कक्षा 5 सामाजिक विज्ञान NCERT समाधान: बूँद-बूँद; दरिया-दरिया
यह खंड कक्षा 5 के छात्रों के लिए सामाजिक विज्ञान के अध्याय 6, 'बूँद-बूँद; दरिया-दरिया' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय जल संरक्षण, जल स्रोतों के ऐतिहासिक और वर्तमान परिदृश्य, और पानी की उपलब्धता से संबंधित मुद्दों की पड़ताल करता है। इसमें स्कूल के आसपास के इलाके में पानी के बहाव, पानी की कमी के कारणों, पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुओं, तालाबों और बावड़ियों के महत्व पर चर्चा की गई है। साथ ही, आधुनिक जल प्रबंधन प्रणालियों, जल बिलों को समझने और पानी के साझा संसाधन के रूप में इसके महत्व पर भी प्रकाश डाला गया है। ये समाधान छात्रों को जल के महत्व को समझने और जल संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 5 |
| Subject | सामाजिक विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 6. बूँद-बूँद; दरिया-दरिया... |
Chapter summary
कक्षा 5 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 'बूँद-बूँद; दरिया-दरिया' के ये NCERT समाधान जल के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित हैं। इसमें स्थानीय जल स्रोतों, पानी की कमी के कारणों, और ऐतिहासिक जल प्रबंधन तकनीकों जैसे कुओं और बावड़ियों की भूमिका का पता लगाया गया है। छात्र यह भी सीखेंगे कि कैसे पानी की उपलब्धता समय के साथ बदली है और आज के जल वितरण प्रणालियों को कैसे समझा जाए, जिसमें जल बिलों का विश्लेषण भी शामिल है। यह अध्याय जल के महत्व और संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर देता है।
Learning outcomes
- स्थानीय जल स्रोतों और जल के बहाव के पैटर्न की पहचान करना।
- पानी की कमी के संभावित कारणों को समझना।
- ऐतिहासिक जल भंडारण विधियों (जैसे कुएँ, बावड़ी) और उनके महत्व का वर्णन करना।
- पानी के बिलों को पढ़ना और समझना।
- जल संरक्षण के महत्व को समझाना।
- पानी को एक साझा संसाधन के रूप में देखना।
Topics covered
Paper topics
- जल स्रोत
- पानी की कमी
- ऐतिहासिक जल संरचनाएं (कुआँ, तालाब, बावड़ी)
- जल प्रबंधन
- जल बिल
- जल संरक्षण
- साझा संसाधन
- शहरी और ग्रामीण जल आपूर्ति
- जल के उपयोग के तरीके
- जल का महत्व
Important topics
- जल स्रोतों की पहचान और उनका महत्व
- पानी की कमी के कारण और समाधान
- ऐतिहासिक जल संरचनाओं का अध्ययन
- जल बिलों को समझना
- जल संरक्षण की आवश्यकता
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Questions and Solutions
सोचो और पता करो
एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 54)
एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 54)
एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 54)
एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 55)
एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 55)
एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 55)
एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 55)
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एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 55)
एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 56)
- मोटर से पानी निकालना: आजकल लोग अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए या व्यावसायिक उपयोग के लिए जमीन से बहुत अधिक पानी निकालने के लिए शक्तिशाली मोटरों का उपयोग करते हैं। इससे भूजल स्तर तेजी से नीचे चला जाता है, जिससे पुराने कुओं में पानी की कमी हो जाती है या वे सूख जाते हैं।
- तालाबों का खत्म होना: तालाब बारिश के पानी को जमा करने और भूजल को रिचार्ज करने का काम करते हैं। जब तालाब पाट दिए जाते हैं या उनका रखरखाव नहीं होता, तो बारिश का पानी सीधे बह जाता है और जमीन में रिसने के बजाय नालियों में चला जाता है, जिससे भूजल स्तर पर असर पड़ता है।
- कंक्रीटीकरण: पार्कों और अन्य खुले स्थानों पर जहाँ पहले मिट्टी होती थी, अब सीमेंट या पक्की सड़कें बना दी गई हैं। इससे बारिश का पानी जमीन में रिस नहीं पाता और बहकर नालियों में चला जाता है, जो भूजल पुनर्भरण को कम करता है।
- अन्य कारण: इसके अलावा, पेड़ों की कटाई भी एक बड़ा कारण है क्योंकि पेड़ मिट्टी को बांधे रखते हैं और पानी को जमीन में सोखने में मदद करते हैं। वनों की कटाई से मिट्टी का कटाव बढ़ता है और पानी का रिसाव कम हो जाता है। साथ ही, कुओं का उचित रखरखाव न करना भी उनके सूखने का कारण बन सकता है।
हाल की बात
- हैंड पम्प से पानी निकालना।
- मोटर या सबमर्सिबल पम्प द्वारा जमीन से पानी खींचना।
- जल-बोर्ड या नगर निगम द्वारा आपूर्ति किया गया पानी।
- टैंकरों द्वारा पानी की आपूर्ति।
- निजी बोरवेल से पानी प्राप्त करना।
