कक्षा 7 विज्ञान: अध्याय 2 जंतुओं में पोषण - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 2, 'जंतुओं में पोषण' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें मानव सहित विभिन्न जीवों के लिए पोषण के महत्व, भोजन के अंतर्ग्रहण, पाचन, अवशोषण, स्वांगीकरण और निष्कासन जैसे पाचन के विभिन्न चरणों की व्याख्या की गई है। समाधान मानव पाचन तंत्र, जिसमें मुख गुहिका, ग्रसिका, आमाशय, क्षुद्रांत्र, बृहदांत्र और गुदा शामिल हैं, और यकृत, अग्न्याशय और लाला-ग्रंथि जैसी सहायक पाचक ग्रंथियों पर प्रकाश डालते हैं। यह भी बताया गया है कि कैसे विभिन्न जीव, जैसे अमीबा और जुगाली करने वाले जंतु, भोजन प्राप्त करते हैं और पचाते हैं। ये समाधान छात्रों को पोषण की जटिल प्रक्रिया को समझने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectविज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter2. प्राणियों में पोषण

Chapter summary

कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 2 'जंतुओं में पोषण' के ये NCERT समाधान छात्रों को पोषण की प्रक्रिया को समझने में मदद करते हैं। इसमें मानव पाचन तंत्र के विभिन्न भागों और पाचक रसों की भूमिका का वर्णन है। समाधान विभिन्न जीवों द्वारा भोजन ग्रहण करने की विधियों और पाचन के चरणों जैसे अंतर्ग्रहण, पाचन, अवशोषण, स्वांगीकरण और निष्कासन पर भी ध्यान केंद्रित करते हैं। यह अध्याय अमीबा और जुगाली करने वाले जंतुओं जैसे उदाहरणों के माध्यम से पोषण की विविधता को भी दर्शाता है।

Learning outcomes

  • मानव पाचन तंत्र के विभिन्न अंगों और उनके कार्यों को समझें।
  • पाचन के मुख्य चरणों (अंतर्ग्रहण, पाचन, अवशोषण, स्वांगीकरण, निष्कासन) की पहचान करें।
  • यकृत और अग्न्याशय जैसी पाचक ग्रंथियों की भूमिका का वर्णन करें।
  • विभिन्न जीवों में भोजन ग्रहण करने की विधियों की तुलना करें।
  • अमीबा और जुगाली करने वाले जंतुओं में पोषण की प्रक्रिया को समझें।

Topics covered

Paper topics

  • जंतु पोषण का महत्व
  • मानव पाचन तंत्र के अंग
  • पाचक ग्रंथियाँ (लाला-ग्रंथि, यकृत, अग्न्याशय)
  • पाचन के चरण (अंतर्ग्रहण, पाचन, अवशोषण, स्वांगीकरण, निष्कासन)
  • मुख में पाचन
  • आमाशय में पाचन
  • क्षुद्रांत्र में पाचन
  • बृहदांत्र में जल का अवशोषण
  • अमीबा में पोषण
  • रोमंथी (जुगाली करने वाले) जंतुओं में पोषण
  • पित्त रस और अग्न्याशयिक रस की भूमिका
  • पाचन तंत्र द्वारा स्रावित पाचक रस

Important topics

  • मानव पाचन तंत्र और उसके कार्य
  • पाचन के विभिन्न चरण
  • यकृत और अग्न्याशय की भूमिका
  • अमीबा में पोषण की प्रक्रिया
  • रोमंथी जंतुओं में पोषण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1: उचित शब्द द्वारा रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।

(क) मानव पाचन के मुख्य चरण …………, …………, …………, ………… एवं ………… है।

(ख) मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि का नाम ………… है।

(ग) आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एवं ………… का स्राव होता है, जो भोजन पर क्रिया करते है।

(घ) क्षुद्रांत्र की आंतरिक भित्ति पर अंगुली के समान अनेक प्रवर्ध होते है, जो ………… कहलाते है।

(च) अमीबा अपने भोजन का पाचन ………… में करता है।

Solution:

पाचन एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें कई चरण शामिल होते हैं। इन चरणों को समझने से हमें यह जानने में मदद मिलती है कि हमारा शरीर भोजन को कैसे संसाधित करता है।

  1. (क) मानव पाचन के मुख्य चरण हैं: अंतर्ग्रहण (भोजन को शरीर के अंदर लेना), पाचन (जटिल भोजन को सरल पदार्थों में तोड़ना), अवशोषण (सरल पदार्थों को रक्त में सोखना), स्वांगीकरण (अवशोषित पदार्थों का शरीर द्वारा उपयोग), एवं निष्कासन (अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालना)।
  2. (ख) मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि **यकृत** है। यह उदर के ऊपरी भाग में दाहिनी ओर स्थित होती है और पित्त रस का उत्पादन करती है।
  3. (ग) आमाशय की भित्ति हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) और **पाचक रस** (जिसमें एंजाइम होते हैं) का स्राव करती है। HCl भोजन को अम्लीय बनाता है और जीवाणुओं को मारता है, जबकि पाचक रस प्रोटीन के पाचन में मदद करते हैं।
  4. (घ) क्षुद्रांत्र (छोटी आंत) की आंतरिक भित्ति पर अंगुली के समान अनेक प्रवर्ध होते हैं, जिन्हें **रसांकुर** (या दीर्घरोम) कहते हैं। ये अवशोषण के लिए सतह क्षेत्र को बढ़ाते हैं।
  5. (च) अमीबा एककोशिकीय जीव है जो अपने भोजन का पाचन **खाद्य धानी** के अंदर करता है। खाद्य धानी में पाचक एंजाइम भोजन को पचाते हैं।

