कक्षा 7 विज्ञान: गति एवं समय NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 13, 'गति एवं समय' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें विभिन्न प्रकार की गतियों जैसे सरल रेखा के अनुदिश गति, वृत्तीय गति और दोलन गति का वर्गीकरण शामिल है। छात्र यह भी सीखेंगे कि कौन से कथन समय और गति के बारे में सही नहीं हैं। समाधानों में सरल लोलक के आवर्तकाल की गणना, रेलगाड़ी की चाल ज्ञात करना, और पथमापी (ओडोमीटर) का उपयोग करके कार की दूरी और चाल की गणना करना सिखाया गया है। इसके अतिरिक्त, यह अध्याय दूरी-समय ग्राफ की व्याख्या और निर्माण पर भी प्रकाश डालता है। ये समाधान छात्रों को गति और समय से संबंधित अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करेंगे।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 13. गति एवं समय |
Chapter summary
कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 13 'गति एवं समय' के ये NCERT समाधान गति के मूल सिद्धांतों को स्पष्ट करते हैं। इसमें गतियों का वर्गीकरण (सरल रेखीय, वृत्तीय, दोलन), चाल की अवधारणा, और समय की माप शामिल है। छात्र आवर्तकाल की गणना, चाल, दूरी और समय के बीच संबंध स्थापित करना सीखेंगे। अभ्यास प्रश्न विभिन्न परिदृश्यों में इन अवधारणाओं को लागू करने का अभ्यास प्रदान करते हैं, जिसमें पथमापी का उपयोग और दूरी-समय ग्राफ का निर्माण शामिल है।
Learning outcomes
- विभिन्न प्रकार की गतियों (सरल रेखीय, वृत्तीय, दोलन) को पहचानना और वर्गीकृत करना।
- सरल लोलक के आवर्तकाल की गणना करना।
- दूरी, चाल और समय के बीच संबंध का उपयोग करके गणना करना।
- पथमापी (ओडोमीटर) से प्राप्त डेटा का उपयोग करके कार की चाल ज्ञात करना।
- दूरी-समय ग्राफ की आकृति को समझना और बनाना।
Topics covered
Paper topics
- गति के प्रकार
- सरल रेखा के अनुदिश गति
- वृत्तीय गति
- दोलन गति
- समय का मापन
- आवर्तकाल
- चाल
- दूरी
- समय
- पथमापी (ओडोमीटर)
- दूरी-समय ग्राफ
- नियत चाल
Important topics
- गति का वर्गीकरण
- चाल, दूरी और समय के बीच संबंध
- आवर्तकाल की गणना
- दूरी-समय ग्राफ का विश्लेषण
- इकाइयों का रूपांतरण
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- (क) दौड़ते समय आपके हाथों की गति
- (ख) सीधी सड़क पर गाड़ी को खींचते घोड़े की गति
- (ग) 'मैरी गो राउंड' झूले में बच्चे की गति
- (घ) 'सी-सॉ' झूले पर बच्चे की गति
- (च) विद्युत घंटी के हथौड़े की गति
- (छ) सीधे पुल पर रेलगाड़ी की गति
गतियों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
- (क) दौड़ते समय आपके हाथों की गति: यह एक दोलन गति का उदाहरण है क्योंकि हाथ आगे-पीछे एक निश्चित बिंदु के इर्द-गिर्द गति करते हैं।
- (ख) सीधी सड़क पर गाड़ी को खींचते घोड़े की गति: यह सरल रेखा के अनुदिश गति है क्योंकि घोड़ा और गाड़ी एक सीधी रेखा में आगे बढ़ते हैं।
- (ग) 'मैरी गो राउंड' झूले में बच्चे की गति: यह एक वृत्तीय गति है क्योंकि बच्चा एक वृत्ताकार पथ पर घूमता है।
- (घ) 'सी-सॉ' झूले पर बच्चे की गति: यह एक दोलन गति है क्योंकि बच्चा ऊपर-नीचे एक निश्चित बिंदु के इर्द-गिर्द आगे-पीछे झूलता है।
- (च) विद्युत घंटी के हथौड़े की गति: यह एक दोलन गति है क्योंकि हथौड़ा एक निश्चित बिंदु के इर्द-गिर्द तेजी से आगे-पीछे गति करता है।
- (छ) सीधे पुल पर रेलगाड़ी की गति: यह सरल रेखा के अनुदिश गति है क्योंकि रेलगाड़ी एक सीधी रेखा में चलती है।
प्रश्न 2
- (क) समय का मूल मात्रक सेकंड है।
- (ख) प्रत्येक वस्तु नियत चाल से गति करती है।
- (ग) दो शहरों के बीच की दूरियाँ किलोमीटर में मापी जाती हैं।
