कक्षा 10 समकालीन भारत - 2: कृषि NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 10 के लिए 'समकालीन भारत - 2' पुस्तक के अध्याय 4 'कृषि' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें विभिन्न प्रकार की कृषि पद्धतियों, जैसे रोपण कृषि, और प्रमुख फसलों जैसे चाय और चावल के लिए आवश्यक भौगोलिक परिस्थितियों की गहन व्याख्या शामिल है। समाधान छात्रों को रबी और खरीफ जैसी फसलों के बीच अंतर करने, खाद्य फसलों की खेती के क्षेत्रों को समझने और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा लागू किए गए संस्थागत और संरचनात्मक सुधारों की सूची बनाने में मदद करते हैं। इसके अतिरिक्त, यह कृषि के तहत भूमि में कमी के संभावित परिणामों और भारतीय कृषि पर वैश्वीकरण के प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डालता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए कृषि से संबंधित अवधारणाओं की व्यापक समझ प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | समकालीन भारत - 2 |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 4. कृषि |
Chapter summary
अध्याय 4 'कृषि' के ये NCERT समाधान छात्रों को कृषि की विभिन्न विधियों, जैसे रोपण कृषि, और चाय और चावल जैसी फसलों के लिए आवश्यक भौगोलिक दशाओं को समझने में मदद करते हैं। इसमें रबी और खरीफ फसलों की पहचान, प्रमुख खाद्य फसलों के उत्पादन क्षेत्रों का ज्ञान, और किसानों के कल्याण के लिए सरकारी सुधारों की जानकारी शामिल है। समाधान कृषि भूमि में कमी के प्रभावों और वैश्वीकरण के कृषि पर पड़ने वाले असर पर भी चर्चा करते हैं।
Learning outcomes
- विभिन्न कृषि प्रणालियों की पहचान करना, जैसे रोपण कृषि।
- रबी और खरीफ फसलों के बीच अंतर स्पष्ट करना।
- चाय और चावल जैसी प्रमुख फसलों के लिए भौगोलिक परिस्थितियों का वर्णन करना।
- किसानों के लाभ के लिए सरकारी संस्थागत सुधारों को सूचीबद्ध करना।
- कृषि के तहत भूमि में कमी के परिणामों का विश्लेषण करना।
- भारतीय कृषि पर वैश्वीकरण के प्रभावों को समझना।
Topics covered
Paper topics
- कृषि के प्रकार
- रोपण कृषि
- रबी फसलें
- खरीफ फसलें
- फलीदार फसलें (दालें)
- पेय फसलें (चाय)
- खाद्य फसलें (चावल)
- कृषि के लिए भौगोलिक परिस्थितियाँ
- सरकारी संस्थागत सुधार
- कृषि उत्पादन में वृद्धि के उपाय
- वैश्वीकरण का कृषि पर प्रभाव
- कृषि के तहत भूमि में कमी के परिणाम
Important topics
- रोपण कृषि की विशेषताएँ
- रबी और खरीफ फसलों के उदाहरण और विशेषताएँ
- चाय और चावल की खेती के लिए भौगोलिक दशाएँ
- किसानों के लिए सरकारी सुधार कार्यक्रम
- वैश्वीकरण का भारतीय कृषि पर प्रभाव
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Questions and Solutions
प्रश्न 1 (बहु वैकल्पिक प्रश्न)
निम्नलिखित में से कौन-सा उस कृषि प्रणाली को दर्शाता है जिसमें एक ही फसल लंबे-चौड़े क्षेत्र में उगाई जाती है ?
- निम्नलिखित में से कौन-सा उस कृषि प्रणाली को दर्शाता है जिसमें एक ही फसल लंबे-चौड़े क्षेत्र में उगाई जाती है ?
- (क) स्थानांतरी कृषि
- (ख) रोपण कृषि
- (ग) बागवानी
- (घ) गहन कृषि
(ख) रोपण कृषि। रोपण कृषि एक ऐसी कृषि प्रणाली है जिसमें बड़े पैमाने पर एक ही फसल, जैसे चाय, कॉफी, गन्ना, या रबर, को लंबे-चौड़े क्षेत्र में उगाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यावसायिक उत्पादन होता है।
प्रश्न 1 (बहु वैकल्पिक प्रश्न)
इनमें से कौनसी रबी फसल है ?
