CBSE Class 5 Hindi Chapter 12 Guru Aur Chela NCERT Solutions
This chapter, 'Guru Aur Chela' from the CBSE Class 5 Hindi curriculum, delves into the concepts of currency, wisdom, and justice through a narrative. The NCERT Solutions provide detailed answers to questions related to the value of money, comparing different currencies, and understanding the consequences of a foolish king's rule. Students will explore the importance of good governance and the role of intelligence in overcoming difficult situations. The solutions also touch upon the significance of a guru's guidance and how wisdom can save lives and bring justice to the oppressed. These solutions are designed to help students grasp the underlying moral and practical lessons of the chapter, aiding in their exam preparation by offering clear explanations and thought-provoking insights.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 5 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 12 |
Chapter summary
Chapter 12, 'Guru Aur Chela,' focuses on understanding the value of money, comparing different currencies like the Indian Rupee and Bangladeshi Taka, and exploring the societal impact of a foolish ruler. The NCERT Solutions break down the poem's narrative, emphasizing the importance of wisdom and quick thinking in critical situations. It highlights how a wise guru can protect his disciple and the public from injustice and poor governance, ultimately leading to a better society.
Learning outcomes
- Understand the concept of currency and its role in trade.
- Compare different currencies of various countries.
- Analyze the consequences of a foolish king's rule on his subjects.
- Appreciate the importance of wisdom and quick thinking in problem-solving.
- Recognize the value of a guru's guidance and foresight.
- Discuss the principles of justice and good governance.
Topics covered
Paper topics
- Currency comparison (Rupaya, Taka, Dinar, Yen, Euro, Pound)
- Consequences of a foolish king's rule
- The importance of wisdom and intelligence
- Problem-solving through cleverness
- Justice and governance
- Moral lessons from stories and poems
Important topics
- Currency comparison
- Impact of a foolish ruler
- Guru's wisdom and its application
- Problem-solving strategies
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
अगर आज के समय में सब चीजें केवल एक रुपया प्रति किलो मिलने लगें, तो इसके कई फायदे और नुकसान हो सकते हैं:
फायदे:
- गरीब लोगों के लिए यह बहुत बड़ी राहत की बात होगी, क्योंकि वे भी आसानी से अपनी जरूरत की सभी चीजें खरीद पाएंगे।
- अमीर और गरीब के बीच का आर्थिक अंतर काफी कम हो जाएगा, जिससे समाज में समानता बढ़ेगी।
- सभी को पर्याप्त भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं मिल सकेंगी।
नुकसान:
- बाजार में वस्तुओं की मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ जाएगा, जिससे बाजार की रौनक कम हो जाएगी (बाजार मंदा पड़ जाएगा)।
- उत्पादकों और किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिलेगा, जिससे वे हतोत्साहित होंगे।
- देश की पूरी अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी क्योंकि उत्पादन और व्यापार पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। देश की आर्थिक व्यवस्था लचर हो जाएगी।
प्रश्न 2
नीचे दिए गए देशों की मुद्राएँ इस प्रकार हैं:
- सऊदी अरब – दीनार
- जापान – येन
- फ्रांस – यूरो
- इटली – यूरो
- इंग्लैंड – पाउंड
प्रश्न 1
