कक्षा 10 समकालीन भारत - 2: विनिर्माण उद्योग NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 10 के छात्रों के लिए 'समकालीन भारत - 2' पुस्तक के अध्याय 6, 'विनिर्माण उद्योग' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें विनिर्माण की परिभाषा, उद्योगों को प्रभावित करने वाले भौतिक और मानवीय कारक, आधारभूत उद्योगों की भूमिका और समन्वित व मिनी इस्पात उद्योगों के बीच अंतर जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधान छात्रों को यह समझने में मदद करते हैं कि कैसे कच्चे माल को तैयार माल में बदला जाता है और विभिन्न उद्योगों की अवस्थिति को निर्धारित करने वाले कारकों का विश्लेषण करते हैं। इसके अतिरिक्त, यह अध्याय उद्योगों से उत्पन्न होने वाले वायु, जल, भूमि और ध्वनि प्रदूषण के विभिन्न रूपों और उनके प्रभावों पर भी प्रकाश डालता है। ये विस्तृत समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और व्यापक समझ प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | समकालीन भारत - 2 |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 6. विनिर्माण उद्योग |
Chapter summary
कक्षा 10 के लिए 'समकालीन भारत - 2' के अध्याय 6 के ये NCERT समाधान विनिर्माण उद्योग की अवधारणा को स्पष्ट करते हैं। इसमें उद्योगों के लिए कच्चे माल के रूप में चूना पत्थर और बॉक्साइट का उपयोग करने वाले उद्योगों की पहचान, और इलेक्ट्रॉनिक उद्योग द्वारा निर्मित उत्पादों जैसे बहुवैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं। समाधान उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले भौतिक और मानवीय कारकों की व्याख्या करते हैं, आधारभूत उद्योगों को परिभाषित करते हैं, और समन्वित व मिनी इस्पात उद्योगों के बीच अंतर बताते हैं। यह प्रदूषण के विभिन्न प्रकारों और उनके स्रोतों पर भी चर्चा करता है, जो छात्रों को विनिर्माण के आर्थिक और पर्यावरणीय पहलुओं की व्यापक समझ प्रदान करता है।
Learning outcomes
- विनिर्माण की प्रक्रिया को समझना।
- उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले भौतिक और मानवीय कारकों की पहचान करना।
- आधारभूत उद्योगों के महत्व को समझना।
- समन्वित और मिनी इस्पात उद्योगों के बीच अंतर स्पष्ट करना।
- औद्योगिक प्रदूषण के विभिन्न प्रकारों और उनके स्रोतों का विश्लेषण करना।
Topics covered
Paper topics
- विनिर्माण का अर्थ
- विनिर्माण का महत्व
- उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले भौतिक कारक
- उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले मानवीय कारक
- आधारभूत उद्योग
- समन्वित इस्पात उद्योग
- मिनी इस्पात उद्योग
- औद्योगिक प्रदूषण के प्रकार
- वायु प्रदूषण
- जल प्रदूषण
- भूमि प्रदूषण
- ध्वनि प्रदूषण
Important topics
- विनिर्माण का महत्व और प्रक्रिया
- औद्योगिक अवस्थिति के कारक (भौतिक और मानवीय)
- आधारभूत उद्योग की परिभाषा और उदाहरण
- समन्वित बनाम मिनी इस्पात उद्योग
- औद्योगिक प्रदूषण के प्रकार और प्रभाव
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Questions and Solutions
प्रश्न 1 (i)
- (क) एल्युमिनियम
- (ख) प्लास्टिक
- (ग) सीमेंट
- (घ) मोटरगाडी
प्रश्न 1 (ii)
- (क) हेल (HAIL)
- (ख) सेल (SAIL)
- (ग) टाटा स्टील
- (घ) एम एन सी सी (MNCC)
प्रश्न 1 (iii)
- (क) एल्युमुनियम प्रगलन
- (ख) सीमेंट
- (ग) कागज़
- (घ) स्टील
प्रश्न 1 (iv)
- (क) स्टील
- (ख) एल्युमिनियम प्रगलन
- (ग) इलेक्ट्रॉनिक
- (घ) सूचना प्रौद्योगिकी
प्रश्न 2 (i)
प्रश्न 2 (ii)
