कक्षा 5 EVS: खाएं आम बारहों महीने NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 5 के पर्यावरण अध्ययन (EVS) के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से 'खाएं आम बारहों महीने' नामक अध्याय पर केंद्रित है। यह अध्याय छात्रों को भोजन के खराब होने के विभिन्न कारणों, जैसे कि तापमान, नमी और जीवाणुओं की भूमिका, के बारे में सिखाता है। इसमें यह भी बताया गया है कि कैसे विभिन्न खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक संरक्षित किया जा सकता है, जैसे कि आम पापड़ बनाने की प्रक्रिया। समाधानों में चर्चा प्रश्न, लिखने के अभ्यास और प्रयोग शामिल हैं जो छात्रों को भोजन संरक्षण की तकनीकों को समझने में मदद करते हैं। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए विस्तृत स्पष्टीकरण और घरेलू नुस्खे प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
SubjectEnvironmental Studies
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter4 खाएं आम बारहों महीने

Chapter summary

कक्षा 5 के EVS अध्याय 'खाएं आम बारहों महीने' के ये NCERT समाधान भोजन के खराब होने और संरक्षण की अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं। इसमें चर्चा की गई है कि भोजन क्यों खराब होता है, खराब भोजन के संकेत क्या हैं, और विभिन्न खाद्य पदार्थों को खराब होने से बचाने के घरेलू उपाय क्या हैं। आम पापड़ बनाने की प्रक्रिया का विस्तृत विवरण भी शामिल है, जो भोजन संरक्षण की एक पारंपरिक विधि है। यह अध्याय छात्रों को खाद्य सुरक्षा और संरक्षण के महत्व को समझने में मदद करता है।

Learning outcomes

  • भोजन के खराब होने के संकेतों को पहचानना।
  • भोजन के खराब होने के विभिन्न कारणों को समझना।
  • भोजन को खराब होने से बचाने के घरेलू उपायों को जानना।
  • आम पापड़ बनाने की प्रक्रिया को समझना।
  • पैकेट पर दी गई खाद्य जानकारी को पढ़ना और समझना।

Topics covered

Paper topics

  • भोजन का खराब होना
  • भोजन संरक्षण के घरेलू उपाय
  • फफूँदी लगना
  • पैकेट पर जानकारी
  • आम पापड़ बनाना
  • गर्मी और सर्दी में भोजन का संरक्षण
  • दूध और सब्जियों का संरक्षण
  • ब्रेड का खराब होना

Important topics

  • भोजन के खराब होने के कारण और संकेत
  • भोजन को खराब होने से बचाने के तरीके
  • पैकेट पर दी गई जानकारी का महत्व
  • आम पापड़ बनाने की विधि
  • विभिन्न खाद्य पदार्थों का संरक्षण

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Questions and Solutions

चर्चा करो

अमन को क्यों लगा कि आलू खराब हो गए हैं?
Solution: अमन को आलू इसलिए खराब लगे क्योंकि उनमें से एक अप्रिय और सड़ी हुई गंध आ रही थी। खाने से आने वाली खराब गंध इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वह अब उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं है।

चर्चा करो

ब्रिया तुमने कभी ऐसा खाना देखा है जो खराब हो गया हो? तुम्हें कैसे पता चला कि वह खराब हो गया है?
Solution: हाँ, मैंने कई बार घर में खाने को खराब होते हुए देखा है। मुझे पता चला कि खाना खराब हो गया है क्योंकि उसमें से अजीब सी बदबू आने लगी थी, उसका रंग बदल गया था, या उस पर फफूँदी जम गई थी। कभी-कभी स्वाद भी बदल जाता है, लेकिन बदबू और फफूँदी सबसे आम संकेत हैं।

चर्चा करो

प्रीति ने नीतू को आलू खाने से मना किया। तुम्हें क्या लगता है कि यदि नीतू वह खा लेती तो क्या होता?
Solution: प्रीति ने नीतू को इसलिए मना किया क्योंकि आलू खराब हो चुके थे और उन्हें खाने से नीतू बीमार पड़ सकती थी। खराब भोजन में हानिकारक जीवाणु हो सकते हैं जो पेट दर्द, उल्टी या अन्य खाद्य जनित बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

लिखो

इ. रसोईघर में से खाने-पीने की कुछ चीजें चुनकर लिखो-जो दो-तीन दिन में खराब हो सकती है।
Solution: रसोईघर में ऐसी कई चीजें हैं जो दो-तीन दिन में खराब हो सकती हैं, खासकर अगर उन्हें ठीक से संग्रहीत न किया जाए। इनमें शामिल हैं: दूध, दही, पकी हुई सब्जियाँ, ताज़े फल (जैसे केले, अंगूर), और पके हुए चावल।

