कक्षा 5 सामाजिक विज्ञान NCERT समाधान: अध्याय 17 - फाँद ली दीवार

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यह खंड कक्षा 5 के सामाजिक विज्ञान के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, जो 'फाँद ली दीवार' नामक अध्याय पर केंद्रित है। यह अध्याय बच्चों को उनके आस-पास के खेल के मैदानों, विभिन्न खेलों में उनकी भागीदारी, और खेल के दौरान आने वाली बाधाओं के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसमें इस बात पर भी चर्चा की गई है कि क्या लड़के और लड़कियों के खेलने के तरीकों में कोई अंतर होता है और क्या ऐसे अंतर को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। समाधान टीम भावना के महत्व, व्यक्तिगत प्रदर्शन बनाम सामूहिक प्रयास, और खेल के क्षेत्र में महिलाओं की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डालते हैं। यह छात्रों को लिंग-भेद के मुद्दों पर विचार करने और एक समावेशी दुनिया की कल्पना करने के लिए प्रेरित करता है जहाँ सभी को अपनी पसंद के काम करने का समान अवसर मिले। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए स्पष्ट और संक्षिप्त उत्तर प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectसामाजिक विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter17. फाँद ली दीवार

Chapter summary

कक्षा 5 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 'फाँद ली दीवार' के ये NCERT समाधान छात्रों को खेल के मैदानों, खेल के नियमों और टीम वर्क के बारे में जानने में मदद करते हैं। यह अध्याय इस बात पर भी जोर देता है कि लिंग के आधार पर खेल या अन्य गतिविधियों में भेदभाव नहीं होना चाहिए। समाधानों में चर्चा की गई है कि कैसे टीम के सदस्य एक-दूसरे का समर्थन कर सकते हैं और कैसे महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। यह छात्रों को खेल और जीवन में समानता के महत्व को समझने में सहायता करता है।

Learning outcomes

  • अपने आस-पास के खेल के मैदानों और वहाँ खेले जाने वाले खेलों की पहचान करना।
  • खेलते समय आने वाली बाधाओं और उनसे निपटने के तरीकों को समझना।
  • लड़के और लड़कियों के बीच खेल के मैदान में समानता के महत्व को समझना।
  • टीम भावना और सामूहिक प्रयास के महत्व को पहचानना।
  • खेल और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों के बारे में जानना।
  • लिंग-भेद के अर्थ और समाज पर इसके प्रभाव को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • खेल के मैदान और खेल
  • खेलने में आने वाली बाधाएँ
  • लड़के और लड़कियों के खेल
  • टीम भावना
  • व्यक्तिगत बनाम टीम के लिए खेलना
  • खेलों में महिलाओं की भूमिका
  • लिंग-भेद
  • समानता का महत्व
  • प्रेरणा और प्रोत्साहन
  • सामाजिक योगदान

Important topics

  • टीम भावना और सामूहिक प्रयास
  • लड़के-लड़कियों के खेलों में समानता
  • लिंग-भेद का अर्थ और प्रभाव
  • खेलों में महिलाओं की उपलब्धियाँ
  • बाधाओं से निपटना

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Questions and Solutions

पता करो

क्या तुम्हारे घर के आस-पास भी कोई खेलने की जगह है?
Solution: हाँ, मेरे घर के पास एक पार्क है जहाँ बच्चों के खेलने के लिए एक निश्चित जगह बनी हुई है। यह जगह बच्चों को खेलने के लिए सुरक्षित और सुलभ वातावरण प्रदान करती है।
वहाँ कौन-कौन-से खेल खेले जाते हैं? कौन-कौन खेलता है?
Solution: उस पार्क में आमतौर पर क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल और कबड्डी जैसे खेल खेले जाते हैं। ये खेल विभिन्न आयु समूहों के बच्चों और कभी-कभी युवाओं द्वारा भी खेले जाते हैं, जो अपनी शारीरिक गतिविधियों के लिए इस स्थान का उपयोग करते हैं।
क्या वहाँ तुम्हारी उम्र के बच्चों को भी खेलने का मौका मिलता है?
Solution: हाँ, उस खेलने की जगह पर मेरी उम्र के बच्चों को भी खेलने का पूरा मौका मिलता है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी आयु वर्ग के बच्चे अपनी पसंद के खेल खेल सकें और आनंद ले सकें।
वहाँ खेल के अलावा और क्या-क्या होता है?
Solution: खेल के अलावा, उस पार्क में बहुत सारे लोग टहलने या दौड़ने आते हैं। इसके अतिरिक्त, यह पड़ोस के लोगों के लिए एक सामाजिक मिलन स्थल भी है जहाँ वे एक-दूसरे से बातचीत करते हैं और गपशप करते हैं।

