कक्षा 7 विज्ञान: पवन, तूफ़ान और चक्रवात NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 7 के विज्ञान विषय के अध्याय 8, 'पवन, तूफ़ान और चक्रवात' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें हवा के चलने के कारणों, जैसे कि पृथ्वी की सतह का असमान तापन, और इसके परिणामस्वरूप बनने वाले दाब प्रवणताओं (pressure gradients) की व्याख्या की गई है। समाधान बताते हैं कि कैसे गर्म हवा ऊपर उठती है और ठंडी हवा उसकी जगह लेती है, जिससे पवन का निर्माण होता है। यह अध्याय तूफानों और चक्रवातों के निर्माण की प्रक्रिया, उनके विनाशकारी प्रभावों और उनसे बचाव के उपायों पर भी प्रकाश डालता है। छात्रों को हवा द्वारा डाले जाने वाले दाब के अनुभव, जैसे कि गुब्बारे का फूलना या खिड़कियों का हिलना, को समझने में मदद की जाती है। इसके अतिरिक्त, यह समाधान चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में की जाने वाली पूर्व-योजनाओं और आपातकालीन तैयारियों पर भी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करने और अभ्यास प्रश्नों को हल करने में सहायता करेंगे।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 8. पवन, तूफ़ान और चक्रवात |
Chapter summary
कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 8 'पवन, तूफ़ान और चक्रवात' के ये NCERT समाधान छात्रों को वायुमंडलीय घटनाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं। इनमें पवन के निर्माण के पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांतों, जैसे कि तापमान और दाब में अंतर, को समझाया गया है। समाधान यह भी स्पष्ट करते हैं कि कैसे ये कारक तूफानों और विनाशकारी चक्रवातों को जन्म देते हैं। छात्रों को हवा के दाब के व्यावहारिक उदाहरणों और चक्रवातों से सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियों के बारे में जानकारी मिलती है। यह अध्याय छात्रों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूक बनाने और उनसे निपटने की योजना बनाने में मदद करता है।
Learning outcomes
- पवन के निर्माण के पीछे के कारणों को समझना।
- वायुमंडलीय दाब और पवन की गति के बीच संबंध का विश्लेषण करना।
- तूफानों और चक्रवातों के निर्माण की प्रक्रिया को स्पष्ट करना।
- वायु द्वारा डाले जाने वाले दाब के दैनिक जीवन के उदाहरणों की पहचान करना।
- चक्रवात से बचाव के लिए आवश्यक पूर्व-योजनाओं और सावधानियों का वर्णन करना।
- विभिन्न स्थानों पर चक्रवात की संभावना का मूल्यांकन करना।
Topics covered
Paper topics
- पवन का निर्माण
- वायुमंडलीय दाब
- दाब प्रवणता
- गर्म और ठंडी हवा का व्यवहार
- तूफान
- चक्रवात का निर्माण
- चक्रवात के प्रभाव
- चक्रवात से बचाव
- हवा द्वारा दाब डालना
- रोशनदान का महत्व
- विज्ञापन पट्टों में छिद्र
Important topics
- पवन का निर्माण (असमान तापन और दाब अंतर)
- चक्रवात का निर्माण प्रक्रिया
- हवा द्वारा दाब डालना और इसके उदाहरण
- चक्रवात से सुरक्षा और पूर्व-योजना
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
(क) पवन _____ वायु है।
(ख) पवन पृथ्वी के ____ तापन के कारण उत्पन्न होती हैं।
(ग) पृथ्वी की सतह के निकट ____ वायु ऊपर उठती है, जबकि ____ वायु नीचे आती है।
(घ) वायु _____ दाब के क्षेत्र से _____ दाब के क्षेत्र की ओर गति करती है।
(क) पवन **गतिशील** वायु है। इसका अर्थ है कि पवन रुकी हुई हवा नहीं, बल्कि चलने वाली हवा है।
