CBSE कक्षा 5 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 12 - गुरु और चेला
यह पृष्ठ CBSE कक्षा 5 हिंदी की पुस्तक 'रिमझिम' के पाठ 12, 'गुरु और चेला' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें पाठ के मुख्य प्रश्नों के उत्तर, कविता की कहानी का सारांश, और 'अंधेर नगरी' के शासन व्यवस्था पर चर्चा शामिल है। समाधान छात्रों को कहानी के पात्रों, घटनाओं और नैतिक शिक्षा को समझने में मदद करते हैं। यह छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए अभ्यास करने और अपनी समझ को मजबूत करने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 5 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 12. गुरु और चेला |
Chapter summary
कक्षा 5 हिंदी की पुस्तक 'रिमझिम' के पाठ 12 'गुरु और चेला' के ये NCERT समाधान छात्रों को कहानी के सार, पात्रों के संवाद और 'अंधेर नगरी' की मूर्खतापूर्ण शासन व्यवस्था को समझने में मदद करते हैं। इसमें टका मुद्रा, कहानी का सारांश, और सुझबुझ से काम बनाने वाली कहानियों पर चर्चा शामिल है। समाधान छात्रों को कविता के निहितार्थों और पात्रों के कार्यों का विश्लेषण करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
Learning outcomes
- पाठ 12 'गुरु और चेला' की कहानी को अपने शब्दों में समझाना।
- 'अंधेर नगरी' की शासन व्यवस्था और उसके परिणामों का विश्लेषण करना।
- मुद्राओं और उनके उपयोग के बारे में जानना।
- सुझबुझ से समस्याओं को हल करने के महत्व को समझना।
- कविता के नैतिक संदेशों की पहचान करना।
Topics covered
Paper topics
- टका मुद्रा का परिचय
- गुरु और चेला की कहानी का सारांश
- अंधेर नगरी का शासन
- सुझबुझ से समस्या समाधान
- विभिन्न देशों की मुद्राएँ
- राजा और प्रजा का संबंध
Important topics
- गुरु और चेला की कहानी का सार
- 'अंधेर नगरी' की मूर्खतापूर्ण व्यवस्था का विश्लेषण
- सुझबुझ से काम बनाने का महत्व
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
अगर आजकल सभी वस्तुएँ केवल एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलने लगें, तो आम जनता के लिए यह एक बहुत बड़ा फ़ायदा होगा क्योंकि वे अपनी ज़रूरत की सभी चीज़ें बहुत ही कम कीमत पर खरीद पाएँगे। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और वे अपनी ज़रूरतों को आसानी से पूरा कर सकेंगे।
हालांकि, दुकानदारों और विक्रेताओं के लिए यह एक बड़ा नुकसान होगा। उन्हें अपनी मेहनत और लागत के बावजूद हर चीज़ को केवल एक रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचना पड़ेगा, जिससे उन्हें कोई लाभ नहीं होगा और उनका व्यवसाय घाटे में चला जाएगा। इससे बाज़ार व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
प्रश्न 2
नीचे दिए गए देशों की मुद्राएँ इस प्रकार हैं:
- सऊदी अरब: दीनार
- जापान: येन
- फ्रांस: यूरो
- इटली: यूरो
- इंग्लैंड: पौंड-स्टर्लिंग
प्रश्न 1
यह कहानी 'अंधेर नगरी' नामक एक राज्य की है जहाँ एक मूर्ख राजा का शासन था। कहानी की शुरुआत एक गुरु और उसके चेले के नगरी में आने से होती है। नगरी में पहुँचने पर उन्हें पता चलता है कि वहाँ हर चीज़ एक टके (पुराने सिक्के) के भाव बिकती है। यह सुनकर गुरु अपने चेले को तुरंत वहाँ से चलने को कहता है, क्योंकि वह समझ जाता है कि यह मूर्खों का राज्य है। लेकिन चेला नगरी में रुकने का फैसला करता है क्योंकि उसे वहाँ की सस्ती चीज़ें बहुत लुभाती हैं।