बताओ

क्या तुम्हारे घर में किसी ने तुम्हें कुछ खेलने से रोका है?
Solution: सामान्य तौर पर, मुझे मेरे घर में किसी ने खेलने से नहीं रोका है। हालाँकि, पढ़ाई के समय या जब कोई महत्वपूर्ण काम हो, तब खेलने की अनुमति नहीं होती है, ताकि मैं अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर सकूँ।
कौन-कौन-से खेल?
Solution: मुझे किसी विशेष खेल को खेलने से नहीं रोका गया है। जब भी मुझे खेलने का समय मिलता है, मैं अपनी पसंद के खेल खेल सकता हूँ, बशर्ते कि वह पढ़ाई या अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में बाधा न डाले।
किसने रोका? क्यों? फिर तुमने क्या किया?
Solution: मुझे सीधे तौर पर किसी ने खेलने से नहीं रोका है। लेकिन, कभी-कभी जब मैं क्रिकेट खेलता हूँ और गेंद गलती से पड़ोसियों की खिड़की का शीशा तोड़ देती है, तो वे थोड़ी देर के लिए मुझे खेलने से मना करते हैं। ऐसी स्थिति में, मैं सावधानी बरतने की कोशिश करता हूँ और अपने माता-पिता से मदद लेता हूँ।
क्या किसी ने तुम्हारी मदद की, खेलने के लिए प्रोत्साहित किया?
Solution: हाँ, मेरे पिताजी ने कई बार मेरी मदद की है। जब कभी मुझे खेलने में कोई समस्या आती है या मैं किसी खेल को लेकर उत्साहित होता हूँ, तो वे मुझे खेलने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और मेरा हौसला बढ़ाते हैं।

चर्चा करो

क्या तुम्हारे इलाके या स्कूल में लड़के और लड़कियाँ अलग-अलग तरह के खेल खेलते हैं? अगर हाँ, तो लड़के क्या खेलते हैं और लड़कियाँ क्या खेलती हैं?
Solution: नहीं, मेरे स्कूल में लड़के और लड़कियाँ अलग-अलग तरह के खेल नहीं खेलते हैं। स्कूल में सभी के लिए विभिन्न प्रकार के खेल उपलब्ध हैं, और लड़के तथा लड़कियाँ दोनों ही अपनी पसंद के अनुसार किसी भी खेल में भाग ले सकते हैं। सभी के लिए टीमें बनाई जाती हैं।
तुम क्या सोचते हो कि लड़के-लड़िकयों के खेल और खेलने के तरीकों में कोई अंतर होता है?
Solution: मेरे विचार से, लड़के और लड़कियों के खेल या उनके खेलने के तरीकों में कोई स्वाभाविक अंतर नहीं होता है। दोनों ही समान रूप से खेल सकते हैं और खेल का आनंद ले सकते हैं। यह व्यक्तिगत रुचि और क्षमता पर निर्भर करता है, न कि लिंग पर।
तुम्हें क्या लगता है, लड़के-लड़िकयों के खेलों में अंतर करना चाहिए या नहीं?
Solution: मुझे लगता है कि लड़के और लड़कियों के खेलों में किसी भी प्रकार का अंतर नहीं करना चाहिए। सभी को समान अवसर मिलने चाहिए और वे अपनी पसंद के खेल खेलने के लिए स्वतंत्र होने चाहिए, चाहे वे लड़के हों या लड़कियाँ।

