कक्षा 7 विज्ञान: अध्याय 5 अम्ल, क्षारक और लवण NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 5, 'अम्ल, क्षारक और लवण' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें अम्ल और क्षारक के बीच अंतर, लिटमस जैसे प्राकृतिक सूचकों का उपयोग, आसुत जल की प्रकृति, और उदासीनीकरण की प्रक्रिया को उदाहरण सहित समझाया गया है। समाधानों में यह भी बताया गया है कि कैसे घरेलू उत्पाद जैसे अमोनिया क्षारीय होते हैं और दंत क्षय का कारण क्या है। यह खंड छात्रों को विभिन्न पदार्थों की अम्लीय, क्षारीय या उदासीन प्रकृति की पहचान करने में मदद करता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectविज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter5. अम्ल, क्षारक और लवण

Chapter summary

कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 5 के ये NCERT समाधान अम्ल, क्षारक और लवण की मूल अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं। इसमें अम्ल और क्षारक के गुणों, लिटमस और गुड़हल जैसे सूचकों के उपयोग, और उदासीनीकरण अभिक्रिया की व्याख्या शामिल है। छात्र सीखेंगे कि कैसे विभिन्न पदार्थों की प्रकृति का पता लगाया जाए और दैनिक जीवन में इन अवधारणाओं के अनुप्रयोगों को समझेंगे।

Learning outcomes

  • अम्लों और क्षारकों के बीच मुख्य अंतरों को समझना।
  • लिटमस और गुड़हल के फूल जैसे प्राकृतिक सूचकों के उपयोग को जानना।
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया को उदाहरण सहित समझाना।
  • पदार्थों की अम्लीय, क्षारीय या उदासीन प्रकृति का निर्धारण करना।
  • दैनिक जीवन में अम्ल, क्षारक और लवण के अनुप्रयोगों को पहचानना।

Topics covered

Paper topics

  • अम्ल
  • क्षारक
  • लवण
  • सूचक
  • लिटमस
  • गुड़हल का फूल
  • हल्दी
  • उदासीनीकरण
  • अम्लीय विलयन
  • क्षारकीय विलयन
  • उदासीन विलयन
  • आसुत जल

Important topics

  • अम्लों और क्षारकों के बीच अंतर
  • लिटमस परीक्षण
  • गुड़हल के फूल का सूचक के रूप में उपयोग
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया
  • पदार्थों की प्रकृति का निर्धारण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

अम्लों और क्षारकों के बीच मुख्य अंतरों को विस्तार से बताइए।
Solution: अम्ल और क्षारक प्रकृति में भिन्न होते हैं। उनके बीच मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:
  1. स्वाद: अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं, जैसे नींबू या दही। क्षारक स्वाद में कड़वे होते हैं, जैसे बेकिंग सोडा।
  2. लिटमस परीक्षण: अम्ल नीले लिटमस पत्र को लाल रंग में बदल देते हैं। क्षारक लाल लिटमस पत्र को नीला रंग में बदल देते हैं।
  3. गुड़हल का सूचक: अम्ल गुड़हल के फूल से बने सूचक को गहरा गुलाबी (मेजेन्टा) रंग देते हैं। क्षारक इसे हरा रंग देते हैं।
  4. हल्दी सूचक: अम्ल हल्दी के रंग को नहीं बदलते हैं। क्षारक हल्दी को लाल रंग में बदल देते हैं।

प्रश्न 2

अनेक घरेलू उत्पादों, जैसे खिड़की साफ़ करने के मार्जकों आदि में अमोनिया पाया जाता है। ये उत्पाद लाल लिटमस को नीला कर देते हैं। इन उत्पादों की रासायनिक प्रकृति क्या है?
Solution: जिन घरेलू उत्पादों में अमोनिया पाया जाता है और जो लाल लिटमस को नीला कर देते हैं, वे क्षारीय प्रकृति के होते हैं। लाल लिटमस का नीला होना एक विशिष्ट गुण है जो क्षारकों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। इसलिए, अमोनिया युक्त खिड़की साफ़ करने वाले मार्जक क्षारक हैं।

प्रश्न 3

उस स्रोत का नाम बताइए, जिससे लिटमस विलयन को प्राप्त किया जाता है। इस विलयन का क्या उपयोग है?
Solution: लिटमस विलयन को लाइकेनों (शैक) नामक पौधों से प्राप्त किया जाता है। लिटमस विलयन का मुख्य उपयोग किसी विलयन की प्रकृति का पता लगाने के लिए एक प्राकृतिक सूचक के रूप में किया जाता है।
  • जब लिटमस विलयन को अम्लीय विलयन में मिलाया जाता है, तो यह लाल रंग का हो जाता है।
  • जब इसे क्षारीय विलयन में मिलाया जाता है, तो यह नीला रंग का हो जाता है।
  • उदासीन विलयन में इसका रंग मॉव (नीलशोण) होता है।