कुछ समय बाद, नगरी की एक दीवार गिर जाती है और राजा इस घटना का दोषी किसी को ठहराना चाहता है। सिपाही, कारीगर, भिश्ती और मंत्री सभी को पकड़ा जाता है। अंत में, मंत्री को फाँसी देने का आदेश होता है, लेकिन उसकी मोटी गरदन के कारण फाँसी संभव नहीं हो पाती। तब मूर्ख राजा के आदेश पर चेले को फाँसी के लिए लाया जाता है।
चेला अपने गुरु को याद करता है। गुरु अपनी चतुराई का उपयोग करके वहाँ पहुँचता है और राजा से कहता है कि जो भी इस समय फाँसी पर चढ़ेगा, वह अगला राजा बनेगा। यह सुनकर मूर्ख राजा स्वयं ही फाँसी पर चढ़ जाता है। इस प्रकार, गुरु अपनी सूझबूझ से चेले की जान बचाता है और मूर्ख राजा के मरने से प्रजा खुश हो जाती है।
प्रश्न 2
हाँ, मैंने ऐसी एक कहानी पढ़ी है जिसका नाम है 'शेर और खरगोश'।
कहानी: एक जंगल में एक शेर रहता था जो बहुत भूखा था। उसने एक खरगोश को खाने के लिए बुलाया। खरगोश पहले तो डर गया, लेकिन फिर हिम्मत करके शेर के पास पहुँचा। जब शेर ने देर से आने का कारण पूछा, तो खरगोश ने कहा कि रास्ते में उसे शेर से भी बड़ा एक दूसरा शेर मिला था जिसने उसे रोक लिया था।
यह सुनकर शेर को बहुत गुस्सा आया और उसने खरगोश से उस बड़े शेर का स्थान दिखाने को कहा। खरगोश उसे एक कुएं के पास ले गया और कहा कि वह शेर इसी कुएं के अंदर है। शेर ने कुएं में झाँका तो उसे अपनी परछाई दिखाई दी। उसने उसे दूसरा शेर समझा और गुस्से में दहाड़ने लगा। उसकी दहाड़ कुएं में गूंज कर वापस आई, जिसे उसने दूसरे शेर की दहाड़ समझा। गुस्से में शेर उस पर झपटा और कुएं में गिर गया। इस प्रकार, खरगोश ने अपनी चतुराई और सूझबूझ से अपनी जान बचा ली।
प्रश्न 3
'अंधेर नगरी' के बारे में कुछ वाक्य इस प्रकार हैं:
- सड़कें: नगरी की सड़कें चमकदार थीं, लेकिन उन पर चलने वाले शायद ही कोई समझदार थे।
- बाजार: बाजार में हर चीज़, जैसे खीरा, ककड़ी, रबड़ी, मलाई आदि, एक टके सेर के भाव से मिलती थी। यह बाज़ार की अव्यवस्था और मूर्खतापूर्ण मूल्य निर्धारण को दर्शाता है।
- राजा का राजकाज: राजा का राजकाज बिल्कुल मूर्खतापूर्ण था। कोई नियम-कानून नहीं था और किसी के अपराध की सज़ा किसी और को मिल जाती थी। राजा स्वयं ही सबसे बड़ा मूर्ख था।
- अन्य: नगरी में खूब बारिश होती थी और बिजली चमकती थी, जो शायद वहाँ के अव्यवस्थित माहौल का प्रतीक था।
प्रश्न 4
हाँ, ऐसे देश को 'अंधेर नगरी' कहना बिल्कुल ठीक है। इसका कारण यह है कि वहाँ की शासन व्यवस्था पूरी तरह से अव्यवस्थित और मूर्खतापूर्ण थी। राजा अज्ञानी था, न्याय का कोई ठिकाना नहीं था, और प्रजा को सही-गलत का कोई बोध नहीं था। चारों ओर अज्ञानता और अव्यवस्था का माहौल था, जो 'अंधेर नगरी' के नाम को सार्थक करता है।
प्रश्न 1 (क)
अंधेर नगरी की प्रजा राजा के मरने पर इसलिए खुश हुई क्योंकि वह राजा बहुत मूर्ख था और उसका शासन ठीक नहीं था। राजा की गलत नीतियों और अव्यवस्थित राजकाज के कारण प्रजा परेशान थी। एक मूर्ख और अत्याचारी राजा के मरने से प्रजा को मुक्ति मिली और उन्हें लगा कि अब शायद बेहतर शासन स्थापित होगा।
प्रश्न 1 (ख)
प्रजा ने राजा को खुद इसलिए नहीं हटाया क्योंकि उस समय राजा को ईश्वर का रूप माना जाता था और उसका स्थान सर्वोपरि होता था। राजा ही राज्य का मुखिया होता था और उसी का हुक्म चलता था। प्रजा के पास राजा को हटाने का कोई अधिकार या शक्ति नहीं थी। इसके अलावा, शायद प्रजा को यह भी डर था कि अगर वे राजा को हटाने की कोशिश करेंगे तो उन्हें और भी कठोर दंड मिल सकता है। इसलिए, वे चुपचाप कष्ट सहते रहे और राजा के मरने का इंतज़ार किया।