लिखो

क्या तुमने या तुम्हारे किसी दोस्त ने कभी अपने स्कूल, क्लास या मोहल्ले की रंज में ा है? किसके साथ? कौन-सा खेल?
Solution: हाँ, मैंने और मेरे दोस्त ने अपने स्कूल की जूनियर क्रिकेट टीम के लिए खेलते हुए दूसरे स्कूल की क्रिकेट टीम के साथ एक मैच खेला है। यह एक रोमांचक अनुभव था जहाँ हमने अपनी टीम के लिए प्रतिस्पर्धा की।
टीम के लिए खेलना या अपने लिए खेलने में क्या अंतर है? तुम्हें क्या अच्छा लगता है? क्यों?
Solution: अपने लिए खेलने का मतलब है कि आप केवल अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन और अपनी पहचान बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। जबकि टीम के लिए खेलने का अर्थ है टीम की जीत को प्राथमिकता देना, टीम के सदस्यों के साथ मिलकर काम करना और टीम भावना से खेलना। मुझे टीम के लिए खेलना बहुत अच्छा लगता है क्योंकि जब पूरी टीम मिलकर खेलती है और जीतती है, तो वह जीत सभी के लिए होती है और उसका आनंद भी सामूहिक होता है।
तुम्हारी टीम अफसाना के शोलापुर वाली टीम जैसी है या नागपाड़ा की टीम जैसी? क्यों?
Solution: हमारी टीम नागपाड़ा की टीम जैसी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि नागपाड़ा की टीम के सदस्य एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, किसी की गलती के लिए उनका मखौल नहीं उड़ाते, बल्कि गलती से सीखने का प्रयास करते हैं। उनकी टीम में एकजुटता है और सभी सदस्य टीम के लिए टीम भावना से खेलते हैं और जीतते हैं।
टीम में रहते हुए भी टीम के लिए खेलना या सिर्फ अपने लिए खेलने में से तुम्हें क्या अच्छा लगता है? क्यों?
Solution: मुझे हमेशा टीम के लिए खेलना अच्छा लगता है। क्योंकि जब हम टीम के लिए खेलते हैं, तो हम एक-दूसरे का समर्थन करते हैं और मिलकर प्रयास करते हैं। टीम की जीत में ही हमारी व्यक्तिगत जीत छिपी होती है, और यह भावना बहुत संतोषजनक होती है।

चर्चा करो

अपने स्कूल या इलाके की तरफ से तुमने किसी खेल या प्रतियोगिता में कभी हिस्सा लिया है? तब तुम्हें कैसा लगा?
Solution: हाँ, मैंने अपने स्कूल की तरफ से कई खेल और प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। उस समय मुझे बहुत गर्व और खुशी महसूस होती है। मुझे लगता है कि मुझे अपने स्कूल का नाम रोशन करना है और मैं स्कूल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हूँ। यह अनुभव मुझे प्रेरित करता है।
क्या तुम खेलने के लिए दूसरी जगह गए थे? कैसी थी वह जगह? तुम्हें दूसरी जगह जाना कैसा लगा?
Solution: हाँ, मैं खेलने के लिए दूसरे शहर में गया था। वह जगह भी काफी अच्छी और खेलने के लिए उपयुक्त थी। मुझे दूसरी जगह जाकर नए मैदानों और नए लोगों से मिलने का अनुभव बहुत अच्छा लगा। यह एक यादगार अनुभव था।
क्या तुमने भारत और दूसरे देशों के बीच कोई मैच देखे हैं? कौन-से?
Solution: हाँ, मैंने भारत और दूसरे देशों के बीच कई मैच देखे हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण मैच क्रिकेट विश्व कप 2011 था, जिसे भारत ने जीता था। ऐसे मैच देखना बहुत रोमांचक होता है।
हम भारत के क्रिकेट खिलाड़ियों के बारे में जानते हैं, उन्हें चाहते हैं। ऐसा क्यों होता है?
Solution: ऐसा इसलिए होता है क्योंकि क्रिकेट भारत में एक बहुत ही लोकप्रिय खेल है। भारतीय क्रिकेट टीम ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई मैच जीते हैं और वे अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। उनकी सफलता, खेल के प्रति समर्पण और टीम भावना के कारण लोग उन्हें जानते हैं, पसंद करते हैं और उनकी प्रशंसा करते हैं।
क्या किसी और खेल के भारतीय खिलाड़ियों को भी ऐसे ही सब जानते और चाहते हैं? हाँ या नहीं?
Solution: हाँ, क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों के भारतीय खिलाड़ियों को भी लोग जानते और चाहते हैं। हालाँकि क्रिकेट की लोकप्रियता सबसे अधिक है, लेकिन फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, बैडमिंटन जैसे खेलों के खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने पर लोग उन्हें जानने लगते हैं और उनका समर्थन करते हैं।
तुम्हें इसके बारे में क्या लगता है? जैसे भारत के फुटबॉल या कबर्ड़ी टीम के खिलाड़ियों को तुम पहचानते हो?
Solution: मुझे लगता है कि जब कोई भी भारतीय खिलाड़ी, चाहे वह किसी भी खेल का हो, राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करता है और अपनी पहचान बनाता है, तो लोग उसे जानने लगते हैं और उसका सम्मान करते हैं। हाँ, मैं भारत के कई फुटबॉल और कबड्डी टीम के खिलाड़ियों को पहचानता हूँ जिन्होंने अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है।

