कक्षा 5 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 11 चावल की रोटियाँ

NCERT Solutions PDF Class 5 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 5 हिंदी की पुस्तक के पाठ 11 'चावल की रोटियाँ' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें नाटक के मंचन, पात्रों, संवादों और कहानी के मुख्य संदेशों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं। समाधानों में कोको के झूठ, चावल के विभिन्न उपयोगों और विभिन्न खाद्य पदार्थों के बीच अंतर को स्पष्ट किया गया है। यह सामग्री छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में सहायता करती है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 11

Chapter summary

कक्षा 5 हिंदी के पाठ 11 'चावल की रोटियाँ' के ये NCERT समाधान छात्रों को नाटक के तत्वों, जैसे मंच सज्जा, पात्रों (मुख्य और गौण), और संवादों को समझने में मदद करते हैं। समाधान कोको के चरित्र और उसके झूठ के पीछे के कारणों की पड़ताल करते हैं, साथ ही भारत में चावल के विविध उपयोगों पर भी प्रकाश डालते हैं। यह छात्रों को विभिन्न खाद्य पदार्थों के बीच अंतर करने और उनकी तैयारी की विधियों को समझने में भी सहायता करता है।

Learning outcomes

  • नाटक के मंचन और पात्रों के महत्व को समझना।
  • मुख्य और गौण पात्रों के बीच अंतर करना।
  • संवाद लेखन की मूल बातें समझना।
  • झूठ बोलने के परिणामों और उसके प्रभाव का विश्लेषण करना।
  • भारत में चावल के विभिन्न उपयोगों की पहचान करना।
  • विभिन्न खाद्य पदार्थों के बीच अंतर स्पष्ट करना।

Topics covered

Paper topics

  • नाटक के तत्व
  • मंच सज्जा
  • पात्र परिचय (मुख्य और गौण)
  • संवाद लेखन
  • झूठ और उसके परिणाम
  • चावल का उपयोग
  • भारतीय खान-पान की विविधता
  • विभिन्न खाद्य पदार्थों के बीच अंतर

Important topics

  • पात्रों का वर्गीकरण (मुख्य/गौण)
  • संवाद का महत्व
  • कोको के झूठ का विश्लेषण
  • चावल के विभिन्न रूप और उपयोग
  • भारतीय खान-पान की विविधता

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 1

नाटक में हिस्सा लेने वालों को पात्र कहते हैं। जिन पात्रों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है उन्हें मुख्य पात्र और जिनकी भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं होती है उन्हें 'गौण पात्र' कहते हैं। बताओ इस नाटक में कौन-कौन मुख्य और गौण पात्र कौन हैं?
Solution: इस नाटक में, कोको की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि कहानी उसी के इर्द-गिर्द घूमती है। इसलिए, कोको को नाटक का मुख्य पात्र माना जाएगा। अन्य सभी पात्र, जैसे नीनी, मिमि, तिन सू और उ बा तुन, जिनकी भूमिकाएँ कोको की तुलना में कम महत्वपूर्ण हैं, उन्हें गौण पात्र कहा जाता है।

प्रश्न 2

पात्रों को जो बात बोलनी होती है उसे संवाद कहते हैं। क्या तुम किसी एक परिस्थिति के लिए संवाद लिख सकती हो? (इसके लिए तुम टोलियों में भी काम कर सकती हो।) उदाहरण के लिए खो-खो या कबड्डी जैसा कोई खेल-खेलते समय दूसरे दल के खिलाड़ियों से बहस।
Solution: स्वयं करें। यह प्रश्न छात्रों को संवाद लेखन का अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित करता है। छात्र किसी खेल या अन्य परिस्थिति की कल्पना करके दो या दो से अधिक पात्रों के बीच बातचीत लिख सकते हैं। उदाहरण के लिए, कबड्डी खेलते समय विपक्षी टीम के खिलाड़ी के साथ फाउल को लेकर बहस का संवाद लिखा जा सकता है।

