कक्षा 5 सामाजिक विज्ञान NCERT समाधान: जाएँ तो जाएँ कहाँ

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यह खंड कक्षा 5 के सामाजिक विज्ञान के लिए 'जाएँ तो जाएँ कहाँ' अध्याय पर केंद्रित है, जो विस्थापन और बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं के मानवीय प्रभाव की पड़ताल करता है। छात्र सीखते हैं कि कैसे जाऱ्या जैसे व्यक्ति और उनके परिवार अपनी जड़ों, समुदायों और पारंपरिक जीवन शैली को बड़े बांधों के निर्माण के कारण छोड़ने के लिए मजबूर होते हैं। समाधान बच्चों के काम, शहरीकरण और ग्रामीण जीवन के बीच अंतर जैसे विषयों पर प्रकाश डालते हैं। यह अध्याय बच्चों को विभिन्न सामाजिक मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाने और उन्हें सहानुभूति विकसित करने में मदद करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत विश्लेषण प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectसामाजिक विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter18. जाएँ तो जाएँ कहाँ

Chapter summary

कक्षा 5 के सामाजिक विज्ञान के लिए 'जाएँ तो जाएँ कहाँ' अध्याय के ये NCERT समाधान विस्थापन के विषय पर केंद्रित हैं, विशेष रूप से बड़े बांधों के निर्माण के कारण। यह अध्याय बताता है कि कैसे लोगों को अपने घरों और आजीविका को छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे उन्हें नए वातावरण में अनुकूलन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। समाधान बच्चों के काम और शहरी जीवन की चुनौतियों जैसे संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा करते हैं।

Learning outcomes

  • बड़े बांधों के निर्माण से जुड़े विस्थापन के कारणों और परिणामों को समझना।
  • ग्रामीण और शहरी जीवन के बीच के अंतर का विश्लेषण करना।
  • बच्चों के काम करने की समस्या और उसके कारणों को पहचानना।
  • विकास परियोजनाओं के सामाजिक और मानवीय प्रभावों पर विचार करना।
  • विभिन्न समुदायों के प्रति सहानुभूति और संवेदनशीलता विकसित करना।

Topics covered

Paper topics

  • विस्थापन
  • बाँध निर्माण
  • ग्रामीण जीवन
  • शहरी जीवन
  • बच्चों का काम
  • पारिवारिक मूल्य
  • आजीविका
  • संस्कृति का संरक्षण
  • विकास परियोजनाएँ
  • सामाजिक मुद्दे

Important topics

  • विस्थापन के कारण और परिणाम
  • विकास परियोजनाओं का मानवीय प्रभाव
  • ग्रामीण बनाम शहरी जीवन
  • बच्चों के काम की समस्या
  • अपनी जड़ों से जुड़ाव का महत्व

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Questions and Solutions

सोचो और बताओ

प्रश्न 1

जाऱ्या भीड़ में रहकर भी अकेला महसूस कर रहा था। क्या तुम्हारे साथ भी कभी ऐसा हुआ है?
Solution: हाँ, कभी-कभी भीड़-भाड़ वाली जगहों जैसे बस या ट्रेन में यात्रा करते समय, या किसी बड़े कार्यक्रम में भी, व्यक्ति अकेला महसूस कर सकता है। ऐसा तब होता है जब हम अपने आसपास के लोगों से जुड़ाव महसूस नहीं करते या अपने विचारों में खोए रहते हैं।

प्रश्न 2

अपनी जगह छोड़कर दूर नई जगह जाकर रहना कैसा लगता होगा?
Solution: अपनी जगह छोड़कर दूर नई जगह जाकर रहना एक चुनौतीपूर्ण अनुभव हो सकता है। शुरुआत में अकेलापन, नई संस्कृति और जीवनशैली के साथ तालमेल बिठाने में कठिनाई हो सकती है। हालाँकि, यह नए अवसर, अनुभव और व्यक्तिगत विकास का मौका भी प्रदान कर सकता है।

प्रश्न 3

जाऱ्या जैसे परिवार बड़े शहरों में क्यों आते होंगे?
Solution: जाऱ्या जैसे परिवार अक्सर बड़े शहरों में बेहतर रोज़गार के अवसरों, अच्छी शिक्षा सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और जीवन स्तर को सुधारने की उम्मीद में आते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के कारण उन्हें बेहतर भविष्य की तलाश में शहरों की ओर पलायन करना पड़ता है।

