कक्षा 5 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 6 - चिट्ठी का सफर

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यह पृष्ठ कक्षा 5 हिंदी की पुस्तक के पाठ 6, 'चिट्ठी का सफर' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें पत्र व्यवहार के ऐतिहासिक विकास, विभिन्न प्रकार के डाक माध्यमों और पते लिखने के सही क्रम जैसे विषयों को शामिल किया गया है। छात्र सीखेंगे कि कैसे गांधीजी जैसे प्रसिद्ध व्यक्तियों को केवल नाम से पत्र प्राप्त होते थे, पैदल हरकारों को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, और एक पत्र को सही गंतव्य तक पहुँचाने के लिए पते में कौन-कौन सी जानकारी किस क्रम में होनी चाहिए। समाधान डाक टिकटों और शब्दकोश के उपयोग पर भी प्रकाश डालते हैं। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं, जिससे वे पत्र लेखन और संचार के साधनों की अपनी समझ को मजबूत कर सकें।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 6

Chapter summary

कक्षा 5 हिंदी के पाठ 'चिट्ठी का सफर' के ये NCERT समाधान छात्रों को पत्र लेखन और डाक व्यवस्था की दुनिया से परिचित कराते हैं। इसमें गांधीजी को पत्र पहुँचने के कारणों, पते लिखने के सही क्रम, और पैदल हरकारों के सामने आने वाली चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई है। समाधान छात्रों को डाकघर की लागतों और डाक टिकटों के महत्व को समझने में भी मदद करते हैं। यह पाठ संचार के विभिन्न माध्यमों और शब्दकोश के उपयोग पर भी प्रकाश डालता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक हैं।

Learning outcomes

  • पत्र प्राप्त करने के लिए पते के महत्व को समझना।
  • पैदल हरकारों द्वारा सामना की जाने वाली कठिनाइयों की पहचान करना।
  • पत्र के पते में जानकारी का सही क्रम निर्धारित करना।
  • संचार के विभिन्न माध्यमों और उनके उपयोग को समझना।
  • शब्दकोश में शब्दों के अर्थ और अन्य जानकारी को खोजना।

Topics covered

Paper topics

  • पत्र व्यवहार का इतिहास
  • गांधीजी को पत्र
  • पते का महत्व
  • पते लिखने का सही क्रम
  • पैदल हरकारों की कठिनाइयाँ
  • डाकघर और उसकी सेवाएँ
  • पोस्टकार्ड, अंतर्देशीय पत्र और लिफ़ाफ़े
  • डाक टिकट
  • संचार के माध्यम
  • शब्दकोश का उपयोग
  • शब्दों के अर्थ

Important topics

  • पते का महत्व और लिखने का सही क्रम
  • संचार के विभिन्न माध्यम
  • पैदल हरकारों के सामने आने वाली चुनौतियाँ
  • पत्र व्यवहार का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

गांधीजी को सिर्फ उनके नाम और देश के नाम के सहारे पत्र कैसे पहुँच गया होगा?
Solution: गांधीजी भारत के साथ-साथ विश्व भर में बहुत प्रसिद्ध थे। उनकी प्रसिद्धि के कारण, डाक विभाग को यह ज्ञात था कि वे किस समय किस स्थान पर निवास कर रहे हैं। इसी जानकारी के आधार पर, केवल उनके नाम और देश के नाम का उल्लेख होने पर भी पत्र उन तक सफलतापूर्वक पहुँच जाता था।

प्रश्न 2

अगर एक पत्र में पते के साथ किसी का नाम हो तो क्या पत्र ठीक जगह पर पहुँच जाएगा?
Solution: हाँ, निस्संदेह। यदि किसी पत्र में सही पते के साथ प्राप्तकर्ता का नाम भी लिखा हो, तो वह पत्र निश्चित रूप से ठीक जगह पर पहुँच जाएगा। नाम और पता दोनों मिलकर पत्र को सही व्यक्ति तक पहुँचाने में मदद करते हैं।

प्रश्न 3

नाम न होने से क्या समस्याएं आती हैं?
Solution: यदि किसी पत्र में प्राप्तकर्ता का नाम न लिखा हो, तो डाकिये के लिए यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि वह पत्र किसका है। ऐसी स्थिति में, पत्र गलत व्यक्ति के हाथ में पहुँच सकता है या उसे सही पते पर पहुँचाने में अतिरिक्त समय लग सकता है।

प्रश्न 4

पैदल हरकारों को किस-किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पडता होगा?
Solution: पैदल हरकारों को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्हें हर तरह के दुर्गम स्थानों पर पहुँचना होता था, चाहे वह पहाड़ी रास्ता हो, जंगल हो या नदी पार करनी हो। इसके अतिरिक्त, उन्हें अपनी डाक की सुरक्षा भी करनी होती थी, क्योंकि डाकू, लुटेरे या जंगली जानवर कभी भी हमला कर सकते थे, जिससे उन्हें हमेशा खतरा बना रहता था।

