CBSE Class 5 Environmental Studies: Chapter 8 मच्छरों की दावत NCERT Solutions

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This chapter, 'मच्छरों की दावत' (Mosquitoes' Feast), for CBSE Class 5 Environmental Studies, delves into the world of mosquitoes and the diseases they spread, such as malaria. It explains how malaria is diagnosed through blood tests and discusses the symptoms like high fever and chills. The chapter also touches upon anemia, its causes, and its impact on health, referencing a blood report and newspaper articles. Students will learn about various preventive measures against mosquito breeding, including keeping surroundings clean, using mosquito nets, and the role of government initiatives. It encourages observation and action by having students inspect their school surroundings for stagnant water and potential breeding sites, fostering a sense of responsibility towards public health and hygiene. These solutions provide clear explanations and step-by-step answers to help students understand the concepts thoroughly and prepare for their exams.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
SubjectEnvironmental Studies
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter8 मच्छरों की दावत

Chapter summary

Chapter 8, 'मच्छरों की दावत' (Mosquitoes' Feast), focuses on understanding mosquito-borne diseases like malaria and dengue. It covers diagnosis methods, symptoms, and preventive measures. The chapter also introduces anemia and its health implications, emphasizing the importance of iron-rich foods. Through practical activities like inspecting school premises and creating awareness posters, students learn about hygiene and community responsibility in controlling disease spread. The NCERT Solutions offer detailed answers to all questions, aiding comprehension and revision.

Learning outcomes

  • Understand how malaria is diagnosed and its symptoms.
  • Identify diseases spread by mosquitoes.
  • Learn about anemia and its causes.
  • Recognize the importance of iron-rich foods.
  • Identify preventive measures against mosquito breeding.
  • Understand the role of community in controlling disease spread.
  • Develop awareness about hygiene and sanitation.

Topics covered

Paper topics

  • Malaria: Symptoms and Diagnosis
  • Mosquito-borne Diseases (Dengue, Chikungunya, Filariasis)
  • Anemia: Causes and Effects
  • Importance of Iron-rich Foods
  • Mosquito Prevention and Control
  • Stagnant Water and Mosquito Breeding
  • Hygiene and Sanitation
  • Community Responsibility for Health
  • Blood Tests and Health Check-ups
  • Role of Government in Public Health

Important topics

  • Malaria: Symptoms, Diagnosis, and Prevention
  • Diseases Spread by Mosquitoes
  • Anemia and its Relation to Diet
  • Preventive Measures Against Mosquitoes
  • Maintaining Hygiene and Clean Surroundings

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Questions and Solutions

पता करो

क्या तुम किसी को जानते हो जिसे कभी मलेरिया हुआ हो? कैसे पता लग पाया था कि उन्हें मलेरिया है?
Solution: हाँ, मेरे एक दोस्त को मलेरिया हुआ था। डॉक्टर ने खून की जाँच (blood test) की थी, जिससे यह पता चला कि उसे मलेरिया है। मलेरिया का निदान आमतौर पर रक्त में परजीवी की उपस्थिति का पता लगाकर किया जाता है।
उन्हें मलेरिया होने पर क्या-क्या तकलीफ हुई?
Solution: जब उन्हें मलेरिया हुआ था, तो उन्हें तेज बुखार आया था। उन्हें बार-बार ठंड लग रही थी और फिर बुखार आ रहा था। यह मलेरिया के सामान्य लक्षण हैं, जिनमें कंपकंपी के साथ तेज बुखार और पसीना आना शामिल है।
मच्छरों के काटने से और कौन-कौन सी बीमारियाँ होती है?
Solution: मच्छरों के काटने से कई अन्य गंभीर बीमारियाँ भी फैलती हैं। इनमें प्रमुख हैं: डेंगू, चिकनगुनिया, फाइलेरिया (हाथीपाँव) और जापानी बुखार। ये बीमारियाँ विभिन्न प्रकार के मच्छरों द्वारा फैलाई जाती हैं।
कौन-से मौसम में मलेरिया ज्यादा फैलता है?
Solution: मलेरिया बरसात के मौसम में या उसके तुरंत बाद ज्यादा फैलता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बरसात के मौसम में पानी जमा हो जाता है, जो मच्छरों के लार्वा के पनपने के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करता है।
मच्छरों से बचने के लिए तुम्हारे घर में क्या-क्या उपाय किए जाते हैं? अपने साथियों से भी पता करो कि वे बचाव के लिए क्या करतें हैं?
Solution: मच्छरों से बचने के लिए हमारे घर में कई उपाय किए जाते हैं। जैसे: डी.डी.टी. का छिड़काव करवाना, घर के आस-पास पानी जमा नहीं होने देना, पानी के बर्तनों को ढक कर रखना और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना। मेरे दोस्तों के घरों में भी इसी तरह के उपाय किए जाते हैं।
यहाँ पर खून की जाँच की रिपोर्ट दी गई है। इनमें किन शब्दों से पता चल रहा है कि मरीज को मलेरिया है।
Solution: खून की जाँच की रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से लिखा होता है कि "मलेरिया के जीवाणु पाए गए" या "मलेरिया परजीवी उपस्थित हैं"। ये शब्द सीधे तौर पर बताते हैं कि मरीज को मलेरिया है।

