कक्षा 5 सामाजिक विज्ञान: अध्याय 4 खाएँ आम बारहों महीने! NCERT समाधान
यह खंड कक्षा 5 के छात्रों के लिए सामाजिक विज्ञान के अध्याय 4, "खाएँ आम बारहों महीने!" पर केंद्रित है। इसमें भोजन के खराब होने के कारणों, विभिन्न खाद्य पदार्थों की शेल्फ लाइफ और भोजन को खराब होने से बचाने के घरेलू तरीकों पर चर्चा की गई है। छात्र सीखेंगे कि कैसे तापमान और नमी भोजन के खराब होने को प्रभावित करते हैं, और पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर दी गई जानकारी का महत्व समझेंगे। यह अध्याय खाद्य संरक्षण की बुनियादी बातों को समझने में मदद करता है, जो छात्रों को यह जानने में सहायता करता है कि भोजन को लंबे समय तक कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए स्पष्ट और संक्षिप्त स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 5 |
| Subject | सामाजिक विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 4. खाएँ आम बारहों महीने! |
Chapter summary
कक्षा 5 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 4, "खाएँ आम बारहों महीने!" के ये NCERT समाधान छात्रों को भोजन के खराब होने और संरक्षण की अवधारणाओं से परिचित कराते हैं। इसमें चर्चा की गई है कि भोजन क्यों खराब होता है, विभिन्न खाद्य पदार्थ कितनी जल्दी खराब हो सकते हैं, और खराब भोजन के संकेत क्या हैं। समाधान खाद्य संरक्षण के लिए घरेलू उपचारों और पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कि निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि को समझने पर भी प्रकाश डालते हैं।
Learning outcomes
- भोजन के खराब होने के सामान्य कारणों की पहचान करना।
- विभिन्न खाद्य पदार्थों की शेल्फ लाइफ को समझना।
- भोजन को खराब होने से बचाने के घरेलू उपायों को जानना।
- पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर दी गई जानकारी के महत्व को समझना।
- खाद्य संरक्षण के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में लागू करना।
Topics covered
Paper topics
- भोजन का खराब होना
- भोजन संरक्षण के घरेलू उपाय
- खाद्य पदार्थों की शेल्फ लाइफ
- पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर जानकारी
- फफूँदी और जीवाणु
- गर्मी और सर्दी का भोजन पर प्रभाव
- आम पापड़ बनाना
- भोजन की गुणवत्ता का परीक्षण
Important topics
- भोजन के खराब होने के कारण और संकेत
- भोजन को खराब होने से बचाने के तरीके
- पैकेट पर लिखी महत्वपूर्ण जानकारी (निर्माण/समाप्ति तिथि)
- विभिन्न खाद्य पदार्थों की शेल्फ लाइफ
- आम पापड़ बनाने की प्रक्रिया
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
चर्चा करो
लिखो
अ. जो दो-तीन दिन में खराब हो सकती है-
आ. जो हफ्ते भर में खराब नहीं होंगी-
इ. जो महीने भर में खराब नहीं होंगी-
अ. जो दो-तीन दिन में खराब हो सकती है: दूध, दही, पकी हुई दाल, हरी सब्जियाँ (जैसे पालक, मेथी), उबले हुए चावल।
आ. जो हफ्ते भर में खराब नहीं होंगी: फल (जैसे सेब, संतरे), प्याज, लहसुन, पनीर, बिस्कुट (खुले पैकेट वाले)।
इ. जो महीने भर में खराब नहीं होंगी: आलू, चावल, गेहूँ का आटा, चीनी, नमक, तेल, घी, मसाले, सूखी दालें।
