कक्षा 5 हिंदी NCERT समाधान: अध्याय 10 एक दिन की बादशाहत
यह पृष्ठ कक्षा 5 हिंदी की पुस्तक 'रिमझिम' के अध्याय 10, 'एक दिन की बादशाहत' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय बच्चों के अधिकारों, जिम्मेदारियों और एक दिन के लिए बड़ों की भूमिका निभाने के अनुभव पर केंद्रित है। समाधान कहानी के मुख्य पात्रों आरिफ़ और सलीम के दृष्टिकोण से विभिन्न प्रश्नों का उत्तर देते हैं, जैसे कि अब्बा ने बच्चों की बात क्यों मानी, बच्चों को बड़ों के अधिकार मिलने पर उन्होंने क्या सोचा, और अगर उन्हें एक दिन के लिए अधिकार मिलें तो वे क्या करेंगे। इसमें कहानी के पात्रों द्वारा सोची गई तरकीबों, 'बादशाहत' के अर्थ, और कहानी के शीर्षक की सार्थकता पर भी चर्चा की गई है। ये समाधान छात्रों को कहानी को गहराई से समझने, पात्रों के विचारों का विश्लेषण करने और अपनी कल्पना का उपयोग करने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 5 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 10 एक दिन की बादशाहत |
Chapter summary
कक्षा 5 हिंदी के अध्याय 'एक दिन की बादशाहत' के ये NCERT समाधान छात्रों को कहानी के मुख्य पात्रों आरिफ़ और सलीम के एक दिन के अनुभव को समझने में मदद करते हैं। समाधान कहानी के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित हैं, जैसे कि बच्चों को बड़ों के अधिकार मिलने पर उनकी प्रतिक्रियाएं, उनके द्वारा सोची गई तरकीबें, और 'बादशाहत' का अर्थ। यह छात्रों को पात्रों के दृष्टिकोण से सोचने और कहानी के संदेश को समझने के लिए प्रोत्साहित करता है।
Learning outcomes
- कहानी के पात्रों के विचारों और भावनाओं को समझना।
- बच्चों के अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में सोचना।
- एक दिन के लिए बड़ों की भूमिका निभाने के अनुभव की कल्पना करना।
- कहानी के शीर्षक और उसके अर्थ का विश्लेषण करना।
- अपनी कल्पना का उपयोग करके कहानी से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देना।
Topics covered
Paper topics
- बच्चों के अधिकार
- जिम्मेदारियाँ
- बड़ों की भूमिका
- कल्पना शक्ति
- कहानी का विश्लेषण
- शब्दार्थ (बादशाहत, तर माल)
- पात्रों का दृष्टिकोण
- घर के नियम
Important topics
- बच्चों के अधिकार और जिम्मेदारियों का संतुलन
- बड़ों की भूमिका और बच्चों के प्रति उनका व्यवहार
- कहानी के पात्रों के अनुभव और उनकी सोच
- 'एक दिन की बादशाहत' का शीर्षक और उसका महत्व
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Questions and Solutions
कहानी की बात - प्रश्न 1
कहानी की बात - प्रश्न 2
आरिफ़ ने सोचा होगा: कितना अच्छा होता अगर हर दिन ऐसा ही होता! मुझे बहुत मज़ा आता और मैं अपनी मनपसंद चीजें करता।
अम्मी ने सोचा होगा: यह अच्छा है कि बच्चों को कभी-कभी अपनी मर्जी चलाने का मौका मिले। हमेशा पाबंदियाँ लगाना ठीक नहीं है।
दादी ने सोचा होगा: शुक्र है कि वह एक दिन बीत गया! अगर यह रोज़ होता तो बच्चे तो सिर पर चढ़ जाते और बहुत परेशान करते।
तुम्हारी बात - प्रश्न 1
- कंप्यूटर पर अपनी पसंद के अनुसार ज्यादा देर तक काम करूंगी।
- अपनी सहेलियों को बुलाकर उनके साथ खूब गप्पे मारूंगी।
- दूध और फल जैसी चीजें खाने से मना कर दूंगी।
- रसोइए से अपनी मनपसंद चीजें बनवाकर खाऊंगी।
- इंटरनेट पर खूब सर्फिंग करूंगी और नई-नई चीजें देखूंगी।
तुम्हारी बात - प्रश्न 2
बिना शिकायत किए कर लेने वाले काम:
- घर में शांति बनाए रखना।
- रात को समय पर सोना और सुबह जल्दी उठना।
- दोस्तों के साथ ज्यादा गप्पे न मारना।
- कम जेब खर्च में ही संतुष्ट रहना।
मना कर देने वाले काम:
- बेकार लगने वाले कपड़े पहनना।
- मिर्च वाला या तीखा सालन खाना, अगर उन्हें पसंद न हो।
तरकीब - प्रश्न 1
तरकीब - प्रश्न 2
तरकीब - प्रश्न 3
अधिकारों की बात - प्रश्न 1
