CBSE Class 5 Hindi Chapter 16 पानी रे पानी NCERT Solutions
This chapter, 'पानी रे पानी' (Water, Oh Water!), from the CBSE Class 5 Hindi curriculum, delves into the crucial topic of water. The NCERT Solutions provide clear answers to questions about where water comes from, how wastewater is managed, and the depth of groundwater. It explores the impact of urbanization on water tables and the causes of floods and droughts. The solutions also address the challenges of water scarcity, the importance of conservation, and the consequences of water wastage. Additionally, it touches upon water-related idioms, enhancing language comprehension. These solutions are designed to help students understand the significance of water, its conservation, and its role in our daily lives, making them an excellent resource for exam preparation and general knowledge.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 5 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 16 पानी रे पानी |
Chapter summary
Chapter 16, 'पानी रे पानी', focuses on understanding water's importance and scarcity. The NCERT Solutions cover topics like household water sources, wastewater disposal, groundwater levels, and the impact of construction on water tables. It explains the causes of floods and droughts and discusses the necessity of water conservation. The chapter also includes exercises on creating water-saving posters and slogans, and exploring water-related idioms, reinforcing both environmental awareness and language skills.
Learning outcomes
- Understand the sources of water for household use.
- Identify how wastewater is managed in different areas.
- Analyze the reasons for declining groundwater levels.
- Explain the connection between urbanization, floods, and droughts.
- Recognize the importance of water conservation and preventing wastage.
- Learn and use water-related Hindi idioms in sentences.
Topics covered
Paper topics
- Water sources
- Wastewater management
- Groundwater levels
- Urbanization and water
- Floods and droughts
- Water conservation
- Water wastage
- Water-related idioms
- Environmental awareness
- Rural and urban water issues
Important topics
- Water conservation methods
- Causes of water scarcity
- Impact of human activities on water resources
- Understanding water-related idioms
- Importance of water in daily life
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Questions and Solutions
तुम्हारे आस-पास
अपने आस-पास के बड़ों से पूँछकर पता लगाओ:
- तुम्हारे घर में पानी कहाँ से आता है?
- तुम्हारे घर का मैला पानी बहकर कहाँ जाता है?
- (क) तुम्हारे इलाके में धरती के अंदर का पानी कितने फीट या कितने हाथ नीचे है?
- (ख) आज से पंद्रह वर्ष पहले यह पानी कितने नीचे था?
यह प्रश्न छात्रों को अपने परिवेश का निरीक्षण करने और जल स्रोतों तथा अपशिष्ट जल प्रबंधन के बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
- मेरे घर में पानी जल बोर्ड द्वारा आपूर्ति की जाने वाली पाइपलाइन से आता है, जो एक सार्वजनिक जल वितरण प्रणाली का हिस्सा है।
- हमारे घर का मैला पानी नालियों और सीवर लाइनों के माध्यम से बहकर एक उपचार संयंत्र में जाता है, जहाँ इसे साफ किया जाता है।
(क) मेरे इलाके में, भूजल स्तर लगभग 80-100 फीट की गहराई पर है।
(ख) आज से पंद्रह वर्ष पहले, यही भूजल स्तर लगभग 20-25 फीट नीचे था, जो दर्शाता है कि भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है।
अनुमान लगाओ
- अपने घर के नल के पाइप में मोटर लगवाना दूसरों का हक छीनने के बराबर है। लेखक ऐसा क्यों मानते हैं?
- बड़ी संख्या में इमारतें बनने से बाढ़ और अकाल का खतरा कैसे पैदा होता है?
धरती की गुल्लक किन-किन साधनों से भरती है?
