कक्षा 7 विज्ञान: अध्याय 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूलन के NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 7 के छात्रों के लिए विज्ञान अध्याय 7, 'मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूलन' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें मौसम को प्रभावित करने वाले कारकों, मौसम और जलवायु के बीच अंतर, और विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु की विशेषताओं को समझाया गया है। समाधान छात्रों को ध्रुवीय क्षेत्रों और उष्णकटिबंधीय वर्षावनों जैसे चरम वातावरण में रहने वाले जंतुओं के अनुकूलन को समझने में मदद करते हैं। प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत उत्तर, जिसमें अनुकूलन के कारण और महत्व शामिल हैं, छात्रों को इन अवधारणाओं की गहरी समझ विकसित करने में सहायता करेगा। यह संसाधन परीक्षा की तैयारी और विषय की गहन समीक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी है, जिससे छात्र जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को आसानी से समझ सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 7. मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल |
Chapter summary
कक्षा 7 के विज्ञान के अध्याय 7 के ये NCERT समाधान मौसम और जलवायु की बुनियादी अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं। इसमें मौसम को निर्धारित करने वाले तत्व, मौसम और जलवायु के बीच का अंतर, और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की जलवायु का वर्णन शामिल है। समाधान विशेष रूप से ध्रुवीय और उष्णकटिबंधीय वर्षावन क्षेत्रों में जंतुओं द्वारा प्रदर्शित अनुकूलन पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलती है कि जीव अपने परिवेश में कैसे जीवित रहते हैं।
Learning outcomes
- किसी स्थान के मौसम को निर्धारित करने वाले घटकों की पहचान करना।
- मौसम और जलवायु के बीच मुख्य अंतर को समझना।
- विभिन्न क्षेत्रों (जैसे ध्रुवीय और उष्णकटिबंधीय वर्षावन) की जलवायु की विशेषताओं का वर्णन करना।
- जंतुओं की उन विशेषताओं को समझना जो उन्हें विशिष्ट जलवायु के अनुकूल बनाती हैं।
- ध्रुवीय और उष्णकटिबंधीय वर्षावन क्षेत्रों के जंतुओं के अनुकूलन के उदाहरणों की सूची बनाना।
- अनुकूलन के महत्व को स्पष्ट करना।
Topics covered
Paper topics
- मौसम
- जलवायु
- मौसम के घटक (तापमान, आर्द्रता, वर्षा, वायु वेग)
- मौसम और जलवायु में अंतर
- ध्रुवीय क्षेत्र की जलवायु
- उष्णकटिबंधीय वर्षावन की जलवायु
- जंतुओं का अनुकूलन
- ध्रुवीय क्षेत्रों के जंतुओं के अनुकूलन
- उष्णकटिबंधीय वर्षावनों के जंतुओं के अनुकूलन
- अनुकूलन की विशेषताएं
Important topics
- मौसम और जलवायु के बीच अंतर
- ध्रुवीय क्षेत्र की जलवायु और जंतुओं के अनुकूलन
- उष्णकटिबंधीय वर्षावन की जलवायु और जंतुओं के अनुकूलन
- अनुकूलन की विभिन्न विशेषताएं और उनका महत्व
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- तापमान: यह बताता है कि हवा कितनी गर्म या ठंडी है।
- आर्द्रता: यह हवा में मौजूद जलवाष्प की मात्रा है।
- वर्षा: इसमें बारिश, बर्फबारी या ओलावृष्टि शामिल हो सकती है।
- वायु वेग: हवा की गति और दिशा।
प्रश्न 2
दिन का **अधिकतम तापमान** सामान्यतः **अपराह्न (दोपहर के बाद)** के समय होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दोपहर तक सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सबसे अधिक सीधी पड़ती हैं और जमीन गर्म हो जाती है, जिससे आसपास की हवा भी गर्म हो जाती है।
दिन का **न्यूनतम तापमान** सामान्यतः **प्रातः (भोर)** के समय होता है। रात भर पृथ्वी ठंडी होती रहती है, और सूर्योदय से ठीक पहले का समय सबसे ठंडा होता है।
प्रश्न 3
- दीर्घ अवधि के मौसम का औसत कहलाता है।