अधिकारों की बात - प्रश्न 2
अधिकारों की बात - प्रश्न 3
- डाँटने का अधिकार।
- अपना मनपसंद भोजन बनवाने का अधिकार।
- बच्चों पर पाबंदियाँ लगाने का अधिकार।
बादशाहत - प्रश्न 1
बादशाहत - प्रश्न 2
कहानी के लिए एक और शीर्षक हो सकता है: 'बच्चों का राज' या 'जब बच्चे बने बड़े'।
बादशाहत - प्रश्न 3
तर माल - प्रश्न 1
तर माल - प्रश्न 2
तर माल - प्रश्न 3
तर माल - प्रश्न 4
मनपसंद कपड़े - प्रश्न 1
मनपसंद कपड़े - प्रश्न 2
पहनने की चीज़ें: मुझे कुर्ता-पायजामा पहनना थोड़ा बेकार लगता है, खासकर अगर वह ढीला-ढाला हो।
खाने-पीने की चीज़ें: मुझे रोटी (अगर सूखी हो), दलिया, कुछ हरी सब्जियाँ (जैसे करेला) और कच्चा अनानास खाना बेकार लगता है।
करने के काम: मुझे कपड़े खुद साफ करना या जूते पॉलिश करना जैसे काम बेकार लगते हैं।
खेल: मुझे कबड्डी या पतंगबाजी जैसे खेल उतने पसंद नहीं हैं, इसलिए वे मुझे थोड़े बेकार लग सकते हैं।
Common mistakes
- बच्चों को केवल अधिकार मिलने पर ही ध्यान केंद्रित करना, जिम्मेदारियों को अनदेखा करना।
- कहानी के पात्रों के दृष्टिकोण को पूरी तरह से न समझना।
- 'बादशाहत' जैसे शब्दों के अर्थ को सतही तौर पर लेना।
- अपनी कल्पना का उपयोग करने में संकोच करना।
Revision tips
- कहानी को ध्यान से पढ़ें और पात्रों के कार्यों और विचारों पर ध्यान दें।
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को कहानी के संदर्भ में समझने का प्रयास करें।
- उन स्थितियों की कल्पना करें जहाँ आपको एक दिन के लिए बड़ों के अधिकार मिलते हैं और अपनी प्रतिक्रियाओं के बारे में सोचें।
- कहानी के मुख्य संदेश को समझने के लिए चर्चा करें।
Practice MCQs
Q1. अब्बा ने बच्चों की बात क्यों मान ली?
Explanation: अब्बा ने सोचा कि बच्चों की बात मान लेनी चाहिए और वे यह देखने के लिए उत्सुक थे कि बच्चे कैसे व्यवहार करते हैं।
Q2. एक दिन की बादशाहत के बाद आरिफ़ ने क्या सोचा होगा?
Explanation: आरिफ़ को एक दिन की बादशाहत बहुत पसंद आई और उसने सोचा कि काश ऐसा दिन रोज़ होता।
Q3. कहानी में 'बादशाहत' शब्द का क्या अर्थ है?
Explanation: कहानी के संदर्भ में, 'बादशाहत' का अर्थ है अपनी मर्जी से सब कुछ करना और घर के सभी सदस्यों को आदेश देना।
Q4. बच्चों ने अम्मी के कौन से अधिकार छीन लिए थे?
Explanation: बच्चों ने अम्मी के डाँटने, मनपसंद भोजन बनवाने और पाबंदियाँ लगाने जैसे अधिकार छीन लिए थे।
Q5. कहानी में तर माल किसे कहा गया है?
Explanation: कहानी में अंडे और मक्खन जैसी चीज़ों को 'तर माल' कहा गया है, जो आमतौर पर विशेष अवसरों पर खाई जाती हैं।
Frequently asked questions
यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह समाधान कक्षा 5 के हिंदी विषय के लिए है, जो 'रिमझिम' पुस्तक के अध्याय 10 'एक दिन की बादशाहत' पर आधारित है।
इस समाधान में क्या शामिल है?
इसमें 'एक दिन की बादशाहत' कहानी के सभी प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर शामिल हैं, जो छात्रों को कहानी को गहराई से समझने में मदद करते हैं।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान कहानी के मुख्य बिंदुओं, पात्रों के विचारों और महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए बहुत उपयोगी हैं।
कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
कहानी का मुख्य संदेश यह है कि बच्चों को अपनी इच्छाओं के साथ-साथ जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए, और बड़ों को भी बच्चों की बातों और इच्छाओं को सुनना चाहिए।
'बादशाहत' का क्या अर्थ है?
कहानी के संदर्भ में, 'बादशाहत' का अर्थ है एक दिन के लिए घर के सभी अधिकार प्राप्त करना और अपनी मर्जी से सब कुछ करना, जैसे एक बादशाह अपने राज्य में करता है।
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