- इनमें से कौनसी रबी फसल है ?
- (क) चावल
- (ख) मोटे अनाज
- (ग) चना
- (घ) कपास
(ग) चना। चना एक प्रमुख रबी फसल है। रबी की फसलें आमतौर पर सर्दियों के मौसम में (अक्टूबर-नवंबर) बोई जाती हैं और गर्मियों की शुरुआत में (मार्च-अप्रैल) काटी जाती हैं। इन्हें ठंडी जलवायु की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 1 (बहु वैकल्पिक प्रश्न)
इनमें से कौन सी एक फलीदार फसल है ?
- इनमें से कौन सी एक फलीदार फसल है ?
- (क) दाले
- (ख) मोटे अनाज
- (ग) ज्वार तिल
- (घ) तिल
(क) दालें। दालें फलीदार फसलें होती हैं। ये फसलें लेग्यूम परिवार से संबंधित हैं और वायुमंडलीय नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।
प्रश्न 2 (लगभग 30 शब्दों में उत्तर)
एक पेय फसल का नाम बताएँ तथा उसको उगाने के लिए अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियों का विवरण दें।
- एक पेय फसल का नाम बताएँ तथा उसको उगाने के लिए अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियों का विवरण दें।
चाय एक महत्वपूर्ण पेय फसल है। इसके विकास के लिए उष्णकटिबंधीय या उपोष्णकटिबंधीय जलवायु, गहरी और उपजाऊ मिट्टी जो अच्छी तरह से सूखी हो और जिसमें ह्यूमस व कार्बनिक पदार्थ प्रचुर मात्रा में हों, अनुकूल होती है।
प्रश्न 2 (लगभग 30 शब्दों में उत्तर)
भारत की एक खाद्य फसल का नाम बताएँ और जहाँ यह पैदा की जाती है उन क्षेत्रों का विवरण दें।
- भारत की एक खाद्य फसल का नाम बताएँ और जहाँ यह पैदा की जाती है उन क्षेत्रों का विवरण दें।
चावल भारत की एक प्रमुख खाद्य फसल है। यह मुख्य रूप से उत्तर और उत्तर-पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों, तटीय क्षेत्रों और डेल्टा क्षेत्रों में उगाई जाती है। चावल की खेती के लिए आमतौर पर बीज को खड़े पानी में बोया जाता है और मानसून के तुरंत बाद इसकी रोपाई की जाती है।
प्रश्न 2 (लगभग 30 शब्दों में उत्तर)
किसानों के हित में सरकार द्वारा किए गए संस्थागत सुधार कार्यक्रमों की सूची बनाएँ।
- किसानों के हित में सरकार द्वारा किए गए संस्थागत सुधार कार्यक्रमों की सूची बनाएँ।
किसानों के लाभ के लिए सरकार द्वारा शुरू किए गए कुछ प्रमुख संस्थागत सुधार कार्यक्रम हैं: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नीति, फसल बीमा का प्रावधान, कृषि आदानों (जैसे बीज, उर्वरक) पर सब्सिडी, बिजली और पानी जैसे संसाधनों की उपलब्धता, ग्रामीण बैंकों की स्थापना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना, और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना।
प्रश्न 2 (लगभग 30 शब्दों में उत्तर)
दिन प्रतिदिन कृषि के अंतर्गत भूमि कम हो रही है। क्या आप इसके परिणामों की कल्पना कर सकते हैं?
- दिन प्रतिदिन कृषि के अंतर्गत भूमि कम हो रही है। क्या आप इसके परिणामों की कल्पना कर सकते हैं?