बीजी ने लौटाई ब्रेड
पता करो
- बनने की तिथि (Manufacturing Date): यह बताती है कि उत्पाद कब बनाया गया था।
- समाप्ति तिथि (Expiry Date) या 'कब तक इस्तेमाल करें' (Best Before Date): यह बताती है कि उत्पाद को किस तारीख तक इस्तेमाल करना सुरक्षित है।
- मूल्य (Price): उत्पाद का विक्रय मूल्य।
- वजन (Net Weight): पैकेट में उत्पाद की मात्रा।
- सामग्री (Ingredients): उत्पाद को बनाने में किन-किन चीजों का इस्तेमाल हुआ है।
- भंडारण निर्देश (Storage Instructions): उत्पाद को कैसे रखना चाहिए (जैसे - ठंडा रखें, सूखा रखें)।
खाना कैसे होता है खराब
दिन | ब्रेड में बदलाव | छूने से | गंध में | हैंड लेंस से देखने में | रंग में
1. मुलायम | सामान्य | कोई परिवर्तन नहीं |
प्रयोग का विवरण:
एक रोटी या ब्रेड का टुकड़ा लें। उस पर पानी की कुछ बूँदें छिड़कें और उसे एक बंद डिब्बे में रख दें। अगले कुछ दिनों तक हर दिन ब्रेड का निरीक्षण करें और निम्नलिखित तालिका में बदलाव दर्ज करें:
| दिन | ब्रेड में बदलाव (छूने से) | गंध में | हैंड लेंस से देखने में | रंग में |
|---|---|---|---|---|
| 1 | मुलायम | सामान्य | कोई परिवर्तन नहीं | कोई परिवर्तन नहीं |
| 2 | थोड़ा चिपचिपा हो सकता है | थोड़ी खट्टी गंध आ सकती है | सूक्ष्म परिवर्तन दिख सकते हैं | हल्का पीलापन आ सकता है |
| 3 | नरम और गीला महसूस हो सकता है | खट्टी या बासी गंध तेज हो सकती है | छोटे हरे या काले धब्बे (फफूँदी) दिख सकते हैं | धब्बों का रंग हरा या काला हो सकता है |
| 4 | बहुत नरम, चिपचिपा या गूदेदार | तेज खराब गंध | फफूँदी के धब्बे बड़े और स्पष्ट दिखेंगे | धब्बों का रंग गहरा हो जाएगा |
| 5 | पूरी तरह से गीला और गूदेदार हो सकता है | बहुत तेज सड़ी हुई गंध | फफूँदी पूरे ब्रेड पर फैल सकती है | हरे, काले या सफेद रंग के धब्बे दिखेंगे |
यह तालिका दर्शाती है कि समय के साथ ब्रेड में नमी के कारण फफूँदी कैसे विकसित होती है, जिससे उसका रंग, गंध और बनावट बदल जाती है।
- तापमान: उच्च तापमान (गर्मी) जीवाणुओं और फफूँदी को तेजी से बढ़ने में मदद करता है, जिससे खाना जल्दी खराब होता है। फ्रिज में रखने से यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
- नमी: भोजन में नमी की अधिकता जीवाणुओं और फफूँदी के विकास के लिए अनुकूल होती है। इसलिए, सूखी चीजें जल्दी खराब नहीं होतीं, जबकि गीली या पकी हुई चीजें जल्दी खराब होती हैं।
- हवा का संपर्क: हवा में मौजूद जीवाणु और फफूँदी के बीजाणु भोजन के संपर्क में आने पर उसे खराब कर सकते हैं। भोजन को ढक कर रखने से यह संपर्क कम होता है।
- जीवाणुओं की उपस्थिति: यदि भोजन में पहले से ही जीवाणु मौजूद हैं (जैसे कि कच्चे मांस या अंडे में) या वे भोजन में मिल जाते हैं, तो वे तेजी से बढ़कर भोजन को खराब कर सकते हैं।
- भंडारण का तरीका: भोजन को अनुचित तरीके से संग्रहीत करना, जैसे कि उसे खुला छोड़ देना या बहुत गर्म जगह पर रखना, उसे जल्दी खराब कर सकता है।
- खाद्य पदार्थ का प्रकार: कुछ खाद्य पदार्थ स्वाभाविक रूप से जल्दी खराब होते हैं, जैसे दूध, दही, पकी हुई सब्जियाँ और मांस, क्योंकि उनमें पोषक तत्व अधिक होते हैं जो जीवाणुओं के लिए भोजन का काम करते हैं।