- किसी स्थान पर बहुत कम वर्षा होती है और उस स्थान का तापमान वर्ष भर उच्च रहता है, उस स्थान की जलवायु ______ और होगी।
- चरम जलवायवी परिस्थितियों वाले पृथ्वी के दो क्षेत्र ______ और हैं।
- दीर्घ अवधि के मौसम का औसत **जलवायु** कहलाता है। जलवायु किसी क्षेत्र के मौसम का लंबे समय का औसत पैटर्न है।
- किसी स्थान पर बहुत कम वर्षा होती है और उस स्थान का तापमान वर्ष भर उच्च रहता है, उस स्थान की जलवायु **गर्म और शुष्क** होगी। ऐसे क्षेत्र आमतौर पर रेगिस्तान होते हैं।
- चरम जलवायवी परिस्थितियों वाले पृथ्वी के दो क्षेत्र **ध्रुवीय क्षेत्र** और **उष्णकटिबंधीय क्षेत्र** हैं। ध्रुवीय क्षेत्र अत्यधिक ठंडे होते हैं, जबकि उष्णकटिबंधीय क्षेत्र अत्यधिक गर्म और आर्द्र होते हैं।
प्रश्न 4
- (क) जम्मू एवं कश्मीर
- (ख) केरल
- (ग) राजस्थान
- (घ) उत्तर-पूर्व भारत
- (क) जम्मू एवं कश्मीर: यहाँ की जलवायु **मध्यम गर्म और मध्यम आर्द्र** होती है। यहाँ सर्दियाँ ठंडी और गर्मियाँ सुखद होती हैं।
- (ख) केरल: केरल की जलवायु **गर्म और आर्द्र** होती है। यहाँ वर्ष भर तापमान उच्च रहता है और आर्द्रता भी अधिक होती है।
- (ग) राजस्थान: राजस्थान की जलवायु **गर्म और शुष्क** होती है। यहाँ तापमान बहुत अधिक होता है और वर्षा बहुत कम होती है।
- (घ) उत्तर-पूर्व भारत: उत्तर-पूर्व भारत की जलवायु सामान्यतः **आर्द्र** होती है, जिसमें अच्छी वर्षा होती है।
प्रश्न 5
प्रश्न 6
- (क) आहार मुख्यत: फल है।
- (ख) सफेद बाल/फर
- (ग) प्रवास की आवश्यकता
- (घ) तीव्र स्वर-ध्वनि (तेज आवाज)
- (च) पैरों के चिपचिपे तलवे
- (छ) त्वचा के नीचे वसा की मोटी परत
- (ज) चौड़े और बड़े नखर
- (झ) चटख रंग
- (ट) मजबूत पूँछ
- (ठ) लंबी और बड़ी चोंच
- (क) आहार मुख्यत: फल है: **उष्णकटिबंधीय वर्षावन**। वर्षावन में विभिन्न प्रकार के फल प्रचुर मात्रा में मिलते हैं।
- (ख) सफेद बाल/फर: **ध्रुवीय क्षेत्र**। यह बर्फ और श्वेत परिवेश में छिपने में मदद करता है और ठंड से बचाता है।
- (ग) प्रवास की आवश्यकता: **ध्रुवीय क्षेत्र**। अत्यधिक ठंड से बचने के लिए जंतु अक्सर गर्म स्थानों की ओर प्रवास करते हैं।
- (घ) तीव्र स्वर-ध्वनि (तेज आवाज): **उष्णकटिबंधीय वर्षावन**। घने जंगलों में जंतुओं को एक-दूसरे से संवाद करने के लिए तेज आवाज की आवश्यकता होती है।
- (च) पैरों के चिपचिपे तलवे: **उष्णकटिबंधीय वर्षावन**। ये पेड़ों की शाखाओं पर चढ़ने और पकड़ बनाने में मदद करते हैं।
- (छ) त्वचा के नीचे वसा की मोटी परत: **ध्रुवीय क्षेत्र**। यह मोटी वसा की परत शरीर को गर्म रखने में सहायक होती है।
- (ज) चौड़े और बड़े नखर: **ध्रुवीय क्षेत्र**। ये बर्फ पर चलने और शिकार को पकड़ने में मदद करते हैं।
- (झ) चटख रंग: **उष्णकटिबंधीय वर्षावन**। यह छिपने (कैमोफ्लाज) या साथियों को आकर्षित करने/चेतावनी देने के काम आ सकता है।
- (ट) मजबूत पूँछ: **उष्णकटिबंधीय वर्षावन**। यह पेड़ों पर चढ़ते समय संतुलन बनाने और शाखाओं को पकड़ने में सहायक होती है।
- (ठ) लंबी और बड़ी चोंच: **उष्णकटिबंधीय वर्षावन**। यह ऊँचे पेड़ों पर लगे फलों या कीड़ों तक पहुँचने में मदद करती है।
Common mistakes
- मौसम और जलवायु के बीच अंतर को लेकर भ्रमित होना।
- विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु को गलत तरीके से वर्गीकृत करना।
- जंतुओं की विशेषताओं को गलत जलवायु क्षेत्र से जोड़ना।
- अनुकूलन के कारणों को पूरी तरह से न समझना।
Revision tips
- मौसम और जलवायु के बीच अंतर को स्पष्ट करने के लिए एक तालिका बनाएं।
- विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु की विशेषताओं को याद करने के लिए फ़्लैशकार्ड का उपयोग करें।
- जंतुओं के अनुकूलन को उनके आवास से जोड़कर समझें।
- अभ्यास प्रश्नों को हल करने के बाद, अपने उत्तरों की तुलना समाधान से करें और किसी भी गलती को सुधारें।
Practice MCQs
Q1. किसी स्थान के मौसम को निर्धारित करने वाले मुख्य घटक कौन से हैं?