अनीमिया क्या है?

आरती की रिपोर्ट के हिसाब से हिमोग्लोबिन कम से कम कितना चाहिए था?
Solution: आरती की रिपोर्ट के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए हिमोग्लोबिन की मात्रा कम से कम 12 ग्राम प्रति डेसीलीटर होनी चाहिए। यह सामान्य हिमोग्लोबिन स्तर को दर्शाता है।
आरती का हिमोग्लोबिन कितने दिनों में कितना बढ़ गया?
Solution: आरती का हिमोग्लोबिन तीन महीने की अवधि में 2.5 ग्राम बढ़ा है। यह दर्शाता है कि उचित आहार और उपचार से हिमोग्लोबिन के स्तर में सुधार किया जा सकता है।
अखबार की रिपोर्ट में अनीमिया से होने वाली परेशानी के बारे में क्या लिखा है?
Solution: अखबार की रिपोर्ट में लिखा है कि अनीमिया (खून की कमी) से शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की कमजोरी होती है। इससे बच्चों का विकास ठीक से नहीं हो पाता और वे कमजोर रह जाते हैं।
क्या तुम या तुम्हारे घर में किसी को खून टेस्ट की जरूरत पड़ी है? कब और क्यों?
Solution: हाँ, मेरी दादी को खून टेस्ट की जरूरत पड़ी थी जब उन्हें तेज बुखार हुआ था। डॉक्टर ने बुखार का कारण जानने के लिए खून की जाँच करवाने की सलाह दी थी, जिससे मलेरिया या अन्य संक्रमण का पता चल सके।
खून टेस्ट से क्या पता चला था?
Solution: खून के टेस्ट से पता चला कि दादी को मलेरिया था। यह जाँच बुखार के कारण का सटीक निदान करने में सहायक हुई।
क्या तुम्हारे स्कूल में कभी हेल्थ जाँच हुई है? डाक्टर ने तुम्हें क्या बताया?
Solution: हाँ, मेरे स्कूल में दो महीने पहले एक स्वास्थ्य जाँच शिविर लगा था। डॉक्टर ने जाँच के बाद बताया कि मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूँ और मेरा शारीरिक विकास सामान्य है।

पता करो

किसी डॉक्टर से या अपने बड़ों से पता करो कि खाने की किन चीजों में लोहा होता है?
Solution: मेरी माँ ने बताया कि खाने की कई चीजों में लोहा (आयरन) पाया जाता है। इनमें मुख्य रूप से हरी पत्तेदार सब्जियाँ जैसे पालक, मेथी, चौलाई, साथ ही अंकुरित अनाज, खजूर, किशमिश और कुछ दालें शामिल हैं।

