कक्षा 7 विज्ञान अध्याय 18: अपशिष्ट जल की कहानी - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 7 के छात्रों के लिए विज्ञान अध्याय 18, 'अपशिष्ट जल की कहानी' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें अपशिष्ट जल की परिभाषा, वाहित मल की संरचना, सीवेज सिस्टम का महत्व, जल को रोगाणुमुक्त करने की प्रक्रियाएं और जल जनित रोगों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधानों को स्पष्ट और समझने योग्य तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जो छात्रों को इन अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद करते हैं। यह अध्याय छात्रों को स्वच्छ जल के महत्व और अपशिष्ट जल प्रबंधन की आवश्यकता के बारे में शिक्षित करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन के रूप में काम करते हैं, जिससे वे जटिल विषयों को आसानी से समझ सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 18. अपशिष्ट जल की कहानी |
Chapter summary
कक्षा 7 के विज्ञान के अध्याय 18, 'अपशिष्ट जल की कहानी' के लिए NCERT समाधान, अपशिष्ट जल और वाहित मल की अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं। यह अध्याय बताता है कि अपशिष्ट जल क्या है, इसमें क्या-क्या शामिल होता है, और इसे सीवेज सिस्टम के माध्यम से कैसे प्रबंधित किया जाता है। समाधान जल को शुद्ध करने की विधियों और जल जनित रोगों के बारे में भी जानकारी प्रदान करते हैं। यह छात्रों को व्यक्तिगत स्वच्छता और सामुदायिक स्वास्थ्य के लिए स्वच्छ जल के महत्व को समझने में मदद करता है।
Learning outcomes
- अपशिष्ट जल की परिभाषा को समझना।
- वाहित मल की संरचना और उसमें मौजूद अशुद्धियों की पहचान करना।
- सीवेज सिस्टम के कार्य को समझना।
- जल को रोगाणुमुक्त करने की विधियों का ज्ञान प्राप्त करना।
- जल जनित रोगों के कारणों और उदाहरणों को जानना।
- अपशिष्ट जल उपचार संयंत्रों के महत्व को समझना।
Topics covered
Paper topics
- अपशिष्ट जल
- वाहित मल
- सीवेज
- जल उपचार
- रोगाणुमुक्त करना
- जल जनित रोग
- स्वच्छता
- पर्यावरण
Important topics
- अपशिष्ट जल की परिभाषा और संरचना
- वाहित मल का प्रबंधन
- जल को रोगाणुमुक्त करने की विधियाँ
- जल जनित रोगों की रोकथाम
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
प्रश्न 1: अपशिष्ट जल किसे कहते हैं?
प्रश्न 2: वाहित मल से आप क्या समझते हैं?
प्रश्न 3: शहरों में मल विसर्जन किसके द्वारा होता है?
प्रश्न 4: वाहित मल में क्या-क्या मिश्रित होता है?
प्रश्न 5: जल को रोगाणुओं से मुक्त करने के लिए क्या किया जाता है?
प्रश्न 6: जल जनित रोग क्या है? इनके नाम लिखों।
प्रश्न 7: अपशिष्ट जल को कहाँ उपचारित किया जाता है?
Common mistakes
- अपशिष्ट जल और वाहित मल के बीच अंतर को समझने में भ्रमित होना।
- जल को रोगाणुमुक्त करने की प्रक्रियाओं को ठीक से न समझना।
- जल जनित रोगों के कारणों को गलत समझना।
Revision tips
- अपशिष्ट जल और वाहित मल की परिभाषाओं को याद करें।
- जल को शुद्ध करने की विभिन्न विधियों की सूची बनाएं।
- जल जनित रोगों के नामों और उनके कारणों को समझें।
- अपशिष्ट जल प्रबंधन के महत्व पर ध्यान केंद्रित करें।
Practice MCQs
Q1. सिंक, शौचालय और लॉन्ड्री से निकलने वाले गंदे पानी को क्या कहा जाता है?
Explanation: सिंक, शौचालय, लॉन्ड्री आदि से निकलने वाले झागदार, तेल मिश्रित और गंदे पानी को अपशिष्ट जल कहा जाता है।
Q2. वाहित मल में मुख्य रूप से क्या-क्या मिश्रित होता है?
Explanation: वाहित मल एक जटिल मिश्रण होता है जिसमें निलंबित ठोस, कार्बनिक और अकार्बनिक अशुद्धियाँ, पोषक तत्व, मृतजीवी और रोग वाहक जीवाणु जैसे सूक्ष्मजीव शामिल होते हैं।
Q3. जल को रोगाणुओं से मुक्त करने के लिए सामान्यतः किस रसायन का उपयोग किया जाता है?
Explanation: जल को रोगाणुओं से मुक्त करने के लिए क्लोरीन या ओजोन जैसे रसायनों का उपयोग किया जाता है।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा जल जनित रोग है?
Explanation: हैजा, टाइफाइड, पोलियो, पेचिस आदि जल के संदूषण से होने वाले जल जनित रोग हैं।
Q5. अपशिष्ट जल का उपचार कहाँ किया जाता है?
Explanation: अपशिष्ट जल को उपचारित करने के लिए विशेष रूप से वाहित मल उपचार संयंत्रों (Wastewater Treatment Plants) का उपयोग किया जाता है।
Frequently asked questions
अपशिष्ट जल क्या होता है?
अपशिष्ट जल वह गंदा पानी होता है जो घरों, उद्योगों और अन्य स्रोतों से सिंक, शौचालय, लॉन्ड्री आदि से नालियों में जाता है। इसमें झाग, तेल और विभिन्न अशुद्धियाँ मिली होती हैं।
वाहित मल में क्या-क्या शामिल होता है?
वाहित मल एक जटिल मिश्रण है जिसमें निलंबित ठोस पदार्थ, कार्बनिक और अकार्बनिक अशुद्धियाँ, पोषक तत्व, मृतजीवी और रोग फैलाने वाले जीवाणु जैसे सूक्ष्मजीव शामिल होते हैं।
जल को रोगाणुमुक्त कैसे किया जाता है?
जल को रोगाणुओं से मुक्त करने के लिए उसमें क्लोरीन या ओजोन जैसे रसायनों को मिलाया जाता है, जो हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट कर देते हैं।
जल जनित रोग क्या हैं और उनके कुछ उदाहरण क्या हैं?
जल जनित रोग वे बीमारियाँ हैं जो दूषित या गंदे पानी के सेवन से फैलती हैं। उदाहरणों में हैजा, टाइफाइड, पीलिया और पेचिश शामिल हैं।
अपशिष्ट जल का उपचार क्यों महत्वपूर्ण है?
अपशिष्ट जल का उपचार इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि उसमें मौजूद हानिकारक पदार्थों और रोगाणुओं को हटाया जा सके, जिससे पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य की रक्षा हो सके।
यह समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद कर सकते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को स्पष्ट और विस्तृत तरीके से समझाते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने और याद रखने में मदद मिलती है, जो परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए आवश्यक है।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.