CBSE Class 8 Hindi Vasant Chapter 10: Kamchor NCERT Solutions

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CBSE Class 8 Hindi Vasant Chapter 10, 'Kamchor', introduces a humorous narrative about a family grappling with children who are reluctant to help with chores. This chapter vividly portrays the chaos that ensues when these habitually idle children are tasked with household responsibilities. The NCERT Solutions explore the root causes of their aversion to work, the comical yet impactful consequences of their actions on the family's daily life, and the essential message advocating for the inclusion of children in age-appropriate tasks. Through this chapter, students will engage with themes of responsibility, the intricacies of family relationships, and the crucial balance between enjoying childhood and contributing to the household. The solutions aim to enhance comprehension of the story, facilitate character analysis, and solidify understanding of the moral lessons, thereby supporting effective exam preparation.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
SubjectHindi Vasant III
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 10

Chapter summary

Chapter 10, 'Kamchor', of the Hindi Vasant textbook for Class 8, presents a humorous narrative about children who are reluctant to do any work. This solution set breaks down the story, explaining the characters' motivations, the chaotic events that unfold when they attempt chores, and the lessons learned by the family. It focuses on understanding the consequences of idleness and the importance of shared responsibilities within a family, offering clear answers to all chapter-end questions.

Learning outcomes

  • Understand the meaning and context of the term 'Kamchor' (lazy person) as used in the story.
  • Analyze the reasons behind the children's reluctance to perform household chores.
  • Describe the chaotic situations created by the children's attempts at housework.
  • Explain the message the story conveys about the importance of sharing responsibilities.
  • Evaluate the decisions made by the children and the parents in the story.
  • Differentiate between joint and nuclear families based on the story's context.

Topics covered

Paper topics

  • Meaning of 'Kamchor'
  • Children's reluctance to work
  • Consequences of idleness
  • Household chaos
  • Parental responsibility
  • Age-appropriate chores
  • Family cooperation
  • Joint vs. Nuclear families
  • Humor in literature
  • Moral lessons from stories

Important topics

  • The message of 'Kamchor' story
  • Children's role in household chores
  • Impact of laziness on family life
  • Importance of shared responsibilities
  • Differences between joint and nuclear families

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

कहानी में 'मोटे-मोटे किस काम के हैं' यह वाक्य किसके बारे में और क्यों कहा गया है?
Solution: कहानी में 'मोटे-मोटे किस काम के हैं' यह वाक्य बच्चों के बारे में कहा गया है। ऐसा इसलिए कहा गया है क्योंकि वे घर के किसी भी काम में हाथ नहीं बँटाते थे और सारा दिन केवल शरारतें करते रहते थे, जिससे वे किसी भी काम के नहीं रह गए थे।

प्रश्न 2

बच्चों द्वारा की गई ऊधम-मचाने की हरकतों से घर की क्या दुर्दशा हुई? विस्तार से बताइए।
Solution: जब बच्चों ने घर के काम करने की कोशिश की, तो उन्होंने बहुत ऊधम मचाया और घर की हालत बहुत खराब कर दी। मटके और सुराहियाँ लुढ़क गए, घर में धूल और कीचड़ फैल गया। भेड़ें मटर की सब्जी बनने से पहले ही खा गईं और मुर्गियों के कारण कपड़े गंदे हो गए। इस अव्यवस्था के कारण घर की शांति भंग हो गई और अम्मा ने घर छोड़ने तक का फैसला कर लिया।

प्रश्न 3

अम्मा ने पिताजी से यह कब कहा, "या तो बच्चाराज कायम कर लो या मुझे ही रख लो।" और इस कथन का क्या परिणाम हुआ?
Solution: अम्मा ने यह बात तब कही जब बच्चों द्वारा घर के काम करने की कोशिश के बाद घर की हालत बहुत ज़्यादा बिगड़ गई और सब कुछ अस्त-व्यस्त हो गया। इस कथन का परिणाम यह हुआ कि पिताजी ने बच्चों को घर के किसी भी काम को हाथ न लगाने की हिदायत दे दी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी ने काम करने की कोशिश की तो उसे रात का खाना नहीं मिलेगा।

