कक्षा 7 विज्ञान: पादप में जनन NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 12, 'पादप में जनन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें पादपों में जनन की विभिन्न विधियों, जैसे कायिक प्रवर्धन, मुकुलन, खंडन और बीजाणु निर्माण का गहन विश्लेषण शामिल है। समाधान यह भी स्पष्ट करते हैं कि कैसे अलैंगिक जनन और लैंगिक जनन के बीच मुख्य अंतर होते हैं, जिसमें युग्मकों का निर्माण और निषेचन की प्रक्रिया शामिल है। इसके अतिरिक्त, एक पुष्प के विभिन्न जनन अंगों, जैसे पुंकेसर और स्त्रीकेसर की संरचना को दर्शाने वाले चित्रमय स्पष्टीकरण भी दिए गए हैं। ये समाधान छात्रों को पादप जनन की जटिलताओं को सरल और सुलभ तरीके से समझने में सहायता करते हैं, जिससे वे परीक्षा की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकें।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectविज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter12. पादप में जनन

Chapter summary

कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 12, 'पादप में जनन' के लिए NCERT समाधान, पादपों में प्रजनन की विभिन्न विधियों पर केंद्रित हैं। इसमें कायिक प्रवर्धन, मुकुलन, खंडन और बीजाणु निर्माण जैसी अलैंगिक जनन की विधियों का विस्तृत वर्णन है। साथ ही, लैंगिक जनन की प्रक्रिया और अलैंगिक जनन से इसके प्रमुख अंतरों को भी समझाया गया है। पुष्प की संरचना और उसके जनन अंगों का चित्रण भी इस अध्याय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ये समाधान छात्रों को पादप जनन की अवधारणाओं को स्पष्ट करने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • पादपों में जनन की विभिन्न विधियों को समझना।
  • कायिक प्रवर्धन, मुकुलन, खंडन और बीजाणु निर्माण की प्रक्रियाओं का वर्णन करना।
  • लैंगिक और अलैंगिक जनन के बीच मुख्य अंतरों की पहचान करना।
  • पुष्प के जनन अंगों की पहचान और नामांकित करना।
  • बीज प्रकीर्णन के विभिन्न माध्यमों को सूचीबद्ध करना।

Topics covered

Paper topics

  • पादप में जनन
  • अलैंगिक जनन
  • कायिक प्रवर्धन
  • मुकुलन
  • खंडन
  • बीजाणु निर्माण
  • लैंगिक जनन
  • नर और मादा युग्मक
  • निषेचन
  • पुष्प की संरचना
  • पुंकेसर
  • स्त्रीकेसर

Important topics

  • अलैंगिक जनन की विधियाँ (कायिक प्रवर्धन, मुकुलन, खंडन, बीजाणु निर्माण)
  • लैंगिक और अलैंगिक जनन के बीच अंतर
  • निषेचन की प्रक्रिया
  • पुष्प के जनन अंग (पुंकेसर और स्त्रीकेसर)
  • बीज प्रकीर्णन

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

(क) जनक पादप के कायिक भागों से नए पादप के उत्पादन का प्रक्रम _____ कहलाता है।

(ख) ऐसे पुष्पों को, जिनमें केवल नर अथवा मादा जनन अंग होता है, _____ पुष्प कहते हैं।

(ग) परागकणों का उसी अथवा उसी प्रकार के अन्य पुष्प के परागकोश से उसी अथवा उसी प्रकार के अन्य पुष्प की वर्तिकाग्र पर स्थानांतरण का प्रक्रम _____ कहलाता है।

(घ) नर और मादा युग्मकों का युग्मन _____ कहलाता है।

(च) बीज प्रकीर्णन _____, ____ और ____ के द्वारा होता है।

Solution:

रिक्त स्थानों की पूर्ति इस प्रकार है:

  1. (क) जनक पादप के कायिक भागों, जैसे जड़, तना या पत्ती से नए पादप के उत्पादन की प्रक्रिया को कायिक प्रवर्धन कहते हैं।
  2. (ख) जिन पुष्पों में केवल नर जनन अंग (पुंकेसर) या केवल मादा जनन अंग (स्त्रीकेसर) होता है, उन्हें एकलिंगी पुष्प कहते हैं।
  3. (ग) परागकणों का उसी पुष्प के परागकोश से उसी पुष्प की वर्तिकाग्र पर या उसी जाति के किसी अन्य पुष्प की वर्तिकाग्र पर स्थानांतरण की प्रक्रिया को परागण कहते हैं।
  4. (घ) नर युग्मक और मादा युग्मक का आपस में मिलकर युग्मनज बनाने की प्रक्रिया को निषेचन कहते हैं।
  5. (च) बीज प्रकीर्णन मुख्य रूप से वायु, जल और जंतुओं (जैसे पक्षी, कीड़े, मनुष्य) के द्वारा होता है।

