कक्षा 5 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 11. चावल की रोटियाँ

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यह पृष्ठ कक्षा 5 हिंदी की पुस्तक 'रिमझिम' के पाठ 11, 'चावल की रोटियाँ' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें नाटक के मंचन, पात्रों के वर्गीकरण (मुख्य और गौण), संवाद लेखन के महत्व और झूठ के परिणामों पर चर्चा की गई है। पाठ के दूसरे भाग में भारत के विभिन्न प्रांतों में चावल के विविध उपयोगों को दर्शाया गया है, जिसमें दिल्ली प्रांत के चावल के व्यंजनों की एक तालिका और खीर बनाने की विधि शामिल है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने, संवाद कौशल को निखारने और भारत की सांस्कृतिक विविधता को समझने में मदद करते हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए यह एक महत्वपूर्ण संसाधन है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter11. चावल की रोटियाँ

Chapter summary

कक्षा 5 हिंदी के पाठ 11 'चावल की रोटियाँ' के ये NCERT समाधान छात्रों को नाटक के मंचन, पात्रों के प्रकार (मुख्य और गौण), और संवादों के महत्व को समझने में सहायता करते हैं। इसमें झूठ बोलने के परिणामों पर भी प्रकाश डाला गया है। साथ ही, यह पाठ भारत में चावल के विभिन्न प्रांतीय उपयोगों को दर्शाता है, जिसमें दिल्ली के चावल के व्यंजनों की तालिका और खीर बनाने की विधि शामिल है। यह छात्रों को भारत की खान-पान विविधता से परिचित कराता है।

Learning outcomes

  • नाटक के मंचन और पात्रों के वर्गीकरण को समझना।
  • विभिन्न परिस्थितियों के लिए संवाद लिखने का अभ्यास करना।
  • झूठ बोलने के परिणामों और उसके प्रभाव का विश्लेषण करना।
  • भारत के विभिन्न प्रांतों में चावल के विविध उपयोगों की पहचान करना।
  • खीर बनाने की विधि जैसी सरल पाक विधि को समझना और लिखना।

Topics covered

Paper topics

  • नाटक का मंचन
  • पात्र: मुख्य और गौण
  • संवाद लेखन
  • झूठ और उसके परिणाम
  • भारत में चावल का उपयोग
  • प्रांतीय खान-पान
  • खीर बनाने की विधि
  • भाषा और रहन-सहन

Important topics

  • पात्रों का वर्गीकरण (मुख्य/गौण)
  • संवाद लेखन का अभ्यास
  • झूठ बोलने के परिणामों को समझना
  • भारत में चावल के विविध उपयोग
  • पाक विधि लिखना

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Questions and Solutions

मंच और मंचन

**ऊपर लिखी पंक्तियों में कोको के घर में एक कमरे का वर्णन किया गया है | दरअसल नाटक के लिए मंच सज्जा कैसी हो यह निर्देश उसके लिए है | तुम इस वर्णन को पढ़कर मंच का एक चित्र बनाओ जो ठीक वैसा ही होना चाहिए जैसा कि बताया गया है |**
Solution: यह प्रश्न छात्रों को नाटक के मंचन के लिए दिए गए निर्देशों के आधार पर एक चित्र बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। छात्र दिए गए विवरण जैसे - सादा कमरा, दीवारों पर बाँस की चटाइयाँ, मांस रखने की अलमारी, अलमारी के ऊपर रेडियो, चाय की केतली, कप, खाली गुलाबी फूलदान, कमरे के बीच फ़र्श पर बिछी चटाई, कम ऊँचाई वाली गोल मेज और दो दरवाजों - का उपयोग करके मंच का एक चित्र बना सकते हैं। चित्र बनाते समय, सभी वर्णित वस्तुओं को उनके बताए गए स्थान पर दर्शाना महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 1