- मौसम: बरसात के मौसम में भी नमी और गर्मी के कारण खाना जल्दी खराब होता है।
खाने की चीजें | घरेलू उपाय
पके हुए चावल | एक कटोरे में डालकर पानी के बर्तन में रखने पर।
हरा धनिया | गीले कपड़े में लपेट कर रखते हैं।
प्याज, लहसुन | खुले में रखते हैं, नमी से बचाकर।
उबालते हैं।
- पके हुए चावल: इन्हें एक कटोरे में डालकर पानी के बर्तन में रखने पर ये थोड़े लंबे समय तक ताज़े रह सकते हैं, क्योंकि पानी की ठंडक चावल को जल्दी खराब होने से बचाती है।
- हरा धनिया: इसे गीले कपड़े में लपेट कर रखने से यह ताज़ा बना रहता है। कपड़ा नमी प्रदान करता है और धनिया को मुरझाने से बचाता है।
- प्याज, लहसुन: इन्हें खुले में, हवादार जगह पर और नमी से बचाकर रखना चाहिए। इससे वे सड़ते नहीं हैं और लंबे समय तक ठीक रहते हैं।
- दूध (या अन्य तरल पदार्थ): इन्हें उबाल कर ठंडा करके रखना चाहिए। उबालने से जीवाणु मर जाते हैं और ठंडा रखने से उनकी वृद्धि धीमी हो जाती है।
लिखो
- सामग्री खरीदना: सबसे पहले, उन्होंने बाजार से मामिडी तांड्रा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री खरीदी, जिसमें चटाई, कैज्युरीना पेड़ के डंडे, नारियल से बनी रस्सी, गुड़ और चीनी शामिल थे।
- धूप वाली जगह चुनना: अम्मा ने आँगन में एक ऐसी जगह चुनी जहाँ अच्छी और तेज धूप आती हो, क्योंकि धूप सुखाने की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है।
- मचान बनाना: भाइयों ने चुने हुए स्थान पर डंडों का उपयोग करके एक मचान (ऊँचाई पर बना ढाँचा) तैयार किया।
- चटाई बाँधना: उन्होंने इस मचान पर रस्सी की सहायता से चटाई को कसकर बाँधा। यह चटाई वह सतह थी जिस पर आम का गूदा फैलाया जाएगा।
- आम का गूदा निकालना और छानना: पके हुए आमों से गूदा निकाला गया और फिर उसे अच्छी तरह से छाना गया ताकि कोई रेशे या गुठली न रह जाए।
- गुड़ और चीनी मिलाना: छाने हुए आम के गूदे में गुड़ और चीनी मिलाई गई और उसे अच्छी तरह से फेंटा गया।
- गूदे की परत फैलाना: तैयार किए गए आम के गूदे की एक पतली परत चटाई पर समान रूप से फैलाई गई।
- सुखाना: इस परत को धूप में सूखने के लिए छोड़ दिया गया।
- प्रक्रिया दोहराना: अगले तीन-चार दिनों तक यही प्रक्रिया दोहराई गई, यानी हर दिन आम के गूदे की एक नई पतली परत चटाई पर फैलाई गई।
- तैयार होना: इस प्रकार, लगभग एक सप्ताह की प्रक्रिया के बाद, मामिडी तांड्रा (आम पापड़) तैयार हो गया।
Common mistakes
- भोजन के खराब होने के संकेतों को अनदेखा करना।
- खाद्य पदार्थों की शेल्फ लाइफ के बारे में गलत धारणाएँ रखना।
- भोजन को अनुचित तरीके से संग्रहीत करना, जिससे वह जल्दी खराब हो जाए।
- पैकेट पर लिखी महत्वपूर्ण जानकारी, जैसे समाप्ति तिथि, को न पढ़ना।
Revision tips
- भोजन के खराब होने के संकेतों (गंध, रंग, बनावट) को याद करें।
- विभिन्न खाद्य पदार्थों की अनुमानित शेल्फ लाइफ की सूची बनाएं।
- भोजन को खराब होने से बचाने के लिए घर पर अपनाए जाने वाले तरीकों पर ध्यान केंद्रित करें।
- पैकेट पर लिखी निर्माण और समाप्ति तिथियों के महत्व को समझें।
Practice MCQs
Q1. अमन को आलू क्यों खराब लगे?