प्रश्न 2 (1)
गुरु जी ने यह बात कही थी कि जो भी इस समय फाँसी पर चढ़ेगा, वह अगले जन्म में या उस समय के अनुसार राजा बनेगा। उन्होंने यह बात अपनी चतुराई से राजा को फाँसी पर चढ़ाने के लिए कही थी, ताकि चेले को बचाया जा सके।
Common mistakes
- कहानी के पात्रों के उद्देश्यों को गलत समझना।
- 'अंधेर नगरी' के शासन को सामान्य शासन व्यवस्था समझना।
- सुझबुझ के बजाय केवल भाग्य पर निर्भर रहना।
Revision tips
- कहानी के मुख्य पात्रों - गुरु और चेले - के कार्यों और उनके परिणामों पर ध्यान केंद्रित करें।
- 'अंधेर नगरी' की मूर्खतापूर्ण व्यवस्था के उदाहरणों को सूचीबद्ध करें।
- सुझबुझ से काम बनाने वाली कहानियों के महत्व पर विचार करें।
- पाठ में उल्लिखित विभिन्न मुद्राओं के बारे में जानें।
Practice MCQs
Q1. 'गुरु और चेला' कविता में 'टका' किस चीज़ का प्रतीक था?
Explanation: कविता में 'टका' पुराने ज़माने के सिक्के का प्रतीक है, जिसका उपयोग उस समय मुद्रा के रूप में होता था।
Q2. 'अंधेर नगरी' में हर चीज़ का भाव क्या था?
Explanation: 'अंधेर नगरी' में हर चीज़ एक टके के भाव से मिलती थी, जो उस मूर्खतापूर्ण राज्य की विशेषता थी।
Q3. चेला गुरु की बात न मानकर 'अंधेर नगरी' में क्यों रुक गया?
Explanation: चेला नगरी में इसलिए रुक गया क्योंकि वहाँ खीरा, ककड़ी, रबड़ी, मलाई जैसी चीजें एक टके सेर मिलती थीं, जिससे उसे खाने-पीने का आनंद लेना था।
Q4. फाँसी के लिए किसे लाया गया था?
Explanation: जब मंत्री की मोटी गरदन के कारण उसे फाँसी नहीं दी जा सकी, तो दोषी के रूप में चेले को फाँसी के लिए लाया गया।
Q5. शेर और खरगोश की कहानी में खरगोश ने अपनी जान कैसे बचाई?
Explanation: खरगोश ने अपनी चतुराई का उपयोग करके शेर को कुएं में अपनी परछाई को दूसरा शेर समझकर कूदने पर मजबूर कर दिया, जिससे उसकी जान बच गई।
Frequently asked questions
'गुरु और चेला' पाठ किस बारे में है?
यह पाठ 'अंधेर नगरी' नामक नाटक के गुरु और चेले की कहानी पर आधारित है, जिसमें मूर्ख राजा के शासन और गुरु की चतुराई से चेले को बचाने का वर्णन है।
'अंधेर नगरी' को ऐसा नाम क्यों दिया गया?
'अंधेर नगरी' को ऐसा नाम इसलिए दिया गया क्योंकि वहाँ का राजा मूर्ख था, राजकाज ठीक से नहीं चलता था, और सजा देने का तरीका भी गलत था, जिससे चारों ओर अज्ञानता का वातावरण था।
क्या 'गुरु और चेला' पाठ में कोई नैतिक शिक्षा है?
हाँ, इस पाठ से यह नैतिक शिक्षा मिलती है कि सुझबुझ और चतुराई से बड़ी से बड़ी मुसीबत का सामना किया जा सकता है और बिगड़े काम को भी बनाया जा सकता है।
पाठ में उल्लिखित 'टका' क्या है?
'टका' पुराने ज़माने का एक सिक्का था, जो उस समय मुद्रा के रूप में इस्तेमाल होता था। यह बांग्लादेश की वर्तमान मुद्रा का नाम भी है।
इस पाठ के समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान छात्रों को पाठ के सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर समझने, कहानी के सार को याद रखने और 'अंधेर नगरी' की व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों का विश्लेषण करने में मदद करेंगे, जिससे वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
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