चर्चा करो

लड़िकयों को पढ़ाई, खेल या उनकी पसंद के कामों से रोका जाए तो क्या होगा?
Solution: यदि लड़कियों को पढ़ाई, खेल या उनकी पसंद के कामों से रोका जाता है, तो यह समाज के विकास में एक बड़ी बाधा उत्पन्न करेगा। इससे न केवल उन लड़कियों की व्यक्तिगत क्षमता का हनन होगा, बल्कि समाज भी अपनी आधी आबादी की प्रतिभा और योगदान से वंचित रह जाएगा। इससे लैंगिक असमानता बढ़ेगी और समाज का समग्र विकास रुक जाएगा।
अगर तुम्हें किसी खेल या ड्रामे में शामिल होने से रोका जाए तो तुम्हें कैसा लगेगा?
Solution: अगर मुझे किसी खेल या ड्रामे में शामिल होने से रोका जाए तो मुझे बहुत बुरा लगेगा। मुझे निराशा होगी क्योंकि ये गतिविधियाँ मुझे खुशी, सीखने का अवसर और अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देती हैं। किसी भी रचनात्मक या शारीरिक गतिविधि से रोका जाना मेरे लिए हतोत्साहित करने वाला होगा।
खेल के क्षेत्र में नमने किन-किन महिला खिलाड़ियों के बारे में सुना है? कौन-कौन और किस खेल में हैं?
Solution: मैंने खेल के क्षेत्र में कई प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों के बारे में सुना है। इनमें शामिल हैं:
  • सानिया नेहवाल - बैडमिंटन
  • सानिया मिर्जा - टेनिस
  • पी.टी. उषा - धावक (एथलेटिक्स)
  • कर्णम मल्लेश्वरी - भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग)
  • ज्वाला गुट्टा - बैडमिंटन
ये सभी महिलाएँ अपने-अपने खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुकी हैं।
तुमने खेल के अलावा और किस क्षेत्र में पहचान बनाने वाली महिलाओं के बारे में सुना है?
Solution: हाँ, मैंने खेल के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी पहचान बनाने वाली महिलाओं के बारे में सुना है। इनमें शामिल हैं: अंतरिक्ष अनुसंधान (जैसे सुनीता विलियम्स, कल्पना चावला), पुलिस और सेना में सेवा, लेखन, अभिनय, गायन, व्यापार, विज्ञान और इंजीनियरिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी महिलाएँ।
तुम्हें क्या लगता है कि पहचान बनाने वाली महिलाओं के नाम पुरुष या लड़कों के नामों की अपेक्षा कम जाने जाते हैं? ऐसा क्यों?
Solution: नहीं, मुझे ऐसा नहीं लगता कि पहचान बनाने वाली महिलाओं के नाम पुरुषों या लड़कों के नामों की अपेक्षा कम जाने जाते हैं। आज के समय में, महिलाएँ हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और उनके योगदान को उसी सम्मान और पहचान के साथ देखा जाता है। हालाँकि, ऐतिहासिक रूप से कुछ क्षेत्रों में पुरुषों का वर्चस्व रहा है, लेकिन अब यह अंतर कम हो रहा है।
अगर सभी लड़कियों को खेल या ड्रामे का मौका न दिया जाए तो ऐसी दुनिया तुम्हें कैसी लगेगी? ऐसा ही सभी लड़कों के साथ हो तो तुम्हें कैसा लगेगा?
Solution: अगर सभी लड़कियों को खेल या ड्रामे का मौका न दिया जाए तो ऐसी दुनिया मुझे बिल्कुल अधूरी और पिछड़ी हुई लगेगी। यह एक ऐसी दुनिया होगी जहाँ आधी आबादी की प्रतिभा और रचनात्मकता का दमन होगा। इसी तरह, अगर सभी लड़कों को भी ऐसे अवसरों से वंचित रखा जाए, तो वह दुनिया भी अधूरी और असंतुलित ही लगेगी। दोनों ही स्थितियों में, समाज का पूर्ण विकास संभव नहीं होगा।
क्या तुम किसी लड़की या महिला को जानते हो, जिसके जैसा तुम बनना चाहते हो? फिल्म एक्टर और मॉडल छोड़कर कुछ और सोचो।
Solution: हाँ, मैं सुनीता विलियम्स और कल्पना चावला जैसी महिलाओं के जैसा बनना चाहता हूँ। उन्होंने अंतरिक्ष शोध के क्षेत्र में अपनी असाधारण पहचान बनाई है और विज्ञान तथा अन्वेषण के क्षेत्र में महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं। उनका साहस, बुद्धिमत्ता और दृढ़ संकल्प मुझे प्रेरित करता है।