लिखो

आ. जो हफ्ते भर में खराब नहीं होंगी-आलू, प्याज, केक महीने भर में खराब नहीं होंगी-आटा, चीनी, तेल, घी।
Solution: ऐसी खाद्य वस्तुएँ जो सामान्य परिस्थितियों में एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक खराब नहीं होती हैं, उनमें आलू, प्याज, लहसुन, और कुछ प्रकार के केक (यदि ठीक से पैक किए गए हों) शामिल हैं। जो वस्तुएँ एक महीने या उससे भी अधिक समय तक सुरक्षित रहती हैं, वे हैं सूखी वस्तुएँ जैसे आटा, चीनी, दालें, चावल, तेल और घी। ये वस्तुएँ नमी और गर्मी से दूर रखने पर लंबे समय तक चलती हैं।

लिखो

क्या तुम्हारी सूची हर मौसम में यही रहेगी? क्या बदलेगा?
Solution: नहीं, हमारी सूची हर मौसम में एक जैसी नहीं रहेगी। मौसम का भोजन के खराब होने की दर पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। गर्मियों में, उच्च तापमान के कारण भोजन, विशेष रूप से डेयरी उत्पाद और पकी हुई चीजें, बहुत जल्दी खराब हो जाती हैं। इसके विपरीत, सर्दियों में, कम तापमान के कारण भोजन धीरे-धीरे खराब होता है। इसलिए, गर्मियों में हमें अधिक सावधानी बरतनी चाहिए और जल्दी खराब होने वाली चीजों की सूची छोटी हो सकती है, जबकि सर्दियों में हम कुछ चीजें अधिक समय तक रख सकते हैं।

लिखो

तुम्हारे घर पर खाना खराब हो जाता है तो तुम उसका क्या करते हो?
Solution: जब हमारे घर पर खाना खराब हो जाता है, तो हम उसे खाने योग्य नहीं मानते और उसे कूड़ेदान में फेंक देते हैं। खराब भोजन को फेंकना महत्वपूर्ण है ताकि वह दूसरों के लिए स्वास्थ्य जोखिम न बने और न ही मक्खियों या अन्य कीड़ों को आकर्षित करे।

पता करो

क्या तुम पैकेट की तस्वीर देखकर अनुमान लगा सकते हो कि बीजी ने पैकेट क्यों लौटा दिया होगा? उन्हें ब्रेड खराब क्यों लगी?
Solution: हाँ, पैकेट की तस्वीर देखकर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि बीजी ने ब्रेड का पैकेट इसलिए लौटा दिया होगा क्योंकि ब्रेड खराब हो गई थी। तस्वीर में ब्रेड पर हरे-हरे धब्बे दिखाई दे रहे हैं, जो फफूँदी के संकेत हैं। फफूँदी भोजन को खराब कर देती है और उसे खाने के लिए असुरक्षित बना देती है, इसलिए बीजी ने उसे वापस कर दिया।

पता करो

पैकेट पर दी गई जानकारी से हमें क्या-क्या पता चलता है?
Solution: पैकेट पर दी गई जानकारी से हमें कई महत्वपूर्ण बातें पता चलती हैं, जैसे:
  1. उत्पाद का नाम: यह बताता है कि पैकेट के अंदर क्या है।
  2. सामग्री: इसमें उपयोग की गई सभी चीजों की सूची होती है।
  3. निर्माण की तिथि (Manufacturing Date): यह बताता है कि उत्पाद कब बनाया गया था।
  4. समाप्ति तिथि (Expiry Date) या 'Best Before' तिथि: यह बताता है कि उत्पाद को कब तक इस्तेमाल करना सुरक्षित है।
  5. वजन या मात्रा: पैकेट में उत्पाद की कुल मात्रा बताता है।
  6. मूल्य (MRP): उत्पाद का अधिकतम खुदरा मूल्य।
  7. निर्माता का पता: कंपनी का नाम और पता।
  8. उपयोग के निर्देश: उत्पाद को कैसे पकाना या इस्तेमाल करना है।
  9. पोषण संबंधी जानकारी: कुछ पैकेटों पर कैलोरी, वसा, प्रोटीन आदि की जानकारी भी होती है।
यह सारी जानकारी उपभोक्ता को सूचित निर्णय लेने में मदद करती है।