इस कविता की कहानी को समझने के लिए, कृपया कविता का सारांश ध्यानपूर्वक पढ़ें। यह कहानी एक मूर्ख राजा की नगरी 'अंधेर नगरी' के बारे में है, जहाँ सब कुछ 'टके सेर' बिकता था। एक गुरु और चेला उस नगरी में आते हैं। चेला अपनी मूर्खता के कारण एक अपराध में फँस जाता है और उसे फाँसी की सजा सुनाई जाती है। गुरु अपनी सूझ-बूझ से चेले को बचाते हैं और मूर्ख राजा से प्रजा को मुक्ति दिलाते हैं।
प्रश्न 2
यह एक स्व-अभ्यास प्रश्न है। आप अपनी पढ़ी हुई कहानियों या कविताओं में से किसी ऐसी कहानी को याद कर सकते हैं जहाँ किसी पात्र ने अपनी समझदारी और चतुराई का उपयोग करके किसी मुश्किल समस्या का समाधान किया हो या किसी बिगड़े हुए काम को ठीक किया हो। उदाहरण के लिए, पंचतंत्र की कहानियों में अक्सर ऐसे पात्र मिलते हैं जो अपनी बुद्धि से मुश्किलों का सामना करते हैं। आप ऐसी कोई कहानी कक्षा में सुना सकते हैं।
प्रश्न 3
कविता के अनुसार, 'अंधेर नगरी' के बारे में निम्नलिखित वाक्य लिखे जा सकते हैं:
सड़कें: अंधेर नगरी की सड़कें चमकदार और अच्छी बनी हुई थीं।
बाजार: अंधेर नगरी के बाजार में सभी वस्तुएँ बहुत सस्ती थीं, सब कुछ 'टके सेर' बिकता था, जिसका अर्थ है कि हर चीज की कीमत बहुत कम थी।
राजा का राजकाज: अंधेर नगरी का राजा निहायत ही मूर्ख था। उसके शासन में सही और गलत का कोई भेद नहीं था। वह प्रजा की समस्याओं को नहीं समझता था और न ही उन्हें हल करने का प्रयास करता था। इस कारण प्रजा बहुत दुखी थी और राजा से मुक्ति चाहती थी।
प्रश्न 4
हाँ, ऐसे देश को 'अंधेर नगरी' कहना बिल्कुल ठीक है। इसका कारण यह है कि 'अंधेर नगरी' नाम ही मूर्खतापूर्ण शासन और अव्यवस्था को दर्शाता है। जैसा कि कविता में बताया गया है, इस नगरी का राजा बहुत मूर्ख था। उसे यह समझ नहीं थी कि क्या सही है और क्या गलत, किसे सज़ा मिलनी चाहिए और किसे शाबाशी। उसके शासनकाल में प्रजा को बहुत कष्ट झेलना पड़ता था और वे उससे छुटकारा पाना चाहते थे। जहाँ राजा ही मूर्ख हो और प्रजा दुखी हो, ऐसे स्थान को 'अंधेर नगरी' कहना उचित ही है।
प्रश्न 1
(क) अँधेर नगरी की प्रजा राजा के मरने पर खुश क्यों हुई?
(ख) यदि वे राजा से परेशान थे तो उन्होंने उसे खुद क्यों नहीं हटाया? आपस में चर्चा करो।
(क) प्रजा राजा के मरने पर खुश क्यों हुई?
अंधेर नगरी की प्रजा राजा के मरने पर इसलिए खुश हुई क्योंकि वह राजा बहुत मूर्ख था। एक मूर्ख शासक अपनी प्रजा के लिए अक्सर परेशानी और दुख का कारण बनता है। उसके गलत फैसलों और अव्यवहारिक शासन से लोग परेशान रहते हैं। राजा के मरने से प्रजा को उस मूर्खतापूर्ण शासन से मुक्ति मिली, जो उनकी वर्षों की इच्छा थी। इसलिए, वे दुखों के अंत से प्रसन्न थे।
(ख) उन्होंने राजा को खुद क्यों नहीं हटाया?
प्रजा ने राजा को खुद इसलिए नहीं हटाया क्योंकि ऐसा करना आसान काम नहीं था। किसी राजा को उसके पद से हटाना एक बहुत बड़ा और जोखिम भरा काम होता है। इसके लिए प्रजा को किसी योग्य और शक्तिशाली नेता के नेतृत्व में एकजुट होना पड़ता। सभी लोगों को एक साथ लाना और किसी योजना पर अमल करना बहुत मुश्किल होता है। यदि वे ऐसा करने का प्रयास भी करते, तो इसमें बहुत समय लगता और सफलता की कोई गारंटी नहीं थी। इसलिए, उन्होंने राजा के हटने का इंतजार किया या किसी बाहरी हस्तक्षेप (जैसे गुरु की सूझ-बूझ) की उम्मीद की।
प्रश्न 2
(क) गुरुजी ने क्या बात कही थी?
(ख) राजा यह बात सुनकर फाँसी पर लटक गया। तुम्हारे विचार से गुरुजी ने जो बात कही, क्या वह सच थी?
(ग) गुरुजी ने यह बात कहकर सही किया या गलत? आपस में चर्चा करो।
(क) गुरुजी ने क्या बात कही थी?
गुरुजी ने यह बात कही थी कि फाँसी पर चढ़ने के लिए यह मुहूर्त (समय) सबसे शुभ है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुहूर्त में जो भी फाँसी पर चढ़ेगा, वह चक्रवर्ती राजा बनेगा और उसके सिर पर पूरे संसार का राज-छत्र होगा।
(ख) गुरुजी की बात सच थी?
नहीं, गुरुजी की यह बात सच नहीं थी। राजा मूर्ख था, इसलिए उसने गुरुजी की बात को सच मान लिया और फाँसी पर लटक गया। गुरुजी ने यह बात केवल अपने निर्दोष चेले को बचाने के लिए कही थी, न कि इसलिए कि वह सच थी।
(ग) गुरुजी ने यह बात कहकर सही किया या गलत?