प्रश्न 4

'कामचोर' कहानी हमें क्या महत्वपूर्ण संदेश देती है?
Solution: 'कामचोर' कहानी एक हास्यप्रद कहानी है जो हमें यह महत्वपूर्ण संदेश देती है कि बच्चों को घर के कामों से पूरी तरह दूर नहीं रखना चाहिए। उनकी उम्र, स्वभाव और रुचि को ध्यान में रखते हुए उन्हें छोटे-छोटे काम सिखाने चाहिए, ताकि उनमें बचपन से ही काम के प्रति लगन और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो, न कि काम से ऊब या घृणा पैदा हो।

प्रश्न 5

क्या बच्चों ने यह उचित निर्णय लिया कि अब चाहे कुछ भी हो जाए, वे हिलकर पानी भी नहीं पिएँगे? अपने विचार व्यक्त कीजिए।
Solution: बच्चों द्वारा यह निर्णय लेना कि वे हिलकर पानी भी नहीं पिएँगे, बिल्कुल भी उचित नहीं था। इस तरह का निर्णय उन्हें और भी अधिक कामचोर बना देगा और वे कभी भी कोई काम करना नहीं सीख पाएँगे। बच्चों को काम करना चाहिए, लेकिन समझदारी के साथ। बड़ों का कर्तव्य है कि वे बच्चों को काम सिखाएँ और आवश्यकता पड़ने पर उनका मार्गदर्शन करें।

प्रश्न 6

घर के सामान्य काम हों या अपना निजी काम, प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुरूप उन्हें करना क्यों आवश्यक है?
Solution: घर के सामान्य काम हों या अपना निजी काम, प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार उन्हें करना आवश्यक है क्योंकि अपनी क्षमता के अनुरूप किया गया कार्य ही सही और सुचारु रूप से पूरा होता है। यदि हम अपने काम स्वयं नहीं करेंगे तो हम कामचोर बन जाएँगे और आत्मनिर्भर नहीं रह पाएँगे। यह व्यक्तिगत विकास और परिवार के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।

प्रश्न 7

'कामचोर' कहानी के आधार पर निर्णय कीजिए कि भरा-पूरा परिवार कब सुखद बन सकता है और कब दुखद?
Solution: 'कामचोर' कहानी के आधार पर, एक भरा-पूरा परिवार तब सुखद बन सकता है जब परिवार के सभी सदस्य मिल-जुलकर अपनी क्षमता के अनुसार घर के कामों में हाथ बँटाएँ और एक-दूसरे का सहयोग करें। इसके विपरीत, यह परिवार तब दुखद बन जाता है जब सदस्य स्वार्थ भावना से कार्य करें, काम से जी चुराएँ और एक-दूसरे पर बोझ बनें, जैसा कि कहानी में बच्चों के कामचोर होने के कारण हुआ।

प्रश्न 8

'कामचोर' कहानी के आधार पर अपने विचार व्यक्त कीजिए कि बड़े होते बच्चे किस प्रकार माता-पिता के सहयोगी हो सकते हैं और किस प्रकार भार?
Solution: बड़े होते बच्चे अपने माता-पिता के सहयोगी तब बन सकते हैं जब वे अपने छोटे-मोटे काम स्वयं करें, जैसे स्कूल के लिए खुद तैयार होना, अपने खाने के बर्तन सही जगह पर रखना, और अपने कमरे को व्यवस्थित रखना। यदि बच्चों को उनके कार्य करने की सीख नहीं दी जाती है और वे काम से बचते हैं, तो वे सहयोग करने के बजाय माता-पिता के लिए भार बन जाते हैं। यदि उनसे कोई काम कराया भी जाए तो वे उसे ठीक से करने के बजाय बिगाड़ देते हैं, जैसा कि कहानी में बच्चों ने घर का हाल करके दिखाया। इसलिए, माता-पिता को बच्चों को उनकी उम्र और रुचि के अनुसार काम सिखाना चाहिए ताकि वे सहयोगी बन सकें।