**नाटक में हिस्सा लेने वालों को पात्र कहते हैं | जिन पात्रों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है उन्हें ' मुख्य पात्र '| और जिनकी भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं होती उन्हें 'गौण पात्र ' कहते हैं | बताओ इस नाटक में कौन - कौन मुख्य और गौण पात्र कौन है?**
Solution: नाटक में पात्रों को उनकी भूमिका के महत्व के आधार पर मुख्य और गौण पात्रों में वर्गीकृत किया जाता है।

मुख्य पात्र: वे पात्र जिनकी भूमिका नाटक में सबसे महत्वपूर्ण होती है। इस नाटक में, कोको, मिमि और तिन सू मुख्य पात्र हैं।

गौण पात्र: वे पात्र जिनकी भूमिका मुख्य पात्रों की तुलना में कम महत्वपूर्ण होती है। इस नाटक में, नीनी और उ बा तुन गौण पात्र हैं।

प्रश्न 2

**पात्रों को जो बात बोलनी होती है उसे संवाद कहते हैं | क्या तुम किसी एक परिस्थिति के लिए संवाद लिख सकती हो ? ( इसके लिए तुम टोलियों में भी काम कर सकती हो |) उदाहरण के लिए ; खो - खो या कबड्डी जैसा कोई खेल - खेलते समय दूसरे दल के खिलाड़ियों से बहस।**
Solution: संवाद पात्रों द्वारा कही जाने वाली बातें होती हैं। यहाँ खो-खो या कबड्डी खेलते समय दूसरे दल के खिलाड़ियों से बहस की एक काल्पनिक परिस्थिति के लिए संवाद का उदाहरण दिया गया है:

पहला दल का सदस्य: अरे! तुम्हारे खिलाड़ी आउट हो गए हैं!

दूसरे दल का सदस्य: किस तरह आउट हो गए? हमें बताओ।

पहला दल का सदस्य: क्योंकि तुम्हारे खिलाड़ी की साँस टूट गई थी और वह अपने पाले में नहीं पहुँच पाया।

दूसरे दल का सदस्य: नहीं, ऐसा नहीं हुआ। इससे पहले कि वह आउट होता, वह अपने पाले में आ गया था।

पहला दल का सदस्य: तुम झूठ बोल रहे हो! हमने सब देखा है।

दूसरे दल का सदस्य: बहस मत करो, जल्दी से खेल शुरू करो।

प्रश्न 3

**क्या कभी आपने कोई चीज या बात दूसरों से छिपाई है या छिपाने की कोशिश की है उस समय क्या - क्या हुआ था?**
Solution: यह प्रश्न छात्रों को अपने व्यक्तिगत अनुभवों से जुड़ने और ईमानदारी के महत्व पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है। एक संभावित उत्तर इस प्रकार हो सकता है:

हाँ, एक बार मैंने अपने दोस्त से अपनी पसंदीदा कहानी की किताब छिपाने की कोशिश की थी क्योंकि मैं उसे वह किताब देना नहीं चाहता था। मैंने किताब को तकिए के नीचे छुपा दिया। जब मेरा दोस्त वहीं बैठ गया, तो मैंने चुपके से किताब निकालकर मेज की दराज में रख दी। बाद में जब उसने दराज खोली, तो मुझे उसे बड़ी मुश्किल से बहाना बनाकर बाहर भेजना पड़ा। इस अनुभव से मुझे समझ आया कि चीजें छिपाने से कितनी परेशानी हो सकती है।

प्रश्न 4

**कहते हैं , एक झूठ बोलने के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते हैं | क्या तुम्हें कहानी पढ़कर ऐसा लगता है? कहानी की मदद से इस बात समझाओ |**
Solution: यह कहावत 'एक झूठ बोलने के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते हैं' बिल्कुल सही लगती है जब हम कोको की कहानी को देखते हैं।

