कक्षा 7 विज्ञान: अध्याय 3 - तंतु से वस्त्र तक NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 3, 'तंतु से वस्त्र तक' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। यह अध्याय बताता है कि कैसे विभिन्न प्रकार के रेशे, विशेष रूप से ऊन और रेशम, जानवरों से प्राप्त होते हैं। इसमें भेड़ों, याक, बकरियों और रेशम के कीड़ों जैसे जानवरों से ऊन और रेशम प्राप्त करने की प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला गया है। समाधान ऊन प्राप्त करने के लिए भेड़ों के बालों की कटाई, अभिमार्जन (धुलाई) और वरणात्मक प्रजनन जैसी तकनीकों की व्याख्या करते हैं। यह भी समझाया गया है कि जानवरों के बाल उन्हें गर्म कैसे रखते हैं। ये समाधान छात्रों को जंतुओं से वस्त्रों तक की यात्रा को समझने में मदद करते हैं और परीक्षा की तैयारी के लिए एक मूल्यवान संसाधन हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectविज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter3. तन्तु से वस्त्र तक

Chapter summary

कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 3, 'तंतु से वस्त्र तक' के NCERT समाधान, जंतुओं से प्राप्त होने वाले रेशों पर केंद्रित हैं। यह अध्याय ऊन और रेशम के उत्पादन की प्रक्रियाओं की पड़ताल करता है, जिसमें भेड़ों, याक और बकरियों से ऊन प्राप्त करना शामिल है। इसमें वरणात्मक प्रजनन, कटाई और अभिमार्जन जैसी महत्वपूर्ण शब्दावली की व्याख्या की गई है। समाधान छात्रों को यह समझने में मदद करते हैं कि जानवरों के बाल उन्हें गर्म कैसे रखते हैं और विभिन्न जंतुओं से प्राप्त ऊन की गुणवत्ता कैसे भिन्न होती है।

Learning outcomes

  • जानवरों से प्राप्त होने वाले रेशों (ऊन और रेशम) की पहचान करना।
  • ऊन प्राप्त करने के लिए भेड़ों की देखभाल और कटाई की प्रक्रिया को समझना।
  • ऊन के रेशों को प्राप्त करने के लिए अभिमार्जन (धुलाई) के महत्व को जानना।
  • वरणात्मक प्रजनन की अवधारणा को समझना और जंतुओं में इसके अनुप्रयोग को जानना।
  • जानवरों के शरीर पर बाल होने के कारण और ऊष्मा रोधन में उनकी भूमिका को स्पष्ट करना।
  • विभिन्न जंतुओं से प्राप्त ऊन के स्रोतों का वर्णन करना।

Topics covered

Paper topics

  • जंतु रेशे
  • ऊन
  • रेशम
  • भेड़ पालन
  • ऊन प्राप्त करने की प्रक्रिया
  • कटाई
  • अभिमार्जन
  • छंटाई
  • रंगाई
  • कताई
  • वरणात्मक प्रजनन
  • जानवरों के बाल और ऊष्मा रोधन

Important topics

  • ऊन प्राप्त करने की प्रक्रिया (कटाई से कताई तक)
  • अभिमार्जन का महत्व
  • वरणात्मक प्रजनन की अवधारणा
  • जानवरों के बालों की ऊष्मा रोधक क्षमता
  • रेशम उत्पादन की संक्षिप्त जानकारी

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

जानवरों से प्राप्त होने वाले रेशों को क्या कहते हैं?
Solution: जानवरों से प्राप्त होने वाले रेशों को जांतव रेशे (Animal Fibres) कहा जाता है। ऊन और रेशम इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

प्रश्न 2

ऊन के मुख्य स्रोत कौन-कौन से जंतु हैं?
Solution: ऊन प्राप्त करने के मुख्य स्रोत भेड़, याक और बकरियाँ हैं। इसके अतिरिक्त, दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले लामा और ऐल्पेका जैसे जंतुओं से भी ऊन प्राप्त की जाती है।