प्रश्न 5

अगर तुम किसी को चिट्ठी लिख रहे हो तो पते में यह जानकारी किस क्रम में लिखोगे? गली/मोहल्ले का नाम, घर का नंबर, राज्य का नाम, खंड का नाम, कस्बे/शहर/गाँव का नाम, जनपद का नाम नीचे दी गई जगह में लिखो। तुमने इस क्रम में ही क्यों लिखा?
Solution: पत्र के पते में जानकारी लिखने का सही क्रम इस प्रकार होगा:
  1. घर का नंबर
  2. गली/मोहल्ले का नाम
  3. खंड का नाम
  4. कस्बे/शहर/गाँव का नाम
  5. जनपद का नाम
  6. राज्य का नाम
हमने यह क्रम इसलिए चुना क्योंकि पता लिखते समय छोटी भौगोलिक इकाई से शुरू करके धीरे-धीरे बड़ी भौगोलिक इकाई की ओर बढ़ना चाहिए। इससे डाकिये को पत्र को सही स्थान तक पहुँचाने में आसानी होती है, क्योंकि वह सबसे विशिष्ट जानकारी से शुरू करके सामान्य जानकारी की ओर बढ़ता है।

प्रश्न 6

अपने घर पर कोई पुराना (या नया) पत्र ढूँढ़ो। उसे देखकर नीचे लिखे प्रश्नों का जवाब लिखो: (क) पत्र किसने लिखा? (ख) किसे लिखा? (ग) किस तारीख को लिखा? (घ) यह पत्र किस डाकखाने में तथा किस तारीख को पहुँचा? (ङ) यह उत्तर: तुम्हें कैसे पता चला?
Solution: यह एक 'स्वयं करो' प्रकार का प्रश्न है। आपको अपने घर पर उपलब्ध किसी पुराने या नए पत्र को खोजना होगा और उसमें दी गई जानकारी के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने होंगे:
  • (क) पत्र लिखने वाले का नाम।
  • (ख) पत्र प्राप्त करने वाले का नाम।
  • (ग) पत्र लिखने की तारीख।
  • (घ) पत्र पर मुहर लगी हुई डाकखाने का नाम और वह जिस तारीख को वहाँ पहुँचा।
  • (ङ) यह जानकारी आपको पत्र पर छपी मुहरों, लिखने वाले के हस्ताक्षर या पते से मिलेगी।

प्रश्न 7

चिट्ठी भेजने के लिए आमतौर पर पोस्टकार्ड, अंतर्देशीय पत्र या लिफ़ाफ़ा इस्तेमाल किया जाता है। डाकघर जाकर इनका मूल्य पता करके लिखो पोस्टकार्ड ...... लिफ़ाफ़ा ..... लिफ़ाफ़ा .....
Solution: यह प्रश्न आपको अपने नज़दीकी डाकघर जाकर वर्तमान मूल्य पता करने के लिए प्रोत्साहित करता है। आपको निम्नलिखित के मूल्य का पता लगाना है:
  • पोस्टकार्ड का मूल्य: [डाकघर से पता करके यहाँ लिखें]
  • अंतर्देशीय पत्र का मूल्य: [डाकघर से पता करके यहाँ लिखें]
  • लिफ़ाफ़े का मूल्य: [डाकघर से पता करके यहाँ लिखें]
यह अभ्यास आपको डाक सेवाओं की लागतों से अवगत कराएगा।

प्रश्न 8

डाकटिकट इकट्ठा करो। एक रुपये से लेकर दस रुपये तक के डाक-टिकटों को क्रम में लगाकर कॉपी पर चिपकाओ। इंकट्ठा किए गए डाक-टिकटों पर अपने साथियों के साथ चर्चा करो।
Solution: इस गतिविधि के लिए, आप इंटरनेट से विभिन्न मूल्यवर्गों (जैसे ₹1 से ₹10 तक) के डाक टिकटों की छवियां प्राप्त कर सकते हैं और उन्हें अपनी कॉपी पर चिपका सकते हैं। आप इन टिकटों को उनके मूल्य के अनुसार क्रम में लगा सकते हैं। इसके बाद, आप अपने साथियों के साथ इन टिकटों के डिज़ाइन, उन पर बनी छवियों और उनके महत्व पर चर्चा कर सकते हैं। यह डाक टिकटों के संग्रह और उनके ऐतिहासिक/सांस्कृतिक महत्व को समझने का एक मजेदार तरीका है।

शब्दकोश - संचार का अर्थ

नीचे शब्दकोश का एक अंश दिया गया है जिसमें 'संचार' शब्द का अर्थ भी दिया गया है।

संगीतज्ञ-संगीत जानने वाला, संगीत की कला में निपुण।

संग्रह-पु. 1. जमा करना, इकट्ठा करना, एकत्र करना, संचय। प्र. दीपक आजकल पक्षियों के पंखों का संग्रह करने में लगा है। 2. इकट्ठी की हुई चीजों का समूह या ढेर, संकलन; जैसे-टिकट-संग्रह, निबंध-संग्रह।