यह खंड जल संसाधनों के प्रबंधन और शहरीकरण के पर्यावरणीय प्रभावों पर केंद्रित है।
- लेखक ऐसा इसलिए मानते हैं क्योंकि जब कोई व्यक्ति अपने घर के नल में मोटर लगवाता है, तो वह उपलब्ध पानी का एक बड़ा हिस्सा खींच लेता है। इससे उन लोगों के लिए पानी की कमी हो जाती है जिनके पास मोटर नहीं है या जो सार्वजनिक आपूर्ति पर निर्भर हैं। यह स्थिति पानी के असमान वितरण और दूसरों के हक को छीनने जैसी है।
- बड़ी संख्या में इमारतें बनने से खाली जमीन कम हो जाती है। कंक्रीट और पक्की सड़कें पानी को जमीन के अंदर सोखने से रोकती हैं। जब बारिश का पानी जमीन में रिस नहीं पाता, तो वह सतह पर जमा हो जाता है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, जमीन के अंदर पानी की कमी होने से सूखे की स्थिति भी पैदा हो सकती है, खासकर गर्मी के महीनों में।
उत्तर: धरती की गुल्लक (भूजल भंडार) मुख्य रूप से तालाबों, झीलों, नदियों और अन्य जल निकायों में जमा पानी के धीरे-धीरे जमीन के नीचे रिसने और छनकर जाने से भरती है।
यदि हाँ तो...
- क्या तुम्हारे इलाके में कभी बाढ़ आई है? यदि हाँ, तो उसके बारे में लिखो।
- क्या तुम्हारे घर में पानी कुछ ही घंटों के लिए आता है? यदि हाँ, तो बताओ कि कैसे तुम्हारे परिवार की दिनचर्या नल में पानी आने के साथ बँधी होती है?
- क्या तुम्हारे मोहल्ले में रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करने के लिए लोगों को पानी खरीदना पड़ता है? यदि हाँ, तो बताओ कि तुम्हारे घर में रोज़ औसतन कितने लीटर पानी खरीदा जाता है? इस पर कितना खर्चा होता है?
यह खंड छात्रों को जल संकट के व्यक्तिगत अनुभवों और पानी की कमी के दैनिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों को साझा करने के लिए प्रेरित करता है।
- मेरे इलाके में बाढ़ तब आई थी जब मेरा जन्म भी नहीं हुआ था। मेरे माता-पिता बताते हैं कि वह एक बहुत भयंकर बाढ़ थी। उस समय पूरा इलाका पानी में डूब गया था, हजारों लोग बेघर हो गए थे और भोजन की भारी कमी हो गई थी। लोगों को जीवित रहने के लिए छतों पर हेलीकॉप्टर से गिराए जाने वाले भोजन पैकेट पर निर्भर रहना पड़ता था, जो पर्याप्त नहीं थे। बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति विशेष रूप से दयनीय थी।
- हाँ, हमारे घर में पानी केवल कुछ ही घंटों के लिए आता है। इसलिए, हमारे परिवार की दिनचर्या पानी आने के समय के इर्द-गिर्द ही घूमती है। पानी सुबह लगभग 6:30 बजे आता है और करीब दो घंटे तक रहता है। इस दौरान, हम नहाना, कपड़े धोना और अन्य सभी पानी से जुड़े कामों को प्राथमिकता देते हैं। हम इन दो घंटों में कोई दूसरा काम नहीं करते, बल्कि केवल पानी के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
- हाँ, मेरे मोहल्ले में रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए लोगों को पानी खरीदना पड़ता है। मेरे घर में, हम औसतन हर दिन लगभग 30 लीटर पानी खरीदते हैं, जिस पर लगभग 60 रुपये खर्च होते हैं। यह दर्शाता है कि पानी की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसके लिए अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है।
संकट क्यों?
पाठ में पानी के संकट के किस प्रमुख कारण की बात की गई है?
- जितना उपलब्ध है, उससे कहीं ज़्यादा खर्च करने से पानी का संकट उत्पन्न होता है। क्या यही बात हम बिजली के संकट के बारे में भी कह सकते हैं?
- पानी के संकट का एक और मुख्य कारण पानी की फिजूलखर्ची भी है। कक्षा में पाँच-पाँच के समूह में बातचीत करो और बताओ कि अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में पानी की बचत करने के लिए तुम क्या-क्या उपाय कर सकते हो?
