कक्षा 7 विज्ञान: जीवों में श्वसन NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 7 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 10, 'जीवों में श्वसन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें श्वसन की मूलभूत अवधारणाओं को स्पष्ट किया गया है, जिसमें यह भी शामिल है कि धावक दौड़ के बाद तेज़ी से साँस क्यों लेते हैं और अत्यधिक धूल भरी हवा में साँस लेने पर छींक क्यों आती है। समाधान वायवीय और अवायवीय श्वसन के बीच के अंतर और समानताओं पर प्रकाश डालते हैं, साथ ही विभिन्न जीवों जैसे तिलचट्टों में श्वसन की प्रक्रिया को भी समझाते हैं। इसमें जलीय श्वसन और श्वसन दर जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। ये समाधान छात्रों को श्वसन तंत्र की जटिलताओं को समझने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectविज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter10. जीवों में श्वसन

Chapter summary

कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 10 'जीवों में श्वसन' के ये NCERT समाधान श्वसन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हैं। इसमें विभिन्न जीवों में श्वसन के तरीके, वायवीय और अवायवीय श्वसन के बीच अंतर, और श्वसन दर जैसे महत्वपूर्ण विषयों को कवर किया गया है। समाधान अभ्यास प्रश्नों के माध्यम से इन अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्रों को श्वसन तंत्र की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है।

Learning outcomes

  • श्वसन की आवश्यकता और महत्व को समझना।
  • वायवीय और अवायवीय श्वसन के बीच अंतर स्पष्ट करना।
  • विभिन्न जीवों में श्वसन के अंगों की पहचान करना।
  • श्वसन दर को प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण करना।
  • श्वसन प्रक्रिया में ऊर्जा उत्पादन की व्याख्या करना।

Topics covered

Paper topics

  • श्वसन की आवश्यकता
  • श्वसन के अंग
  • मनुष्यों में श्वसन
  • अन्य जंतुओं में श्वसन
  • वायवीय श्वसन
  • अवायवीय श्वसन
  • श्वसन दर
  • श्वसन और ऊर्जा
  • पादपों में श्वसन
  • जलीय जीवों में श्वसन
  • कीटों में श्वसन

Important topics

  • वायवीय और अवायवीय श्वसन के बीच अंतर
  • मनुष्यों में श्वसन तंत्र की कार्यप्रणाली
  • श्वसन दर और इसे प्रभावित करने वाले कारक
  • श्वसन के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 1

कोई धावक दौड़ समाप्त होने पर सामान्य से अधिक तेज़ी से गहरी साँसें क्यों लेता है?
Solution: दौड़ने जैसी शारीरिक गतिविधि के दौरान, शरीर की पेशियों को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इस बढ़ी हुई ऊर्जा की माँग को पूरा करने के लिए, पेशी-कोशिकाओं को अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। ऑक्सीजन की यह अतिरिक्त आपूर्ति भोजन के विखंडन की दर को बढ़ाती है, जिससे अधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है। इसलिए, धावक दौड़ समाप्त करने के बाद सामान्य से अधिक तेज़ी से और गहरी साँसें लेता है ताकि शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिल सके और ऊर्जा की आवश्यकता पूरी हो सके।

प्रश्न 2

वायवीय और अवायवीय श्वसन के बीच समानताएँ और अंतर बताइए।
Solution:

वायवीय और अवायवीय श्वसन दोनों ही प्रक्रियाएँ जीवों के लिए ऊर्जा उत्पन्न करने हेतु महत्वपूर्ण हैं।

समानताएँ:

  • दोनों ही प्रक्रियाओं में भोजन (जैसे ग्लूकोज) का विखंडन होता है।
  • दोनों ही प्रक्रियाओं के अंत में ऊर्जा उत्पन्न होती है।
  • दोनों ही प्रक्रियाओं में कार्बन डाइऑक्साइड एक अंत उत्पाद हो सकती है।

अंतर:

वायवीय श्वसन अवायवीय श्वसन
ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है। ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है।
अंत उत्पाद कार्बन डाइऑक्साइड और जल होते हैं। अंत उत्पाद कार्बन डाइऑक्साइड और/या लैक्टिक अम्ल (जैसे पेशियों में) या अल्कोहल (जैसे यीस्ट में) होते हैं।
भोजन का पूर्ण विखंडन होता है। भोजन का अपूर्ण विखंडन होता है।
अधिक मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है। कम मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है।
यह प्रक्रिया पौधों और जंतुओं की अधिकांश कोशिकाओं में होती है। यह प्रक्रिया कुछ सूक्ष्मजीवों (जैसे बैक्टीरिया, यीस्ट) और हमारी पेशी-कोशिकाओं में (अल्प समय के लिए) होती है।