प्रश्न 3

भेड़ों के शरीर पर किस प्रकार के बाल होते हैं जो ऊन प्रदान करते हैं?
Solution: भेड़ों की रोयेंदार त्वचा पर दो प्रकार के बाल होते हैं: (i) दाढ़ी के रूखे बाल, और (ii) त्वचा के निकट अवस्थित तंतुरूपी मुलायम बाल। ऊन इन्हीं तंतुरूपी मुलायम बालों से प्राप्त की जाती है। कुछ भेड़ों की नस्लों में केवल मुलायम बाल ही होते हैं।

प्रश्न 4

जानवरों के बाल उन्हें गर्म रखने में कैसे मदद करते हैं?
Solution: जानवरों के शरीर पर पाए जाने वाले बालों के बीच हवा आसानी से भर जाती है। हवा ऊष्मा की एक कुचालक (Bad Conductor) होती है, जिसका अर्थ है कि यह ऊष्मा को आसानी से प्रवाहित नहीं होने देती। इस प्रकार, बालों के बीच फंसी हुई हवा शरीर की गर्मी को बाहर निकलने से रोकती है और जंतुओं को गर्म रखती है।

प्रश्न 5

ऊन प्राप्त करने के लिए भेड़ों की देखभाल कैसे की जाती है?
Solution: ऊन प्राप्त करने के लिए भेड़ों की देखभाल में उन्हें चराना शामिल है, जहाँ वे पत्तियाँ और चारा खाती हैं। बालों की अच्छी वृद्धि के लिए उन्हें विशेष भोजन भी दिया जाता है। भेड़ों की कुछ नस्लों को विशेष रूप से ऐसे मुलायम बाल उत्पन्न करने के लिए चुना जाता है, जो बेहतर ऊन प्रदान करते हैं।

प्रश्न 6

ऊन प्राप्त करने के लिए भेड़ों के बालों को काटना क्या कहलाता है?
Solution: जब पाली गई भेड़ के शरीर पर बालों की घनी वृद्धि हो जाती है, तो ऊन प्राप्त करने के लिए उसके बालों को त्वचा की एक पतली परत के साथ शरीर से उतार लिया जाता है। इस प्रक्रिया को ऊन की कटाई (Shearing) कहा जाता है। यह प्रक्रिया आमतौर पर गर्मियों में की जाती है ताकि भेड़ों को बिना बालों के ठंड से परेशानी न हो।

प्रश्न 7

भेड़ों से उतारे गए बालों को साफ करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
Solution: भेड़ों से त्वचा सहित उतारे गए बालों को टंकियों में डालकर अच्छी तरह धोया जाता है। इस धुलाई का उद्देश्य बालों से उनकी चिकनाई, धूल और गंदगी को निकालना होता है। इस प्रक्रम को अभिमार्जन (Scouring) कहा जाता है।

प्रश्न 8

ऊन के रेशों को प्राप्त करने के बाद आगे क्या प्रक्रियाएँ होती हैं?
Solution: अभिमार्जन के बाद, ऊन के रेशों को सुखाया जाता है और फिर उनकी छंटाई (Sorting) की जाती है, जिसमें रेशों को उनकी लंबाई, रंग और कोमलता के आधार पर अलग किया जाता है। इसके बाद, रेशों को रंगा (Dyeing) जाता है क्योंकि भेड़ों के ऊन प्राकृतिक रूप से सफेद, भूरे और काले रंग के होते हैं। अंत में, इन रंगे हुए रेशों को कताई (Spinning) करके धागा बनाया जाता है, जिससे वस्त्र बुने जाते हैं।

प्रश्न 9

'वरणात्मक प्रजनन' से आप क्या समझते हैं?
Solution: 'वरणात्मक प्रजनन' (Selective Breeding) वह प्रक्रिया है जिसमें विशेष गुणों वाले जंतुओं को उत्पन्न करने के लिए जनकों (माता-पिता) का चयन किया जाता है। उदाहरण के लिए, भेड़ों की कुछ नस्लों को केवल मुलायम बाल उत्पन्न करने के लिए चुना जाता है, ताकि उनसे उच्च गुणवत्ता वाली ऊन प्राप्त हो सके। इस प्रकार, यह प्रक्रिया वांछित गुणों को बढ़ाने में मदद करती है।