प्रश्न 4

क्या तुमने ऐसे बच्चों को देखा है, जो काम पर भी जाते हैं?
Solution: हाँ, मैंने ऐसे कई बच्चों को देखा है जो अपनी उम्र के अन्य बच्चों की तरह स्कूल जाने के बजाय काम करते हैं। वे अक्सर सड़कों पर सामान बेचते हुए, ढाबों में काम करते हुए, या घरों में छोटे-मोटे काम करते हुए दिखाई देते हैं।

प्रश्न 5

ये बच्चे किस तरह के काम करते हैं? क्यों करने पड़ते होंगे?
Solution: ये बच्चे विभिन्न प्रकार के काम करते हैं, जैसे - कचरा बीनना, ढाबों या होटलों में बर्तन धोना या वेटर का काम करना, गाड़ियों को साफ करना, या सड़कों पर छोटे-मोटे सामान बेचना। उन्हें यह काम अक्सर गरीबी, परिवार की आर्थिक तंगी या शिक्षा के अभाव के कारण करना पड़ता है ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें या अपना गुजारा चला सकें।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 167)

बताओ

प्रश्न 1

खेड़ी गाँव में बच्चे क्या-क्या सीखते थे?
Solution: खेड़ी गाँव में बच्चे अपने पारंपरिक जीवन से जुड़े कई कौशल सीखते थे। इनमें मछली पकड़ना, चिड़ियों की आवाज़ पहचानना और उनकी नकल करना, ढोल बजाना, नाचना और गाना शामिल था। यह शिक्षा प्रकृति और समुदाय के साथ गहरे जुड़ाव को दर्शाती है।

प्रश्न 2

तुम अपने बड़ों से क्या-क्या सीखते हो?
Solution: मैं अपने बड़ों से जीवन के महत्वपूर्ण सबक सीखता हूँ, जैसे कि ज्ञान की बातें, दूसरों का सम्मान करना, किसी को छोटा न समझना, और जीवन की चुनौतियों का सामना कैसे करना है। वे मुझे नैतिक मूल्य और सामाजिक व्यवहार भी सिखाते हैं।

प्रश्न 3

जिन चीजों का ज्ञान जाऱ्या को खेड़ी में हासिल हुआ, उनमें से कितना उन्हें मुंबई में काम आया होगा?
Solution: जाऱ्या को खेड़ी में प्राप्त ज्ञान में से मछली पकड़ना, ढोल बजाना, गाना गाना और नाचना जैसे कौशल मुंबई में शायद सीधे तौर पर काम न आए हों। हालाँकि, प्रकृति से जुड़ाव, समुदाय की भावना और जीवन के प्रति उसका दृष्टिकोण उसे मुंबई के कठिन जीवन में भी कुछ हद तक मदद कर सकता था।

प्रश्न 4

क्या तुम हर रोज पक्षियों की आवाजें सुनते हो? कौन-कौन से?
Solution: हाँ, मैं लगभग हर रोज पक्षियों की आवाजें सुनता हूँ। मेरे आसपास आमतौर पर कौवा, गौरैया, कबूतर और कभी-कभी कोयल या मैना जैसे पक्षियों की आवाजें सुनाई देती हैं।

प्रश्न 5

क्या तुम किसी पक्षी की आवाज की नकल कर सकते हो?
Solution: हाँ, मैं कुछ पक्षियों की आवाजों की नकल करने का प्रयास कर सकता हूँ। जैसे कौवे की काँव-काँव या तोते की मिमिक्री करने की कोशिश की जा सकती है। यह एक मजेदार गतिविधि हो सकती है।

प्रश्न 6

करके दिखाओ।
Solution: यह एक व्यावहारिक गतिविधि है जिसे छात्र स्वयं करके देख सकते हैं, जैसे कि किसी पक्षी की आवाज की नकल करना।

प्रश्न 7

तुम रोज ऐसी कौन-सी आवाजें सुनते हो, जो खेड़ी के लोग नहीं सुनते होंगे?
Solution: मैं रोज ऐसी कई आवाजें सुनता हूँ जो खेड़ी जैसे गाँव के लोग शायद न सुनते हों। इनमें गाड़ियों का शोर, हवाई जहाज की आवाज, मोबाइल फोन की घंटी, लाउडस्पीकर की आवाजें और शहर की अन्य मशीनी आवाजें शामिल हैं।

प्रश्न 8

क्या तुमने सन्नाटा महसूस किया है? कब और कहाँ?
Solution: हाँ, मैंने सन्नाटा महसूस किया है। यह अक्सर देर रात को, जब सब सो रहे होते हैं, या किसी शांत प्राकृतिक स्थान जैसे जंगल या पहाड़ पर महसूस होता है। ऐसे क्षणों में बाहरी दुनिया का शोरगुल कम हो जाता है और एक गहरी शांति का अनुभव होता है।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 169)