(ख) पवन पृथ्वी के **असमान** तापन के कारण उत्पन्न होती हैं। जब पृथ्वी की सतह के विभिन्न हिस्से अलग-अलग मात्रा में गर्म होते हैं, तो हवा का तापमान भी असमान हो जाता है, जिससे दाब में अंतर आता है और पवन चलती है।
(ग) पृथ्वी की सतह के निकट **गर्म** वायु ऊपर उठती है, जबकि **ठंडी** वायु नीचे आती है। गर्म हवा हल्की होकर ऊपर उठती है और ठंडी हवा उसकी जगह लेने के लिए नीचे आती है।
(घ) वायु **अधिक** दाब के क्षेत्र से **कम** दाब के क्षेत्र की ओर गति करती है। यह हवा के चलने का मूल सिद्धांत है।
प्रश्न 2
किसी दिए गए स्थान पर पवन की गति की दिशा पता लगाने के लिए दो विधियाँ निम्नलिखित हैं:
- पतंग उड़ाना: जब आप पतंग उड़ाते हैं, तो पवन पतंग पर दाब डालती है। जिस दिशा में पतंग उड़ती है, वह दिशा पवन की गति की दिशा को इंगित करती है।
- साइकिल चलाना: जब आप साइकिल चला रहे होते हैं, तो यदि आपको किसी विशेष दिशा में साइकिल चलाना कठिन लगता है, तो इसका मतलब है कि पवन उस दिशा के विपरीत चल रही है। आपकी गति के विरुद्ध लगने वाला बल पवन की दिशा बताता है।
प्रश्न 3
ऐसे दो अनुभव जिनसे पता चलता है कि वायु दाब डालती है, निम्नलिखित हैं:
- गुब्बारे का फूलना: जब हम किसी गुब्बारे में हवा भरते हैं, तो वह फूलकर कस जाता है। यदि उसमें और अधिक हवा भरी जाए, तो गुब्बारे की दीवारें फैलती हैं और अंततः फट भी सकती हैं। यह दर्शाता है कि हवा गुब्बारे की दीवारों पर दाब डालती है।
- तेज आंधी में दरवाजे और खिड़कियों का हिलना: हमने अक्सर तेज आंधी या तूफान के दौरान घरों के दरवाजे और खिड़कियों को झूमते या हिलते हुए देखा है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तेज गति से चलने वाली हवा इन पर दाब डालती है, जिससे वे हिलने लगते हैं।
प्रश्न 4
नहीं, हम ऐसा भवन नहीं खरीदना चाहेंगे जिसमें खिड़कियाँ तो हों लेकिन रोशनदान न हों। इसका कारण यह है कि गर्म हवा ठंडी हवा की तुलना में हल्की होती है और ऊपर की ओर उठती है। यदि भवन में रोशनदान न हों, तो यह गर्म हवा बाहर नहीं निकल पाएगी, जिससे घर के अंदर उमस और गर्मी बढ़ सकती है। रोशनदान हवा के प्राकृतिक संचार (ventilation) के लिए आवश्यक हैं, जो गर्म हवा को बाहर निकलने और ताज़ी हवा को अंदर आने में मदद करते हैं।
प्रश्न 5
कपड़े के बैनरों और धातु की चादर से बने विज्ञापन-पट्टों में छिद्र इसलिए किए जाते हैं ताकि हवा का दाब कम हो सके। तेज गति से चलने वाली हवा इन पर बहुत अधिक दाब डाल सकती है, जिससे ये फट सकते हैं या गिर सकते हैं। यदि इन बैनरों और पट्टों में छिद्र होते हैं, तो हवा उनके आर-पार जा सकती है। इससे हवा का पूरा बल सीधे पट्टों पर लगने के बजाय छनकर निकल जाता है, जिससे उन पर लगने वाला कुल दाब कम हो जाता है और वे सुरक्षित रहते हैं।
प्रश्न 6
यदि मेरे गाँव या शहर में चक्रवात आ जाए, तो मैं अपने पड़ोसियों की सहायता निम्नलिखित तरीकों से करूँगा:
- मैं यह सुनिश्चित करने का प्रयास करूँगा कि सभी पड़ोसी सुरक्षित स्थानों पर पहुँच जाएँ, विशेषकर कमजोर और बुजुर्ग लोग।
- यदि संभव हो, तो मैं पड़ोसियों को उनके आवश्यक घरेलू सामान, पालतू पशुओं और वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में मदद करूँगा।
- मैं आपातकालीन सेवाओं जैसे पुलिस, अग्निशमन दल और चिकित्सा सहायता के लिए आवश्यक टेलीफोन नंबरों की सूची पड़ोसियों के साथ साझा करूँगा और आवश्यकता पड़ने पर संपर्क करने में सहायता करूँगा।
- मैं पड़ोसियों को शांत रहने और घबराहट से बचने के लिए प्रोत्साहित करूँगा और उन्हें सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करूँगा।