यह खंड जल संकट के कारणों और समाधानों पर प्रकाश डालता है, साथ ही छात्रों को सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है।
- पाठ में पानी के संकट का एक प्रमुख कारण यह बताया गया है कि हम उपलब्ध पानी से कहीं ज़्यादा उसका खर्च करते हैं। हाँ, यही बात बिजली के संकट के बारे में भी कही जा सकती है। यदि हम बिजली का उपयोग उसकी उपलब्धता से अधिक करते हैं, तो बिजली की कमी या संकट उत्पन्न हो सकता है। इसलिए, हमें बिजली का भी सावधानीपूर्वक और संयमित उपयोग करना चाहिए।
- पानी के संकट का एक और मुख्य कारण पानी की फिजूलखर्ची है। अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में पानी की बचत करने के लिए हम निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं:
- नल को बेवजह खुला न छोड़ें, खासकर दाँत साफ करते या बर्तन धोते समय।
- बारिश के पानी को इकट्ठा करके उसका उपयोग पौधों को सींचने या अन्य कामों के लिए करें।
- गाड़ी धोते समय पाइप की जगह बाल्टी का प्रयोग करें।
- फलों और सब्जियों को धोने के बाद बचे पानी का उपयोग पौधों में डालें।
- लीक हो रहे नलों को तुरंत ठीक करवाएं।
- नहाने के लिए शॉवर की जगह बाल्टी का प्रयोग करें।
पानी का चक्कर-भाषा का चक्कर
- पानी की समस्या या बचत से संबंधित पोस्टर और नारे तैयार करो। यह काम तुम चार-चार के समूह में कर सकते हो।
- "पानी की बर्बादी, सबकी बर्बादी" इस नारे में 'बर्बादी' शब्द का एक अर्थ है या दो अलग अर्थ हैं, सोचो।
- पानी हमारी ज़िंदगी में महत्वपूर्ण तो है ही, मुहावरों की दुनिया में भी उसकी खास जगह है। पानी से संबंधित कुछ मुहावरे इकट्ठे करो और उनका उचित संदर्भ में प्रयोग करो।
यह खंड छात्रों को रचनात्मकता और भाषा कौशल का उपयोग करके जल संरक्षण के संदेश को फैलाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
- पानी की समस्या या बचत से संबंधित नारे:
- जल ही जीवन है, इसे व्यर्थ न बहाओ।
- पानी अनमोल है, इसका मोल समझो।
- बूँद-बूँद बचाओ, धरती को हरा-भरा बनाओ।
- जल संरक्षण, राष्ट्र का संरक्षण।
पोस्टर के लिए विचार: एक पोस्टर में नल से टपकते पानी की बूँदें दिखाई जा सकती हैं, जिसके नीचे लिखा हो "हर बूँद कीमती है, बचाओ!" या एक चित्र जिसमें बच्चे पानी बचा रहे हों और बड़े उन्हें देखकर सीख रहे हों।
- "पानी की बर्बादी, सबकी बर्बादी" इस नारे में 'बर्बादी' शब्द के दो अलग अर्थ हैं। पहले 'बर्बादी' का अर्थ है पानी को व्यर्थ में नष्ट करना या उसका दुरुपयोग करना। दूसरे 'बर्बादी' का अर्थ है पानी की कमी के कारण होने वाली विपदा, परेशानी या विनाश। यानी, यदि हम पानी को बर्बाद करेंगे, तो भविष्य में पानी की कमी से हम सबकी बर्बादी होगी।
- पानी से संबंधित कुछ मुहावरे और उनके वाक्य प्रयोग इस प्रकार हैं:
- मुँह में पानी आना: स्वादिष्ट भोजन देखकर किसी के मुँह में पानी आ जाना। (जैसे: मिठाइयाँ देखते ही भोलू के मुँह में पानी आ गया।)
- आँखों में पानी भर आना: दुखी या भावुक हो जाना। (जैसे: उसकी दुख भरी कहानी सुनकर मेरी माँ की आँखों में पानी भर आया।)
- पानी-पानी होना: बहुत लज्जित होना। (जैसे: अपनी गलती पकड़े जाने पर वह भरी सभा में पानी-पानी हो गया।)
- पानी फेरना: किसी की मेहनत या योजना को बर्बाद कर देना। (जैसे: इतनी मेहनत के बाद भी परीक्षा में फेल होने से मेरी सारी मेहनत पर पानी फिर गया। / मेरी मेहनत पर तुमने पानी फेर दिया।)
Common mistakes
- Confusing the literal and figurative meanings of 'बर्बादी' (wastage/ruin) in slogans.