चर्चा करो और बताओ

प्रश्न 1

जाऱ्या के गाँव के कई लोगों को अपने जंगल-जमीन छोड़ना मंजूर न था। ऐसा क्यों?
Solution: जाऱ्या के गाँव के कई लोगों को अपनी जंगल-जमीन छोड़ना मंजूर नहीं था क्योंकि वे वहाँ पीढ़ी दर पीढ़ी से रह रहे थे। वह भूमि उनकी पहचान, संस्कृति और आजीविका का अभिन्न अंग थी। उन्होंने अपना बचपन वहीं बिताया था, खेला था और बड़े हुए थे। उस स्थान से उनका गहरा भावनात्मक लगाव था, और उसे छोड़ना उनके लिए अपनी जड़ों से बिछड़ने जैसा था।

प्रश्न 2

न चाहते हुए भी उन्हें अपना गाँव छोड़ना ही पड़ा। सोचो क्यों?
Solution: उन्हें न चाहते हुए भी अपना गाँव छोड़ना पड़ा क्योंकि सरकार ने नदी पर एक बड़ा बाँध बनाने का फैसला किया था। बाँध के निर्माण के कारण, गाँव का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूबने वाला था, जिससे वहाँ रहने वाले लोगों का जीवन असंभव हो गया था। इसलिए, उन्हें विस्थापित होने के लिए मजबूर होना पड़ा।

प्रश्न 3

जाऱ्या के खेड़ी के परिवार में कितने लोग थे?
Solution: जाऱ्या के खेड़ी के परिवार में केवल तीन सदस्य थे: जाऱ्या, उसकी माँ और उसके पिता। हालाँकि, जाऱ्या के लिए पूरा गाँव ही उसके परिवार जैसा था, क्योंकि वह अपने समुदाय के सभी लोगों के साथ गहरे जुड़ाव महसूस करता था।

प्रश्न 4

जाऱ्या जब अपने भविष्य के बारे में सोचता तो उसके मन में कौन-कौन आता?
Solution: जब जाऱ्या अपने भविष्य के बारे में सोचता था, तो उसके मन में उसकी होने वाली पत्नी और उसके बच्चे आते थे। वह एक सुखी और समृद्ध भविष्य की कल्पना करता था जहाँ वह अपने परिवार के साथ खुश रह सके।

प्रश्न 5

अपने परिवार के भविष्य के बारे में सोचते हो तो तुम्हारे मन में कौन-कौन आता है?
Solution: जब मैं अपने परिवार के भविष्य के बारे में सोचता हूँ, तो मेरे मन में मेरे माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, भाई-बहन और मेरे बच्चे (यदि भविष्य में हों) आते हैं। मैं उनके सुख, स्वास्थ्य और सफलता की कामना करता हूँ और चाहता हूँ कि हम सब एक साथ रहें।

प्रश्न 6

क्या तुमने ऐसे लोगों के बारे में सुना है, जो अपनी पुरानी जगह से हटना पसंद नहीं करते? उनकी कुछ बातें बताओ।
Solution: हाँ, मैंने ऐसे कई लोगों के बारे में सुना है, खासकर बुजुर्गों को, जो अपनी पुरानी जगह या गाँव से हटना पसंद नहीं करते। मेरे दादा-दादी भी इसका एक उदाहरण हैं। वे शहर में हमारे साथ कुछ दिन रहने के बाद भी अपने गाँव की याद करते हैं। उन्हें शहर की भीड़-भाड़, शोर और प्रदूषण अच्छे नहीं लगते। वे अपनी जड़ों, अपनी मिट्टी और अपने पुराने जीवन से गहरा लगाव रखते हैं।