प्रश्न 7
चक्रवात से उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने के लिए पहले से निम्नलिखित प्रकार की योजनाएँ तैयार करने की आवश्यकता होती है:
- चक्रवात पूर्वानुमान और चेतावनी सेवा: मौसम विभाग द्वारा चक्रवातों का सटीक पूर्वानुमान लगाना और समय पर चेतावनी जारी करना।
- तीव्रगामी संचार व्यवस्था: सरकारी संस्थाओं, समुद्रतटों पर रहने वाले लोगों, मछुआरों, जलपोतों और आम जनता को शीघ्रता से चेतावनी पहुँचाने के लिए प्रभावी संचार माध्यम स्थापित करना।
- सुरक्षित आश्रयों का निर्माण: चक्रवात संभावित क्षेत्रों में मजबूत और सुरक्षित चक्रवात आश्रयों का निर्माण करना।
- निकासी योजना: लोगों को सुरक्षित स्थानों पर तेजी से पहुँचाने के लिए एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक व्यवस्था और निकासी योजना तैयार रखना।
- आपातकालीन संसाधन: भोजन, पानी, चिकित्सा आपूर्ति और अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करना।
प्रश्न 8
(क) चेन्नई
(ख) मेंगलुरू (मंगलोर)
(ग) अमृतसर
(घ) पुरी
सही उत्तर है **(ग) अमृतसर**।
चक्रवात आमतौर पर समुद्र के ऊपर बनते हैं और तटीय क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं। चेन्नई, मेंगलुरू और पुरी भारत के तटीय शहर हैं और इन क्षेत्रों में चक्रवात आने की संभावना अधिक होती है। अमृतसर एक अंतर्देशीय शहर है जो समुद्र तट से काफी दूर स्थित है, इसलिए यहाँ चक्रवात आने की संभावना लगभग न के बराबर होती है।
प्रश्न 9
(क) शीतकाल में पवन थल से सागर की ओर बहती है।
(ख) ग्रीष्मकाल में पवन थल से सागर की ओर बहती है।
(ग) चक्रवात का निर्माण अति उच्च दाब तंत्र और उसके इर्दगिर्द अति उच्च वेग की पवन के घूमने से होता है।
(घ) भारत की तटरेखा पर चक्रवातों के आने की संभावना नहीं है।
सही उत्तर है **(ख) ग्रीष्मकाल में पवन थल से सागर की ओर बहती है।**
आइए अन्य विकल्पों की जाँच करें:
- (क) शीतकाल में पवन सागर से थल की ओर बहती है, जिसे समुद्री हवा कहते हैं।
- (ग) चक्रवात का निर्माण अति निम्न दाब तंत्र (low-pressure system) के चारों ओर घूमती हुई तेज हवाओं से होता है, न कि अति उच्च दाब तंत्र से।
- (घ) भारत की तटरेखा पर, विशेषकर पूर्वी तट पर, चक्रवातों के आने की संभावना काफी अधिक होती है।
इसलिए, केवल कथन (ख) सही है, जो ग्रीष्मकाल में थल के गर्म होने और समुद्र की हवाओं के चलने की ओर इशारा करता है (हालांकि यह कथन पूर्ण रूप से स्पष्ट नहीं है, यह अन्य विकल्पों की तुलना में सबसे अधिक संभावित सही कथन है, क्योंकि ग्रीष्मकाल में थल पर निम्न दाब और सागर पर उच्च दाब होता है, जिससे हवा थल से सागर की ओर बहती है)।
Common mistakes
- पवन के निर्माण के लिए केवल तापमान अंतर को कारण मानना, दाब प्रवणता को अनदेखा करना।
- चक्रवात के निर्माण की प्रक्रिया को गलत समझना, जैसे कि उच्च दाब तंत्र से निर्माण बताना।
- हवा के दाब के प्रभावों को कम आंकना या गलत समझना।
- चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षा उपायों की उपेक्षा करना।
Revision tips
- पवन के चलने के मूल सिद्धांत (असमान तापन → दाब अंतर → पवन) को याद करें।
- चक्रवात के निर्माण और उसके प्रभाव वाले क्षेत्रों को मानचित्र पर पहचानें।
- हवा के दाब के उदाहरणों को अपने दैनिक जीवन से जोड़कर समझें।
- चक्रवात से बचाव के लिए दी गई योजनाओं और सावधानियों की सूची बनाएं।
- अभ्यास प्रश्नों के उत्तरों को अपने शब्दों में समझाने का प्रयास करें।
Practice MCQs
Q1. पवन का मुख्य कारण क्या है?