सोचकर लिखो

अखबार की रिपोर्ट में लिखा था, अफ़साना दीवार फाँद चुकी है। लिंग-भेद की दीवार भी जो इसकी माँ ने खड़ी की है। सोचकर अपने शब्दों में लिखो कि वह कौन-सी दीवार थी। लिंग-भेद का क्या मतलब होगा?
Solution: अखबार की रिपोर्ट में 'लिंग-भेद की दीवार' से तात्पर्य समाज में व्याप्त उस सोच से है जो लड़के और लड़कियों के बीच भेदभाव करती है। अफ़साना की माँ द्वारा खड़ी की गई यह दीवार शायद यह सोच थी कि लड़कियों को कुछ खास कामों या क्षेत्रों तक ही सीमित रहना चाहिए, जैसे कि घर के काम या पारंपरिक भूमिकाएँ, और उन्हें उन कामों से रोका जाना चाहिए जिन्हें 'लड़कों का काम' माना जाता है, जैसे कि खेल में भाग लेना या ऊंची शिक्षा प्राप्त करना। लिंग-भेद का मतलब है लिंग (पुरुष या महिला) के आधार पर लोगों के साथ अलग व्यवहार करना या उनके साथ असमानता बरतना, उन्हें समान अवसर न देना।

हम क्या समझे

तुम क्या सोचते हो लड़के-लड़िकयों के खेलों में अंतर करना चाहिए कि नहीं। लिखो।
Solution: मैं पूरी तरह से मानता हूँ कि लड़के और लड़कियों के खेलों में कोई अंतर नहीं किया जाना चाहिए। सभी को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार किसी भी खेल को खेलने का समान अवसर मिलना चाहिए। खेल शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, और यह भेदभाव किसी भी लिंग के लिए उचित नहीं है।
अगर तुम अपनी टीम के लीडर बनोगे तो अपनी टीम को तुम कैसे तैयार करोगे?
Solution: यदि मैं अपनी टीम का लीडर बनता हूँ, तो मैं अपनी टीम को नागपाड़ा की टीम की तरह तैयार करना चाहूँगा। इसके लिए मैं निम्नलिखित तरीके अपनाऊँगा:
  • मैं यह सुनिश्चित करूँगा कि मेरी टीम के सभी खिलाड़ी एक-दूसरे का सम्मान करें।
  • सभी सदस्य एक-दूसरे को प्रोत्साहित करें और किसी की गलती पर उसका मखौल न उड़ाएँ।
  • हम सब मिलकर टीम के लिए खेलेंगे और टीम भावना को सर्वोपरि रखेंगे।
  • गलतियों से सीखने पर जोर दिया जाएगा ताकि हम बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
  • हमारा मुख्य लक्ष्य टीम की जीत होगी, जिसे हम सामूहिक प्रयास से हासिल करेंगे।
इस तरह, हम एक मजबूत और एकजुट टीम बनेंगे।

Common mistakes

  • खेलते समय आने वाली बाधाओं को केवल व्यक्तिगत समस्या मानना।
  • टीम के लिए खेलने के बजाय केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करना।