- कच्चे माल की उपलब्धता: उद्योग वहीं स्थापित होते हैं जहाँ कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो।
- भूमि की उपलब्धता: उद्योग स्थापित करने के लिए पर्याप्त और उपयुक्त भूमि की आवश्यकता होती है।
- जलवायु: कुछ उद्योगों के लिए विशेष जलवायु परिस्थितियों की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 2 (iii)
- श्रम की उपलब्धता: सस्ते और कुशल श्रमिकों की उपलब्धता उद्योग की लागत को कम करती है।
- पूँजी की उपलब्धता: उद्योग स्थापित करने और चलाने के लिए वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होती है।
- बाजार की निकटता: तैयार माल को बेचने के लिए बाज़ार तक आसान पहुँच महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 2 (iv)
प्रश्न 3 (i)
समन्वित इस्पात उद्योग: यह एक बड़ा उद्योग होता है जो कच्चे माल (जैसे लौह अयस्क, कोयला) के एकीकरण से लेकर स्टील बनाने, उसे आकार देने और फिनिशिंग तक की सभी प्रक्रियाओं को एक ही परिसर में पूरा करता है।
मिनी इस्पात उद्योग: ये उद्योग आकार में छोटे होते हैं और मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का उपयोग करते हैं। ये स्टील स्क्रैप और स्पंज आयरन का उपयोग करके हल्के और मिश्र धातु वाले स्टील का उत्पादन करते हैं। इनमें री-रोलिंग मिलें होती हैं जो बिलेट्स का उपयोग करती हैं।
समस्याएँ: इस उद्योग की प्रमुख समस्याएँ उच्च उत्पादन लागत, कोकिंग कोल की सीमित उपलब्धता, श्रम की कम उत्पादकता, ऊर्जा की अनियमित आपूर्ति और खराब बुनियादी ढाँचा हैं।
सुधार और उत्पादन क्षमता में वृद्धि: उदारीकरण की नीतियों और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) को बढ़ावा देने से निजी उद्यमियों को मदद मिली है, जिससे इस उद्योग की उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है।
प्रश्न 3 (ii)
वायु प्रदूषण: रासायनिक और कागज कारखानों, ईंट भट्टों, रिफाइनरियों और गलाने वाले संयंत्रों से निकलने वाला धुआँ, तथा जीवाश्म ईंधन के जलने से उत्पन्न हानिकारक गैसें वायु को प्रदूषित करती हैं।
जल प्रदूषण: औद्योगिक अपशिष्टों, जिनमें कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन शामिल होते हैं, को सीधे नदियों और जलस्रोतों में बहा देने से जल प्रदूषण होता है। कागज, लुगदी, कपड़ा, रंगाई, पेट्रोलियम रिफाइनरी और चमड़ा उद्योग प्रमुख जल प्रदूषक हैं। फ्लाई ऐश, फॉस्फो-जिप्सम और धातुमल जैसे ठोस कचरे भी जल निकायों में छोड़े जाते हैं।
भूमि प्रदूषण: औद्योगिक कचरे को अनुचित तरीके से भूमि पर फेंकने से भूमि की उर्वरता कम होती है और वह प्रदूषित होती है।
ध्वनि प्रदूषण: मशीनों के चलने, निर्माण कार्यों और परिवहन से उत्पन्न तीव्र ध्वनि भी एक प्रकार का प्रदूषण है जो मानव स्वास्थ्य और वन्यजीवों को प्रभावित करता है।
Common mistakes
- विनिर्माण और उत्पादन के बीच अंतर को समझने में कठिनाई।
- औद्योगिक अवस्थिति के कारकों को गलत तरीके से वर्गीकृत करना।
- आधारभूत उद्योगों की भूमिका को कम आंकना।
- औद्योगिक प्रदूषण के विभिन्न प्रकारों को पहचानने में भ्रम।
Revision tips
- प्रत्येक उद्योग के लिए कच्चे माल और तैयार माल के उदाहरणों को याद करें।
- औद्योगिक अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारकों की सूची बनाएं और उनके महत्व को समझें।
- समन्वित और मिनी इस्पात उद्योगों के बीच मुख्य अंतरों को रेखांकित करें।
- विभिन्न प्रकार के औद्योगिक प्रदूषण और उनके नियंत्रण के उपायों पर ध्यान केंद्रित करें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा उद्योग चूना पत्थर को अपने कच्चे माल के रूप में उपयोग करता है?