पता करो

जब तुम बाजार से कोई सामान खरीदते हो तो पैकेट पर लिखी कौन-सी जानकारी देखते हो?
Solution: जब मैं बाजार से कोई सामान खरीदता हूँ, तो मैं आमतौर पर पैकेट पर लिखी निम्नलिखित जानकारी देखता हूँ:
  • समाप्ति तिथि (Expiry Date): यह सुनिश्चित करने के लिए कि उत्पाद ताजा है और खाने के लिए सुरक्षित है।
  • मूल्य (MRP): यह जानने के लिए कि उत्पाद की कीमत क्या है।
  • वजन: यह समझने के लिए कि मुझे कितनी मात्रा में उत्पाद मिल रहा है।
  • सामग्री: यदि मुझे किसी विशेष सामग्री से एलर्जी है या मैं कुछ खास सामग्री से बचना चाहता हूँ।
  • निर्माण की तिथि: यह भी उत्पाद की ताजगी का अंदाजा लगाने में मदद करता है।
ये जानकारी मुझे एक समझदारी भरा चुनाव करने में मदद करती है।

प्रयोग

रोटी या ब्रेड के टुकड़े पर पानी की कुछ बूंदे डालकर एक डिब्बे में बंद कर दो। कुछ दिन तक ब्रेड को रोज देखो, जब तक तुम्हें कोई बदलाव न दिखे। दी गई तालिका को चार्ट पर बनाओ और चर्चा करने के बाद उसे रोज भरो।
Solution: यह एक प्रयोग है जिसे कक्षा में सामूहिक रूप से किया जा सकता है। रोटी या ब्रेड के टुकड़े पर पानी की कुछ बूँदें डालने और उसे एक बंद डिब्बे में रखने के बाद, छात्र हर दिन उसमें होने वाले बदलावों को देखेंगे और एक तालिका में दर्ज करेंगे। तालिका में निम्नलिखित बिंदु शामिल हो सकते हैं: ब्रेड में बदलाव | दिन | छूने से | गंध में | हैंड लेंस से देखने में | रंग में | |---|---|---|---|---| | 1 | मुलायम | सामान्य | कोई परिवर्तन नहीं | सामान्य | | 2 | थोड़ा नम | सामान्य | कोई परिवर्तन नहीं | सामान्य | | 3 | नम और थोड़ा चिपचिपा | हल्की खट्टी गंध | छोटे सफेद धब्बे दिख सकते हैं | सफेद धब्बे | | 4 | गीला और चिपचिपा | तेज खट्टी गंध | धब्बे बड़े और हरे/काले हो रहे हैं | हरे/काले धब्बे | | 5 | बहुत गीला, गूदेदार | बहुत खराब गंध | फफूँदी का जाल दिख रहा है | गहरे हरे/काले धब्बे | इस प्रयोग से छात्र समझेंगे कि नमी और बंद वातावरण में ब्रेड कैसे खराब होती है और उस पर फफूँदी कैसे लगती है।

पता करो

पता करो, इस बदलाव का क्या कारण हो सकता है? ब्रेड पर फफूँदी कहाँ से आई होगी?
Solution: ब्रेड में ये बदलाव फफूँदी लगने के कारण हुए हैं। फफूँदी सूक्ष्मजीव (जीवाणु) होते हैं जो हवा में मौजूद होते हैं। जब ब्रेड पर पानी की बूँदें डाली गईं और उसे बंद डिब्बे में रखा गया, तो नमी और गर्मी (डिब्बे के अंदर) ने फफूँदी के जीवाणुओं को पनपने के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान किया। ये जीवाणु हवा के माध्यम से ब्रेड पर आ गए और अपनी संख्या बढ़ाने लगे, जिससे ब्रेड सड़ गई और उस पर फफूँदी के धब्बे दिखाई देने लगे।