प्रश्न 9

'कामचोर' कहानी किस प्रकार के परिवार की कहानी है? इन दोनों तरह के परिवारों (एकल और संयुक्त) में क्या-क्या अंतर होते हैं?
Solution: 'कामचोर' कहानी एक संयुक्त परिवार की कहानी है। एकल परिवार में आमतौर पर सदस्यों की संख्या कम होती है, जैसे माता-पिता और बच्चे। इसमें सारा काम स्वयं करना पड़ता है और सुख-दुख का सामना अकेले करना पड़ता है। इसके विपरीत, संयुक्त परिवार में सदस्यों की संख्या अधिक होती है, जिसमें चाचा-चाची, ताऊ-ताई, दादा-दादी आदि शामिल होते हैं। संयुक्त परिवार में काम मिल-जुलकर किए जाते हैं और सुख-दुख में सभी सदस्य एक-दूसरे का साथ देते हैं।

Common mistakes

  • Assuming the children's actions were justified due to their age.
  • Not understanding the underlying message about teaching children responsibility.
  • Confusing the story's humor with a lack of serious moral lesson.
  • Failing to connect the children's behavior to the family structure (joint vs. nuclear).

Revision tips

  • Read the story 'Kamchor' carefully to grasp the sequence of events.
  • Focus on the characters' dialogues and actions to understand their motivations.
  • Pay attention to the consequences of the children's 'help' on the household.
  • Reflect on the moral of the story regarding children's participation in chores.
  • Compare and contrast the situations in joint and nuclear families as discussed in the solutions.

Practice MCQs

Q1. कहानी में 'मोटे-मोटे किस काम के हैं' किसके लिए कहा गया है?

Q2. बच्चों के ऊधम मचाने से घर की क्या स्थिति हो गई?

Q3. अम्मा ने पिताजी से क्या कहा जब घर की हालत बिगड़ गई?

Q4. 'कामचोर' कहानी हमें क्या संदेश देती है?

Q5. बच्चों ने क्या निश्चय किया कि वे हिलकर पानी भी नहीं पिएँगे?

Q6. संयुक्त परिवार में क्या होता है?

Frequently asked questions

यह 'कामचोर' कहानी किस कक्षा के हिंदी पाठ्यक्रम का हिस्सा है?

यह कहानी CBSE बोर्ड की कक्षा 8 के हिंदी वसंत (भाग III) पाठ्यपुस्तक के अध्याय 10 के रूप में शामिल है।

'कामचोर' कहानी का मुख्य संदेश क्या है?

कहानी का मुख्य संदेश यह है कि बच्चों को घर के कामों से पूरी तरह अनभिज्ञ नहीं रखना चाहिए, बल्कि उनकी उम्र और रुचि के अनुसार उन्हें काम सिखाना और करवाना चाहिए ताकि वे जिम्मेदार बनें।

कहानी में बच्चों ने घर के काम करने की कोशिश में क्या गड़बड़ की?

बच्चों ने घर के काम करने की कोशिश में सब कुछ अस्त-व्यस्त कर दिया, जैसे मटके गिरा दिए, भेड़ें मटर खा गईं, और घर में कीचड़ फैला दिया, जिससे स्थिति और खराब हो गई।

क्या बच्चों का यह तय करना सही था कि वे हिलकर पानी भी नहीं पिएंगे?

नहीं, बच्चों का यह निर्णय बिल्कुल भी उचित नहीं था। इससे वे और भी कामचोर बन जाते और कोई भी काम करना नहीं सीखते।

यह कहानी एकल परिवार की है या संयुक्त परिवार की?

यह कहानी एक संयुक्त परिवार की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहाँ कई सदस्य एक साथ रहते हैं।

इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?

ये समाधान कहानी के सभी प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को कहानी को गहराई से समझने, मुख्य संदेशों को पहचानने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिलती है।

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