कक्षा 10 समकालीन भारत - 2: वन एवं वन्य जीव संसाधन NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 10 के लिए 'समकालीन भारत - 2' पुस्तक के अध्याय 2, 'वन एवं वन्य जीव संसाधन' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें वनों और वन्यजीवों के ह्रास के कारणों, संरक्षण के विभिन्न तरीकों और विभिन्न प्रजातियों के अस्तित्व की स्थिति पर विस्तृत जानकारी शामिल है। समाधान प्राकृतिक वनस्पति और जीव-जंतुओं के महत्व, उनके संरक्षण की आवश्यकता और समुदायों की भागीदारी की भूमिका पर प्रकाश डालते हैं। यह खंड छात्रों को वनों और वन्यजीवों के संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने में मदद करता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | समकालीन भारत - 2 |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 2. वन एवं वन्य जीव संसाधन |
Chapter summary
कक्षा 10 के लिए 'समकालीन भारत - 2' के अध्याय 2 के ये NCERT समाधान वन और वन्यजीव संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर जोर देते हैं। यह खंड वनों के ह्रास के कारणों, जैसे कृषि विस्तार और औद्योगीकरण, और संरक्षण के विभिन्न तरीकों, जैसे संयुक्त वन प्रबंधन और वन्यजीव अभयारण्यों की स्थापना, की पड़ताल करता है। इसमें विभिन्न प्रजातियों के अस्तित्व की स्थिति का वर्गीकरण भी शामिल है।
Learning outcomes
- वन और वन्यजीवों के ह्रास के प्रमुख कारणों की पहचान करना।
- वन और वन्यजीवों के संरक्षण के विभिन्न तरीकों को समझना।
- विभिन्न प्रजातियों के अस्तित्व की श्रेणियों को वर्गीकृत करना।
- सामुदायिक भागीदारी के महत्व को संरक्षण में समझना।
Topics covered
Paper topics
- वन और वन्यजीव संसाधन
- वनस्पति और जीव-जंतुओं का ह्रास
- ह्रास के कारण
- संरक्षण की आवश्यकता
- संरक्षण के तरीके
- आरक्षित वन
- रक्षित वन
- अवर्गीकृत वन
- वन्यजीव पशु विहार
- जैव मंडल आरक्षित क्षेत्र
- सामुदायिक भागीदारी
- वन संरक्षण आंदोलन
Important topics
- वन और वन्यजीवों के ह्रास के कारण
- वन संरक्षण के तरीके
- विभिन्न प्रजातियों के अस्तित्व की श्रेणियां
- आरक्षित और रक्षित वनों का महत्व
- सामुदायिक भागीदारी और संरक्षण
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Questions and Solutions
प्रश्न 1 (i)
- (क) कृषि प्रसार
- (ख) वृहत स्तरीय विकास परियोजनाएं
- (ग) पशु चारण और इंधन लकड़ी एकत्रित करना
- (घ) तीव्र औद्योगीकरण शहरीकरण
सही उत्तर है: (ग) पशु चारण और इंधन लकड़ी एकत्रित करना
प्रश्न 1 (ii)
- (क) संयुक्त वन प्रबंधन
- (ख) चिपको आंदोलन
- (ग) बीज बचाओ आंदोलन
- (घ) वन्यजीव पशु विहार का परिसीमन
सही उत्तर है: (घ) वन्यजीव पशु विहार का परिसीमन
प्रश्न 2
जानवर/पौधे | अस्तित्व वर्ग
काला हिरण | लुप्त
एशियाई हाथी | दुर्लभ
अंडमान जंगली सुअर | स्थानिक
हिमालयन भूरा भालू | सुभेद्य
गुलाबी सिरवाली बत्तख | संकटग्रस्त
- काला हिरण - यह एक संकटग्रस्त प्रजाति है, जिसके अस्तित्व पर गंभीर खतरा है।
- एशियाई हाथी - यह एक सुभेद्य प्रजाति है, जिसकी संख्या कम हो रही है और इसे संरक्षण की आवश्यकता है।
- अंडमान जंगली सुअर - यह एक स्थानिक प्रजाति है, जो केवल अंडमान द्वीप समूह में पाई जाती है।
- हिमालयन भूरा भालू - यह एक दुर्लभ प्रजाति है, जिसकी संख्या बहुत कम है।
- गुलाबी सिरवाली बत्तख - यह एक लुप्तप्राय प्रजाति थी, जिसके अब विलुप्त होने की कगार पर होने की आशंका है या यह विलुप्त हो चुकी है। (स्रोत के अनुसार 'लुप्त' दिया गया है, जो अत्यधिक गंभीर स्थिति दर्शाता है)।
सही मिलान इस प्रकार है:
काला हिरण - संकटग्रस्त
एशियाई हाथी - सुभेद्य
अंडमान जंगली सुअर - स्थानिक
हिमालयन भूरा भालू - दुर्लभ
गुलाबी सिरवाली बत्तख - लुप्त
प्रश्न 3
आरक्षित वन | सरकार, व्यक्तियों के निजी और समुदायों के अधीन अन्य वन और बंजर भूमि
रक्षित वन | वन और वन्य जीव संसाधन संरक्षण की दृष्टि से सर्वाधिक मूल्यवान वन
अवर्गीकृत वन | वन भूमि जो और अधिक क्षरण से बचाई जाती है