Explanation: अमन को आलू से खराब बदबू आ रही थी, जो इस बात का संकेत था कि वे खराब हो गए थे।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सा खाद्य पदार्थ दो-तीन दिन में खराब हो सकता है?
Explanation: दूध एक जल्दी खराब होने वाला खाद्य पदार्थ है और इसे ठीक से संग्रहीत न करने पर यह दो-तीन दिनों के भीतर खराब हो सकता है।
Q3. बीजी ने ब्रेड का पैकेट क्यों लौटा दिया?
Explanation: पैकेट पर हरे-हरे धब्बे फफूंदी के संकेत थे, जिससे पता चलता था कि ब्रेड खराब हो गई है।
Q4. पैकेट पर लिखी कौन सी जानकारी हमें बताती है कि सामान कब तक इस्तेमाल किया जा सकता है?
Explanation: पैकेट पर 'कब तक इस्तेमाल कर सकते हैं' की जानकारी यह बताती है कि उस सामान को किस तारीख तक सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।
Q5. ब्रेड पर फफूँदी लगने का मुख्य कारण क्या है?
Explanation: हवा में तैरते फफूँदी के जीवाणु ब्रेड पर बैठकर उसे खराब कर देते हैं, जिससे उस पर फफूँदी लग जाती है।
Q6. आम पापड़ बनाने के लिए आम के गूदे में क्या मिलाया जाता है?
Explanation: आम के गूदे में गुड़ और चीनी मिलाकर उसे सुखाकर आम पापड़ (मामिडी तान्ड्रा) बनाया जाता है।
Frequently asked questions
कक्षा 5 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 4 का मुख्य विषय क्या है?
अध्याय 4, "खाएँ आम बारहों महीने!", मुख्य रूप से भोजन के खराब होने के कारणों, विभिन्न खाद्य पदार्थों की शेल्फ लाइफ और उन्हें खराब होने से बचाने के तरीकों पर केंद्रित है।
भोजन के खराब होने के क्या संकेत हैं?
भोजन के खराब होने के सामान्य संकेत हैं - खराब गंध आना, रंग बदलना, बनावट में बदलाव (नरम या चिपचिपा होना), और कभी-कभी फफूँदी लगना।
क्या मौसम भोजन के खराब होने को प्रभावित करता है?
हाँ, मौसम भोजन के खराब होने को प्रभावित करता है। गर्मी और बरसात के मौसम में तापमान और नमी अधिक होने के कारण खाना जल्दी खराब होता है, जबकि सर्दियों में यह धीरे-धीरे खराब होता है।
पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर कौन सी जानकारी महत्वपूर्ण होती है?
पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर बनने की तिथि, समाप्ति तिथि (कब तक इस्तेमाल कर सकते हैं), मूल्य, वजन और सामग्री जैसी जानकारी महत्वपूर्ण होती है।
आम पापड़ बनाने की प्रक्रिया क्या है?
आम पापड़ बनाने के लिए पके आमों का गूदा निकालकर, उसमें गुड़ और चीनी मिलाकर चटाई पर पतली परत में फैलाकर धूप में सुखाया जाता है। यह प्रक्रिया कई दिनों तक दोहराई जाती है।
ये समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में मदद मिलती है।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.