प्रश्न 3

कभी-कभी आपने कोई चीज़ या बात दूसरों से छिपाई है या छिपाने की कोशिश की है, उस समय क्या- क्या हुआ था?
Solution: स्वयं करें। यह प्रश्न छात्रों को अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करने के लिए प्रेरित करता है। जब हम कोई बात छिपाते हैं, तो अक्सर हमें उस झूठ को छिपाने के लिए और भी झूठ बोलने पड़ते हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो जाती है। छात्र अपने अनुभव के अनुसार बता सकते हैं कि उन्होंने क्या छिपाया और उस समय क्या हुआ था।

प्रश्न 4

कहते हैं, एक झूठ छिपाने के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते हैं। क्या तुम्हें कहानी पढ़कर ऐसा लगता है? कहानी की मदद से इस बात को समझाओ।
Solution: हाँ, यह बात बिल्कुल सही लगती है कि एक झूठ को छिपाने के लिए कई झूठ बोलने पड़ते हैं। कहानी में कोको को चावल की रोटियाँ अकेले खानी हैं। जब उसके दोस्त आते हैं, तो वह उन्हें रोटियाँ न देने के लिए बहाने बनाता है। जैसे, वह कहता है कि उसका पेट भरा है, रेडियो खराब है, घर में चूहा है, या माँ को फूलों से एलर्जी है। ये सभी झूठ कोको द्वारा अपनी चावल की रोटियाँ छिपाने के प्रयास के कारण बोले गए हैं, जो इस कहावत को चरितार्थ करते हैं।

प्रश्न 1

कोको की माँ ने उसके लिए चावल की रोटियाँ बनाकर रखी थीं। भारत के विभिन्न प्रांतों में चावल अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल किया जाता है-भोजन के हिस्से के रूप में भी और नमकीन और मीठे पकवान के रूप में भी। तुम्हारे प्रांत में चावल का इस्तेमाल कैसे होता है? घर में बातचीत करके पता करो और एक तालिका बनाओं। कक्षा में अपने दोस्तों की तालिका के साथ मिलान करो तो पाओगी कि भाषा, कपड़ों और रहन-सहन के साथ-साथ खान-पान की दृष्टि से भी भारत अनूठा है।
Solution: हमारे प्रांत दिल्ली में चावल का इस्तेमाल कई तरह के व्यंजनों में होता है। घर में बातचीत करने पर पता चलता है कि चावल का उपयोग निम्नलिखित तरीकों से किया जाता है:
  • सादा चावल (मुख्य भोजन के रूप में)
  • नमकीन पुलाव (जैसे वेज पुलाव, मटर पुलाव)
  • मीठा पुलाव (जैसे खीर, मीठी सेवइयां जिसमें चावल का प्रयोग होता है)
  • चावल के आटे से बनी चीजें (जैसे डोसा, इडली - हालांकि ये दक्षिण भारतीय व्यंजन हैं, दिल्ली में भी लोकप्रिय हैं)
इन व्यंजनों की सूची को कक्षा के अन्य दोस्तों की सूची से मिलाने पर यह स्पष्ट होता है कि भारत में खान-पान की दृष्टि से कितनी विविधता है, जो इसे वास्तव में अनूठा बनाती है।

प्रश्न 2

अपनी तालिका में से चावल से बनी कोई एक खाने की चीज़ बनाने की विधि पता करो और उसे नीचे दिए गए बिंदुओं के हिसाब से लिखो।
  • सामग्री
  • तैयारी
  • विधि
Solution: यहाँ चावल से बनी एक लोकप्रिय डिश, 'नमकीन पुलाव' बनाने की विधि दी गई है:

सामग्री:

  • चावल (बासमती या कोई भी सुगंधित चावल) - 1 कप
  • मिली-जुली सब्जियाँ (जैसे गोभी, मटर, गाजर, बीन्स, आलू) - 1 कप (कटी हुई)
  • प्याज - 1 मध्यम (बारीक कटा हुआ)
  • अदरक-लहसुन पेस्ट - 1 छोटा चम्मच
  • घी या तेल - 2 बड़े चम्मच
  • जीरा - 1 छोटा चम्मच
  • तेज पत्ता - 1
  • हरी इलायची - 2-3
  • नमक - स्वादानुसार
  • हल्दी पाउडर - 1/4 छोटा चम्मच
  • लाल मिर्च पाउडर - 1/4 छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
  • पानी - लगभग 2 कप (चावल की किस्म पर निर्भर करता है)
  • धनिया पत्ता - 2 बड़े चम्मच (बारीक कटा हुआ, सजाने के लिए)