Explanation: पवन हमेशा उच्च दाब वाले क्षेत्र से निम्न दाब वाले क्षेत्र की ओर चलती है, जो वायुमंडलीय दाब में अंतर के कारण उत्पन्न होता है।
Q2. गर्म हवा के ऊपर उठने का कारण क्या है?
Explanation: गर्म हवा फैलती है और ठंडी हवा की तुलना में हल्की हो जाती है, इसलिए यह ऊपर उठती है।
Q3. चक्रवात का निर्माण किस प्रकार के दाब तंत्र से जुड़ा है?
Explanation: चक्रवात का निर्माण एक निम्न दाब क्षेत्र के चारों ओर घूमती हुई तेज हवाओं से होता है।
Q4. कपड़े के बैनरों में छिद्र क्यों किए जाते हैं?
Explanation: छिद्र हवा को आर-पार जाने देते हैं, जिससे बैनर पर लगने वाला हवा का दाब कम हो जाता है और वह फटता नहीं है।
Q5. निम्नलिखित में से किस स्थान पर चक्रवात आने की संभावना सबसे कम है?
Explanation: अमृतसर एक अंतर्देशीय शहर है और समुद्र तट से दूर स्थित है, इसलिए यहाँ चक्रवात आने की संभावना तटीय शहरों जैसे पुरी, चेन्नई और मेंगलुरू की तुलना में बहुत कम है।
Frequently asked questions
पवन क्यों चलती है?
पवन पृथ्वी की सतह के असमान तापन के कारण उत्पन्न वायुमंडलीय दाब में अंतर के कारण चलती है। हवा हमेशा उच्च दाब वाले क्षेत्र से निम्न दाब वाले क्षेत्र की ओर गति करती है।
चक्रवात क्या है और यह कैसे बनता है?
चक्रवात एक तीव्र घूर्णनशील तूफान है जो एक निम्न दाब क्षेत्र के चारों ओर बनता है। यह तब उत्पन्न होता है जब समुद्र से गर्म, नम हवा ऊपर उठती है, जिससे निम्न दाब बनता है और आसपास की हवा तेजी से उस ओर बहने लगती है।
क्या हवा दाब डालती है? उदाहरण सहित समझाइए।
हाँ, हवा दाब डालती है। उदाहरण के लिए, जब हम गुब्बारे में हवा भरते हैं तो वह फूल जाता है, या तेज आंधी में खिड़कियाँ हिलने लगती हैं, यह हवा द्वारा डाले गए दाब के कारण होता है।
चक्रवात से बचाव के लिए क्या योजनाएँ बनाई जानी चाहिए?
चक्रवात संभावित क्षेत्रों में चक्रवात आश्रयों का निर्माण, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं के संपर्क नंबर रखना, और घरेलू सामान को सुरक्षित करना जैसी योजनाएँ बनाई जानी चाहिए।
क्या सभी तटीय क्षेत्रों में चक्रवात आने की संभावना समान होती है?
नहीं, सभी तटीय क्षेत्रों में चक्रवात आने की संभावना समान नहीं होती। भारत में, पूर्वी तट (जैसे पुरी, चेन्नई) पश्चिमी तट की तुलना में अधिक चक्रवातों का अनुभव करते हैं।
रोशनदान (ventilators) क्यों महत्वपूर्ण होते हैं?
रोशनदान गर्म हवा को बाहर निकालने में मदद करते हैं। गर्म हवा हल्की होकर ऊपर उठती है, और रोशनदान के माध्यम से बाहर निकल जाती है, जिससे घर के अंदर हवा का संचार बना रहता है।
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