कक्षा 5 हिंदी NCERT समाधान: अध्याय 9 एक माँ की बेबसी

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यह पृष्ठ कक्षा 5 हिंदी की पुस्तक के अध्याय 9, 'एक माँ की बेबसी' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय एक ऐसे बच्चे के इर्द-गिर्द घूमता है जो बोल नहीं सकता और उसकी माँ की भावनाओं को दर्शाता है। समाधान कविता की पंक्तियों के अर्थ, बच्चे की 'अंदर की छटपटाहट' और 'घबराहट' के कारणों, और 'बेबस' जैसे शब्दों के प्रयोग को स्पष्ट करते हैं। इसमें भाषा के विभिन्न प्रयोगों, जैसे 'टूटे खिलौने' की उपमा, और आँखों से जुड़े मुहावरों की व्याख्या भी शामिल है। ये समाधान छात्रों को कविता के गहन अर्थों को समझने, पात्रों की भावनाओं का विश्लेषण करने और भाषा के रचनात्मक उपयोग को सीखने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter9 एक माँ की बेबसी

Chapter summary

कक्षा 5 हिंदी के अध्याय 9 'एक माँ की बेबसी' के ये NCERT समाधान कविता के मूल भाव को समझने में मदद करते हैं। इसमें एक बोल न सकने वाले बच्चे की भावनाओं, उसकी माँ की लाचारी और समाज के साथ उसके संवाद की कठिनाइयों पर प्रकाश डाला गया है। समाधान कविता के कठिन शब्दों, जैसे 'बेबस', 'छटपटाहट', 'घबराहट' की व्याख्या करते हैं और 'टूटे खिलौने' जैसी उपमाओं को स्पष्ट करते हैं। यह छात्रों को कविता के पात्रों की भावनाओं को गहराई से समझने और भाषा के विभिन्न प्रयोगों को पहचानने में सहायता करता है।

Learning outcomes

  • कविता 'एक माँ की बेबसी' के केंद्रीय भाव को समझना।
  • एक बोल न सकने वाले बच्चे की भावनाओं और उसकी माँ की लाचारी का विश्लेषण करना।
  • 'छटपटाहट' और 'घबराहट' जैसी भावनाओं के विभिन्न संदर्भों को पहचानना।
  • कविता में प्रयुक्त उपमाओं और मुहावरों के अर्थ को समझना।
  • भाषा के रचनात्मक प्रयोगों को पहचानना और उनका अर्थ समझना।

Topics covered

Paper topics

  • कविता का भावार्थ
  • बच्चे की भावनाएँ (छटपटाहट, घबराहट)
  • माँ की बेबसी
  • शब्दों के अर्थ (बेबस, बेचैन, बेजान)
  • उपमाओं का प्रयोग (टूटे खिलौने)
  • आँखों से जुड़े मुहावरे
  • संवाद की कठिनाई
  • भावनाओं की अभिव्यक्ति

Important topics

  • कविता का केंद्रीय भाव और पात्रों की भावनाएँ
  • बच्चे की 'छटपटाहट' और 'घबराहट' के कारण
  • माँ की बेबसी का चित्रण
  • भाषा के प्रयोग: 'बेबस' शब्द और मुहावरे

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Questions and Solutions

एक माँ की बेबसी

कविता से

  1. यह बच्चा कवि के पड़ोस में रहता था, फिर भी कविता ‘अट्टश्य पड़ोस’ से शुरु होती है। इसके कई अर्थ हो सकते हैं, जैसे-
  • (क) किव को मालूम नहीं था कि यह बच्चा ठीक-ठीक किस घर में रहता था।
  • (ख) पड़ोस में रहने वाले बाकी बच्चे एक-दूसरे से बातें करते थे, पर यह बच्चा बोल नहीं पाता था, इसलिए पड़ोसी होने के बावजूद वह दूसरे बच्चों के लिए अनजाना था।

इन दो में से कौन-सा अर्थ तुम्हें ज़्यादा सही लगता है? क्या कोई और अर्थ भी हो सकता है?

उत्तर (क) कवि को मालूम नहीं था कि यह बच्चा ठीक-ठीक किस घर में रहता था।

  1. ‘अंदर की छटपटाहट’ उसकी आँखों में किस रूप में प्रकट होती थी?
  • (क) चमक के रूप में
  • (ख) डर के रूप में
  • (ग) जल्दी घर लौटने की इच्छा के रूप में

उत्तर (ख) डर के रूप में।

तरह-तरह की भावनाएँ

नीचे लिखी भावनाएँ कब या कहाँ महसूस होती हैं?

  • (क) छटपटाहट
  • अधीरता – कहीं जाने की जल्दी हो और जाना संभव न हो। जैसे—स्कूल की छुट्टी में अभी काफ़ी देर हो, पर घर पर ऐसा कोई मेहमान आने वाला हो जिसे तुम बहुत पसंद करते हो।

इच्छा − किसी चीज़ को पाने की इच्छा हो पर वह तुरंत न मिल सकती हो। जैसे-भूख लगी हो,

पर खाना तैयार न हो।

संदेश − हम कोई संदेश देना चाह रहे हों पर दूसरे समझ न पा रहे हों। जैसे-शिक्षक से कहना हो

कि घंटी बज गई है, अब पढ़ाना बंद करें, पर उन्हें घंटी सुनाई न दी हो।

इनमें से कौन-सा अर्थ या संदर्भ इस बच्चे पर लागू होता है?