बताओ

क्या तुमने ऐसा पोस्टर कहीं लगा हुआ देखा है?
Solution: हाँ, मैंने इस तरह का एक पोस्टर अपने स्कूल के पास एक सूचना पट्ट पर लगा हुआ देखा था। ये पोस्टर अक्सर सार्वजनिक स्थानों पर स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए लगाए जाते हैं।
ये पोस्टर कौन लगाता होगा? अखबार में इस तरह के पोस्टर कौन देता होगा?
Solution: इस तरह के पोस्टर आमतौर पर सरकारी स्वास्थ्य विभाग या नगर निगम जैसी स्थानीय सरकारी संस्थाओं द्वारा लगवाए जाते हैं। अखबारों में भी ये विज्ञापन सरकार या संबंधित विभाग द्वारा ही दिए जाते हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुँच सके।
इनमें किन बातों पर ध्यान दिलाने की कोशिश की गई है?
Solution: इन पोस्टरों में मुख्य रूप से आस-पास के वातावरण को साफ रखने और मच्छरों के प्रजनन को रोकने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इनमें निम्नलिखित बातों पर जोर दिया गया है:
  • (क) अपने आस-पास पानी जमा न होने दें।
  • (ख) पानी के बर्तनों, टंकी, कूलर आदि को नियमित रूप से साफ रखें।
  • (ग) सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
  • (घ) यदि कहीं पानी जमा हो गया है, तो उसमें मिट्टी का तेल या अन्य कीटनाशक का छिड़काव करें।
तुम्हें क्या लगता है कि इसमें टंकी, कूलर तथा गड्ढों के चित्र क्यों दिखाए गए हैं?
Solution: टंकी, कूलर और गड्ढों के चित्र इसलिए दिखाए गए हैं क्योंकि ये ऐसी जगहें हैं जहाँ अक्सर पानी जमा हो जाता है। मच्छर ऐसे रुके हुए पानी में ही अपने अंडे देते हैं, जिससे उनकी संख्या बढ़ती है और बीमारियाँ फैलती हैं। इन चित्रों के माध्यम से लोगों को इन जगहों को साफ रखने के लिए सचेत किया जाता है।

सोचो और पता करो

सोचो, पानी में मछिलयाँ डालने के लिए क्यों कहा गया होगा? ये मछिलयाँ क्या-क्या खाती होंगी?
Solution: पानी में मछलियाँ डालने के लिए इसलिए कहा गया होगा क्योंकि कुछ प्रकार की मछलियाँ मच्छरों के अंडों और लार्वा को खा जाती हैं। इस तरह, वे मच्छरों की आबादी को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में मदद करती हैं। ये मछलियाँ मुख्य रूप से पानी में तैरने वाले छोटे जीव और मच्छरों के लार्वा को अपना भोजन बनाती हैं।
पानी में तेल का छिड़काव करने को क्यों कहा गया है।
Solution: पानी में तेल का छिड़काव करने को इसलिए कहा गया है क्योंकि तेल पानी की सतह पर एक पतली परत बना लेता है। यह परत पानी के पृष्ठ तनाव (surface tension) को कम कर देती है, जिससे मच्छरों के अंडे और लार्वा पानी की सतह पर तैर नहीं पाते और डूब जाते हैं। डूबे हुए अंडे और लार्वा जीवित नहीं रह पाते, जिससे मच्छरों का प्रजनन रुक जाता है।
मक्खी से कौन-कौन सी बीमारी फैलती है? और कैसे?
Solution: मक्खियों से कई तरह की बीमारियाँ फैलती हैं, जैसे डायरिया, हैजा, टाइफाइड, पेचिश आदि। मक्खियाँ गंदी जगहों जैसे नालियों, कूड़ेदानों और मल-मूत्र पर बैठती हैं। वहाँ से वे अपने पैरों और शरीर पर बीमारी फैलाने वाले कीटाणुओं (germs) को चिपका लेती हैं। जब ये मक्खियाँ बिना ढके हुए भोजन पर बैठती हैं, तो वे कीटाणुओं को भोजन में फैला देती हैं। यदि कोई व्यक्ति इस दूषित भोजन को खाता है, तो वह बीमार पड़ सकता है।