प्रश्न 2: सत्य एवं असत्य कथनों को चिन्हित कीजिए।

(क) मंड का पाचन आमाशय से प्रारंभ होता है।

(ख) जीभ लाला-ग्रंथि को भोजन के साथ मिलाने में सहायता करती है।

(ग) पित्ताशय में पित्त रस अस्थायी रूप से भंडारित होता है।

(घ) रुमिनैन्ट (Romunants) निगली हुई घास को अपने मुख में वापस लाकर धीरे-धीरे चबाते रहते हैं।

Solution:

आइए प्रत्येक कथन का विश्लेषण करें और निर्धारित करें कि वे सत्य हैं या असत्य:

  1. (क) मंड का पाचन आमाशय से प्रारंभ होता है।

    असत्य। मंड (कार्बोहाइड्रेट) का पाचन मुख गुहिका में ही शुरू हो जाता है, जहाँ लाला-ग्रंथि से स्रावित एमाइलेज एंजाइम इसे माल्टोज जैसी सरल शर्करा में तोड़ना शुरू कर देता है। आमाशय में मुख्य रूप से प्रोटीन का पाचन होता है।

  2. (ख) जीभ लाला-ग्रंथि को भोजन के साथ मिलाने में सहायता करती है।

    सत्य। जीभ भोजन को चबाने में मदद करती है, उसे लार के साथ मिलाती है, और निगलने में सहायता करती है। लार में मौजूद एंजाइम भोजन के पाचन की शुरुआत करते हैं।

  3. (ग) पित्ताशय में पित्त रस अस्थायी रूप से भंडारित होता है।

    सत्य। यकृत द्वारा स्रावित पित्त रस, जो वसा के पाचन में मदद करता है, पिताशय नामक एक छोटी थैली में अस्थायी रूप से संग्रहित होता है। जब वसायुक्त भोजन छोटी आंत में पहुँचता है, तो पित्त रस वहाँ छोड़ा जाता है।

  4. (घ) रुमिनैन्ट (Romunants) निगली हुई घास को अपने मुख में वापस लाकर धीरे-धीरे चबाते रहते हैं।

    सत्य। गाय, भैंस जैसे घास खाने वाले जंतुओं को रोमंथी (Rumunants) कहा जाता है। वे पहले घास को जल्दी से निगल लेते हैं और उसे रूमेन (आमाशय का एक भाग) में भंडारित कर लेते हैं। बाद में, वे इस आंशिक रूप से पचे हुए भोजन (जिसे जुगाली कहते हैं) को वापस अपने मुख में लाकर धीरे-धीरे चबाते हैं।

Common mistakes

  • मंड के पाचन की शुरुआत को आमाशय से जोड़ना, जबकि यह मुख से शुरू होता है।
  • पाचक ग्रंथियों और उनके द्वारा स्रावित रसों के कार्यों को गलत समझना।
  • पाचन के विभिन्न चरणों के क्रम को याद रखने में कठिनाई।
  • विभिन्न जीवों में भोजन ग्रहण करने की विधियों के बीच अंतर करने में भ्रम।

Revision tips

  • मानव पाचन तंत्र का एक नामांकित चित्र बनाएं और प्रत्येक अंग के कार्य को समझें।
  • पाचन के प्रत्येक चरण को एक प्रवाह चार्ट के रूप में लिखें।
  • विभिन्न जंतुओं (जैसे अमीबा, गाय) में पोषण की प्रक्रिया की तुलना करें।
  • पाचक ग्रंथियों और उनके द्वारा स्रावित एंजाइमों की एक तालिका बनाएं।

Practice MCQs

Q1. मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि कौन सी है?

Q2. मंड (कार्बोहाइड्रेट) का पाचन शरीर के किस भाग में सबसे पहले शुरू होता है?

Q3. अमीबा अपने भोजन का पाचन किसमें करता है?

Q4. निम्नलिखित में से कौन सा पाचन का चरण नहीं है?

Q5. पित्त रस का स्राव किस ग्रंथि द्वारा होता है?

Frequently asked questions

कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 2 में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?

इस अध्याय में जंतुओं में पोषण के महत्व, मानव पाचन तंत्र के विभिन्न अंगों और पाचक ग्रंथियों की भूमिका, पाचन के चरणों (अंतर्ग्रहण, पाचन, अवशोषण, स्वांगीकरण, निष्कासन), और अमीबा व जुगाली करने वाले जंतुओं जैसे विभिन्न जीवों में पोषण की विधियों को शामिल किया गया है।

मानव पाचन तंत्र के मुख्य अंग कौन-कौन से हैं?

मानव पाचन तंत्र में मुख-गुहिका, ग्रसिका, आमाशय, क्षुद्रांत्र, बृहदांत्र (जो मलाशय में समाप्त होती है) और गुदा शामिल हैं। इसके साथ यकृत, अग्न्याशय और लाला-ग्रंथि जैसी सहायक ग्रंथियाँ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

पाचन के मुख्य चरण क्या हैं?

पाचन के मुख्य चरण हैं: अंतर्ग्रहण (भोजन लेना), पाचन (जटिल भोजन को सरल बनाना), अवशोषण (सरल भोजन को रक्त में मिलाना), स्वांगीकरण (अवशोषित भोजन का उपयोग करना), और निष्कासन (अपशिष्ट को बाहर निकालना)।

यकृत ग्रंथि का क्या कार्य है?

यकृत मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है। यह पित्त रस का स्राव करती है, जो वसा के पाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पित्त रस पिताशय में संग्रहित होता है।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद कर सकते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को स्पष्ट और विस्तृत तरीके से समझाते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है। विस्तृत स्पष्टीकरण और अतिरिक्त जानकारी परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है।

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