चर्चा करो
- असमान वितरण: पानी का वितरण समान नहीं है। कुछ क्षेत्रों में पानी की प्रचुरता है, जबकि अन्य में कमी है।
- अत्यधिक दोहन: कुछ लोग या कंपनियाँ गहरे बोरिंग करके जमीन के नीचे से बहुत अधिक पानी खींच लेते हैं। यह पानी का अत्यधिक दोहन है और यह तब तक सही नहीं है जब तक कि यह सभी की जरूरतों को पूरा करने के बाद ही किया जाए। यह भूजल स्तर को खतरनाक रूप से कम कर सकता है और भविष्य के लिए पानी की उपलब्धता को खतरे में डाल सकता है।
- टुल्लु पंप का उपयोग: जल बोर्ड के पाइपों में टुल्लु पंप लगाने का मुख्य कारण यह है कि वे कम दबाव वाले पानी को भी खींचकर अपने घरों तक पहुँचा सकें। ऐसा तब होता है जब जल बोर्ड की आपूर्ति कम होती है या दबाव बहुत कम होता है। यह तरीका गलत है क्योंकि इससे दूसरों के लिए पानी का दबाव और कम हो जाता है, जिससे उन्हें पानी मिलने में और परेशानी होती है। मेरे मोहल्ले में भी कुछ लोगों ने ऐसा किया है, जिससे हमारे घर में पानी का प्रेशर बहुत कम हो जाता है।
एन.सी.ई.आर.टी. पाट्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 58)
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एन.सी.ई.आर.टी. पाट्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 58)
एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 59)
- जल ही जीवन है, इसे बचाओ।
- पानी अनमोल है, इसे व्यर्थ न बहाओ।
- हर बूँद कीमती है, संरक्षण ही उपाय है।
- पानी बचाओ, भविष्य बचाओ।
एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 59)
एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 59)
एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 59)
Common mistakes
- पानी की कमी के कारणों को केवल एक कारक तक सीमित समझना।
- ऐतिहासिक जल स्रोतों के महत्व को कम आंकना।
- जल बिलों में दी गई जानकारी को समझने में कठिनाई।
- पानी को एक असीमित संसाधन मानना।
Revision tips
- अपने आस-पास के जल स्रोतों का निरीक्षण करें और उनके बारे में जानकारी एकत्र करें।
- पानी के बिलों को ध्यान से देखें और उनमें दी गई जानकारी को समझने का प्रयास करें।
- जल संरक्षण के विभिन्न तरीकों पर चर्चा करें और उन्हें अपने दैनिक जीवन में अपनाने का प्रयास करें।
- पानी की कमी से जुड़े सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर विचार करें।
Practice MCQs
Q1. बारिश का पानी बहकर कहाँ-कहाँ जा सकता है?
Explanation: बारिश का पानी विभिन्न रास्तों से बह सकता है, जिसमें जमीन में सोखना, नालियों में बहना और गड्ढों में जमा होना शामिल है।
Q2. पुराने समय में पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत क्या था?
Explanation: पुराने समय में लोग पानी के लिए मुख्य रूप से प्राकृतिक स्रोतों जैसे नदी, तालाब और कुओं पर निर्भर रहते थे।
Q3. बावड़ी क्या है?
Explanation: बावड़ी सीढ़ीदार कुआँ होता है, जो पानी जमा करने और उसे आसानी से निकालने के लिए बनाया जाता था।
Q4. कुएँ सूखने का एक कारण क्या हो सकता है?
Explanation: जब मोटर का उपयोग करके जमीन से अत्यधिक पानी खींचा जाता है, तो भूजल स्तर नीचे चला जाता है, जिससे कुएँ सूख सकते हैं।
Q5. जल बिल में 'दिल्ली सरकार' क्यों लिखा होता है?
Explanation: जल बोर्ड अक्सर सरकारी संस्थाएं होती हैं, और यदि दिल्ली जल बोर्ड दिल्ली सरकार के अधीन है, तो बिल पर सरकार का उल्लेख किया जाता है।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?
यह NCERT समाधान कक्षा 5 के सामाजिक विज्ञान विषय के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 6 'बूँद-बूँद; दरिया-दरिया' पर केंद्रित हैं।
इन समाधानों में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?
इन समाधानों में जल स्रोतों, पानी की कमी के कारणों, ऐतिहासिक जल संरचनाओं जैसे कुओं और बावड़ियों, जल बिलों को समझने और जल संरक्षण के महत्व जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान अध्याय के सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
पानी की कमी के क्या कारण बताए गए हैं?
समाधानों में पानी की कमी के कारणों में मोटर से अत्यधिक पानी निकालना, तालाबों का सूखना, और शहरीकरण के कारण जमीन का पक्का हो जाना शामिल हैं।
जल बिलों के बारे में क्या जानकारी दी गई है?
समाधानों में जल बिलों को पढ़ने, समझने और यह जानने पर चर्चा की गई है कि बिल किस विभाग से आता है और उसमें क्या-क्या शुल्क शामिल होते हैं।
जल संरक्षण क्यों महत्वपूर्ण है?
जल संरक्षण महत्वपूर्ण है क्योंकि पृथ्वी पर पानी एक सीमित और साझा संसाधन है, और सभी को पीने के लिए पर्याप्त पानी मिलना चाहिए। अत्यधिक उपयोग और प्रदूषण से जल की कमी हो सकती है।
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