कक्षा 10 समकालीन भारत - 2: संसाधन एवं विकास NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 10 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 10 के लिए 'समकालीन भारत - 2' पुस्तक के अध्याय 1, 'संसाधन एवं विकास' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें विभिन्न प्रकार के संसाधनों, जैसे नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधन, जैव और अजैव संसाधन, और भूमि निम्नीकरण के कारणों और समाधानों पर विस्तृत जानकारी शामिल है। समाधानों में काली मृदा और जलोढ़ मृदा की विशेषताओं, पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा अपरदन को रोकने के उपायों और भारत में भूमि उपयोग के पैटर्न का वर्णन किया गया है। यह विस्तृत व्याख्या छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने और याद रखने में मदद करती है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectसमकालीन भारत - 2
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter1. संसाधन एवं विकास

Chapter summary

कक्षा 10 के लिए 'संसाधन एवं विकास' अध्याय के ये NCERT समाधान छात्रों को संसाधनों के वर्गीकरण, भूमि उपयोग के पैटर्न, भूमि निम्नीकरण के कारणों और रोकथाम के उपायों, और मृदा के प्रकारों (जैसे काली और जलोढ़ मृदा) की विशेषताओं को समझने में मदद करते हैं। यह अध्याय संसाधनों के सतत विकास के महत्व पर भी प्रकाश डालता है।

Learning outcomes

  • संसाधनों को नवीकरणीय और अनवीकरणीय श्रेणियों में वर्गीकृत करना।
  • जैव और अजैव संसाधनों के बीच अंतर को समझना।
  • भारत में भूमि उपयोग के पैटर्न का विश्लेषण करना।
  • भूमि निम्नीकरण के कारणों और समाधानों की पहचान करना।
  • विभिन्न प्रकार की मृदाओं (जैसे काली और जलोढ़) की विशेषताओं का वर्णन करना।
  • पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा अपरदन को रोकने के उपायों को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • संसाधन: वर्गीकरण
  • नवीकरण योग्य और अनवीकरणीय संसाधन
  • जैव और अजैव संसाधन
  • भूमि उपयोग का पैटर्न
  • भूमि निम्नीकरण और रोकथाम के उपाय
  • मृदा: प्रकार और विशेषताएँ
  • काली मृदा
  • जलोढ़ मृदा
  • मृदा अपरदन और नियंत्रण
  • संसाधन नियोजन
  • सतत विकास

Important topics

  • संसाधनों का वर्गीकरण (नवीकरण योग्य, अनवीकरणीय, जैव, अजैव)
  • भारत में भूमि उपयोग के पैटर्न और इसके कारण
  • भूमि निम्नीकरण के कारण और रोकथाम के उपाय
  • विभिन्न प्रकार की मृदाओं की विशेषताएँ (विशेषकर काली और जलोढ़)
  • पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा अपरदन को नियंत्रित करने के उपाय

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

पाठ – 1 संसाधन एवं विकास

अभ्यास

Q1. बहु वैकल्पिक प्रश्न

  1. लौह अयस्क किस प्रकार का संसाधन है-
  • (क) नवीकरण योग्य
  • (ख) जैव
  • (ग) प्रवाह
  • (घ) अनवीकरण योग्य उत्तर: (i) (घ) अनवीकरण योग्य
  1. ज्वारीय ऊर्जा निम्नलिखित में से किस प्रकार का संसाधन नहीं है
  • (क) पुनः पूर्ति योग्य
  • (ख) मानवकृत
  • (ग) अजैव
  • (घ) अचक्रीय उत्तर: (ii) (क) पुनः पूर्ति योग्य
  1. पंजाब में भूमि निम्नीकरण का निम्नलिखित में से मुख्य कारण क्या है
  • (क) गहन खेती
  • (ख) वनोन्मूलन
  • (ग) अधिक सिंचाई
  • (घ) अधिक पशुचारण उत्तर: (iii) (ग) अधिक सिंचाई
  1. निम्नलिखित में से किस प्रांत में सीढ़ीदार(सोपानी) खेती की जाती है ?
  • (क) पंजाब
  • (ख) हरियाणा
  • (ग) उत्तराखंड
  • (घ) उत्तर प्रदेश के मैदान उत्तर: (iv) (ग) उत्तराखंड
  1. इनमें से किस राज्य में काली मृदा मुख्य रूप से पाई जाती है
  • (क) जम्मू और कश्मीर
  • (ख) महाराष्ट्र
  • (ग) राजस्थान
  • (घ) झारखंड उत्तर: (v) (ख) महाराष्ट्र