- (घ) किसी दिए गए लोलक का आवर्तकाल नियत नहीं होता।
- (च) रेलगाड़ी की चाल m/h में व्यक्त की जाती है।
निम्नलिखित कथन सही नहीं हैं:
- (ख) प्रत्येक वस्तु नियत चाल से गति करती है: यह कथन गलत है क्योंकि कई वस्तुएँ अपनी चाल बदलती रहती हैं, जैसे कि जब कोई वाहन रुकता है या गति बढ़ाता है।
- (घ) किसी दिए गए लोलक का आवर्तकाल नियत नहीं होता: यह कथन गलत है। एक सरल लोलक का आवर्तकाल (एक दोलन पूरा करने में लगा समय) लगभग नियत रहता है, बशर्ते कि दोलन का आयाम बहुत बड़ा न हो।
- (च) रेलगाड़ी की चाल m/h में व्यक्त की जाती है: यह कथन गलत है। रेलगाड़ी की चाल को सामान्यतः किलोमीटर प्रति घंटा (km/h) में व्यक्त किया जाता है, न कि मीटर प्रति घंटा (m/h) में। मीटर प्रति सेकंड (m/s) या किलोमीटर प्रति घंटा (km/h) अधिक सामान्य इकाइयाँ हैं।
अन्य कथन सही हैं:
- (क) समय का मूल मात्रक सेकंड है।
- (ग) दो शहरों के बीच की दूरियाँ किलोमीटर में मापी जाती हैं।
प्रश्न 3
सरल लोलक द्वारा पूरे किए गए दोलनों की संख्या = 20 दोलन।
इन 20 दोलनों को पूरा करने में लिया गया कुल समय = 32 सेकंड।
आवर्तकाल (T) की गणना इस प्रकार की जाती है:
आवर्तकाल = कुल समय / दोलनों की संख्या
अतः, लोलक का आवर्तकाल 1.6 सेकंड है।
प्रश्न 4
दो स्टेशनों के बीच की दूरी = 240 किलोमीटर (km)।
इस दूरी को तय करने में रेलगाड़ी द्वारा लिया गया समय = 4 घंटे (h)।
रेलगाड़ी की चाल की गणना निम्न सूत्र से की जाती है:
चाल = दूरी / समय
अतः, रेलगाड़ी की चाल 60 किलोमीटर प्रति घंटा है।
प्रश्न 5
कार के पथमापी का आरंभिक पाठ्यांक (08:30 AM पर) = 57321.0 km।
कार के पथमापी का अंतिम पाठ्यांक (08:50 AM पर) = 57336.0 km।
कार द्वारा तय की गई कुल दूरी की गणना पथमापी के अंतिम और आरंभिक पाठ्यांक के अंतर से की जाती है:
तय की गई दूरी = अंतिम पाठ्यांक - आरंभिक पाठ्यांक
तय की गई दूरी = 57336.0 km - 57321.0 km = 15 km।
कार द्वारा लिया गया समय:
प्रारंभिक समय = 08:30 AM
अंतिम समय = 08:50 AM
लिया गया समय = 08:50 AM - 08:30 AM = 20 मिनट (min)।
अब, कार की चाल किलोमीटर प्रति मिनट (km/min) में परिकलित करते हैं:
चाल = दूरी / समय
अब, इस चाल को किलोमीटर प्रति घंटा (km/h) में व्यक्त करते हैं। हम जानते हैं कि 1 घंटा = 60 मिनट होता है।
इसलिए, 20 मिनट को घंटे में बदलने के लिए:
20 मिनट = घंटे = घंटे।
अब चाल की गणना किलोमीटर प्रति घंटा में करें:
चाल = दूरी / समय
अतः, कार द्वारा चली गई दूरी 15 km है, कार की चाल 0.75 km/min है, और यह चाल 45 km/h के बराबर है।
प्रश्न 6
सलमा द्वारा विद्यालय पहुँचने में लिया गया समय = 15 मिनट।
सबसे पहले, समय को सेकंड में बदलें क्योंकि चाल मीटर प्रति सेकंड (m/s) में दी गई है:
1 मिनट = 60 सेकंड
इसलिए, 15 मिनट = सेकंड = 900 सेकंड (s)।
साइकिल की चाल = 2 मीटर प्रति सेकंड (m/s)।
दूरी की गणना के लिए सूत्र है:
दूरी = चाल × समय
अब, दूरी को किलोमीटर (km) में बदलें। हम जानते हैं कि 1 किलोमीटर = 1000 मीटर होता है।
1800 मीटर = किलोमीटर
अतः, सलमा के घर से विद्यालय की दूरी 1.8 किलोमीटर है।
प्रश्न 7
- (क) नियत चाल से गति करती कार
- (ख) सड़क के किनारे खड़ी कोई कार
गति के दूरी-समय ग्राफ की आकृतियाँ निम्नलिखित हैं:
(क) नियत चाल से गति करती कार:
जब कोई कार नियत चाल से गति करती है, तो इसका मतलब है कि वह समान समय अंतराल में समान दूरी तय करती है। दूरी-समय ग्राफ पर, समय को क्षैतिज अक्ष (x-अक्ष) पर और दूरी को ऊर्ध्वाधर अक्ष (y-अक्ष) पर दर्शाया जाता है। नियत चाल के लिए, ग्राफ मूल बिंदु (0,0) से शुरू होने वाली एक सीधी रेखा होती है जो ऊपर की ओर जाती है। यह रेखा दर्शाती है कि जैसे-जैसे समय बढ़ता है, तय की गई दूरी भी समान दर से बढ़ती है।