कोको ने नीनी और मिमि से चावल की रोटियाँ बचाने के लिए एक के बाद एक कई झूठ बोले। पहले उसने कहा कि रेडियो खराब है, फिर कहा कि उसका पेट भरा है, फिर मुँह हाथ धोने का बहाना बनाया, उसके बाद कमरे में चूहा होने की बात कही, और अंत में यह झूठ बोला कि उसकी माँ को एलर्जी है और उसने रोटियाँ खा ली हैं। इस तरह, एक झूठ को सच साबित करने के लिए कोको को लगातार कई झूठ बोलने पड़े, जो इस कहावत को चरितार्थ करता है।

प्रश्न 1

**कोको की माँ ने उसके लिए चावल की रोटियां बनाकर रखी थी | भारत के विभिन्न प्रांतो में चावल अलग - अलग तरीके से इस्तेमाल किया जाता है - भोजन के हिस्से की रूप में भी, नमकीन और मीठे पकवान के रूप में भी | तुम्हारे प्रांत में चावल का इस्तेमाल कैसे होता है ? घर में बातचीत करके पता करो एक तालिका बनाओ | कक्षा मैं अपने दोस्तों की तालिका के साथ मिलान करो तो पाओगे की भाषा , कपड़ों और रहन - सहन के साथ - साथ खान - पान की दृष्टि से भी भारत अनूठा है |**
Solution: भारत एक विविधतापूर्ण देश है जहाँ हर प्रांत का अपना अलग खान-पान है। चावल भारत के कई हिस्सों में मुख्य भोजन है और इसे विभिन्न तरीकों से पकाया जाता है।

दिल्ली प्रांत में चावल का प्रयोग:

चावल का प्रयोग विवरण
मुख्य भोजन के रूप में सादे चावल को दाल, सब्जी या करी के साथ खाया जाता है।
मीठे पकवान खीर (चावल की खीर) एक लोकप्रिय मीठा व्यंजन है।
नमकीन पकवान पुलाव और बिरयानी जैसे चावल के व्यंजन बनाए जाते हैं।
अन्य व्यंजन इडली, डोसा (हालांकि ये दक्षिण भारतीय हैं, दिल्ली में भी लोकप्रिय हैं), और खिचड़ी (दाल-चावल मिलाकर) भी बनाए जाते हैं।

यह तालिका दर्शाती है कि चावल का उपयोग केवल एक तरह से नहीं, बल्कि विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में किया जाता है, जो भारत की समृद्ध पाक संस्कृति को दर्शाता है।

प्रश्न 2

**अपनी तालिका में से चावल से बनी कोई एक खाने चीज बनाने की विधि पता करो और उसे नीचे दिए गए बिंदुओं के साथ से लिखो
  • सामग्री, *तैयारी, *विधि
**
Solution: यहाँ चावल से बनने वाले एक लोकप्रिय व्यंजन 'खीर' को बनाने की विधि दी गई है, जिसमें सामग्री, तैयारी और विधि के चरण शामिल हैं:

व्यंजन: खीर

सामग्री:

  • 1/2 कप बासमती चावल (या कोई भी छोटा दाना चावल)
  • 1 लीटर दूध
  • 1/2 कप चीनी (स्वादानुसार)
  • 1/4 कप कटे हुए मेवे (जैसे काजू, बादाम, पिस्ता)
  • 1/4 छोटा चम्मच इलायची पाउडर (वैकल्पिक)

तैयारी:

  • चावल को अच्छी तरह से साफ करके धो लें और 15-20 मिनट के लिए पानी में भिगो दें, फिर पानी निकाल दें।
  • मेवों को बारीक काट लें।

विधि:

  1. एक भारी तले वाली कड़ाही या पतीले में दूध डालकर मध्यम आँच पर गरम करें।
  2. जब दूध में उबाल आने लगे, तो आँच धीमी कर दें और भिगोए हुए चावल डाल दें।
  3. चम्मच से लगातार चलाते रहें ताकि चावल तले में न लगें। दूध को गाढ़ा होने तक धीमी आँच पर पकने दें (लगभग 20-25 मिनट)।
  4. जब चावल पक जाएँ और खीर थोड़ी गाढ़ी हो जाए, तो चीनी डालें और अच्छी तरह मिलाएँ जब तक कि चीनी घुल न जाए।
  5. कटे हुए मेवे और इलायची पाउडर (यदि उपयोग कर रहे हैं) डालें और अच्छी तरह मिलाएँ।
  6. आँच बंद कर दें। खीर को गरमागरम या ठंडा करके परोसें।