Q2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए-

(i) तीन राज्यों के नाम बताएँ जहाँ काली मृदा पाई जाती है | इस पर मुख्य रूप से कौन सी फसल उगाई जाती है?

उत्तर : (i) काली मृदा निम्नलिखित राज्यों में मुख्य रूप से पाई जाती है

  • (क) महाराष्ट्र
  • (ख) मध्य प्रदेश
  • (ग) छत्तीसगढ़ यह मृदा कपास उगाने के लिए एकदम अनुकूल है। उन क्षेत्रो के किसान जहाँ काली मृदा

मुख्य रूप से पाई जाती है, कपास की खेती करते हैं क्योंकि इस प्रकार की मुदा पर कपास लगाना सफल साबित होता है।

(ii) पूर्वी तट के नदी डेल्टाओं पर किस प्रकार की मृदा पाई जाती है ? इस प्रकार की मृदा की तीन मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?

उत्तर : (ii) पूर्वी नदी के डेल्टाओं में मुख्य रूप से जलोढ़ मृदा पाई जाती है | इसकी विशेषताएँ निम्नलिखित है-

(क)जलोढ़ मिट्टी बहुत उपजाऊ होती वह नदी से आए हुए तत्वों से भरपूर होती है ।

  • (ख) ऐसी मिट्टी गन्ने, गेहूं, धान जैसी फसल उगाने के लिए आदर्श हैं जिन्हे उपजाऊ ज़मीन की आवश्यकता है।
  • (ग) चूँिक इसमें कंकर अधिक होते हैं इसलिए पुराने जलोढ़ नए जलोढ़ की तुलना में कम उपजाऊ होते हैं।

(iii) पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा अपरदन की रोकथाम के लिए क्या कदम उठाने चाहिए ?

उत्तर: (iii) पहाड़ी क्षेत्रों में, मृदा अपरदन को समोच्च रेखाओं पर जुताई करके, छत की खेती की तकनीक का उपयोग करके और हवा और पानी से कटाव की जांच करने के लिए घास के स्ट्रिप्स का उपयोग करके नियंत्रित किया जा सकता है। सीढ़ीदार खेती करना एक अच्छा उपाय साबित हो सकता है जिससे मृदा अपरदन को कम किया जा सकता है।

(iv) जैव और अजैव संसाधन क्या होते हैं ? कुछ उदाहरण दें |

उत्तर : (iv) जैविक संसाधन जीवित चीजों से बने होते हैं, और जीवमंडल से प्राप्त होते हैं। जैसे - लकड़ी, इसलिए वो एक जैविक संसाधन है | मनुष्य, मत्स्य ,पशुधन, फसल यह सब जैविक संसाधन में आते है । अजैविक संसाधन गैर-जीवित चीजों से बने होते हैं, जैसे, धातु और चट्टानें। अजैविक संसाधन ज्यादातर धरती से प्राप्त होता है | लोहा एक बहुत महत्वपूर्ण अजैविक संसाधन है जिसे बहुत इस्तेमाल किया जाता है लोहा धरती की खुदाई में प्राप्त किया जाता है |

Q3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए-

  1. भारत में भूमि उपयोग प्रारूप का वर्णन करें | वर्ष 1960-61 से वन के अंतर्गत क्षेत्र में महत्वपूर्ण वृद्धि नहीं हुई, इसका क्या कारण है ?