  • लड़के और लड़कियों के खेलों में अंतर करने की सोच रखना।
  • महिलाओं की उपलब्धियों को कम आंकना या अनदेखा करना।

Revision tips

  • अपने आस-पास के खेल के मैदानों और वहाँ खेले जाने वाले खेलों की सूची बनाएँ।
  • टीम भावना के महत्व पर ध्यान केंद्रित करें और उदाहरणों को समझें।
  • खेलों में लिंग समानता के बारे में अपने विचार स्पष्ट करें।
  • खेल और अन्य क्षेत्रों में सफल महिलाओं के बारे में पढ़ें और याद रखें।
  • लिंग-भेद के अर्थ और इसके सामाजिक प्रभावों पर विचार करें।

Practice MCQs

Q1. आपके घर के पास खेलने की जगह पर कौन से खेल खेले जाते हैं?

Q2. टीम के लिए खेलने का क्या अर्थ है?

Q3. नागपाड़ा की टीम की क्या विशेषता थी?

Q4. खेल के क्षेत्र में सानिया मिर्जा किस खेल के लिए जानी जाती हैं?

Q5. लिंग-भेद का क्या मतलब है?

Frequently asked questions

कक्षा 5 सामाजिक विज्ञान के अध्याय 'फाँद ली दीवार' में किन मुख्य विषयों पर चर्चा की गई है?

इस अध्याय में खेल के मैदान, विभिन्न खेल, खेलते समय आने वाली बाधाएँ, लड़के और लड़कियों के बीच खेल में समानता, टीम भावना का महत्व, और खेल व अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।

क्या ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए स्पष्ट और विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को समझने और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद मिलती है।

लिंग-भेद का क्या अर्थ है और यह अध्याय इसे कैसे संबोधित करता है?

लिंग-भेद का अर्थ है लड़के और लड़कियों के बीच अंतर करना या भेदभाव करना। यह अध्याय इस बात पर जोर देता है कि खेलों या अन्य गतिविधियों में ऐसा भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी को समान अवसर मिलने चाहिए।

टीम के लिए खेलने का क्या महत्व है?

टीम के लिए खेलने का अर्थ है टीम भावना से खेलना, एक-दूसरे का समर्थन करना और जीत के लिए मिलकर प्रयास करना। समाधान बताते हैं कि टीम की जीत में सभी का योगदान होता है।

क्या इस अध्याय में महिलाओं की उपलब्धियों का उल्लेख है?

हाँ, अध्याय में खेल के क्षेत्र में सानिया मिर्जा, पी.टी. उषा, और कर्नम मल्लेश्वरी जैसी महिला खिलाड़ियों का उल्लेख है, साथ ही अन्य क्षेत्रों में पहचान बनाने वाली महिलाओं का भी जिक्र है।

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