CBSE Class 8 Hindi Vasant Chapter 1: Dhvani NCERT Solutions

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CBSE Class 8 Hindi Vasant Chapter 1 'Dhvani' NCERT Solutions explore the poem's hopeful and lively essence. The solutions detail the poet's confidence in his persistent spirit and his intention to rouse nature and people from their sleep. They also highlight the symbolic meaning of spring as the 'King of Seasons' and mention the cultural significance of spring celebrations like Holi. These solutions aim to help students comprehend the poem's subtleties and its core messages, offering clear, sequential explanations for all queries. They serve as a crucial tool for exam readiness, enabling students to effectively understand poetic techniques and thematic components.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
SubjectHindi Vasant III
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 1

Chapter summary

Chapter 1 'Dhvani' from the Hindi Vasant textbook for Class 8 focuses on themes of hope, renewal, and the poet's vibrant spirit. The NCERT Solutions cover questions related to the poet's optimism, his desire to awaken nature (flowers, buds) and people from lethargy, and the significance of spring as 'Rituras' (King of Seasons). It also includes a discussion on spring festivals and language-based exercises on word repetition and their usage.

Learning outcomes

  • Understand the poet's optimistic outlook and his belief in his own potential.
  • Analyze the poet's intention to awaken nature and young people from slumber.
  • Explain why spring is called the 'King of Seasons' (Rituras).
  • Identify and understand the significance of spring festivals.
  • Learn about the usage of repeated words and their effect in sentences.

Topics covered

Paper topics

  • Poem: Dhvani
  • Poet's optimism
  • Awakening nature and youth
  • Symbolism of spring (Rituras)
  • Spring festivals (Holi)
  • Language: Word repetition
  • Figurative language
  • Poetic interpretation

Important topics

  • Poet's belief in his enduring spirit
  • The role of spring as a season of renewal
  • The poet's mission to inspire and awaken
  • Understanding 'Rituras' and its characteristics
  • Usage of repeated words in Hindi

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

कवि को ऐसा विश्वास क्यों है कि उसका अंत अभी नहीं होगा?
Solution: कवि को यह दृढ़ विश्वास है कि उसका अंत अभी नहीं हुआ है क्योंकि उसके मन में अभी भी नई ऊर्जा, उत्साह और उमंग भरी हुई है। वह महसूस करता है कि उसके जीवन में अभी बहुत कुछ करना बाकी है, विशेष रूप से युवा पीढ़ी को आलस्य से निकालकर उनमें नई चेतना का संचार करना। यह आंतरिक जोश ही उसे विश्वास दिलाता है कि उसका समय अभी समाप्त नहीं हुआ है।

प्रश्न 2

फूलों को अनंत तक विकसित करने के लिए कवि कौन-कौन-सा प्रयास करता है?
Solution: कवि फूलों को अनंत तक विकसित करने के लिए उन्हें उनकी कली अवस्था से बाहर निकालकर पूर्ण रूप से खिला हुआ बनाना चाहता है। वह अपने कोमल हाथों के वासंती स्पर्श से कलियों को जगाकर उन्हें खिला देगा। कवि का मानना है कि उसके जीवन में वसंत का आगमन हो चुका है, इसलिए वह फूलों की आँखों से आलस्य को दूर भगाकर उन्हें सचेत और जागरूक करना चाहता है, ताकि वे पूरी तरह खिल सकें।

प्रश्न 3

कवि पुष्पों की तंद्रा और आलस्य दूर हटाने के लिए क्या करना चाहता है?
Solution: कवि पुष्पों की तंद्रा (नींद) और आलस्य को दूर करने के लिए उन पर अपना कोमल हाथ फेरकर उन्हें जगाना चाहता है। वह चाहता है कि वे आलस्य त्यागकर चुस्त, प्राणवान और पुष्पित हो जाएँ। इसके अतिरिक्त, कवि नींद में पड़े युवकों को भी प्रेरित करना चाहता है, उनमें नए उत्कर्ष के स्वप्न जगाना चाहता है, उनका आलस्य दूर भगाना चाहता है और उनमें नए उत्साह का संचार करना चाहता है।

