुए पानी को दर्शा सकते हैं। चित्र बनाने के बाद, छात्र को यह बताना होगा कि उसने चित्र में क्या-क्या बनाया है और क्यों, ताकि वह कविता के वर्णन से मेल खाए।
प्रश्न 10
कविता में तुकांत शब्द वे होते हैं जिनके अंत की ध्वनियाँ समान होती हैं। इस कविता में कुछ प्रमुख तुकांत शब्द जोड़े इस प्रकार हैं:
- धार - पार
- चालू - ढालू
- नाम - धाम
- डार - सियार
- वन - सघन
- नहाना - छाना
- रेती - देती
- उतराती - दलानी
- कोलाहल - चंचल
- रोला - टोला
प्रश्न 11
कविता में 'ढोर-डंगर' शब्द से पता चलता है कि नदी के किनारे जानवर भी जाते थे। 'ढोर-डंगर' का अर्थ मवेशी या पशुधन होता है, जो अक्सर पानी पीने या चरने के लिए नदी किनारे आते हैं।
प्रश्न 12
इस नदी के तट की खासियत यह थी कि वे ऊँचे थे और उनका पाट ढालू था। इसका मतलब है कि नदी के किनारे ऊँचे थे और नदी का फैलाव (पाट) ढलान लिए हुए था, जिससे पानी आसानी से बहता था।
प्रश्न 13
यहाँ 'हफ़्ते में एक बार लगने वाला हाट' का वर्णन दिया गया है, जैसा कि मूल पाठ में है:
हफ़्ते में एक बार लगने वाला हाट:
हमारे इलाके में मंगल बाजार हर हफ्ते लगता है। उस दिन दोपहर के बाद से ही सड़कों पर चहल-पहल शुरू हो जाती है। शाम होते-होते बाजार तरह-तरह की दुकानों से सज जाता है। यहाँ हर तरह की चीज़ सस्ते में उपलब्ध है। जो स्थायी दुकानें हैं, उन्हें विशेष रूप से सजाया जाता है। जो दुकानें उस दिन के लिए लगायी जाती हैं, वे भी अच्छी तरह सजी होती हैं। सब्जीवाले सब्जियों को कलात्मक ढंग से सजाते हैं। मेले जैसी भीड़ में से गुजरना बड़ा मुश्किल हो जाता है। स्त्री-पुरुष, बच्चे-बूढ़े सभी मंगल बाजार से अपनी जरूरत की चीजें खरीदते नजर आते हैं। इस बाजार की खासियत है कि एक जगह पर सब जरूरत की चीजें मिल जाती हैं।
प्रश्न 14
दिए गए शब्दों के लिए कविता में प्रयुक्त विशेष शब्द और अक्षरजाल में उनकी स्थिति इस प्रकार है:
तेज़ गति - वेग
शोर - रोला
मोहल्ला - टोला
धूप - घाम
घना - सघन
किनारा - पाट (यह शब्द भी अक्षरजाल में पाया जा सकता है, हालांकि यह सीधे तौर पर ऊपर दिए गए शब्दों से मेल नहीं खाता, पर यह नदी के किनारे से संबंधित है।)
अक्षरजाल:
यहाँ अक्षरजाल का एक संभावित लेआउट दिया गया है, जिसमें ये शब्द छिपे हो सकते हैं (यह मूल पाठ के चित्र पर निर्भर करेगा):
भा H वे η टो रो ला पा स Ħ न ट घाम सघन पाट (नोट: अक्षरजाल को सही ढंग से खोजने के लिए मूल चित्र या ग्रिड की आवश्यकता होती है। ऊपर दिए गए शब्द अक्षरों के बीच छिपे हुए माने जाते हैं।)
Common mistakes
- कविता के भावार्थ को समझने में कठिनाई।
- नदी के विभिन्न तत्वों (पाट, बालू, कीचड़) के बीच अंतर स्पष्ट न कर पाना।
- तुकांत शब्दों को सही ढंग से पहचानने में भूल।
- अपने अनुभवों को स्पष्ट और व्यवस्थित रूप से लिखने में समस्या।
Revision tips
- कविता को कई बार पढ़ें और उसके अर्थ को समझने का प्रयास करें।
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को कविता की पंक्तियों से जोड़कर देखें।
- अपनी परिचित नदी के बारे में लिखते समय सरल और स्पष्ट भाषा का प्रयोग करें।
- तुकांत शब्दों की सूची बनाएं और उनका अभ्यास करें।
- कविता में प्रयुक्त विशेषणों को याद रखने की कोशिश करें।
Practice MCQs
Q1. कविता में नदी की धार कैसी बताई गई है?
Explanation: कविता में नदी की धार को 'चंचल' और 'तेज' बताया गया है, जो उसकी गतिशीलता को दर्शाता है।
Q2. गर्मियों में बच्चे नदी को कैसे पार करते थे?
Explanation: कविता के अनुसार, गर्मियों में बच्चे मिलकर नदी को पार करते थे, जो उनकी एकता और साहस को दिखाता है।
Q3. कविता में नदी के किनारे क्या उगने का वर्णन है?
Explanation: कविता में नदी के किनारे 'अमराई' (आम के बाग) का उल्लेख है, जो एक सुंदर दृश्य प्रस्तुत करता है।
Q4. नदी के तट की क्या खासियत बताई गई है?
Explanation: कविता में नदी के तट को 'ऊँचे' और 'पाट ढालू' बताया गया है, जो उसके आकार का वर्णन करता है।
Q5. कविता में 'ढोर-डंगर' शब्द का क्या अर्थ है?
Explanation: 'ढोर-डंगर' शब्द का प्रयोग मवेशियों या पालतू पशुओं के लिए किया गया है, जो नदी किनारे आते थे।
Frequently asked questions
यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह समाधान कक्षा 5 के हिंदी विषय के लिए है, जो 'रिमझिम' पुस्तक के पाठ 17 'छोटी-सी हमारी नदी' पर आधारित है।
इन समाधानों से छात्रों को क्या सीखने को मिलेगा?
छात्र कविता के अर्थ को गहराई से समझेंगे, नदी के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त करेंगे, और रचनात्मक लेखन का अभ्यास करेंगे।
क्या इन समाधानों में कविता के प्रश्नोत्तर शामिल हैं?
हाँ, इन समाधानों में कविता पर आधारित सभी प्रश्नों के उत्तर विस्तार से दिए गए हैं।
क्या ये समाधान छात्रों को अपनी रचनात्मकता विकसित करने में मदद करते हैं?
हाँ, छात्रों को अपनी परिचित नदी के बारे में लिखने और दृश्यों का वर्णन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, जिससे उनकी रचनात्मकता विकसित होती है।
तुकांत शब्द क्या होते हैं और उन्हें कैसे पहचाना जाता है?
तुकांत शब्द वे शब्द होते हैं जिनके अंत की ध्वनियाँ समान होती हैं, जैसे 'धार' और 'पार'। कविता में ऐसे शब्दों को पहचानने का अभ्यास दिया गया है।
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