प्रश्न 2

अलैंगिक जनन की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए। प्रत्येक का उदाहरण दीजिए।
Solution:

अलैंगिक जनन वह प्रक्रिया है जिसमें केवल एक जनक भाग लेता है और संतति आनुवंशिक रूप से अपने जनक के समान होती है। इसकी मुख्य विधियाँ निम्नलिखित हैं:

  1. कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation): इसमें पादप के जड़, तना, पत्ती या कली जैसे कायिक भागों से नए पादप का निर्माण होता है।
    • उदाहरण: आलू का कंद (तना), शकरकंद की जड़, ब्रायोफिलम की पत्ती।
  2. मुकुलन (Budding): इस विधि में जनक जीव के शरीर पर एक उभार (मुकुल) विकसित होता है, जो धीरे-धीरे बढ़कर एक नए जीव का रूप ले लेता है और फिर जनक से अलग हो जाता है।
    • उदाहरण: हाइड्रा और यीस्ट।
  3. खंडन (Fragmentation): यह बहुकोशिकीय जीवों में होता है, जहाँ जीव परिपक्व होने पर दो या अधिक टुकड़ों में टूट जाता है, और प्रत्येक टुकड़ा एक नए जीव के रूप में विकसित होता है।
    • उदाहरण: स्पायरोगायरा (एक शैवाल), समुद्री एनीमोन।
  4. बीजाणु निर्माण (Spore Formation): इसमें जनक पौधा विशेष प्रजनन इकाइयों, जिन्हें बीजाणु कहते हैं, का निर्माण करता है। ये बीजाणु अनुकूल परिस्थितियाँ मिलने पर अंकुरित होकर नए पौधे बनाते हैं।
    • उदाहरण: राइजोप्स (एक कवक), म्यूकर (एक कवक)।

प्रश्न 3

पादपों में लैंगिक जनन के प्रक्रम को समझाइए।
Solution:

पादपों में लैंगिक जनन वह प्रक्रिया है जिसमें नर और मादा युग्मकों का संलयन (निषेचन) होता है, जिससे एक युग्मनज बनता है। यह युग्मनज विकसित होकर भ्रूण और फिर नए पादप का निर्माण करता है। लैंगिक जनन के लिए सामान्यतः बीजों की आवश्यकता होती है, जो लैंगिक जनन का परिणाम होते हैं। इस प्रक्रिया में नर जनन अंग (पुंकेसर) द्वारा नर युग्मक (परागकण) और मादा जनन अंग (स्त्रीकेसर) द्वारा मादा युग्मक (अंडाणु) का निर्माण होता है। इन दोनों युग्मकों के मिलने से निषेचन होता है, जो नए पादप के विकास की शुरुआत करता है।

प्रश्न 4

अलैंगिक और लैंगिक जनन के बीच प्रमुख अंतर बताइए।
Solution:

अलैंगिक और लैंगिक जनन के बीच मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:

  • जनक की संख्या: अलैंगिक जनन में केवल एक जनक भाग लेता है, जबकि लैंगिक जनन में नर और मादा दो जनकों की आवश्यकता होती है।
  • युग्मकों का निर्माण: अलैंगिक जनन में युग्मकों का निर्माण और संलयन नहीं होता है, जबकि लैंगिक जनन में नर और मादा युग्मकों का निर्माण होता है और वे निषेचन द्वारा जुड़ते हैं।
  • आनुवंशिक भिन्नता: अलैंगिक जनन से उत्पन्न संतति आनुवंशिक रूप से अपने जनक के समान होती है (क्लोन)। लैंगिक जनन से उत्पन्न संतति में आनुवंशिक भिन्नताएँ होती हैं क्योंकि इसमें दोनों जनकों के जीन का मिश्रण होता है।
  • जटिलता: अलैंगिक जनन की प्रक्रिया सामान्यतः सरल होती है, जबकि लैंगिक जनन की प्रक्रिया अधिक जटिल होती है जिसमें युग्मक निर्माण, निषेचन और भ्रूण विकास जैसे चरण शामिल होते हैं।
  • कोशिका विभाजन: अलैंगिक जनन में केवल समसूत्री विभाजन (माइटोसिस) हो सकता है, जबकि लैंगिक जनन में अर्धसूत्री विभाजन (मियोसिस) द्वारा युग्मक बनते हैं।