प्रश्न 4

वसंत को ऋतुराज क्यों कहा जाता है? आपस में चर्चा कीजिए।
Solution: वसंत को 'ऋतुराज' अर्थात ऋतुओं का राजा कहा जाता है क्योंकि यह सभी ऋतुओं में सबसे अधिक मनमोहक और सुखद होती है। इस ऋतु के आगमन पर प्रकृति अपने पूरे यौवन पर होती है। सर्दी का प्रभाव कम हो जाता है और मौसम अत्यंत सुहावना हो जाता है। पंचतत्व (जल, वायु, धरती, आकाश, अग्नि) भी अपने उग्र रूप को छोड़कर सुखद हो जाते हैं। पेड़ों पर नए पत्ते आने लगते हैं, आम के पेड़ों पर बौर आ जाते हैं और खेतों में सरसों के पीले फूल खिल उठते हैं, जो सोने के सागर के समान प्रतीत होते हैं। कोयल अपनी मधुर कूक से वातावरण को मंत्रमुग्ध कर देती है। इस ऋतु में वसंत पंचमी और होली जैसे प्रमुख त्योहार भी मनाए जाते हैं, जो इसके उल्लास को और बढ़ाते हैं। इन सभी कारणों से वसंत ऋतु को ऋतुराज कहा जाता है।

प्रश्न 5

वसंत ऋतु में आनेवाले त्योहारों के विषय में जानकारी एकत्र कीजिए और किसी एक त्योहार पर निबंध लिखिए।
Solution: वसंत ऋतु में कई प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं, जिनमें वसंत पंचमी, महा शिवरात्रि और होली विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। होली पर निबंध: होली, रंगों और उमंग का एक अनुपम त्योहार है, जो फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार सर्दी को विदा देने और ग्रीष्म का स्वागत करने का प्रतीक है। संस्कृत साहित्य में इसे 'मदनोत्सव' के नाम से भी जाना जाता है। होली से जुड़ी एक पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद को अग्नि में जलाने के प्रयास में उसकी बुआ होलिका स्वयं जलकर भस्म हो गई थी। इसी घटना की स्मृति में प्रतिवर्ष होलिका दहन किया जाता है। अगले दिन, जिसे 'धुलेटी' या 'फाग' कहते हैं, लोग एक-दूसरे पर रंग और गुलाल डालकर खुशी मनाते हैं। इस दिन सामाजिक भेद-भाव मिट जाते हैं और सभी मिलकर आनंद मनाते हैं। लोग नाचते-गाते हैं और आपसी बैर भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं। हालांकि, यह महत्वपूर्ण है कि हम इस त्योहार की पवित्रता बनाए रखें और किसी भी प्रकार के अशोभनीय व्यवहार से बचें। हमें होली के आदर्शों के अनुरूप, प्रेम, एकता और सद्भाव को बढ़ावा देना चाहिए, न कि आपसी घृणा और वैर-भाव को। "होली के अवसर पर आओ एक दूजे पर गुलाल लगाएँ, अपने सब भेदभाव भूलाकर, प्रेम और सद्भाव बढ़ाएँ।"