सूची बनाओ

अलग-अलग खाना कई तरह से खराब हो सकता है। कुछ खाना जल्दी खराब होता है, तो कुछ देर में। खाना किन-किन कारणों से और किन स्थितियों में जल्दी खराब होता है, उसकी सूची बनाओ।
Solution: खाना कई कारणों और स्थितियों में जल्दी खराब हो सकता है। यहाँ एक सूची दी गई है: कारण और स्थितियाँ जिनसे खाना जल्दी खराब होता है:
  • उच्च तापमान: गर्मी के मौसम में, विशेष रूप से पके हुए भोजन, डेयरी उत्पाद (दूध, दही, पनीर) और कटे हुए फल जल्दी खराब हो जाते हैं क्योंकि बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं।
  • नमी: नमी फफूँदी और बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देती है। गीले कपड़े में लिपटी सब्जियाँ या नमी वाले वातावरण में रखे अनाज जल्दी खराब हो सकते हैं।
  • हवा का संपर्क: यदि भोजन को खुला छोड़ दिया जाए, तो हवा में मौजूद बैक्टीरिया और फफूँदी उस पर जम सकते हैं और उसे खराब कर सकते हैं।
  • अनुचित भंडारण: भोजन को सही तापमान पर या सही तरीके से ढक कर न रखने से वह जल्दी खराब हो जाता है। उदाहरण के लिए, दूध को ठीक से न उबालना या हरी सब्जियों को गर्म जगह पर रखना।
  • जीवाणुओं का संदूषण: यदि खाना बनाते समय या परोसते समय स्वच्छता का ध्यान न रखा जाए, तो जीवाणु भोजन में प्रवेश कर सकते हैं और उसे खराब कर सकते हैं।
  • अचार और मुरब्बा में नमी: यदि अचार या मुरब्बा को नमी से नहीं बचाया जाए, तो उनमें फफूँदी लग सकती है।
  • पके हुए चावल: पके हुए चावल को कमरे के तापमान पर अधिक समय तक रखने से वे जल्दी खराब हो जाते हैं।
इन स्थितियों से बचकर हम भोजन को लंबे समय तक ताजा रख सकते हैं।

मिलान करो

दी गई तालिका में एक तरफ खाने की कुछ चीजों के नाम दिये हैं और दूसरी तरफ उन्हें एक-दो दिन तक खराब होने से बचाने के कुछ घरेलू उपाय। खाने की चीजों का उनके उपाय का लाइन बनाकर मिलान करो।
Solution: यहाँ खाने की चीजों और उन्हें खराब होने से बचाने के घरेलू उपायों का मिलान दिया गया है:
  • पके हुए चावल: इन्हें एक कटोरे में डालकर पानी के बर्तन में रखने पर ये एक-दो दिन तक ताज़े रह सकते हैं (यह तरीका चावल को ठंडा रखने में मदद करता है)।
  • हरा धनिया: इसे गीले कपड़े में लपेट कर रखने पर यह कुछ दिनों तक ताज़ा रहता है।
  • दूध: इसे उबाल कर रखने से यह कुछ समय के लिए सुरक्षित रहता है, लेकिन जल्दी खराब हो सकता है।
  • प्याज, लहसुन: इन्हें खुले में, हवादार जगह पर और नमी से बचाकर रखने पर ये लंबे समय तक खराब नहीं होते।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये घरेलू उपाय भोजन को कुछ समय के लिए ही बचा सकते हैं, खासकर गर्म मौसम में।

लिखो

आम के गूदे में गुड़ और चीनी मिलाकर धूप में क्यों सुखाया जाता है?
Solution: आम के गूदे में गुड़ और चीनी मिलाकर धूप में सुखाया जाता है ताकि 'आम पापड़' (जिसे मामिडी तान्ड्रा भी कहते हैं) बनाया जा सके। गुड़ और चीनी दोनों परिरक्षक (preservatives) के रूप में कार्य करते हैं। वे पानी की मात्रा को कम करते हैं और जीवाणुओं के विकास को रोकते हैं, जिससे आम का गूदा लंबे समय तक खराब नहीं होता और उसे महीनों तक संग्रहीत किया जा सकता है। धूप में सुखाने की प्रक्रिया अतिरिक्त नमी को हटाती है और इसे और अधिक संरक्षित करती है।

लिखो

बाबा ने आम पापड़ बनाने के लिए सबसे पके हुए आम पहले क्यों छाँटे?
Solution: बाबा ने आम पापड़ बनाने के लिए सबसे पके हुए आम इसलिए छाँटे क्योंकि पके हुए आमों का गूदा मीठा होता है, उसमें रेशे कम होते हैं और वह आसानी से मैश हो जाता है। पके आमों का गूदा चिकना और गाढ़ा होता है, जो आम पापड़ को अच्छी बनावट और स्वाद देता है। कच्चे या अधपके आमों में खट्टापन ज्यादा होता है और रेशे भी अधिक हो सकते हैं, जिससे आम पापड़ की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