प्रश्न 5

किसी पुष्प का चित्र खींचकर उसमें जनन अंगों को नामांकित कीजिए।
Solution:

एक सामान्य पुष्प के मुख्य जनन अंग पुंकेसर (नर जनन अंग) और स्त्रीकेसर (मादा जनन अंग) होते हैं। नीचे एक पुष्प का नामांकित चित्र दिया गया है:

पुष्प का नामांकित चित्र
(a) पुंकेसर (नर जनन अंग)

पुंकेसर के दो मुख्य भाग होते हैं:

  • परागकोश (Anther): यह वह भाग है जहाँ परागकण बनते हैं।
  • तंतु (Filament): यह एक डंठल होता है जो परागकोश को धारण करता है।
स्त्रीकेसर का नामांकित चित्र
(b) स्त्रीकेसर (मादा जनन अंग)

स्त्रीकेसर के तीन मुख्य भाग होते हैं:

  • वर्तिकाग्र (Stigma): यह स्त्रीकेसर का सबसे ऊपरी, चिपचिपा भाग होता है जहाँ परागकण आकर गिरते हैं।
  • वर्तिका (Style): यह एक नली होती है जो वर्तिकाग्र को अंडाशय से जोड़ती है।
  • अंडाशय (Ovary): यह स्त्रीकेसर का फूला हुआ निचला भाग होता है, जिसमें बीजांड (Ovules) होते हैं। बीजांड के अंदर मादा युग्मक (अंडाणु) स्थित होता है।

Common mistakes

  • अलैंगिक और लैंगिक जनन के बीच के अंतरों को भ्रमित करना।
  • जनन की विभिन्न विधियों के उदाहरणों को गलत बताना।
  • पुष्प के जनन अंगों के कार्यों को समझने में कठिनाई।
  • बीज प्रकीर्णन के तरीकों को याद रखने में चूक।

Revision tips

  • प्रत्येक जनन विधि के लिए स्पष्ट उदाहरणों को याद करें।
  • लैंगिक और अलैंगिक जनन के बीच एक तुलनात्मक तालिका बनाएं।
  • पुष्प के विभिन्न भागों को नामांकित करने का अभ्यास करें।
  • बीज प्रकीर्णन के तरीकों को दैनिक जीवन के उदाहरणों से जोड़ें।

Practice MCQs

Q1. पादप के कायिक भागों से नए पादप के उत्पादन की प्रक्रिया क्या कहलाती है?

Q2. हाइड्रा और यीस्ट में किस प्रकार का अलैंगिक जनन होता है?

Q3. नर और मादा युग्मकों का आपस में मिलना क्या कहलाता है?

Q4. स्पायरोगायरा में किस प्रकार का अलैंगिक जनन होता है?

Q5. बीजाणु का निर्माण किस प्रकार के जीवों में होता है?

Frequently asked questions

कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 12 में कौन से मुख्य जनन विधियों का वर्णन किया गया है?

अध्याय 12 में मुख्य रूप से अलैंगिक जनन की विधियों जैसे कायिक प्रवर्धन, मुकुलन, खंडन और बीजाणु निर्माण का वर्णन किया गया है। साथ ही, लैंगिक जनन की प्रक्रिया और पुष्प की संरचना पर भी प्रकाश डाला गया है।

अलैंगिक जनन और लैंगिक जनन में क्या अंतर है?

अलैंगिक जनन में केवल एक जनक भाग लेता है और संतति आनुवंशिक रूप से जनक के समान होती है। जबकि लैंगिक जनन में नर और मादा युग्मकों का संलयन होता है, जिससे आनुवंशिक विविधता उत्पन्न होती है।

पुष्प के जनन अंग कौन से हैं?

पुष्प के मुख्य जनन अंग पुंकेसर (नर जनन अंग) और स्त्रीकेसर (मादा जनन अंग) हैं।

बीज प्रकीर्णन क्यों महत्वपूर्ण है?

बीज प्रकीर्णन बीजों को उनके मूल पादप से दूर फैलाने की प्रक्रिया है, जिससे नए पादप उग सकें और भीड़भाड़ से बचा जा सके, साथ ही नए आवासों में विस्तार हो सके।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को विस्तृत और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का सही उत्तर देने में मदद मिलती है।

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