उत्तर ‘छटपटाहट’ तब महसूस होती है जब हम अपनी इच्छानुसार काम नहीं करवा पाते हैं। ऊपर ‘छटपटाहट’ के तीन अर्थ या संदर्भ दिए हुए हैं। इनमें से ‘संदेश वाला’ अर्थ बच्चे पर लागू होता है। रतन इशारों में अपनी बात अपने साथ खेलने वाले बच्चों तक पहुँचाना चाहता है। परन्तु बच्चे उसके इशारों को नहीं समझ पाते हैं। इस पर वह छटपटाहट महसूस करता है।

  • (ख) घबराहट : हमें जब किसी बात की आशंका हो तो घबराहट महसूस होती है। जैसे—
  • (क) अँधेरा होने वाला हो और हम घर से काफ़ी दूर हों या अकेले हों।
  • (ख) समय कम हो और हमें कोई काम पूरा कर लेना हो-जैसे परीक्षा में देखा जाता है।
  • (ग) यह डर हो कि दूसरे के मन में क्या चल रहा है।

जैसे-पापा को मालूम चल गया हो कि काँच का गिलास तुमसे टूटा है।

  1. जो बच्चा बोल नहीं सकता, वह किस-किस बात की आशंका से ‘घबराहट’ महसूस कर सकता है?

उत्तर लोग उसके इशारों को ठीक-ठीक समझ पा रहे हैं या नहीं।

कहीं कोई बेवजह डाँटने न लगे।

कहीं कोई हम उम्र बच्चा उसे चिढ़ाने न लगे।

"थोड़ा घबराते भी थे हम उससे, क्योंिक समझ नहीं पाते थे उसकी घबराहटों को"

रतन क्या सोचकर घबराता होगा?

अपने दोस्तों से पूछकर पता करो, कौन क्या सोचकर और किस काम को करने में घबराता है। कारण भी पता करो।

दोस्त⁄सहेली का नाम किस बात से घबराता है? घबराने का कारण

अमर अकेलेपन से अकेला पाकर कोई उसे पकड़ न ले।

सुगन्धा अँधेरे से कहीं बिल्ली न आ जाए।

सुचिता पहाड़ों से कहीं पहाड़ उस पर गिर न जाए।

सौरभ नदी से कहीं अचानक नदी में बाढ़ न आ

जाए और उसे डुबा न ले।

भाषा के रंग

  1. कवि ने इस बच्चे को ‘टूटे खिलौने’ की तरह बताया है। जब कोई खिलौना टूट जाता है तो वह उस तरह से काम नहीं कर पाता जिस तरह से पहुले करता था। संदर्भ के अनुसार खाली स्थान भरो।

खिलौना टूटने का कारण नतीजा

गाड़ी पहिया निकल जाने पर चल नहीं पाती

गुड़िया सीटी निकल जाने पर बज नहीं पाती

गेंद हवा निकल जाने पर उछल नहीं पाती

जोकर चाबी निकल जाने पर हँसा नहीं पाता।

  1. ‘बेबस’ शब्द ‘बे’ और ‘वश’ को जोड़कर बना है। यहाँ बे का अर्थ ‘बिना’ है। नीचे दिए शब्दों में यही ‘बे’ छिपा है। इस सूची में तुम और कितने शब्द जोड़ सकती हो?

बेजान बेचैन ........

बेसहारा बेहिसाब ******** ******** उत्तर • बेवजह • बेशर्म बेघर

  • बेतरतीब बेईमान बेतार

देखने के तरीके

  1. इस कविता में देखने से संबंधित कई शब्द आए हैं। ऐसे छह शब्द छाँटकर लिखो।

उत्तर • अदृश्य • देखने में • इशारे • निहारती • आँखों में • झलकती

  1. "माँ की आँखों में झलकती उसकी बेबसी" आँखें बहुत कुछ कहती हैं। वे तरह-तरह के भाव लिए हुए होती हैं। नीचे ऐसी कुछ आँखों का वर्णन है। इनमें से कौन-सी नज़रें तुम पहचानते हो-
  • सहमी नज़रें • प्यार भरी नज़रें • क्रोध भरी आँखें • उनींदी आँखें • शरारती आँखें • डरावनी आँखें।

उत्तर मैं इन नज़रों को पहचानता हूँ-

प्यार भरी नज़रें

क्रोध भरी आँखें शरारती आँखें डरावनी आँखें।

  1. नीचे आँखों से जुड़े कुछ मुहावरे दिए गए हैं। तुम इनका प्रयोग किन संदर्भों में करोगे?