कल्पना करो

प्रश्न 1

जहाँ बाँध बनता है, वहाँ के लोगों को क्या-क्या परेशानियाँ होती होंगी?
Solution: जहाँ बाँध बनता है, वहाँ के लोगों को कई गंभीर परेशानियाँ होती हैं:
  1. विस्थापन: उनके घर, खेत और गाँव पानी में डूब जाते हैं, जिससे उन्हें अपना सब कुछ छोड़कर जाना पड़ता है।
  2. आजीविका का नुकसान: खेती, पशुपालन या अन्य पारंपरिक व्यवसायों के खत्म हो जाने से उनकी रोजी-रोटी छिन जाती है।
  3. सामाजिक और सांस्कृतिक उथल-पुथल: उन्हें अपने समुदाय, दोस्तों और परिचित माहौल से दूर एक नई जगह पर जाना पड़ता है, जिससे सामाजिक ताना-बाना बिखर जाता है।
  4. नई व्यवस्थाओं में समायोजन: नई जगह पर घर बनाना, स्कूल, अस्पताल और अन्य सुविधाओं तक पहुँचना एक बड़ी चुनौती होती है।
  5. मानसिक तनाव: अपनी जड़ों से बिछड़ने का दर्द, अनिश्चित भविष्य का डर और नई परिस्थितियों से जूझने का तनाव उन्हें मानसिक रूप से परेशान करता है।

प्रश्न 2

खेड़ी गाँव और जाऱ्या के सपनों के नए गाँव के चित्र अपनी कॉपी में बनाओ। अपने साथी का चित्र भी देखो। उनमें अंतर ढूँढ़ो।
Solution: यह एक रचनात्मक कार्य है जिसमें छात्र अपनी कल्पना का उपयोग करके खेड़ी गाँव और जाऱ्या के सपनों के गाँव का चित्र बनाएंगे। चित्रों में अंतर खोजने से छात्रों को विभिन्न जीवन शैलियों और अपेक्षाओं को समझने में मदद मिलेगी। उदाहरण के लिए, खेड़ी गाँव में शायद कच्चे घर, प्राकृतिक वातावरण और पारंपरिक जीवन शैली दिखाई दे, जबकि सपनों के गाँव में बेहतर सुविधाएँ, खुशहाल लोग और सुरक्षित माहौल दर्शाया जा सकता है।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 171)

लिखो :

प्रश्न 1

क्या सिंदूरी गाँव जाऱ्या के सपनों के गाँव जैसा था?
Solution: नहीं, सिंदूरी गाँव बिल्कुल भी जाऱ्या के सपनों के गाँव जैसा नहीं था। जाऱ्या ने जिस गाँव का सपना देखा था, वह खुशहाली, सुरक्षा और अपनेपन से भरा था, जबकि सिंदूरी गाँव की वास्तविकता बहुत अलग थी।

प्रश्न 2

'सिंदूरी' और 'अपने सपनों के गाँव' में उसे क्या अंतर मिला?
Solution: जाऱ्या को सिंदूरी गाँव और अपने सपनों के गाँव के बीच कई अंतर मिले। सिंदूरी में हर चीज़ के लिए पैसे देने पड़ते थे, और बीमार होने पर भी अस्पताल में इलाज और दवा मिलना मुश्किल था। इसके विपरीत, जाऱ्या के सपनों के गाँव में लोग एक-दूसरे की मदद करते थे, और बीमार होने पर जड़ी-बूटियों से भी इलाज संभव था। सपनों के गाँव में अपनापन और समुदाय की भावना थी, जो सिंदूरी में नहीं थी।

प्रश्न 3

क्या तुम कभी किसी के घर 'बिन-बुलाए मेहमान' थे? कैसा लगा?
Solution: यह एक व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित प्रश्न है। यदि छात्र कभी 'बिन-बुलाए मेहमान' रहे हैं, तो वे उस अनुभव का वर्णन कर सकते हैं कि उन्हें कैसा महसूस हुआ - शायद असहजता, शर्मिंदगी या थोड़ी झिझक। यदि नहीं, तो वे बता सकते हैं कि वे हमेशा आमंत्रित होकर ही जाते हैं।

प्रश्न 4

जब तुम्हारे यहाँ कुछ दिन मेहमान रहने आते हैं, तब तुम्हारे परिवार वाले क्या-क्या करते हैं?
Solution: जब हमारे यहाँ मेहमान आते हैं, तो हमारा परिवार उनकी खूब आवभगत करता है। हम उनके आराम का पूरा ध्यान रखते हैं, उन्हें स्वादिष्ट भोजन खिलाते हैं, और उनकी हर संभव मदद करने की कोशिश करते हैं। हम उनके साथ समय बिताते हैं और उन्हें घर जैसा महसूस कराने का प्रयास करते हैं।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 172)

सोचो

प्रश्न 1

जाऱ्याभाई ने क्या सोचकर मुंबई जाने की ठानी?
Solution: जाऱ्याभाई ने यह सोचकर मुंबई जाने की ठानी कि यदि उसे 'बिन बुलाए मेहमान' की तरह ही रहना है और अपनी पुरानी जगह पर सुकून नहीं मिल रहा है, तो क्यों न एक ऐसी जगह जाया जाए जहाँ उसके सपने पूरे हो सकें और उसे बेहतर अवसर मिलें। वह मुंबई को उम्मीद की एक किरण के रूप में देख रहा था।