- आरक्षित वन (Reserved Forests): ये वन संरक्षण की दृष्टि से सर्वाधिक मूल्यवान माने जाते हैं। इनमें वृक्षों के कटाई और पशुओं के चरने पर सख्त प्रतिबंध होता है, और ये मुख्य रूप से सरकारी नियंत्रण में होते हैं।
- रक्षित वन (Protected Forests): इन वनों को और अधिक क्षरण से बचाने के लिए संरक्षित किया जाता है। इनमें कुछ हद तक स्थानीय समुदायों को लकड़ी एकत्र करने या पशु चराने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन यह सरकार द्वारा नियंत्रित होता है।
- अवर्गीकृत वन (Unclassified Forests): ये वे वन और बंजर भूमि हैं जो सरकार, व्यक्तियों या समुदायों के अधीन हो सकते हैं। इन पर नियंत्रण कम होता है और इनका प्रबंधन भी भिन्न हो सकता है।
सही मिलान इस प्रकार है:
आरक्षित वन - वन और वन्य जीव संसाधन संरक्षण की दृष्टि से सर्वाधिक मूल्यवान वन
रक्षित वन - वन भूमि जो और अधिक क्षरण से बचाई जाती है
अवर्गीकृत वन - सरकार, व्यक्तियों के निजी और समुदायों के अधीन अन्य वन और बंजर भूमि
Common mistakes
- वन्यजीवों के ह्रास के कारणों को गलत पहचानना।
- संरक्षण के तरीकों और उनके प्रभाव को गलत समझना।
- प्रजातियों के अस्तित्व की श्रेणियों को गलत मिलाना।
Revision tips
- वन और वन्यजीवों के ह्रास के कारणों की सूची बनाएं।
- संरक्षण के विभिन्न तरीकों और उनके उदाहरणों को याद करें।
- जानवरों और पौधों के अस्तित्व की श्रेणियों का मिलान करने का अभ्यास करें।
- सामुदायिक भागीदारी से जुड़े आंदोलनों को समझें।
Practice MCQs
Q1. वन और वन्यजीवों के ह्रास का कौन सा कारण सीधे तौर पर प्राकृतिक वनस्पति और जीव-जंतुओं को प्रभावित नहीं करता है?
Explanation: पशु चारण और ईंधन लकड़ी एकत्र करना सीधे तौर पर प्राकृतिक वनस्पति और जीव-जंतुओं के ह्रास का कारण नहीं बनता, जबकि अन्य विकल्प प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार हैं।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सी संरक्षण विधि समुदायों की सीधी भागीदारी पर आधारित नहीं है?
Explanation: वन्यजीव पशु विहार का परिसीमन सरकारी नियमों और प्रबंधन पर आधारित है, जबकि अन्य विकल्प सामुदायिक भागीदारी को दर्शाते हैं।
Q3. संकटग्रस्त प्रजातियों का क्या अर्थ है?
Explanation: संकटग्रस्त प्रजातियां वे होती हैं जिनके जीवित रहने के लिए गंभीर खतरा होता है और निकट भविष्य में उनके विलुप्त होने की संभावना अधिक होती है।
Q4. वन और वन्यजीव संसाधनों के संरक्षण की दृष्टि से सर्वाधिक मूल्यवान वन कौन से माने जाते हैं?
Explanation: आरक्षित वन वे वन होते हैं जिन्हें संरक्षण की दृष्टि से सर्वाधिक मूल्यवान माना जाता है और वे सरकारी नियंत्रण में होते हैं।
Frequently asked questions
कक्षा 10 के 'समकालीन भारत - 2' के अध्याय 2 में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में मुख्य रूप से वन और वन्यजीव संसाधनों के महत्व, उनके ह्रास के कारणों, संरक्षण की आवश्यकता और विभिन्न संरक्षण विधियों जैसे आरक्षित वन, रक्षित वन और सामुदायिक भागीदारी पर चर्चा की गई है।
वन और वन्यजीवों के ह्रास के प्रमुख कारण क्या हैं?
वन और वन्यजीवों के ह्रास के प्रमुख कारणों में कृषि का विस्तार, वृहत स्तरीय विकास परियोजनाएं, पशु चारण, ईंधन लकड़ी एकत्र करना, तीव्र औद्योगीकरण और शहरीकरण शामिल हैं।
वन संरक्षण के लिए समुदायों की भागीदारी क्यों महत्वपूर्ण है?
सामुदायिक भागीदारी वन संरक्षण को अधिक प्रभावी बनाती है क्योंकि स्थानीय लोग वनों के महत्व को समझते हैं और उनके संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं, जैसा कि चिपको आंदोलन और संयुक्त वन प्रबंधन में देखा गया है।
वन्यजीवों के अस्तित्व की विभिन्न श्रेणियों का क्या अर्थ है?
वन्यजीवों के अस्तित्व की श्रेणियों में लुप्त (Extinct), संकटग्रस्त (Endangered), सुभेद्य (Vulnerable), दुर्लभ (Rare), स्थानिक (Endemic) और सामान्य (Normal) शामिल हैं, जो उनकी वर्तमान स्थिति और विलुप्त होने के खतरे को दर्शाती हैं।
ये NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में मदद मिलती है।
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