प्रश्न 4

क्या आसुत जल अम्लीय, क्षारीय या उदासीन होता है? आप इसकी पुष्टि कैसे करेंगे?
Solution: आसुत जल (शुद्ध जल) उदासीन होता है। इसकी पुष्टि करने के लिए, हम लिटमस पत्र का उपयोग कर सकते हैं:
  1. एक लाल लिटमस पत्र लें और उसे आसुत जल में डुबोएं। यदि जल उदासीन है, तो लिटमस पत्र का रंग नहीं बदलेगा।
  2. एक नीला लिटमस पत्र लें और उसे आसुत जल में डुबोएं। यदि जल उदासीन है, तो लिटमस पत्र का रंग भी नहीं बदलेगा।
चूंकि आसुत जल लाल और नीले दोनों लिटमस पत्रों के रंग को अपरिवर्तित रखता है, इसलिए यह सिद्ध होता है कि आसुत जल उदासीन है।

प्रश्न 5

उदासीनीकरण के प्रक्रम को एक उदाहरण देते हुए समझाइए।
Solution: उदासीनीकरण वह रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें एक अम्ल और एक क्षारक एक दूसरे के प्रभाव को समाप्त कर देते हैं। इस प्रक्रम के परिणामस्वरूप लवण और जल का निर्माण होता है, और इस प्रक्रिया में ऊष्मा भी निर्मुक्त होती है।

सामान्य समीकरण इस प्रकार है:

अम्ल + क्षारक → लवण + जल + ऊष्मा

उदाहरण:

जब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) को सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) नामक क्षारक के साथ मिलाया जाता है, तो सोडियम क्लोराइड (NaCl), जो एक लवण है, और जल (H₂O) बनता है। इस अभिक्रिया में ऊष्मा भी निकलती है।

HCl (अम्ल) + NaOH (क्षारक) → NaCl (लवण) + H_2O (जल) + ऊष्मा

प्रश्न 6

निम्नलिखित कथन यदि सही हैं, तो (T) अथवा गलत हैं, तो (F) लिखिए:
  • (क) नाइट्रिक अम्ल लाल लिटमस को नीला कर देता है।
  • (ख) सोडियम हाइड्रॉक्साइड नीले लिटमस को लाल कर देता है।
  • (ग) सोडियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एक दूसरे को उदासीन करके लवण और जल बनाते हैं।
  • (घ) सूचक वह पदार्थ है, जो अम्लीय और क्षारकीय विलयनों में भिन्न रंग दिखाता है।
  • (च) दंत क्षय, क्षार की उपस्थिति के कारण होता है।
Solution:
  • (क) (F) - नाइट्रिक अम्ल एक अम्ल है, जो नीले लिटमस को लाल करता है, लाल को नहीं।
  • (ख) (F) - सोडियम हाइड्रॉक्साइड एक क्षारक है, जो लाल लिटमस को नीला करता है, नीले को नहीं।
  • (ग) (T) - सोडियम हाइड्रॉक्साइड (क्षारक) और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (अम्ल) के बीच उदासीनीकरण अभिक्रिया होती है, जिससे लवण (सोडियम क्लोराइड) और जल बनता है।
  • (घ) (T) - सूचक वे पदार्थ होते हैं जो अम्लीय और क्षारकीय माध्यमों में अलग-अलग रंग प्रदर्शित करते हैं, जिससे हमें विलयन की प्रकृति का पता चलता है।
  • (च) (F) - दंत क्षय मुख्य रूप से मुँह में मौजूद अम्लों के कारण होता है, जो भोजन के कणों के बैक्टीरिया द्वारा विघटन से उत्पन्न होते हैं।

प्रश्न 7

दोरजी के रेस्टोरेंट में शीतल (मूदु) पेय की कुछ बोतलें हैं, लेकिन वे चिह्नित नहीं हैं। उसे ग्राहकों की माँग के अनुसार पेय परोसने हैं: एक ग्राहक अम्लीय पेय चाहता है, दूसरा क्षारीय और तीसरा उदासीन पेय चाहता है। दोरजी यह कैसे तय करेगा कि कौन-सी बोतल किस ग्राहक को देनी है?
Solution: दोरजी पेय की प्रकृति का पता लगाने के लिए निम्नलिखित विधियों का उपयोग कर सकता है:
  1. स्वाद परीक्षण (सावधानी से): दोरजी प्रत्येक पेय का बहुत थोड़ा सा स्वाद लेकर उसकी प्रकृति का अनुमान लगा सकता है। अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं, क्षारक कड़वे होते हैं, और उदासीन पेय का कोई विशेष स्वाद नहीं होता (बेस्वाद)। हालाँकि, यह विधि केवल उन पदार्थों के लिए सुरक्षित है जिनके बारे में ज्ञात है कि वे हानिरहित हैं।
  2. लिटमस परीक्षण: यदि दोरजी के पास लिटमस पत्र (लाल और नीला दोनों) उपलब्ध हैं, तो वह प्रत्येक पेय की प्रकृति का सटीक पता लगा सकता है। वह प्रत्येक पेय की थोड़ी मात्रा में लिटमस पत्र डुबोएगा:
    • यदि लाल लिटमस नीला हो जाता है, तो पेय क्षारीय है।
    • यदि नीला लिटमस लाल हो जाता है, तो पेय अम्लीय है।
    • यदि दोनों लिटमस पत्रों का रंग अपरिवर्तित रहता है, तो पेय उदासीन है।
  3. अन्य सूचकों का उपयोग: यदि दोरजी के पास गुड़हल के फूल या हल्दी जैसे अन्य प्राकृतिक सूचक हैं, तो वह उनका उपयोग करके भी पेय की प्रकृति का पता लगा सकता है, जैसा कि प्रश्न 1 में वर्णित है।
इन विधियों का उपयोग करके, दोरजी प्रत्येक पेय की प्रकृति निर्धारित कर सकता है और ग्राहकों की माँग के अनुसार सही पेय परोस सकता है।