प्रश्न 3

जब हम अत्यधिक धूल भरी वायु में साँस लेते हैं, तो हमें छींक क्यों आ जाती है?
Solution: हमारी नाक के अंदर की श्लेष्म झिल्ली (mucous membrane) में छोटे-छोटे बाल और श्लेष्म (mucus) होता है जो हवा में मौजूद धूल और अन्य अवांछित कणों को फँसा लेता है। जब हम अत्यधिक धूल भरी वायु में साँस लेते हैं, तो धूल के कण नासा-गुहा (nasal cavity) में प्रवेश कर जाते हैं और वहाँ की कोमल परत को उत्तेजित कर सकते हैं। इस उत्तेजना के जवाब में, शरीर छींकने की क्रिया द्वारा इन कणों को बलपूर्वक बाहर निकालने का प्रयास करता है, जिससे केवल स्वच्छ वायु ही फेफड़ों तक पहुँच पाती है।

प्रश्न 4

तीन परखनलियाँ लीजिए। प्रत्येक को 3/4 भाग तक जल से भर लीजिए । इन्हें A, B तथा C द्वारा चिह्नित कीजिए।। परखनली A में एक घोंघा रखिए । परखनली B में कोई जलीय पादप रखिए और C में एक घोंघा और पादप दोनों को रखिए । किस परखनली में कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता सबसे अधिक होगी?
Solution:

इस प्रयोग में, हम कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता पर विभिन्न जीवों की श्वसन और प्रकाश संश्लेषण की क्रियाओं के प्रभाव का अवलोकन करेंगे।

  • परखनली A (केवल घोंघा): घोंघा एक जंतु है जो श्वसन करता है। श्वसन की प्रक्रिया में, यह ऑक्सीजन ग्रहण करता है और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करता है। चूँकि इसमें कोई पादप नहीं है जो कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग कर सके, इसलिए समय के साथ परखनली A में कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता सबसे अधिक हो जाएगी।
  • परखनली B (केवल जलीय पादप): जलीय पादप प्रकाश संश्लेषण की क्रिया करता है। प्रकाश संश्लेषण के लिए पादप कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करता है और ऑक्सीजन उत्सर्जित करता है। यदि प्रकाश उपलब्ध है, तो पादप परखनली B में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करेगा, जिससे उसकी सांद्रता कम हो जाएगी।
  • परखनली C (घोंघा और जलीय पादप): इस परखनली में, घोंघा श्वसन द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करेगा, जबकि जलीय पादप प्रकाश संश्लेषण द्वारा उस कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करेगा और ऑक्सीजन उत्सर्जित करेगा। यदि प्रकाश उपलब्ध है, तो पादप द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड का उपभोग, घोंघे द्वारा उत्सर्जन की दर के बराबर या उससे अधिक हो सकता है, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता परखनली A की तुलना में कम रहेगी।

इसलिए, परखनली A में कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता सबसे अधिक होगी क्योंकि इसमें केवल श्वसन करने वाला जीव (घोंघा) है और कोई ऐसा जीव (पादप) नहीं है जो कार्बन डाइऑक्साइड का उपभोग कर सके।

प्रश्न 5

सही उत्तर पर (✔) का निशान लगाइए-

(क) तिलचट्टों के शरीर में वायु प्रवेश करती है, उनके

  1. फेफड़ों द्वारा
  2. क्लोमों द्वारा
  3. श्वास रंध्रों द्वारा
  4. त्वचा द्वारा

(ख) अत्यधिक व्यायाम करते समय हमारी टाँगों में जिस पदार्थ के संचयन के कारण ऐंठन होती है, वह है

  1. कार्बन डाइऑक्साइड
  2. लैक्टिक अम्ल
  3. ऐल्कोहॉल
  4. जल

(ग) किसी सामान्य वयस्क व्यक्त की विश्राम- अवस्था में औसत श्वसन दर होती है।

  1. 9-12 प्रति मिनट
  2. 15-18 प्रति मिनट
  3. 21-24 प्रति मिनट
  4. 30-33 प्रति मिनट

(घ) उच्छुसन के समय, पसलियाँ

  1. बाहर की ओर गति करती हैं।
  2. नीचे की ओर गति करती हैं।
  3. ऊपर की ओर गति करती हैं।
  4. बिल्कुल गति नहीं करती हैं।
Solution:

(क) तिलचट्टों के शरीर में वायु प्रवेश करती है, उनके (iii) श्वास रंध्रों द्वारा। श्वास रंध्र कीटों के शरीर की सतह पर छोटे छिद्र होते हैं जो श्वसन के लिए वायु का प्रवेश द्वार होते हैं।

(ख) अत्यधिक व्यायाम करते समय हमारी टाँगों में जिस पदार्थ के संचयन के कारण ऐंठन होती है, वह है (ii) लैक्टिक अम्ल। तीव्र व्यायाम के दौरान ऑक्सीजन की कमी होने पर पेशियों में अवायवीय श्वसन होता है, जिससे लैक्टिक अम्ल बनता है और जमा हो जाता है।