कृषि के अंतर्गत भूमि के लगातार कम होने से गंभीर खाद्यान्न की कमी हो सकती है। इससे खाद्य पदार्थों के आयात पर निर्भरता बढ़ेगी, जो देश की अर्थव्यवस्था पर भारी ऋण का बोझ डाल सकता है और खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।
प्रश्न 3 (लगभग 120 शब्दों में उत्तर)
कृषि उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा किए गए उपाय सुझाइए।
- कृषि उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए, सरकार ने सामूहिक करण, जमींदारी प्रणाली के सहयोग और उन्मूलन को प्राथमिकता दी। भूमि सुधार 'प्रथम पंच-वर्षीय योजनाओं का मुख्य केंद्र बिंद्र था। 1960 और 1970 के दशक में, कृषि सुधार दिन का क्रम था। हरित क्रांति और श्वेत क्रांति का उद्देश्य भारतीय कृषि उत्पादकता में सुधार करना था। 1980 और 1990 के दशक के दौरान, एक व्यापक भूमि विकास कार्यक्रम शुरू किया गया था। इसके तहत, किसानों के लाभ के लिए सरकार द्वारा विभिन्न तकनीकी और संस्था-गत सुधार पेश किए गए, उदाहरण के लिए, न्यूनतम समर्थन मूल्य नीति, फसल बीमा का प्रावधान, कृषि आदानों पर सब्सिडी और बिजली और उर्वरक जैसे संसाधन, ग्रामीण बैंक, किसान क्रेडिट कार्ड, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना, और राष्ट्रीय टेलीविजन पर 'कृषि दर्शन' जैसे विशेष मौसम बुलेटिन और कृषि कार्यक्रम।
कृषि उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई उपाय किए हैं। प्रारंभिक पंचवर्षीय योजनाओं में भूमि सुधारों पर जोर दिया गया, जिसमें चकबंदी और जमींदारी प्रथा का उन्मूलन शामिल था। 1960 और 1970 के दशक में हरित क्रांति और श्वेत क्रांति जैसी पहलों ने कृषि उत्पादकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1980 और 1990 के दशक में एक व्यापक भूमि विकास कार्यक्रम लागू किया गया। किसानों के लाभ के लिए तकनीकी और संस्थागत सुधारों को भी पेश किया गया, जैसे: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नीति, फसल बीमा योजनाएं, कृषि आदानों पर सब्सिडी, ग्रामीण बैंकों की स्थापना, किसान क्रेडिट कार्ड, और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना। इसके अतिरिक्त, 'कृषि दर्शन' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को नवीनतम जानकारी प्रदान की जाती है।
प्रश्न 3 (लगभग 120 शब्दों में उत्तर)
भारतीय कृषि पर वैश्वीकरण के प्रभाव पर टिप्पणी लिखें।
- भारतीय कृषि पर वैश्वीकरण के प्रभाव पर टिप्पणी लिखें।
वैश्वीकरण का भारतीय कृषि पर गहरा प्रभाव पड़ा है। औपनिवेशिक काल से ही भारत से कपास और मसाले जैसे उत्पादों का निर्यात होता रहा है। हालाँकि, उदारीकरण के बाद, भारतीय किसानों को विकसित देशों की अत्यधिक सब्सिडी वाली कृषि से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा है। इसके सकारात्मक पहलुओं में नई तकनीकों और बाजारों तक पहुंच शामिल है, लेकिन नकारात्मक पक्ष में छोटे और सीमांत किसानों के लिए चुनौतियाँ बढ़ी हैं। वैश्वीकरण ने भारतीय कृषि को अधिक लाभदायक बनाने के लिए उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर विविधीकरण, जैविक खेती को बढ़ावा देने और खाद्यान्न के बजाय नकदी फसलों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
प्रश्न 3 (लगभग 120 शब्दों में उत्तर)
चावल की खेती के लिए उपयुक्त भौगोलिक परिस्थितियों का वर्णन करें।
- चावल की खेती के लिए उपयुक्त भौगोलिक परिस्थितियों का वर्णन करें।
चावल एक खरीफ की फसल है जिसके लिए विशेष भौगोलिक परिस्थितियों की आवश्यकता होती है। यह मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में उगाई जाती है जहाँ उच्च तापमान (लगभग 25°C से ऊपर) और 100 सेमी से अधिक वर्षा होती है। यह उत्तर और उत्तर-पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों, तटीय क्षेत्रों और डेल्टा क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है, जहाँ पानी की उपलब्धता अधिक होती है। चावल की खेती के लिए आमतौर पर पानी से भरे खेतों की आवश्यकता होती है, इसलिए इसे अक्सर खड़े पानी में बोया या रोपा जाता है।
Common mistakes
- फसलों को रबी और खरीफ में गलत वर्गीकृत करना।
- कृषि प्रणालियों के बीच अंतर करने में भ्रमित होना।
- सरकारी सुधारों के महत्व को कम आंकना।
- वैश्वीकरण के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभावों को समझने में विफलता।
Revision tips
- प्रत्येक फसल के लिए आवश्यक भौगोलिक परिस्थितियों को सारणीबद्ध करें।
- सरकारी सुधारों की सूची बनाएं और उनके उद्देश्य को समझें।
- रोपण कृषि और अन्य कृषि विधियों के बीच मुख्य अंतरों पर ध्यान केंद्रित करें।
- वैश्वीकरण के प्रभावों पर चर्चा करते समय सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं पर विचार करें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन-सी कृषि प्रणाली एक ही फसल को बड़े क्षेत्र में उगाने से संबंधित है?