खोज-खबर

कक्षा के सभी बच्चे दो या तीन समूहों में बँट जाएँ। समूहों को आपस में यह तय कर लेना होगा कि स्कूल और आस-पास के इलाके में कौन-सी जगह का निरीक्षण कौन करेगा। स्कूल में या स्कूल के आस-पास इन जगहों को देखो। क्या इन जगहों पर पानी इकट्ठा है या नालियाँ बंद हैं? अगर हाँ तो 🗸) का निशान लगाओ
Solution: हमने अपने समूह के साथ स्कूल और उसके आस-पास के इलाके का निरीक्षण किया। हमने निम्नलिखित जगहों पर पानी इकट्ठा पाया या नालियों को बंद पाया:
  • गमले: \checkmark (पानी इकट्ठा था)
  • कूलर: X (साफ था)
  • टंकी: \checkmark (टंकी के नीचे पानी जमा था)
  • स्कूल का मैदान: X (सूखा था)
  • गड्ढे: \checkmark (बारिश का पानी जमा था)
  • नालियाँ: \checkmark (कुछ नालियाँ बंद थीं)
  • कोई और जगह (जैसे टूटे गमले): \checkmark (टूटे गमले में पानी जमा था)
यहाँ कितने दिनों से पानी इकट्ठा है?
Solution: जिन जगहों पर पानी इकट्ठा था, उनमें से कुछ जगहों पर लगभग 6 दिनों से पानी जमा था। यह पानी मच्छरों के लार्वा के पनपने के लिए पर्याप्त समय है।
इन जगहों पर पानी इकट्ठा होने से क्या परेशानियाँ हो रही हैं?
Solution: इन जगहों पर पानी इकट्ठा होने से कई परेशानियाँ हो रही हैं। पहली, ये जगहें देखने में गंदी लगती हैं और बदबू भी आ सकती है। दूसरी, पानी जमा होने के कारण आने-जाने में असुविधा होती है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि रुके हुए पानी में मच्छर और मक्खियाँ पनपते हैं, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
इन जगहों की सफाई की जिम्मेदारी किसकी है।
Solution: स्कूल परिसर के अंदर की जगहों की सफाई की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन या स्कूल के कर्मचारियों की होती है। स्कूल के बाहर की नालियों, गड्ढों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई की जिम्मेदारी स्थानीय नगर निगम या नगरपालिका की होती है।
पानी में क्या-क्या नजर आ रहा है?
Solution: रुके हुए पानी में हमें मच्छरों के लार्वा (छोटे कीड़े जो पानी में तैरते दिख रहे थे), मक्खियाँ, काई (हरे शैवाल) और कुछ अन्य छोटे कीड़े नजर आ रहे थे। यह दर्शाता है कि पानी लंबे समय से जमा है और मच्छरों के प्रजनन के लिए उपयुक्त है।
इन गड्ढों और नालियों की मरम्मत करवाने की जिम्मेदारी किसकी है?
Solution: स्कूल के अंदर बने गड्ढों और नालियों की मरम्मत करवाने की जिम्मेदारी स्कूल के संचालकों या प्रबंधन समिति की होती है। वहीं, स्कूल के बाहर सड़कों पर या सार्वजनिक स्थानों पर बने गड्ढों और नालियों की मरम्मत की जिम्मेदारी नगर निगम या संबंधित सरकारी विभाग की होती है।
क्या इनमें किसी जगह पर इकट्ठे हुए पानी में लार्वे भी दिखे?
Solution: हाँ, जब हमने स्कूल के बाहर बने एक बड़े गड्ढे में जमा हुए पानी का निरीक्षण किया, तो उसमें हमें मच्छरों के लार्वा (larvae) तैरते हुए दिखाई दिए। यह एक चिंता का विषय है क्योंकि यह मच्छरों के प्रजनन का एक सक्रिय स्थल है।