- आँख दिखाना ● नज़र चुराना ● आँख का तारा ● नज़रें फेर लेना ● आँख पर पर्दा पड़ना

उत्तर • आँख दिखाना-बच्चा जब जिद पर अड़ गया तो माँ ने आँखें दिखाईं। (डराने के अर्थ में)

नज़र चुराना—झूठ बोलकर वह निकल तो गया लेकिन उसके बाद मुझसे नज़रें चुराने लगा। (किसी की नज़र से ओझल होने की कोशिश करना।)

आँख का तारा–रतन अपनी माँ की <u>आँखों का तारा</u> था। (प्यारा)

नज़रें फेर लेना—मतलब पूरा होते ही उसने नज़रें फेर लीं। (बदल गया)

आँख पर पर्दा पड़ना—िम. सिन्हा को अपने बेटे की गलती नज़र नहीं आती। उनकी आँखों पर पर्दा पड़ा हुआ है। (नहीं दिखना)

माँ

“याद आती रतन से अधिक

उसकी माँ की आँखों में झलकती उसकी बेबसी"

रतन की माँ की आँखों में किस तरह की बेबसी झलकती होगी?

उत्तर अपने बेटे को बोल सकने में असमर्थ देखकर।

2. अपनी माँ के बारे में सोचते हुए नीचे लिखे वाक्यों को पूरा करो-

  • (क) मेरी माँ बहुत खुश होती हैं जब मैं अच्छे अंकों से परीक्षा में पास होता हूँ।
  • (ख) माँ मुझे इसलिए डाँटती हैं क्योंकि मुझे गलती का अहसास हो और दोबारा वह गलती न करूं।
  • (ग) मेरी माँ चाहती है कि मैं एक नेक और सच्चा इंसान बनूं।
  • (घ) माँ उस समय बहुत बेबस हो जाती है जब मैं कभी बीमार पड़ जाता हूँ।
  • (ङ) मैं चाहती ता हूँ कि मेरी माँ की आयु लम्बी और स्वस्थ हो।

Common mistakes

  • कविता के प्रतीकात्मक अर्थों को समझने में कठिनाई।
  • 'बेबस' जैसे शब्दों के उपसर्ग और मूल शब्द को अलग करने में भ्रम।
  • आँखों से जुड़े मुहावरों के शाब्दिक और लाक्षणिक अर्थ में अंतर न कर पाना।
  • बच्चे की 'छटपटाहट' और 'घबराहट' के कारणों को गलत समझना।

Revision tips

  • कविता को बार-बार पढ़ें और उसके मुख्य भाव को समझने का प्रयास करें।
  • कठिन शब्दों और मुहावरों के अर्थ को अपनी भाषा में लिखें।
  • बच्चे और माँ की भावनाओं को समझने के लिए कविता की पंक्तियों पर विचार करें।
  • अभ्यास प्रश्नों के उत्तर स्वयं लिखने का प्रयास करें और फिर समाधान से मिलान करें।

Practice MCQs

Q1. कविता में बच्चे को 'टूटे खिलौने' की तरह क्यों बताया गया है?

Q2. बच्चे की 'अंदर की छटपटाहट' उसकी आँखों में किस रूप में प्रकट होती थी?

Q3. 'बेबस' शब्द में 'बे' का क्या अर्थ है?

Q4. माँ की आँखों में झलकती बेबसी का मुख्य कारण क्या था?

Q5. कविता में 'आँख का तारा' मुहावरे का क्या अर्थ है?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह समाधान CBSE बोर्ड की कक्षा 5 के हिंदी विषय के लिए है, जो अध्याय 9 'एक माँ की बेबसी' पर आधारित है।

कविता 'एक माँ की बेबसी' में मुख्य विषय क्या है?

कविता का मुख्य विषय एक ऐसे बच्चे की लाचारी है जो बोल नहीं सकता, और उसकी माँ की उस लाचारी को देखकर उत्पन्न होने वाली बेबसी और भावनाओं का चित्रण है।

समाधान में 'छटपटाहट' और 'घबराहट' का क्या अर्थ समझाया गया है?

समाधान में 'छटपटाहट' को तब महसूस होने वाली बेचैनी बताया गया है जब हम अपनी इच्छा अनुसार काम नहीं कर पाते या अपनी बात कह नहीं पाते। 'घबराहट' को किसी आशंका या डर के कारण महसूस होने वाली बेचैनी के रूप में समझाया गया है।

क्या इन समाधानों में कविता के कठिन शब्दों की व्याख्या भी है?

हाँ, समाधानों में 'बेबस' जैसे शब्दों के अर्थ और उनके उपसर्गों को समझाया गया है, साथ ही 'टूटे खिलौने' जैसी उपमाओं और आँखों से जुड़े मुहावरों की भी व्याख्या की गई है।

यह समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेगा?

यह समाधान छात्रों को कविता के भावार्थ, पात्रों की भावनाओं और भाषा के प्रयोगों को गहराई से समझने में मदद करेगा, जिससे वे परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का सटीक उत्तर दे सकेंगे।

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