गुरुजी ने यह बात कहकर बिल्कुल सही किया। उन्होंने न केवल अपने निर्दोष चेले को मूर्ख राजा की फाँसी से बचाया, बल्कि उस मूर्ख राजा से सारी प्रजा को भी मुक्ति दिलाई। प्रजा ऐसे राजा के शासन से बहुत दुखी थी और मुक्ति चाहती थी। गुरुजी ने अपनी सूझ-बूझ से प्रजा की इच्छा पूरी की और एक बड़ी अन्यायी समस्या का समाधान कर दिया।
प्रश्न 1
थी बिजली और उसकी सहेली थी बदली
यह प्रश्न छात्रों को अपनी कल्पना शक्ति का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। कविता की पंक्तियों को आगे बढ़ाने के लिए, आप बिजली और बदली के बीच की बातचीत या उनके कार्यों का वर्णन कर सकते हैं। उदाहरण के लिए:
थी बिजली और उसकी सहेली थी बदली,
दोनों मिलकर करने चलीं दुनिया की सैर,
कभी गरजती, कभी बरसती,
धरती को देतीं नया जीवन हर पल।
यह केवल एक उदाहरण है, छात्र अपनी रचनात्मकता के अनुसार इसे आगे बढ़ा सकते हैं।
Common mistakes
- Confusing currency names with their respective countries.
- Underestimating the impact of a ruler's foolishness on the general public.
- Not fully grasping the moral of the story regarding wisdom over brute force or foolishness.
Revision tips
- Read the poem 'Guru Aur Chela' carefully to understand the story's progression.
- Pay close attention to the explanations of currency and their corresponding countries.
- Discuss the character of the foolish king and the consequences of his actions.
- Reflect on the guru's wisdom and how it resolved the crisis.
- Try to summarize the story in your own words to check comprehension.
Practice MCQs
Q1. भारत की मुद्रा का नाम क्या है?
Explanation: भारत में खरीदने-बेचने के लिए 'रुपया' मुद्रा का इस्तेमाल होता है।
Q2. बांग्लादेश की मुद्रा का नाम क्या है?
Explanation: बांग्लादेश में मुद्रा के रूप में 'टका' का प्रयोग किया जाता है।
Q3. जापान की मुद्रा कौन सी है?
Explanation: जापान देश की मुद्रा 'येन' है।
Q4. अंधेर नगरी का राजा कैसा था?
Explanation: कविता के अनुसार, अंधेर नगरी का राजा निहायत मूर्ख था, जिसके कारण प्रजा दुखी थी।
Q5. गुरुजी ने चेले को बचाने के लिए क्या कहा?
Explanation: गुरुजी ने चेले को बचाने के लिए कहा कि यह मुहूर्त फाँसी पर चढ़ने के लिए सबसे शुभ है, जिससे राजा स्वयं फाँसी पर लटक गया।
Frequently asked questions
यह पाठ किस बारे में है?
यह पाठ 'गुरु और चेला' कविता पर आधारित है, जो मुद्रा, मूर्ख राजा के शासन और सूझ-बूझ से मुश्किलों को हल करने के बारे में है।
पाठ में किन देशों की मुद्राओं का उल्लेख है?
पाठ में भारत (रुपया) और बांग्लादेश (टका) की मुद्राओं का उल्लेख है, और अन्य देशों जैसे सऊदी अरब (दीनार), जापान (येन), फ्रांस (यूरो), इटली (यूरो), और इंग्लैंड (पाउंड) की मुद्राओं के बारे में भी बताया गया है।
अंधेर नगरी के राजा के बारे में क्या बताया गया है?
अंधेर नगरी के राजा को बहुत मूर्ख बताया गया है, जिसके कारण उसका राजकाज ठीक से नहीं चलता था और प्रजा दुखी रहती थी।
गुरु ने चेले को बचाने के लिए क्या तरकीब अपनाई?
गुरु ने चेले को बचाने के लिए कहा कि फाँसी पर चढ़ने का यह मुहूर्त बहुत शुभ है और जो भी इस मुहूर्त में चढ़ेगा वह चक्रवर्ती राजा बनेगा। यह सुनकर मूर्ख राजा स्वयं फाँसी पर लटक गया।
इस पाठ से हमें क्या सीखने को मिलता है?
इस पाठ से हमें यह सीखने को मिलता है कि मूर्ख राजा के शासन से प्रजा दुखी रहती है और सूझ-बूझ से किसी भी बड़ी मुसीबत का हल निकाला जा सकता है।
क्या 'रुपया' और 'टका' दोनों ही सिक्के हैं?
नहीं, 'रुपया' भारत की मुद्रा है और 'टका' बांग्लादेश की मुद्रा है। ये दोनों ही देशों की आधिकारिक मुद्राएँ हैं, न कि केवल पुराने जमाने के सिक्के।
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