Explanation: तापमान, आर्द्रता, वर्षा और वायु वेग जैसे कारक मिलकर किसी स्थान के मौसम का निर्धारण करते हैं।
Q2. दीर्घ अवधि के मौसम का औसत क्या कहलाता है?
Explanation: किसी क्षेत्र में लंबे समय तक रहने वाले मौसम के पैटर्न को जलवायु कहा जाता है।
Q3. दिन का अधिकतम तापमान सामान्यतः कब होता है?
Explanation: सूर्य की सीधी किरणों के कारण, दिन का अधिकतम तापमान आमतौर पर दोपहर के बाद यानी अपराह्न में दर्ज किया जाता है।
Q4. सफेद बाल/फर किस प्रकार के जलवायु क्षेत्र के लिए अनुकूलित विशेषता है?
Explanation: ध्रुवीय क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड से बचाव के लिए जंतुओं के सफेद बाल या फर उन्हें छिपने और गर्मी बनाए रखने में मदद करते हैं।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता उष्णकटिबंधीय वर्षावन के लिए अनुकूलित है?
Explanation: उष्णकटिबंधीय वर्षावन में पेड़ों पर चढ़ने के लिए जंतुओं के पैरों के चिपचिपे तलवे उन्हें पकड़ बनाने में सहायता करते हैं।
Frequently asked questions
कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 7 में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में मौसम, जलवायु, मौसम और जलवायु के बीच अंतर, विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु (जैसे ध्रुवीय और उष्णकटिबंधीय वर्षावन), और इन जलवायु परिस्थितियों के लिए जंतुओं द्वारा किए गए अनुकूलन को शामिल किया गया है।
मौसम और जलवायु में क्या अंतर है?
मौसम किसी स्थान की किसी विशेष समय की वायुमंडलीय स्थिति होती है, जो बहुत जल्दी बदल सकती है। वहीं, जलवायु किसी क्षेत्र के मौसम का दीर्घकालिक औसत (आमतौर पर 25 वर्ष से अधिक) होती है, जो अपेक्षाकृत स्थिर रहती है।
ध्रुवीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले जंतुओं के कुछ अनुकूलन क्या हैं?
ध्रुवीय क्षेत्रों के जंतुओं में सफेद फर या बाल (छिपने और गर्मी के लिए), त्वचा के नीचे वसा की मोटी परत (ठंड से बचाव के लिए), चौड़े और बड़े नखर (बर्फ पर चलने के लिए) और प्रवास की क्षमता जैसी विशेषताएं पाई जाती हैं।
उष्णकटिबंधीय वर्षावन के जंतुओं के अनुकूलन के उदाहरण दीजिए।
उष्णकटिबंधीय वर्षावन के जंतुओं में चटख रंग (छिपने या चेतावनी के लिए), मजबूत पूँछ (पेड़ों पर चढ़ने के लिए), पैरों के चिपचिपे तलवे (पकड़ के लिए), लंबी चोंच (भोजन तक पहुँचने के लिए) और तीव्र स्वर-ध्वनि (संचार के लिए) जैसी विशेषताएं होती हैं।
ये NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है। यह परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्नों के प्रकारों को समझने और सही उत्तर लिखने का अभ्यास करने में सहायक है।
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