प्रश्न 3

**"कोको के माता-पिता <u>धान</u> लगाने के लिए खेतों में गए।"**
Solution: यह वाक्य बताता है कि कोको के माता-पिता खेतों में धान (चावल का पौधा) लगाने के काम से गए थे। यह वाक्य पाठ के संदर्भ को स्पष्ट करता है कि चावल की उत्पत्ति कहाँ से होती है और यह किसानों के लिए कितना महत्वपूर्ण है। यह छात्रों को कृषि और भोजन के स्रोत के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करता है।

Common mistakes

  • पात्रों को मुख्य और गौण में सही ढंग से वर्गीकृत न कर पाना।
  • संवाद लिखते समय परिस्थिति के अनुसार भाषा का प्रयोग न कर पाना।
  • चावल के विभिन्न प्रांतीय उपयोगों को पहचानने में भ्रमित होना।
  • पाक विधि लिखते समय सामग्री और विधि के चरणों को सही क्रम में न लिख पाना।

Revision tips

  • नाटक के मंचन के निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और कल्पना करें।
  • मुख्य और गौण पात्रों की सूची बनाएं और उनके संवादों पर विचार करें।
  • झूठ बोलने से संबंधित कोको के विभिन्न बहानों को याद करें।
  • अपने प्रांत में चावल से बनने वाले अन्य व्यंजनों की सूची बनाएं।
  • खीर बनाने की विधि को स्वयं लिखकर अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. नाटक में कोको, मिमि और तिन सू को कौन से पात्र कहा गया है?

Q2. नीनी और उ बा तुन को नाटक में कौन से पात्र कहा गया है?

Q3. कोको ने चावल की रोटियाँ बचाने के लिए क्या बहाना बनाया?

Q4. पाठ के अनुसार, भारत में चावल का इस्तेमाल किस रूप में नहीं होता है?

Q5. खीर बनाने की विधि में सबसे पहले क्या किया जाता है?

Frequently asked questions

कक्षा 5 हिंदी के पाठ 'चावल की रोटियाँ' में मुख्य पात्र कौन हैं?

पाठ 'चावल की रोटियाँ' में कोको, मिमि और तिन सू को मुख्य पात्र कहा गया है क्योंकि उनकी भूमिकाएँ महत्वपूर्ण हैं।

गौण पात्र किसे कहते हैं और इस नाटक में कौन हैं?

गौण पात्र वे होते हैं जिनकी भूमिका नाटक में बहुत महत्वपूर्ण नहीं होती। इस नाटक में नीनी और उ बा तुन गौण पात्र हैं।

पाठ 'चावल की रोटियाँ' से हमें झूठ के बारे में क्या सीखने को मिलता है?

यह पाठ सिखाता है कि एक झूठ को छिपाने के लिए कई झूठ बोलने पड़ते हैं और इससे समस्याएँ बढ़ सकती हैं, जैसा कि कोको के झूठों से पता चलता है।

भारत के विभिन्न प्रांतों में चावल का उपयोग कैसे किया जाता है?

भारत के विभिन्न प्रांतों में चावल का उपयोग मुख्य भोजन के रूप में, साथ ही नमकीन और मीठे पकवानों जैसे इडली, डोसा, खिचड़ी और खीर बनाने में किया जाता है।

खीर बनाने की विधि में किन सामग्रियों का उपयोग होता है?

खीर बनाने के लिए मुख्य रूप से चावल, दूध, चीनी और मेवों का उपयोग किया जाता है।

यह NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान पाठ की अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, संवाद लेखन और पात्रों की पहचान जैसे कौशलों का अभ्यास कराते हैं, और भारत की सांस्कृतिक विविधता को समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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