तैयारी:

  • सभी सब्जियों को अच्छी तरह धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • चावल को धोकर 15-20 मिनट के लिए पानी में भिगो दें, फिर पानी निकालकर हल्का सुखा लें।
  • प्याज को बारीक काट लें।

विधि:

  1. एक प्रेशर कुकर या भारी तले वाले बर्तन में घी या तेल गरम करें। जीरा, तेज पत्ता और इलायची डालकर तड़काएं।
  2. कटा हुआ प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें।
  3. अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर एक मिनट तक भूनें।
  4. कटी हुई सब्जियों को डालें और 2-3 मिनट तक मध्यम आंच पर भूनें।
  5. नमक, हल्दी पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
  6. भुने हुए चावल डालकर सब्जियों के साथ धीरे से 1-2 मिनट तक भूनें ताकि चावल टूटे नहीं।
  7. अब इसमें अंदाज से पानी डालें (आमतौर पर चावल की मात्रा का दोगुना)। अच्छी तरह मिलाएं।
  8. यदि प्रेशर कुकर का उपयोग कर रहे हैं, तो ढक्कन बंद करें और मध्यम आंच पर 1-2 सीटी आने तक पकाएं। यदि सामान्य बर्तन में बना रहे हैं, तो ढककर धीमी आंच पर चावल के पकने और पानी सूखने तक पकाएं।
  9. कुकर का प्रेशर अपने आप निकलने दें। ढक्कन खोलें और पुलाव को कांटे से धीरे-धीरे चलाएं ताकि दाने अलग हो जाएं।
  10. ऊपर से बारीक कटा हुआ धनिया पत्ता डालकर सजाएं।
  11. गरमागरम नमकीन पुलाव को दही या रायते के साथ परोसें।

प्रश्न 3

"कोको के माता-पिता धान लगाने के लिए खेतों में गए।" कोको की माँ ने उसके लिए चावल की रोटियाँ बनाईं। एक ही चीज़ के विभिन्न रूपों के अलग-अलग नाम हो सकते हैं। नीचे ऐसे कुछ शब्द दिए गए हैं। उनमें अंतर बताओ।

चावल, धान, भात, मुरमुरा, चिउड़ा

साबुत दाल, धुली दाल, छिलका दाल

गेहूँ, दलिया, आटा, मैदा, सूजी

Solution: यहाँ दिए गए शब्दों के बीच अंतर स्पष्ट किया गया है:

चावल, धान, भात, मुरमुरा, चिउड़ा:

  • धान: यह वह पौधा है जिस पर चावल उगता है। धान के पौधे से जो दाने मिलते हैं, उन्हें भूसी (बाहरी परत) हटाने के बाद चावल कहते हैं।
  • चावल: धान से भूसी हटाने के बाद प्राप्त होने वाले दाने। यह कच्चा रूप है जिसे पकाया जाता है।
  • भात: पके हुए चावल को भात कहते हैं। यह चावल का वह रूप है जिसे हम भोजन के रूप में खाते हैं।
  • मुरमुरा (या मुरई): चावल को भूनकर या फुलाकर बनाया जाता है। यह हल्का और कुरकुरा होता है, जिसे अक्सर नाश्ते में खाया जाता है।
  • चिउड़ा (या पोहा): चावल को कूटकर या चपटा करके बनाया जाता है। इसे भिगोकर या हल्का भूनकर नाश्ते या अल्पाहार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

साबुत दाल, धुली दाल, छिलका दाल:

  • साबुत दाल: दाल का वह रूप जिसमें दाल का दाना पूरी तरह से मौजूद होता है, बिना तोड़े या छीले। उदाहरण: साबुत मसूर, साबुत मूंग।
  • धुली दाल: दाल को छीलकर और दो टुकड़ों में तोड़कर बनाया जाता है। इसमें दाल का बाहरी छिलका हटा दिया जाता है। उदाहरण: धुली मूंग दाल, धुली मसूर दाल।
  • छिलका दाल: यह दाल का वह रूप है जिसमें दाल का छिलका लगा रहता है, लेकिन दाना बीच से तोड़ा हुआ होता है। उदाहरण: छिलका वाली मूंग दाल।

गेहूँ, दलिया, आटा, मैदा, सूजी:

  • गेहूँ: यह एक अनाज है।
  • दलिया: गेहूँ को दरदरा पीसकर बनाया जाता है। यह साबुत गेहूँ का मोटा पिसा हुआ रूप है।
  • आटा: गेहूँ को बारीक पीसकर बनाया जाता है। यह रोटी, पराठे आदि बनाने के काम आता है।
  • मैदा: गेहूँ को और भी बारीक पीसा जाता है और इसमें चोकर (बाहरी परत) हटा दिया जाता है, जिससे यह बहुत महीन और सफेद हो जाता है।
  • सूजी (रवा): गेहूँ को मोटे तौर पर पीसा जाता है, जिससे छोटे-छोटे दाने बनते हैं। यह हलवा, उपमा आदि बनाने में प्रयोग होती है।

Common mistakes

  • पात्रों को मुख्य और गौण में वर्गीकृत करने में भ्रमित होना।
  • संवादों के महत्व को कम आंकना।
  • चावल के विभिन्न रूपों के बीच अंतर को न समझ पाना।
  • कहानी के नैतिक संदेश को पूरी तरह से न समझ पाना।

Revision tips

  • नाटक के मंचन के निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और कल्पना करें।
  • प्रत्येक पात्र की भूमिका और महत्व पर विचार करें।
  • कोको द्वारा बोले गए झूठ और उनके कारणों को सूचीबद्ध करें।
  • अपने क्षेत्र में चावल से बनने वाले विभिन्न व्यंजनों की सूची बनाएं।
  • विभिन्न अनाज और दालों के बीच अंतर को स्पष्ट करने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. नाटक में कोको की भूमिका कैसी है?

Q2. नाटक में नीनी, मिमि, तिन सू और उ बा तुन को क्या कहा गया है?

Q3. कोको चावल की रोटियाँ क्यों छिपाने की कोशिश करता है?

Q4. नीचे दिए गए शब्दों में से कौन सा शब्द चावल का एक रूप नहीं है?

Q5. भारत की विविधता को दर्शाने के लिए पाठ में किस चीज़ का उदाहरण दिया गया है?

Frequently asked questions

कक्षा 5 हिंदी के पाठ 11 'चावल की रोटियाँ' में मुख्य पात्र कौन है?

कक्षा 5 हिंदी के पाठ 11 'चावल की रोटियाँ' में कोको मुख्य पात्र है क्योंकि उसकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

इस पाठ में गौण पात्र कौन-कौन हैं?

इस पाठ में नीनी, मिमि, तिन सू और उ बा तुन को गौण पात्र कहा गया है क्योंकि उनकी भूमिका मुख्य पात्र की तुलना में कम महत्वपूर्ण है।

पाठ 'चावल की रोटियाँ' हमें क्या सिखाता है?

यह पाठ हमें सिखाता है कि झूठ बोलना गलत है और इसके परिणाम बुरे हो सकते हैं। यह भारत में चावल के विभिन्न उपयोगों और खान-पान की विविधता को भी दर्शाता है।

क्या इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए किया जा सकता है?

हाँ, ये समाधान पाठ की गहन समझ प्रदान करते हैं और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में छात्रों की सहायता करते हैं।

पाठ में चावल के किन-किन रूपों का उल्लेख है?

पाठ में चावल के विभिन्न रूपों जैसे धान, भात, मुरमुरा और चिउड़ा का उल्लेख है, साथ ही यह भी बताया गया है कि चावल से पुलाव और रोटियाँ भी बनाई जाती हैं।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.