संचार-पु. 1. किसी संदेश को दूर तक या बहुत-से लोगों तक पहुँचाने की क्रिया या प्रणाली, कम्यूनिकेशन।

टेलीफ़ोन, टेलीविज़न, सेटेलाइट आदि संचार के माध्यमों से दुनिया आज छोटी हो गई है। 2. किसी चीज़ का प्रवाह, चलना, फैलना; जैसे-शरीर में रक्त का संचार, विद्युत् का संचार।

(क) बताओ कि कौन-सा अर्थ पाठ के संदर्भ में ठीक है।

(ख) इस पन्ने को ध्यान से देखो और बताओ कि शब्दकोश में दिए गए शब्दों के साथ क्या-क्या जानकारी दी गई होती हैं।

Solution:

(क) पाठ के संदर्भ में 'संचार' का ठीक अर्थ:

पाठ 'चिट्ठी का सफर' में 'संचार' शब्द का अर्थ है 'किसी संदेश को दूर तक या बहुत-से लोगों तक पहुँचाने की क्रिया या प्रणाली, कम्यूनिकेशन'। यह अर्थ पाठ के विषय, जो कि पत्र व्यवहार और संचार के साधनों से संबंधित है, के लिए सबसे उपयुक्त है।

(ख) शब्दकोश में दी गई जानकारी:

शब्दकोश में दिए गए शब्दों के साथ निम्नलिखित प्रकार की जानकारी दी गई होती है:

**शब्द:** जैसे 'संगीतज्ञ', 'संग्रह', 'संचार'।

**शब्द का प्रकार:** जैसे 'पु.' (पुल्लिंग)।

**अर्थ:** शब्द के एक या अधिक अर्थ बताए जाते हैं।

**उदाहरण:** कुछ शब्दों के अर्थ को स्पष्ट करने के लिए वाक्य उदाहरण के रूप में दिए जाते हैं (जैसे 'संग्रह' और 'संचार' के लिए)।

**व्याकरणिक जानकारी:** कभी-कभी लिंग, वचन आदि जैसी व्याकरणिक जानकारी भी शामिल होती है।

Common mistakes

  • पते में जानकारी का क्रम गलत लिखना।
  • संचार के साधनों के महत्व को कम आंकना।
  • पत्र व्यवहार के ऐतिहासिक संदर्भ को न समझना।

Revision tips

  • पत्र के पते में जानकारी के सही क्रम को याद करें।
  • संचार के विभिन्न माध्यमों के लाभ और हानियों पर विचार करें।
  • शब्दकोश का उपयोग करके नए शब्दों के अर्थ खोजने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. गांधीजी को केवल नाम और देश के आधार पर पत्र क्यों पहुँच जाता था?

Q2. पत्र के पते में सबसे छोटी भौगोलिक इकाई से बड़ी इकाई की ओर जानकारी लिखने का क्या कारण है?

Q3. पैदल हरकारों को किन खतरों का सामना करना पड़ता था?

Q4. शब्दकोश में 'संचार' शब्द का पाठ के संदर्भ में कौन सा अर्थ उपयुक्त है?

Q5. यदि किसी पत्र में केवल नाम लिखा हो और पता न हो, तो क्या होगा?

Frequently asked questions

कक्षा 5 के लिए 'चिट्ठी का सफर' पाठ के NCERT समाधान क्यों महत्वपूर्ण हैं?

ये समाधान छात्रों को पत्र लेखन, पते के महत्व, डाक व्यवस्था के विकास और संचार के विभिन्न साधनों जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक हैं।

पत्र के पते में जानकारी किस क्रम में लिखनी चाहिए?

पत्र के पते में जानकारी छोटी भौगोलिक इकाई से शुरू होकर बड़ी इकाई की ओर बढ़नी चाहिए, जैसे: घर का नंबर, गली/मोहल्ले का नाम, खंड का नाम, कस्बे/शहर/गाँव का नाम, जनपद का नाम, और अंत में राज्य का नाम।

गांधीजी को केवल नाम से पत्र कैसे मिल जाता था?

गांधीजी भारत और विदेश में बहुत प्रसिद्ध थे। डाक विभाग को उनके निवास स्थान की जानकारी होती थी, जिससे केवल नाम और देश के आधार पर भी पत्र उन तक पहुँच जाता था।

पैदल हरकारों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता था?

पैदल हरकारों को हर तरह के रास्तों से गुजरना पड़ता था और उन्हें डाकुओं, लुटेरों या जंगली जानवरों जैसे खतरों का सामना करना पड़ता था, साथ ही उन्हें डाक की सुरक्षा भी करनी होती थी।

इस पाठ में 'संचार' शब्द का क्या अर्थ है?

इस पाठ के संदर्भ में 'संचार' का अर्थ है किसी संदेश को दूर तक या बहुत से लोगों तक पहुँचाने की क्रिया या प्रणाली, जैसे कि पत्र, टेलीफोन या टेलीविज़न।

क्या ये समाधान छात्रों को परीक्षा में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान पाठ की मुख्य अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और अभ्यास के लिए प्रश्नोत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी।

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