(ग) किसी सामान्य वयस्क व्यक्ति की विश्राम-अवस्था में औसत श्वसन दर होती है (ii) 15-18 प्रति मिनट। यह दर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और गतिविधि के स्तर के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती है।

(घ) उच्छुसन (साँस छोड़ने) के समय, पसलियाँ (ii) नीचे की ओर गति करती हैं। उच्छुसन के दौरान, पसलियाँ नीचे और अंदर की ओर जाती हैं, और डायाफ्राम ऊपर की ओर उठता है, जिससे वक्ष गुहा का आयतन कम हो जाता है और वायु फेफड़ों से बाहर निकल जाती है।

प्रश्न 6

कॉलम A में दिए गए शब्दों का कॉलम B के साथ मिलान कीजिए -
Solution:

यहाँ कॉलम A और कॉलम B के शब्दों का सही मिलान दिया गया है:

कॉलम A कॉलम B
(क) श्वास रंध्र (iv) कीट
(ख) फेफड़े (iii) मनुष्य
(ग) क्लोम (ii) मछली
(घ) त्वचा (i) केंचुआ
(ङ) यीस्ट (v) अवायवीय श्वसन

स्पष्टीकरण:

  • श्वास रंध्र: ये कीटों (जैसे तिलचट्टा) में पाए जाने वाले श्वसन छिद्र हैं।
  • फेफड़े: मनुष्य और अन्य स्तनधारी फेफड़ों द्वारा श्वसन करते हैं।
  • क्लोम: मछलियाँ गलफड़े या क्लोम द्वारा जल में घुली ऑक्सीजन लेती हैं।
  • त्वचा: केंचुए अपनी नम त्वचा से श्वसन करते हैं।
  • यीस्ट: यीस्ट जैसे सूक्ष्मजीव अवायवीय श्वसन करते हैं, जिसमें वे ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में शर्करा को तोड़कर ऊर्जा प्राप्त करते हैं।

Common mistakes

  • वायवीय और अवायवीय श्वसन के बीच अंतर को गलत समझना।
  • श्वसन अंगों की पहचान में त्रुटि करना।
  • श्वसन प्रक्रिया में ऊर्जा उत्पादन के महत्व को कम आंकना।

Revision tips

  • प्रत्येक जीव में श्वसन के तरीके को समझने के लिए चित्र बनाएं।
  • वायवीय और अवायवीय श्वसन की तुलना सारणीबद्ध रूप में करें।
  • श्वसन दर को प्रभावित करने वाले कारकों पर ध्यान केंद्रित करें।
  • अभ्यास प्रश्नों को हल करके अपनी समझ का परीक्षण करें।

Practice MCQs

Q1. अत्यधिक व्यायाम के दौरान मांसपेशियों में ऐंठन का मुख्य कारण क्या है?

Q2. तिलचट्टों में श्वसन किस अंग के द्वारा होता है?

Q3. वायवीय श्वसन का मुख्य उत्पाद क्या है?

Q4. एक सामान्य वयस्क व्यक्ति की विश्राम अवस्था में औसत श्वसन दर क्या होती है?

Q5. अवायवीय श्वसन में ऊर्जा उत्पादन की तुलना में वायवीय श्वसन में ऊर्जा उत्पादन कैसा होता है?

Frequently asked questions

कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 10 में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?

इस अध्याय में मुख्य रूप से जीवों में श्वसन की प्रक्रिया, वायवीय और अवायवीय श्वसन के बीच अंतर, विभिन्न जीवों जैसे मनुष्य, जलीय जीव और कीटों में श्वसन के तरीके, और श्वसन दर जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

धावक दौड़ समाप्त होने पर तेज़ी से साँस क्यों लेते हैं?

धावक दौड़ के दौरान अधिक ऊर्जा का उपयोग करते हैं, जिससे उनकी पेशियों को अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। तेज़ी से और गहरी साँसें लेकर वे अधिक ऑक्सीजन प्राप्त करते हैं, जो भोजन के विखंडन से अधिक ऊर्जा उत्पन्न करने में मदद करती है।

वायवीय और अवायवीय श्वसन में क्या मुख्य अंतर है?

वायवीय श्वसन ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है और इसमें कार्बन डाइऑक्साइड व जल बनते हैं, साथ ही अधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है। अवायवीय श्वसन ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है, जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड/लैक्टिक अम्ल/अल्कोहल बनते हैं और कम ऊर्जा उत्पन्न होती है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी हैं?

हाँ, ये समाधान अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं, जो श्वसन से संबंधित अवधारणाओं को स्पष्ट करने और परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने में सहायक हैं।

तिलचट्टों में श्वसन कैसे होता है?

तिलचट्टे जैसे कीटों में श्वसन श्वास रंध्रों (spiracles) नामक छोटे छिद्रों के माध्यम से होता है, जो वायु को शरीर के अंदर ले जाते हैं।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.