(ख) सड़क के किनारे खड़ी कोई कार:
जब कोई कार सड़क के किनारे खड़ी होती है, तो वह कोई दूरी तय नहीं करती है, अर्थात उसकी दूरी स्थिर रहती है। दूरी-समय ग्राफ पर, समय क्षैतिज अक्ष पर और दूरी ऊर्ध्वाधर अक्ष पर होती है। चूँकि कार खड़ी है, उसकी दूरी नहीं बदलती। इसलिए, दूरी-समय ग्राफ एक क्षैतिज सीधी रेखा होगी जो दूरी अक्ष के समानांतर (या किसी निश्चित दूरी मान पर) समय अक्ष को पार करती हुई दिखाई देगी। यह रेखा दर्शाती है कि समय बीतने के साथ कार की स्थिति (दूरी) में कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है।
Common mistakes
- चाल, दूरी और समय के बीच इकाइयों (जैसे m/s, km/h, min, hr) को परिवर्तित करने में त्रुटियाँ।
- दोलन गति और वृत्तीय गति के बीच भ्रमित होना।
- दूरी-समय ग्राफ में अक्षों (समय और दूरी) को गलत तरीके से लेबल करना।
- यह मान लेना कि सभी वस्तुएँ नियत चाल से गति करती हैं।
Revision tips
- गति के विभिन्न प्रकारों के उदाहरणों को याद करें।
- चाल = दूरी/समय सूत्र और इसकी इकाइयों को अच्छी तरह समझें।
- दूरी-समय ग्राफ के विभिन्न आकृतियों का अभ्यास करें।
- सभी गणनाओं में इकाइयों पर विशेष ध्यान दें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सी गति 'सरल रेखा के अनुदिश गति' का उदाहरण है?
Explanation: सीधी सड़क पर गाड़ी को खींचता घोड़ा एक सीधी रेखा में गति करता है, जो सरल रेखा के अनुदिश गति का एक उदाहरण है।
Q2. एक सरल लोलक 10 दोलन 16 सेकंड में पूरा करता है। इसका आवर्तकाल क्या है?
Explanation: आवर्तकाल = कुल समय / दोलनों की संख्या = 16 s / 10 दोलन = 1.6 s।
Q3. यदि कोई कार 150 km की दूरी 3 घंटे में तय करती है, तो उसकी चाल क्या होगी?
Explanation: चाल = दूरी / समय = 150 km / 3 h = 50 km/h।
Q4. समय का मूल मात्रक क्या है?
Explanation: अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली (SI) में समय का मूल मात्रक सेकंड है।
Q5. नियत चाल से गति करती कार के लिए दूरी-समय ग्राफ कैसा दिखता है?
Explanation: नियत चाल से गति करने पर, दूरी समय के साथ समानुपाती रूप से बढ़ती है, जिससे मूल बिंदु से गुजरने वाली एक सीधी रेखा बनती है।
Frequently asked questions
कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 13 में किन मुख्य अवधारणाओं को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में गतियों का वर्गीकरण (सरल रेखीय, वृत्तीय, दोलन), चाल की गणना, समय का मापन, आवर्तकाल, और दूरी-समय ग्राफ का अध्ययन शामिल है।
सरल लोलक का आवर्तकाल क्या होता है?
सरल लोलक का आवर्तकाल वह समय है जो उसे एक पूरा दोलन करने में लगता है। इसकी गणना कुल समय को दोलनों की संख्या से विभाजित करके की जाती है।
दूरी-समय ग्राफ क्या दर्शाता है?
दूरी-समय ग्राफ किसी वस्तु द्वारा तय की गई दूरी को समय के साथ कैसे बदलती है, इसे दर्शाता है। इससे वस्तु की चाल का पता चलता है।
क्या सभी वस्तुएँ हमेशा एक ही चाल से चलती हैं?
नहीं, सभी वस्तुएँ हमेशा एक ही चाल से नहीं चलती हैं। कुछ वस्तुएँ नियत चाल से चलती हैं, जबकि अन्य की चाल बदलती रहती है।
इन NCERT समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत उत्तर और स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और अभ्यास करने में मदद मिलती है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।
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