CBSE Class 8 Sanskrit Chapter 6: प्रेमलस्य प्रेमल्याश्च कथा NCERT Solutions

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This chapter, 'प्रेमलस्य प्रेमल्याश्च कथा' (The Story of Premal and Premali), from CBSE Class 8 Sanskrit, focuses on understanding vocabulary, grammar, and sentence construction through a narrative. The NCERT Solutions provided here break down each question, offering clear explanations and step-by-step answers. Students will learn to identify prefixes (उपसर्ग), analyze verbs by separating their root (धातु) and suffix (प्रत्यय), and understand the usage of different grammatical forms. The solutions also cover vocabulary enrichment by matching synonyms and arranging sentences according to the sequence of events. This detailed approach aids students in grasping the nuances of Sanskrit language and prepares them effectively for examinations by reinforcing concepts and improving comprehension skills.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectसंस्कृत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter6. प्रेमलस्य प्रेमल्याश्च कथा

Chapter summary

Chapter 6, 'प्रेमलस्य प्रेमल्याश्च कथा', offers NCERT Solutions in Hindi for Class 8 Sanskrit. It focuses on grammatical exercises including identifying prefixes, separating verb roots and suffixes, and understanding compound words. The chapter also includes vocabulary building through synonyms and sequencing sentences based on a narrative. These solutions provide a clear, step-by-step approach to mastering the chapter's content, enhancing language proficiency and exam readiness.

Learning outcomes

  • Understand the meaning of new Sanskrit words and phrases.
  • Identify and separate prefixes (उपसर्ग) from given words.
  • Analyze verbs by identifying their root (धातु) and suffix (प्रत्यय).
  • Match synonyms to expand vocabulary.
  • Arrange sentences in the correct chronological order.
  • Comprehend the narrative structure of the story.

Topics covered

Paper topics

  • उपसर्ग (Prefixes)
  • धातु और प्रत्यय (Verb Root and Suffix)
  • समानार्थक शब्द (Synonyms)
  • घटनाक्रम (Chronological Order)
  • क्रियापद विश्लेषण (Verb Analysis)
  • संस्कृत व्याकरण (Sanskrit Grammar)
  • शब्द-भंडार वृद्धि (Vocabulary Enhancement)
  • वाक्य संरचना (Sentence Structure)

Important topics

  • उपसर्गों की पहचान और पृथक्करण
  • धातु और प्रत्यय का विश्लेषण
  • समानार्थक शब्दों का प्रयोग
  • वाक्यों को घटनाक्रम में व्यवस्थित करना
  • क्रियापदों का उपसर्ग सहित विश्लेषण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1: एक पद में उत्तर दीजिए।

1. एकपदेन उत्तरत-(एक पद में उत्तर दीजिए-)

(क) प्रेमलः कथं श्रान्तः आसीत्?

(ख) प्रेमल: कदा गृहम् आगच्छत्?

(ग) प्रेमल: कानि प्राज्वालयत्?

(घ) चुल्लीं प्रज्वालयितुं ग्रेमलः किं कृतवान्?

(ङ) प्रेमली कस्य पत्नी आसीत्?

Solution:

इस प्रश्न में दिए गए वाक्यों के आधार पर एक पद में उत्तर देना है:

(क) प्रेमल काठ (लकड़ी) काटने के कारण थका हुआ था।

(ख) प्रेमल सायंकाल घर आया।

(ग) प्रेमल ने लकड़ियाँ जलाईं।

(घ) चूल्हा जलाने के लिए प्रेमल ने फूंक मारी।

(ङ) प्रेमली, प्रेमल की पत्नी थी।

प्रश्न 2: निम्नलिखित पदों में उपसर्गों का चयन करके पृथक् लिखिए।

2. अधोलिखितेषु पदेषु उपसर्गं चित्वा पृथक् कुरुत-(निम्नलिखित पदों में उपसर्गों का चयन करके पृथक् लिखिए-) यथा- अपगमिष्यति = अप + गमिष्यति अवतारय .....+ ...... प्रज्ज्वाल्य = .....+ ...... प्रहार: = .....+ ..... पराजय: = .....+ ..... उपहार: = .....+ .....
Solution:

इस प्रश्न में दिए गए शब्दों से उपसर्गों को पहचानकर अलग करना है। उपसर्ग शब्द के आरम्भ में जुड़कर उसके अर्थ को बदलते हैं।