Explanation: रोपण कृषि में, एक ही फसल को बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उगाया जाता है, जैसे चाय, कॉफी, या रबर।
Q2. दिए गए विकल्पों में से कौन सी एक रबी की फसल है?
Explanation: चना एक फलीदार फसल है जो आमतौर पर रबी के मौसम में उगाई जाती है, जिसे ठंडी जलवायु की आवश्यकता होती है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सी फसल फलीदार फसल (leguminous crop) के समूह में आती है?
Explanation: दालें फलीदार फसलें होती हैं क्योंकि वे लेग्यूम परिवार से संबंधित हैं और मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिरीकरण में मदद करती हैं।
Q4. चाय की फसल के लिए कौन सी भौगोलिक परिस्थितियाँ अनुकूल हैं?
Explanation: चाय के पौधे को पनपने के लिए उष्णकटिबंधीय या उपोष्णकटिबंधीय जलवायु, साथ ही गहरी, उपजाऊ और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी की आवश्यकता होती है।
Q5. भारत की प्रमुख खाद्य फसल चावल मुख्य रूप से किन क्षेत्रों में उगाई जाती है?
Explanation: चावल की खेती के लिए पानी की प्रचुरता की आवश्यकता होती है, इसलिए यह मुख्य रूप से उत्तर और उत्तर-पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों, तटीय क्षेत्रों और डेल्टा क्षेत्रों में उगाई जाती है।
Frequently asked questions
कक्षा 10 के लिए 'कृषि' अध्याय के NCERT समाधान किस पुस्तक से संबंधित हैं?
ये समाधान CBSE की कक्षा 10 की भूगोल पाठ्यपुस्तक 'समकालीन भारत - 2' के अध्याय 4 'कृषि' से संबंधित हैं।
इन समाधानों में किन प्रमुख कृषि प्रणालियों को शामिल किया गया है?
समाधानों में रोपण कृषि जैसी प्रणालियों को शामिल किया गया है, जिसमें एक ही फसल को बड़े क्षेत्र में उगाया जाता है।
चाय की फसल के लिए आवश्यक भौगोलिक परिस्थितियाँ क्या हैं?
चाय के लिए उष्णकटिबंधीय या उपोष्णकटिबंधीय जलवायु, गहरी, उपजाऊ और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी की आवश्यकता होती है।
भारत सरकार किसानों के हित में कौन से संस्थागत सुधार कार्यक्रम चलाती है?
सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य नीति, फसल बीमा, सब्सिडी, ग्रामीण बैंक, किसान क्रेडिट कार्ड और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना जैसे कार्यक्रम चलाती है।
वैश्वीकरण का भारतीय कृषि पर क्या प्रभाव पड़ा है?
वैश्वीकरण ने भारतीय कृषि के लिए नई चुनौतियाँ पेश की हैं, जैसे विकसित देशों की सब्सिडी वाली कृषि से प्रतिस्पर्धा, लेकिन इसने उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर विविधीकरण के अवसर भी खोले हैं।
कृषि के तहत भूमि कम होने के क्या परिणाम हो सकते हैं?
कृषि के तहत भूमि कम होने से गंभीर खाद्यान्न की कमी हो सकती है, जिससे आयात पर निर्भरता बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था पर ऋण का बोझ बढ़ सकता है।
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