पोस्टर बनाओ

अपने समूह में कूलर, टंकी, नालियों जैसी जगह साफ रखने के लिए पोस्टर बनाओ। स्कूल और घर के आस-पास यह पोस्टर लगाओ।
Solution: स्वयं करें। इस गतिविधि में, छात्र अपने समूह के साथ मिलकर एक पोस्टर बनाएंगे जिसमें कूलर, टंकी और नालियों जैसी जगहों को साफ रखने के महत्व को दर्शाया जाएगा। पोस्टर में चित्र और नारे शामिल हो सकते हैं ताकि यह आकर्षक लगे। फिर इसे स्कूल और घर के आसपास लगाया जाएगा ताकि जागरूकता फैले।
पता करो, तुम्हारे स्कूल के आस-पास की सफाई करवाने की जिम्मेदारी किसके हैं। यह भी पता करो कि चिट्ठी किसके नाम लिखनी है?
Solution: मेरे स्कूल के आस-पास की सफाई करवाने की मुख्य जिम्मेदारी शहर के नगर निगम की है। यदि कोई समस्या है, तो उसके समाधान के लिए नगर निगम के पार्षद (Councillor) के नाम एक औपचारिक चिट्ठी लिखी जा सकती है, जिसमें समस्या का उल्लेख हो और सफाई या मरम्मत का अनुरोध किया गया हो।

Common mistakes

  • Confusing symptoms of different mosquito-borne diseases.
  • Not understanding the link between stagnant water and mosquito breeding.
  • Forgetting the importance of iron in the diet for preventing anemia.
  • Underestimating the role of personal hygiene in disease prevention.

Revision tips

  • Review the symptoms and diagnosis of malaria.
  • List all preventive measures against mosquitoes discussed in the chapter.
  • Understand the connection between diet and anemia.
  • Practice creating awareness posters for hygiene.
  • Discuss with friends the importance of clean surroundings.

Practice MCQs

Q1. मलेरिया का पता लगाने के लिए कौन सी जाँच की जाती है?

Q2. निम्नलिखित में से कौन सी बीमारी मच्छरों के काटने से फैलती है?

Q3. आरती की रिपोर्ट के अनुसार, हिमोग्लोबिन की सामान्य मात्रा कितनी होनी चाहिए?

Q4. अनीमिया (खून की कमी) से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?

Q5. खाने की किन चीजों में लोहा (आयरन) पाया जाता है?

Q6. मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोकने के लिए क्या उपाय किया जा सकता है?

Frequently asked questions

यह पाठ 'मच्छरों की दावत' किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह पाठ CBSE कक्षा 5 के पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies) विषय के लिए है।

इस पाठ में किन मुख्य बीमारियों के बारे में बताया गया है?

इस पाठ में मुख्य रूप से मलेरिया और अनीमिया (खून की कमी) के बारे में बताया गया है, साथ ही मच्छरों से फैलने वाली अन्य बीमारियों जैसे डेंगू और चिकनगुनिया का भी उल्लेख है।

मलेरिया का पता कैसे चलता है?

मलेरिया का पता रक्त जाँच (blood test) से चलता है, जिसमें मलेरिया के जीवाणु पाए जाते हैं।

अनीमिया (खून की कमी) को दूर करने के लिए क्या खाना चाहिए?

अनीमिया को दूर करने के लिए हरी सब्जियाँ, साग और अंकुरित अनाज जैसी लोहा (आयरन) युक्त चीजें खानी चाहिए।

मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए क्या उपाय करने चाहिए?

मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए आस-पास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए, पानी के बर्तनों को साफ रखना चाहिए, मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए और जमा हुए पानी में मिट्टी का तेल छिड़कना चाहिए।

यह NCERT समाधान छात्रों की मदद कैसे करते हैं?

ये समाधान छात्रों को पाठ के सभी प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें अवधारणाओं को समझने और परीक्षा की तैयारी करने में मदद मिलती है।

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