समझो

भाइयों ने मामिडी तांड्रा कैसे बनाया? अलग-अलग चरण समझाओ?
Solution: भाइयों ने मामिडी तांड्रा (आम पापड़) बनाने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन किया:
  1. सामग्री जुटाना: सबसे पहले, उन्होंने बाजार से आवश्यक सामग्री खरीदी, जिसमें चटाई, कैज्युरीना पेड़ के डंडे, नारियल से बनी रस्सी, गुड़ और चीनी शामिल थे।
  2. स्थान का चुनाव: अम्मा ने आँगन में एक ऐसी जगह चुनी जहाँ अच्छी और सीधी धूप आती हो, क्योंकि धूप सुखाने की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है।
  3. मचान बनाना: भाइयों ने चुने हुए स्थान पर डंडों का उपयोग करके एक मचान (ऊँचाई वाला ढाँचा) बनाया।
  4. चटाई बाँधना: उन्होंने इस मचान पर रस्सी की सहायता से चटाई को कसकर बाँधा। यह चटाई वह सतह थी जिस पर आम का गूदा फैलाया जाएगा।
  5. आम का गूदा तैयार करना: पके हुए आमों से गूदा निकाला गया।
  6. गूदे को छानना: आम के गूदे को छाना गया ताकि उसमें से रेशे और गुठलियाँ पूरी तरह से निकल जाएँ और एक चिकना मिश्रण प्राप्त हो।
  7. गुड़ और चीनी मिलाना: छाने हुए आम के गूदे में गुड़ और चीनी मिलाई गई। यह मिश्रण को मीठा बनाने और परिरक्षक का काम करने के लिए किया गया।
  8. गूदे की परत फैलाना: तैयार किए गए आम के गूदे के मिश्रण की एक पतली परत चटाई पर फैलाई गई।
  9. सुखाना: इस परत को धूप में सूखने के लिए छोड़ दिया गया।
  10. प्रक्रिया दोहराना: तीन-चार दिनों तक यही प्रक्रिया दोहराई गई, यानी हर दिन गूदे की एक नई पतली परत चटाई पर फैलाई गई और सूखने दी गई।
  11. तैयार होना: इस प्रकार, लगभग एक सप्ताह की प्रक्रिया के बाद, मामिडी तांड्रा (आम पापड़) तैयार हो गया।
यह विधि आम को लंबे समय तक संरक्षित करने का एक पारंपरिक और प्रभावी तरीका है।

Common mistakes

  • भोजन के खराब होने के संकेतों को अनदेखा करना।
  • भोजन को अनुचित तरीके से संग्रहीत करना।
  • पैकेट पर लिखी एक्सपायरी डेट को न देखना।
  • संरक्षण विधियों के महत्व को कम समझना।

Revision tips

  • प्रत्येक खाद्य पदार्थ के खराब होने के संकेतों को याद करें।
  • विभिन्न घरेलू संरक्षण विधियों की सूची बनाएं।
  • आम पापड़ बनाने की प्रक्रिया के चरणों को समझें।
  • पैकेट पर लिखी जानकारी के महत्व पर ध्यान दें।

Practice MCQs

Q1. अमन को आलू क्यों खराब लगे?

Q2. निम्नलिखित में से कौन सा खाद्य पदार्थ दो-तीन दिन में खराब हो सकता है?

Q3. बीजी ने ब्रेड का पैकेट क्यों लौटा दिया?

Q4. पैकेट पर लिखी कौन सी जानकारी हमें बताती है कि सामान कब तक इस्तेमाल किया जा सकता है?

Q5. ब्रेड पर फफूँदी क्यों आ जाती है?

Frequently asked questions

कक्षा 5 के EVS में 'खाएं आम बारहों महीने' अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है?

यह अध्याय छात्रों को भोजन के खराब होने के कारणों, उसके संकेतों और उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने के तरीकों के बारे में सिखाता है, जो दैनिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण ज्ञान है।

भोजन खराब होने के मुख्य संकेत क्या हैं?

भोजन खराब होने के मुख्य संकेत हैं - खराब बदबू आना, रंग बदलना, स्वाद में बदलाव, या उस पर फफूँदी (जैसे हरे-हरे धब्बे) लग जाना।

आम पापड़ बनाने की प्रक्रिया क्या है?

आम पापड़ बनाने के लिए पके आमों के गूदे में गुड़ और चीनी मिलाकर चटाई पर पतली परत में फैलाकर धूप में सुखाया जाता है। यह प्रक्रिया कई दिनों तक दोहराई जाती है।

पैकेट पर लिखी कौन सी जानकारी सबसे महत्वपूर्ण है?

पैकेट पर बनने की तिथि, इस्तेमाल की अंतिम तिथि (Expiry Date), सामग्री, वजन और मूल्य जैसी जानकारी महत्वपूर्ण होती है, खासकर एक्सपायरी डेट जो उत्पाद की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

क्या मौसम का भोजन के खराब होने पर कोई प्रभाव पड़ता है?

हाँ, गर्म मौसम (गर्मी) और नमी (बरसात) में खाना जल्दी खराब होता है, जबकि ठंडे मौसम (सर्दी) में यह धीरे-धीरे खराब होता है।

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