Explanation: सीमेंट उद्योग अपने उत्पादन के लिए मुख्य कच्चे माल के रूप में चूना पत्थर का उपयोग करता है।
Q2. सार्वजनिक क्षेत्र में स्टील को बाजार में उपलब्ध कराने वाली एजेंसी कौन सी है?
Explanation: सेल (SAIL) - स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, सार्वजनिक क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी है जो स्टील का उत्पादन और विपणन करती है।
Q3. कौन सा उद्योग बॉक्साइट को कच्चे माल के रूप में प्रयोग करता है?
Explanation: बॉक्साइट एल्युमिनियम धातु का अयस्क है, इसलिए एल्युमिनियम प्रगलन उद्योग इसे कच्चे माल के रूप में उपयोग करता है।
Q4. दूरभाष, कंप्यूटर आदि जैसे इलेक्ट्रॉनिक संयंत्रों का निर्माण किस उद्योग में होता है?
Explanation: इलेक्ट्रॉनिक उद्योग विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संयंत्रों का निर्माण करता है, जिसमें दूरभाष और कंप्यूटर शामिल हैं।
Q5. विनिर्माण प्रक्रिया में क्या शामिल है?
Explanation: विनिर्माण वह प्रक्रिया है जिसमें कच्चे माल को विभिन्न प्रक्रियाओं द्वारा संसाधित करके उपयोगी उत्पाद बनाए जाते हैं।
Frequently asked questions
विनिर्माण उद्योग क्या है?
विनिर्माण वह प्रक्रिया है जिसमें विभिन्न कच्चे माल को संसाधित करके उपयोगी उत्पाद बनाए जाते हैं। यह कच्चे माल को मूल्यवान वस्तुओं में परिवर्तित करता है।
उद्योगों की अवस्थिति को कौन से भौतिक कारक प्रभावित करते हैं?
उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले मुख्य भौतिक कारक कच्चे माल की उपलब्धता, भूमि की उपलब्धता, जलवायु और जल की उपलब्धता हैं।
उद्योगों की अवस्थिति को कौन से मानवीय कारक प्रभावित करते हैं?
उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले मानवीय कारकों में श्रम की उपलब्धता, पूंजी की उपलब्धता, बाज़ार की निकटता, परिवहन और संचार की सुविधाएँ शामिल हैं।
आधारभूत उद्योग से आप क्या समझते हैं?
आधारभूत उद्योग वे उद्योग होते हैं जो अन्य उद्योगों के लिए कच्चे माल या उत्पादों की आपूर्ति करते हैं। उदाहरण के लिए, लोहा और इस्पात उद्योग ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए स्टील प्रदान करता है।
समन्वित इस्पात उद्योग और मिनी इस्पात उद्योग में क्या अंतर है?
समन्वित इस्पात उद्योग बड़े पैमाने पर होता है और कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक सभी प्रक्रियाओं को एकीकृत करता है, जबकि मिनी इस्पात उद्योग छोटे होते हैं और मुख्य रूप से स्क्रैप या स्पंज आयरन का उपयोग करते हैं।
औद्योगिक प्रदूषण के मुख्य प्रकार कौन से हैं?
औद्योगिक प्रदूषण के मुख्य प्रकार वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, भूमि प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण हैं।
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