Common mistakes

  • संसाधनों के वर्गीकरण में भ्रमित होना।
  • भूमि निम्नीकरण के कारणों को गलत समझना।
  • विभिन्न प्रकार की मृदाओं की विशेषताओं को याद रखने में कठिनाई।
  • मृदा अपरदन को रोकने के उपायों को ठीक से न जानना।

Revision tips

  • प्रत्येक संसाधन प्रकार की परिभाषा और उदाहरणों को स्पष्ट रूप से समझें।
  • भारत के भूमि उपयोग मानचित्र का अध्ययन करें और रुझानों को नोट करें।
  • भूमि निम्नीकरण के कारणों और समाधानों की सूची बनाएं।
  • विभिन्न मृदा प्रकारों की विशेषताओं और उनसे संबंधित फसलों को याद करें।

Practice MCQs

Q1. लौह अयस्क किस प्रकार का संसाधन है?

Q2. ज्वारीय ऊर्जा को किस प्रकार का संसाधन माना जाता है?

Q3. पंजाब में भूमि निम्नीकरण का मुख्य कारण क्या है?

Q4. सीढ़ीदार (सोपानी) खेती किस प्रकार के क्षेत्रों में की जाती है?

Q5. काली मृदा मुख्य रूप से किस राज्य में पाई जाती है?

Frequently asked questions

कक्षा 10 के लिए 'संसाधन एवं विकास' अध्याय में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?

इस अध्याय में संसाधनों के वर्गीकरण (नवीकरण योग्य, अनवीकरणीय, जैव, अजैव), भारत में भूमि उपयोग के पैटर्न, भूमि निम्नीकरण के कारणों और रोकथाम के उपायों, विभिन्न प्रकार की मृदाओं (जैसे काली और जलोढ़) की विशेषताओं, और मृदा अपरदन को नियंत्रित करने के तरीकों पर चर्चा की गई है।

अनवीकरणीय संसाधन क्या होते हैं और इसके उदाहरण क्या हैं?

अनवीकरणीय संसाधन वे संसाधन होते हैं जो प्राकृतिक रूप से बहुत धीरे-धीरे बनते हैं और एक बार उपयोग होने के बाद उन्हें बनने में लाखों साल लग जाते हैं। उदाहरण के लिए, कोयला, पेट्रोलियम और लौह अयस्क अनवीकरणीय संसाधन हैं।

पंजाब में भूमि निम्नीकरण का मुख्य कारण क्या बताया गया है?

पंजाब में भूमि निम्नीकरण का मुख्य कारण अधिक सिंचाई को बताया गया है। अत्यधिक सिंचाई से भूमि में लवणीकरण और जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है, जो भूमि की उर्वरता को कम करती है।

काली मृदा किन फसलों के लिए सबसे उपयुक्त है?

काली मृदा, जिसे रेगुर मृदा भी कहा जाता है, कपास की खेती के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है। यह मृदा नमी को अच्छी तरह से बनाए रखती है, जो कपास के विकास के लिए आवश्यक है।

पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा अपरदन को रोकने के लिए कौन से उपाय सुझाए गए हैं?

पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा अपरदन को रोकने के लिए समोच्च रेखाओं पर जुताई, सीढ़ीदार खेती (सोपानी कृषि) और घास की पट्टियों का उपयोग जैसे उपाय सुझाए गए हैं।

जलोढ़ मृदा की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?

जलोढ़ मृदा बहुत उपजाऊ होती है क्योंकि यह नदियों द्वारा लाई गई गाद से बनती है। यह गन्ने, गेहूं और धान जैसी फसलों के लिए आदर्श है। हालांकि, पुराने जलोढ़ में कंकर अधिक होने के कारण यह नए जलोढ़ की तुलना में कम उपजाऊ हो सकती है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.