भाषा की बात 1

'हरे-हरे', 'पुष्प-पुष्प' में एक शब्द की एक ही अर्थ में पुनरावृत्ति हुई है। कविता के 'हरे-हरे ये पात' वाक्यांश में 'हरे-हरे' शब्द युग्म पत्तों के लिए विशेषण के रूप में प्रयुक्त हुए हैं। यहाँ 'पात' शब्द बहुवचन में प्रयुक्त है। ऐसा प्रयोग भी होता है जब कर्ता या विशेष्य एक वचन में हो और कर्म, या क्रिया या विशेषण बहुवचन में; जैसे – वह लंबी-चौड़ी बातें करने लगा। कविता में एक ही शब्द का एक से अधिक अर्थों में भी प्रयोग होता है – "तीन बेर खाती ते वे तीन बेर खाती है।" जो तीन बार खाती थी वह तीन बेर (फल) खाने लगी है। एक शब्द 'बेर' का दो अर्थों में प्रयोग करने से वाक्य में चमत्कार आ गया। इसे यमक अलंकार कहा जाता है। कभी-कभी उच्चारण की समानता से शब्दों की पुनरावृत्ति का आभास होता है जबकि दोनों दो प्रकार के शब्द होते हैं; जैसे – मन का/मनका। ऐसे वाक्यों को एकत्र कीजिए जिनमें एक ही शब्द की पुनरावृत्ति हो। ऐसे प्रयोगों को ध्यान से देखिए और निम्नलिखित पुनरावृत शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए – बातों-बातों में, रह-रहकर, लाल-लाल, सुबह-सुबह, रातों-रात, घड़ी-घड़ी।
Solution: यहाँ दिए गए पुनरावृत शब्दों का वाक्यों में प्रयोग इस प्रकार है:
  • बातों-बातों में — बातों-बातों में कब शाम हो गई, पता ही नहीं चला।
  • रह-रहकर — कल रात से रह-रहकर बारिश हो रही थी, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
  • लाल-लाल — गुस्से में उसकी आँखें लाल-लाल हो गईं।
  • सुबह-सुबह — दादीजी सुबह-सुबह उठकर सैर के लिए जाती हैं।
  • रातों-रात — वह रातों-रात अमीर बन गया।
  • घड़ी-घड़ी — वह घड़ी-घड़ी अपनी घड़ी देख रहा था, मानो किसी का इंतज़ार कर रहा हो।

Common mistakes

  • Confusing the poet's personal feelings with general observations.
  • Not fully explaining the symbolic meaning of spring and its elements.
  • Incomplete answers for language-based questions on word repetition.
  • Overlooking the connection between the poem's themes and the festival discussions.

Revision tips

  • Read the poem 'Dhvani' carefully to grasp its central message of hope.
  • Focus on understanding the poet's actions and their symbolic meanings.
  • Pay attention to the explanation of why spring is called 'Rituras'.
  • Practice using the repeated words in sentences as shown in the solutions.
  • Connect the themes of renewal and awakening in the poem to the spirit of spring festivals.

Practice MCQs

Q1. कवि को अपने अंत का विश्वास क्यों नहीं है?

Q2. कवि फूलों को कहाँ से कहाँ विकसित करना चाहता है?

Q3. वसंत को 'ऋतुराज' क्यों कहा जाता है?

Q4. कविता में 'हरे-हरे ये पात' में 'हरे-हरे' शब्द का प्रयोग किसके लिए हुआ है?

Q5. होली का त्योहार किस माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह समाधान CBSE कक्षा 8 की हिंदी पाठ्यपुस्तक 'वसंत भाग III' के पहले अध्याय 'ध्वनि' के लिए हैं।

अध्याय 'ध्वनि' में मुख्य रूप से किन विषयों पर चर्चा की गई है?

अध्याय 'ध्वनि' में कवि के आशावादी दृष्टिकोण, प्रकृति और युवाओं को सुस्ती से जगाने की उसकी इच्छा, और वसंत ऋतु को 'ऋतुराज' कहने के कारणों पर चर्चा की गई है।

क्या इन समाधानों में भाषा अभ्यास शामिल हैं?

हाँ, इन समाधानों में 'भाषा की बात' के अंतर्गत शब्दों की पुनरावृत्ति और उनके वाक्यों में प्रयोग जैसे भाषा अभ्यास भी शामिल हैं।

वसंत को 'ऋतुराज' क्यों कहा जाता है?

वसंत को 'ऋतुराज' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस ऋतु में प्रकृति अपने पूरे यौवन पर होती है, मौसम सुहावना हो जाता है और चारों ओर एक नई ताजगी छा जाती है।

ये समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान कविता की गहरी समझ, मुख्य विचारों के स्पष्टीकरण और सभी अभ्यासों के विस्तृत उत्तर प्रदान करके परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं।

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