प्रश्न 10

रेशम के रेशे किस जंतु से प्राप्त होते हैं?
Solution: रेशम के रेशे रेशम कीट (Silkworm) के कोकून (Cocoon) से प्राप्त होते हैं। रेशम कीट अपने जीवन चक्र के एक चरण में कोकून का निर्माण करता है, जो रेशम के धागों से बना होता है।

Common mistakes

  • ऊन प्राप्त करने के लिए भेड़ों के बालों को काटना और त्वचा को नुकसान पहुँचाने के बीच अंतर न कर पाना।
  • अभिमार्जन (धुलाई) प्रक्रिया के महत्व को कम आंकना।
  • वरणात्मक प्रजनन के उद्देश्य को गलत समझना।
  • ऊन और रेशम के स्रोतों को आपस में मिला देना।

Revision tips

  • ऊन और रेशम प्राप्त करने वाले विभिन्न जंतुओं की सूची बनाएँ।
  • ऊन प्राप्त करने की प्रक्रिया के मुख्य चरणों (कटाई, अभिमार्जन, छंटाई, रंगाई, कताई) को क्रमबद्ध तरीके से याद करें।
  • वरणात्मक प्रजनन के उदाहरणों पर ध्यान दें कि कैसे विशेष गुणों वाले जंतुओं का चयन किया जाता है।
  • जानवरों के बालों की संरचना और ऊष्मा रोधन में उनकी भूमिका को समझें।

Practice MCQs

Q1. ऊन के रेशे मुख्य रूप से किन जंतुओं से प्राप्त होते हैं?

Q2. भेड़ों के बालों को त्वचा की पतली परत के साथ शरीर से उतारने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?

Q3. ऊन प्राप्त करने के लिए बालों को धोने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?

Q4. तंतुरूपी मुलायम बालों जैसे विशेष गुणयुक्त भेड़ें उत्पन्न करने के लिए जनकों के चयन की प्रक्रिया क्या कहलाती है?

Q5. जानवरों के बाल उन्हें गर्म रखने में कैसे मदद करते हैं?

Frequently asked questions

कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 3 में किन मुख्य जंतुओं से ऊन प्राप्त होती है?

कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 3 के अनुसार, ऊन मुख्य रूप से भेड़, याक और बकरियों से प्राप्त होती है। इसके अतिरिक्त, लामा और ऐल्पेका जैसे जंतुओं से भी ऊन मिलती है।

ऊन प्राप्त करने के लिए भेड़ों के बालों को काटना क्यों आवश्यक है?

ऊन प्राप्त करने के लिए भेड़ों के बालों को काटना आवश्यक है क्योंकि ये बाल ही ऊन के रेशे प्रदान करते हैं। यह प्रक्रिया भेड़ों की त्वचा की एक पतली परत के साथ की जाती है।

अभिमार्जन प्रक्रिया का क्या उद्देश्य है?

अभिमार्जन प्रक्रिया का उद्देश्य भेड़ों के उतारे गए बालों से उनकी प्राकृतिक चिकनाई, धूल और गंदगी को हटाना है, ताकि ऊन के रेशे शुद्ध और उपयोग के लिए तैयार हो सकें।

वरणात्मक प्रजनन से आप क्या समझते हैं?

वरणात्मक प्रजनन वह प्रक्रिया है जिसमें विशेष गुणों (जैसे मुलायम बाल) वाले जंतुओं को उत्पन्न करने के लिए उनके जनकों का चयन किया जाता है। इसका उपयोग बेहतर गुणवत्ता वाली ऊन प्राप्त करने के लिए भेड़ों की नस्ल सुधारने में किया जाता है।

जानवरों के बाल उन्हें ठंड से कैसे बचाते हैं?

जानवरों के बालों के बीच हवा की परत फंस जाती है। हवा ऊष्मा की एक खराब संवाहक (कुचालक) है, इसलिए यह शरीर की गर्मी को बाहर निकलने से रोकती है और जंतुओं को गर्म रखती है।

क्या रेशम भी जंतुओं से प्राप्त होता है?

हाँ, रेशम भी एक जंतु उत्पाद है। यह रेशम कीट के कोकून से प्राप्त होता है।

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