प्रश्न 2

क्या उन्हें मुंबई वैसा ही मिला?
Solution: नहीं, जाऱ्याभाई को मुंबई वैसा बिल्कुल नहीं मिला जैसा उन्होंने सोचा था। हालाँकि मुंबई एक बड़ा शहर था और अवसरों की भूमि मानी जाती थी, लेकिन वहाँ भी जीवन आसान नहीं था। उन्हें भी कई चुनौतियों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, और हालात उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं थे।

प्रश्न 3

जाऱ्याभाई के बच्चे मुंबई में किस तरह के स्कूल में जाते होंगे?
Solution: जाऱ्याभाई के बच्चे मुंबई में संभवतः नगर निगम द्वारा संचालित स्कूलों (Municipal Schools) में जाते होंगे। ये स्कूल अक्सर गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के लिए होते हैं और सरकारी सहायता प्राप्त करते हैं। हालाँकि ये स्कूल शिक्षा प्रदान करते हैं, लेकिन उनकी सुविधाएँ और संसाधन निजी स्कूलों की तुलना में सीमित हो सकते हैं।

Common mistakes

  • विस्थापन के कारणों को केवल आर्थिक लाभ तक सीमित समझना।
  • शहरी जीवन की चुनौतियों को कम आंकना।
  • बच्चों के काम करने के पीछे की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों को नजरअंदाज करना।
  • विकास परियोजनाओं के सकारात्मक पहलुओं पर ही ध्यान केंद्रित करना, नकारात्मक प्रभावों को अनदेखा करना।

Revision tips

  • बाँध निर्माण के कारण होने वाले विस्थापन के मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करें।
  • जाऱ्या के अनुभव से सीखें कि कैसे लोग अपनी जड़ों से जुड़े होते हैं।
  • ग्रामीण और शहरी जीवन की तुलना करते हुए मुख्य अंतरों को सूचीबद्ध करें।
  • बच्चों के काम करने के कारणों और परिणामों पर चर्चा करें।

Practice MCQs

Q1. जाऱ्या को अपना गाँव खेड़ी क्यों छोड़ना पड़ा?

Q2. खेड़ी गाँव के बच्चे पारंपरिक रूप से क्या सीखते थे?

Q3. बड़े शहरों में जाऱ्या जैसे परिवार मुख्य रूप से क्यों आते हैं?

Q4. जब जाऱ्या के गाँव में बाँध बनाया गया, तो लोगों को क्या समस्याएँ हुईं?

Q5. मुंबई में जाऱ्या को 'बिन-बुलाए मेहमान' जैसा क्यों महसूस हुआ?

Frequently asked questions

यह अध्याय 'जाएँ तो जाएँ कहाँ' किस बारे में है?

यह अध्याय मुख्य रूप से विस्थापन के विषय पर केंद्रित है, विशेष रूप से बड़े बांधों के निर्माण के कारण लोगों को अपना घर और जमीन छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यह शहरी जीवन की चुनौतियों और बच्चों के काम जैसे मुद्दों पर भी प्रकाश डालता है।

बाँध निर्माण से लोगों को क्या परेशानियाँ होती हैं?

बाँध निर्माण से लोगों के घर और खेत डूब जाते हैं, उनकी आजीविका छिन जाती है, और उन्हें विस्थापित होकर नई जगह पर बसना पड़ता है, जिससे उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

खेड़ी गाँव के बच्चों का जीवन बड़े शहरों के बच्चों से कैसे अलग था?

खेड़ी गाँव के बच्चे प्रकृति से जुड़े कौशल सीखते थे जैसे मछली पकड़ना, चिड़ियों की नकल करना, और ढोल बजाना। वहीं, बड़े शहरों के बच्चे अक्सर काम पर जाते हैं और उनकी शिक्षा शहरी जीवन की आवश्यकताओं पर केंद्रित होती है।

यह समाधान छात्रों की मदद कैसे करते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा की तैयारी करने में मदद मिलती है।

क्या इस अध्याय में बच्चों के काम करने का उल्लेख है?

हाँ, अध्याय में बच्चों के काम करने के बारे में भी चर्चा की गई है, जिसमें यह बताया गया है कि गरीबी के कारण कई बच्चे काम करने को मजबूर होते हैं।

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