- Not fully understanding the impact of construction on groundwater recharge.
- Difficulty in creating relevant posters and slogans for water conservation.
- Incorrect usage of water-related idioms in context.
Revision tips
- Review the solutions for questions about groundwater depth and its changes over time.
- Practice creating your own water conservation slogans and posters.
- Understand the link between human activities (like building) and natural disasters (floods/droughts).
- Memorize the water-related idioms and their meanings for better language comprehension.
Practice MCQs
Q1. लेखक के अनुसार, घर के नल में मोटर लगवाना किसका हक छीनने जैसा है?
Explanation: लेखक मानते हैं कि मोटर लगवाने से कुछ लोगों को अधिक पानी मिलता है, जबकि दूसरों को पानी नहीं मिल पाता, जो कि उनका हक छीनने के बराबर है।
Q2. बड़ी संख्या में इमारतें बनने से धरती की गुल्लक क्यों नहीं भर पाती?
Explanation: जब भूमि इमारतों से ढक जाती है, तो वह पानी को सोख नहीं पाती, जिससे धरती के जल भंडार (गुल्लक) नहीं भर पाते।
Q3. पानी के संकट का एक प्रमुख कारण क्या बताया गया है?
Explanation: पाठ में पानी के संकट का एक मुख्य कारण पानी की फिजूलखर्ची और उपलब्धता से ज़्यादा खर्च करना बताया गया है।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा मुहावरा पानी से संबंधित नहीं है?
Explanation: मुँह में पानी आना, आँखों में पानी भर आना, और पानी-पानी होना पानी से संबंधित मुहावरे हैं, जबकि 'हाथ मलना' पछतावा व्यक्त करने का मुहावरा है।
Q5. धरती की गुल्लक किन साधनों से भरती है?
Explanation: पाठ के अनुसार, गाँव और शहर के तालाब, झील आदि धरती की गुल्लक भरने का काम करते हैं, जहाँ से पानी धीरे-धीरे जमीन के नीचे रिसता है।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?
यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 5 के हिंदी विषय के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 16 'पानी रे पानी' पर केंद्रित हैं।
अध्याय 'पानी रे पानी' में किन मुख्य विषयों पर चर्चा की गई है?
यह अध्याय पानी के स्रोतों, अपशिष्ट जल प्रबंधन, भूजल स्तर, शहरीकरण के प्रभाव, बाढ़ और सूखे के कारणों, जल संरक्षण और पानी से संबंधित मुहावरों पर चर्चा करता है।
क्या इन समाधानों में प्रश्नों के उत्तर बदले गए हैं?
हाँ, सभी प्रश्नों के उत्तर मूल स्रोत से अलग, स्पष्ट और विस्तृत तरीके से फिर से लिखे गए हैं, जबकि प्रश्न वही रखे गए हैं।
क्या इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए किया जा सकता है?
हाँ, ये समाधान छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को समझने, महत्वपूर्ण विषयों को याद रखने और भाषा के उपयोग को बेहतर बनाने में मदद करके परीक्षा की तैयारी के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन हैं।
समाधानों में पानी से संबंधित कौन से भाषा कौशल शामिल हैं?
समाधानों में पानी की समस्या या बचत से संबंधित नारे और पोस्टर बनाने के अभ्यास के साथ-साथ पानी से संबंधित मुहावरों का अर्थ और प्रयोग भी शामिल है।
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