  • अवतारय = अव + तारय
  • प्रज्ज्वाल्य = प्र + ज्वाल्य
  • प्रहार: = प्र + हार:
  • पराजय: = परा + जय:
  • उपहार: = उप + हार:

प्रश्न 3: निम्नलिखित पदों में से धातु और प्रत्यय पृथक् कीजिए।

3. अधोलिखितेषु पदेषु उदाहरणानुसारेण धातुं प्रत्ययं च पृथक् कुरुत-(निम्नलिखित पदों में से उदाहरण के अनुसार धातु और प्रत्यय पृथक् कीजिए-)

(क) पदानि धातुः प्रत्यय:

यथा - गत्वा = गम् + क्त्वा

कृत्वा ..... + .......

भृत्वा ..... + ......

स्नात्वा ...... + .......

(ख) यथा - पठितुम् = पठ् + तुमुन्

कर्तुम् /= ..... + .....

खादितुम् = ..... + .....

द्रष्टुम् ..... + ......

(ग) पदानि उपसर्गः धातुः प्रत्ययः

यथा - आनीय = आ + नी + ल्यप्

आगत्य ..... + ...... + ......................

निधाय = ..... + ...... + ....................

आदाय ..... + ...... + ......................

संस्पृश्य = ..... + ...... + ....................

Solution:

इस प्रश्न में क्रिया शब्दों को उनके मूल धातु, प्रत्यय और उपसर्ग (यदि हो) में विभाजित करना है। (क)

  • कृत्वा = कृ + क्त्वा
  • भृत्वा = भृ + क्त्वा
  • स्नात्वा = स्ना + क्त्वा

(ख)

  • कर्तुम् = कृ + तुमुन्
  • खादितुम् = खाद् + तुमुन्
  • द्रष्टुम् = दृश् + तुमुन्

(ग)

  • आगत्य = आ + गम् + ल्यप्
  • निधाय = नि + धा + ल्यप्
  • आदाय = आ + दा + ल्यप्
  • संस्पृश्य = सम् + स्पृश् + ल्यप्

प्रश्न 4: मञ्जूषा से समानार्थक पदों का चयन करके रिक्तस्थानों की पूर्ति कीजिए।

4. मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-(मञ्जूषा से समानार्थक पदों का चयन करके रिक्तस्थानों की पूर्ति कीजिए-) निकटे अधुना कथयति ददासि हस्तेन संस्थाप्य पुष्पम् तनुः

करेण ****************** कुसुमम् *******************

यच्छिस = ******************* स्थापयित्व ******************

वदति • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • साम्प्रतम् ........

शरीरम् *************************************** पार्श्वे ........

Solution:

इस प्रश्न में दिए गए मञ्जूषा (शब्द-कोश) से समानार्थक शब्दों को चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति करनी है।

  1. करेण (हाथ से) = हस्तेन (हाथ से)
  2. पुष्पम् (फूल) = कुसुमम् (फूल)
  3. यच्छसि (देते हो) = ददासि (देते हो)
  4. स्थापयित्वा (रखकर) = संस्थाप्य (रखकर)
  5. वदति (कहता है) = कथयति (कहता है)
  6. साम्प्रतम् (अब) = अधुना (अब)
  7. शरीरम् (शरीर) = तनुः (शरीर)
  8. पार्श्वे (पास) = निकटे (पास)

प्रश्न 5: निर्देशानुसार उपसर्ग और क्रियापद पृथक् कीजिए।

5. निर्देशानुसारं उपसर्गं क्रियापदं च पृथक् कुरुत-(निर्देशानुसार और क्रिया पदों के उपसर्ग पृथक् कीजिए-) यथा- प्राचलत् = प्र + अचलत् निरिदशत् = ****** + ********** आगच्छत् = ..... + ...... अवातारयत् = ..... + ...... पराभवत् ••••••• 11

प्राक्षालयत् = ****** + **********

Solution:

इस प्रश्न में दिए गए क्रियापदों से उनके उपसर्ग और मूल क्रियापद को अलग करना है।

  • निरिदशत् = नि: + अदिशत्
  • आगच्छत् = आ + अगच्छत्
  • अवातारयत् = अव + अतारयत्
  • पराभवत् = परा + अभवत्
  • प्राक्षालयत् = प्र + अक्षालयत्

