कक्षा 11 गणित NCERT समाधान: अध्याय 5 - सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरण
यह पृष्ठ कक्षा 11 गणित के अध्याय 5, सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरण के लिए NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें सम्मिश्र संख्याओं को a+ib के मानक रूप में व्यक्त करना, उनकी घातों का सरलीकरण, और वास्तविक तथा काल्पनिक भागों को पृथक करना शामिल है। ये समाधान छात्रों को सम्मिश्र संख्याओं की मूल अवधारणाओं को समझने और अभ्यास 5.1 के प्रश्नों को हल करने में मदद करते हैं। प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत चरण-दर-चरण समाधान प्रदान किया गया है, जिससे छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट मार्गदर्शिका मिलती है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | गणित-I |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 5. सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरण |
Chapter summary
अध्याय 5, सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरण, सम्मिश्र संख्याओं के परिचय पर केंद्रित है। यह अध्याय छात्रों को सम्मिश्र संख्याओं को उनके मानक रूप a+ib में व्यक्त करना सिखाता है। इसमें i की विभिन्न घातों को सरल बनाना और सम्मिश्र संख्याओं के वास्तविक और काल्पनिक भागों को पहचानना शामिल है। यह खंड विशेष रूप से प्रश्नावली 5.1 के प्रश्नों को हल करने पर केंद्रित है, जो इन प्रारंभिक अवधारणाओं को मजबूत करने में मदद करता है।
Learning outcomes
- सम्मिश्र संख्याओं को a+ib के रूप में व्यक्त करना सीखें।
- i की विभिन्न घातों को सरल बनाना समझें।
- सम्मिश्र संख्याओं के वास्तविक और काल्पनिक भागों को पहचानें।
- प्रश्नावली 5.1 के प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करें।
Topics covered
Paper topics
- सम्मिश्र संख्याओं का परिचय
- सम्मिश्र संख्याओं को a+ib के रूप में व्यक्त करना
- i की घातें
- i की ऋणात्मक घातें
- वास्तविक और काल्पनिक भागों को पृथक करना
- सम्मिश्र संख्याओं का सरलीकरण
Important topics
- सम्मिश्र संख्याओं को मानक रूप a+ib में व्यक्त करना
- i की घातों का सरलीकरण
- i की ऋणात्मक घातों का प्रबंधन
- वास्तविक और काल्पनिक भागों की पहचान
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
यह बराबर है:
चूंकि होता है, हम प्रतिस्थापित करते हैं:
इस परिणाम को के मानक रूप में व्यक्त करने के लिए, हम वास्तविक भाग को और काल्पनिक भाग को 0 लिखते हैं:
अतः, सम्मिश्र संख्या का मानक रूप है।
प्रश्न 2
पहले को सरल करते हैं:
अब को सरल करते हैं:
अब दोनों को जोड़ते हैं:
इस परिणाम को के मानक रूप में व्यक्त करने के लिए, हम वास्तविक भाग को 0 और काल्पनिक भाग को 0 लिखते हैं:
अतः, का मानक रूप है।
प्रश्न 3
अब हम को सरल करते हैं। हम को के गुणक के रूप में व्यक्त कर सकते हैं। ।
चूंकि और होता है, हम प्रतिस्थापित करते हैं:
अब इसे मूल व्यंजक में रखते हैं:
हर को धनात्मक बनाने के लिए, हम अंश और हर को से गुणा करते हैं:
चूंकि होता है:
इस परिणाम को के मानक रूप में व्यक्त करने के लिए, हम वास्तविक भाग को 0 और काल्पनिक भाग को 1 लिखते हैं:
अतः, का मानक रूप है।
प्रश्न 4
व्यंजक है:
पहले पद को वितरित करें:
दूसरे पद को वितरित करें:
अब, का प्रयोग करें:
अब दोनों भागों को एक साथ जोड़ें:
वास्तविक भागों को एक साथ समूहित करें ( और ) और काल्पनिक भागों को एक साथ समूहित करें ( और ):
सरल करें:
यह व्यंजक पहले से ही के मानक रूप में है, जहाँ और है।
अतः, का मानक रूप है।
Common mistakes
- i की घातों को सरल करते समय चिह्न की त्रुटियाँ।
- वास्तविक और काल्पनिक भागों को गलत तरीके से पहचानना।
- मानक रूप a+ib में व्यक्त करते समय गणना में चूक।
Revision tips
- i की घातों के नियमों (i^2 = -1, i^3 = -i, i^4 = 1) को याद करें।
- प्रत्येक प्रश्न को हल करने के लिए चरण-दर-चरण विधि का पालन करें।
- हल किए गए उदाहरणों को देखकर अपनी समझ को मजबूत करें।
- मानक रूप a+ib में अंतिम उत्तर लिखना सुनिश्चित करें।
Practice MCQs
Q1. सम्मिश्र संख्या (6i)(-3/5 i) का मानक रूप क्या है?
Explanation: हल करने पर, (6i)(-3/5 i) = -18/5 /5 (-1) = 18/5। इसे मानक रूप a+ib में 18/5 + 0i लिखा जा सकता है।
Q2. + का मान क्या है?
Explanation: ()^2 और ()^4 (-i) = 1^4 (-i) = -i। इसलिए, + (-i) = 0।
Q3. को a+ib के रूप में कैसे व्यक्त किया जा सकता है?
Explanation: //( ) = 1/(()^9 (-i)) = 1/(1^9 (-i)) = 1/(-i) = i/(-) = i/(-(-1)) = i। मानक रूप 0+i है।
Q4. सम्मिश्र संख्या 3(7+i7)+i(7+i7) में वास्तविक भाग क्या है?
Explanation: पहले व्यंजक को सरल करें: 3(7+i7)+i(7+i7) = 21 + 21i + 7i + 7= 14 + 28i। वास्तविक भाग 14 है।
Frequently asked questions
कक्षा 11 गणित के अध्याय 5 में किन मुख्य अवधारणाओं को शामिल किया गया है?
अध्याय 5, सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरण, मुख्य रूप से सम्मिश्र संख्याओं को उनके मानक रूप a+ib में व्यक्त करने और i की विभिन्न घातों को सरल बनाने पर केंद्रित है। इसमें वास्तविक और काल्पनिक भागों को पहचानना भी शामिल है।
प्रश्नावली 5.1 के प्रश्नों को हल करने के लिए कौन से नियम महत्वपूर्ण हैं?
प्रश्नावली 5.1 के प्रश्नों को हल करने के लिए i^2 = -1, i^3 = -i, और i^4 = 1 जैसे i की घातों के नियमों को समझना महत्वपूर्ण है। साथ ही, सम्मिश्र संख्याओं को a+ib के रूप में व्यक्त करने के लिए वास्तविक और काल्पनिक भागों को अलग करना आवश्यक है।
क्या ये समाधान छात्रों के लिए उपयोगी हैं?
हाँ, ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को सम्मिश्र संख्याओं की अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद मिलती है।
i की ऋणात्मक घातों को कैसे हल किया जाता है?
i की ऋणात्मक घातों को हल करने के लिए, हम उन्हें धनात्मक घातों में बदलते हैं (जैसे i^{-n} = 1/i^n) और फिर i^4 = 1 के गुणज का उपयोग करके सरल बनाते हैं।
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