प्रश्न 8

समझाइए, ऐसा क्यों होता है: जब आप अतिअम्लता से पीड़ित होते हैं, तो प्रतिअम्ल की गोली लेते हैं।
Solution: जब हमारा पेट बहुत अधिक अम्ल (हाइड्रोक्लोरिक एसिड) का उत्पादन करता है, तो हमें अतिअम्लता (acidity) की समस्या होती है, जिससे सीने में जलन और दर्द महसूस होता है। प्रतिअम्ल (antacid) की गोलियाँ क्षारीय प्रकृति की होती हैं, जिनमें आमतौर पर मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड या एल्यूमीनियम हाइड्रॉक्साइड जैसे पदार्थ होते हैं। जब हम प्रतिअम्ल की गोली लेते हैं, तो यह पेट में मौजूद अतिरिक्त अम्ल के साथ अभिक्रिया करती है। यह उदासीनीकरण अभिक्रिया पेट के अतिरिक्त अम्ल को उदासीन कर देती है, जिससे अतिअम्लता से राहत मिलती है और पेट की जलन कम हो जाती है।

अम्ल (पेट में) + क्षारक (प्रतिअम्ल) → लवण + जल

Common mistakes

  • अम्लों और क्षारकों के लिटमस परीक्षण के परिणामों को भ्रमित करना।
  • सूचक के रूप में हल्दी के प्रभाव को गलत समझना।
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया के उत्पादों (लवण और जल) को गलत बताना।
  • दंत क्षय के कारण को गलत समझना (क्षार के बजाय अम्ल से जोड़ना)।

Revision tips

  • प्रत्येक अम्ल और क्षारक के लिए लिटमस परीक्षण के परिणामों को सारणीबद्ध करें।
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया के समीकरण को याद करें और अभ्यास करें।
  • दैनिक जीवन के उदाहरणों से अम्ल, क्षारक और लवण की पहचान करें।
  • सूचकों के रंग परिवर्तन को याद रखने के लिए फ़्लैशकार्ड का उपयोग करें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सा कथन अम्ल के बारे में सत्य है?

Q2. क्षारक लाल लिटमस पत्र के साथ क्या करते हैं?

Q3. लिटमस विलयन किस स्रोत से प्राप्त होता है?

Q4. जब एक अम्ल और एक क्षारक अभिक्रिया करते हैं, तो परिणाम क्या होता है?

Q5. गुड़हल के पुष्प का सूचक क्षारकीय विलयन में कैसा रंग देता है?

Frequently asked questions

कक्षा 7 विज्ञान के अध्याय 5 में कौन से मुख्य विषय शामिल हैं?

इस अध्याय में अम्ल, क्षारक, लवण, विभिन्न प्रकार के सूचक (जैसे लिटमस, गुड़हल का फूल, हल्दी), और उदासीनीकरण की प्रक्रिया को उदाहरण सहित समझाया गया है।

अम्ल और क्षारक के बीच मुख्य अंतर क्या हैं?

अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं और नीले लिटमस को लाल करते हैं, जबकि क्षारक स्वाद में कड़वे होते हैं और लाल लिटमस को नीला करते हैं।

लिटमस विलयन का उपयोग क्या है?

लिटमस विलयन का उपयोग किसी विलयन की प्रकृति (अम्लीय या क्षारीय) का पता लगाने के लिए एक सूचक के रूप में किया जाता है। अम्लीय विलयन में यह लाल और क्षारीय विलयन में नीला हो जाता है।

उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है?

उदासीनीकरण वह अभिक्रिया है जिसमें एक अम्ल और एक क्षारक एक दूसरे के प्रभाव को समाप्त कर देते हैं, जिससे लवण और जल का निर्माण होता है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं?

हाँ, ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद मिलती है।

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