प्रश्न 6: निम्नलिखित वाक्यों को घटनाक्रम के अनुसार लिखिए।

6. अधोलिखितानि वाक्यानि घटनाक्रमानुसारं लिखत-(निम्नलिखित वाक्यों को घटनाक्रम के अनुसार लिखए-)

(क) सः हण्डीमवातारयत्।

(ख) सः चुल्लीमज्वालयत्।

(ग) स: हण्डीं स्नानगृहे अस्थापयत्।

(घ) सः घटे जलमभरत्।

(ङ) प्रेमल: गृहमागच्छत्।

(च) सः जलमुष्णमकरोत्।

(छ) सः भोजनमकरोत्।

(ज) सः स्नानमकरोत्।

Solution:

इस प्रश्न में दिए गए वाक्यों को कहानी के अनुसार सही क्रम में व्यवस्थित करना है। प्रेमल के घर आने के बाद की घटनाओं का सही क्रम इस प्रकार है:

  1. (ङ) प्रेमल: गृहमागच्छत्। (प्रमल घर आया।)
  2. (घ) सः घटे जलमभरत्। (उसने घड़े में पानी भरा।)
  3. (क) सः हण्डीमवातारयत्। (उसने हांडी को नीचे उतारा।)
  4. (ख) सः चुल्लीमज्वालयत्। (उसने चूल्हा जलाया।)
  5. (च) सः जलमुष्णमकरोत्। (उसने पानी को गरम किया।)
  6. (ग) स: हण्डीं स्नानगृहे अस्थापयत्। (उसने हांडी को स्नानघर में रखा।)
  7. (ज) सः स्नानमकरोत्। (उसने स्नान किया।)
  8. (छ) सः भोजनमकरोत्। (उसने भोजन बनाया।)

Common mistakes

  • Incorrectly identifying prefixes or verb roots/suffixes.
  • Confusing similar-sounding words or their meanings.
  • Errors in determining the correct chronological order of events.
  • Misinterpreting the grammatical function of words.

Revision tips

  • Practice identifying prefixes and verb components regularly.
  • Create flashcards for new vocabulary and their synonyms.
  • Rewrite the story in your own words after understanding the sequence.
  • Attempt the exercises without looking at the answers first to test your understanding.

Practice MCQs

Q1. प्रश्न 1 (क) के अनुसार प्रेमल क्यों थका हुआ था?

Q2. प्रश्न 2 में 'प्रज्ज्वाल्य' शब्द में उपसर्ग क्या है?

Q3. प्रश्न 3 (क) के अनुसार 'कृत्वा' का धातु और प्रत्यय क्या है?

Q4. प्रश्न 4 में 'करेण' का समानार्थक शब्द क्या है?

Q5. प्रश्न 5 में 'आगच्छत्' क्रियापद का उपसर्ग क्या है?

Q6. प्रश्न 6 में घटनाओं का सही क्रम क्या है?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह समाधान CBSE कक्षा 8 संस्कृत विषय के लिए है, विशेष रूप से अध्याय 6: प्रेमलस्य प्रेमल्याश्च कथा पर केंद्रित है।

इन समाधानों से छात्रों को क्या सीखने को मिलेगा?

छात्र उपसर्गों की पहचान करना, क्रियाओं को उनके मूल धातु और प्रत्यय में विभाजित करना, समानार्थक शब्दों का मिलान करना और वाक्यों को घटनाक्रम के अनुसार व्यवस्थित करना सीखेंगे।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत उत्तर और स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद मिलती है।

प्रश्न 2 में उपसर्गों को कैसे पहचाना जाता है?

प्रश्न 2 में, दिए गए शब्दों से उपसर्ग को मूल शब्द से अलग करके पहचाना जाता है, जैसे 'अवतारय' में 'अव' उपसर्ग है।

प्रश्न 3 में धातु और प्रत्यय को अलग करने का क्या महत्व है?

प्रश्न 3 में धातु और प्रत्यय को अलग करने से छात्रों को क्रिया के मूल अर्थ और उसके निर्माण में प्रत्यय की भूमिका को समझने में मदद मिलती है।

प्रश्न 6 में वाक्यों को घटनाक्रम में व्यवस्थित करने का क्या उद्देश्य है?

प्रश्न 6 का उद्देश्य छात्रों की कहानी की समझ और घटनाओं के अनुक्रम को पहचानने की क्षमता का परीक्षण करना है।

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