कक्षा 5 सामाजिक विज्ञान: चखने से पचने तक - NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 5 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 5 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 'चखने से पचने तक' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें छात्रों को विभिन्न स्वादों की पहचान करना, जीभ के विभिन्न हिस्सों की भूमिका को समझना, भोजन को चबाने और पचाने की प्रक्रिया को जानना, और भूख लगने पर शरीर में होने वाली अनुभूतियों को समझना सिखाया गया है। समाधानों में चर्चा और लिखने वाले प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं, जो छात्रों को स्वाद, गंध और पाचन तंत्र के बारे में उनकी समझ को गहरा करने में मदद करते हैं। यह सामग्री परीक्षा की तैयारी और विषय की गहरी समझ के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectसामाजिक विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter3. चखने से पचने तक

Chapter summary

कक्षा 5 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 'चखने से पचने तक' के ये NCERT समाधान छात्रों को स्वाद की इंद्रिय और पाचन की प्रारंभिक प्रक्रिया से परिचित कराते हैं। इसमें विभिन्न खाद्य पदार्थों के स्वाद (खट्टा, मीठा, कड़वा), गंध की भूमिका, और जीभ के विभिन्न भागों द्वारा स्वाद का अनुभव करने जैसे विषयों को शामिल किया गया है। समाधान यह भी बताते हैं कि भोजन को चबाना क्यों महत्वपूर्ण है और यह पाचन को कैसे प्रभावित करता है। यह अध्याय छात्रों को शरीर के अंदर भोजन की यात्रा और भूख की अनुभूति के बारे में भी बताता है।

Learning outcomes

  • विभिन्न खाद्य पदार्थों के स्वाद (मीठा, खट्टा, कड़वा) की पहचान करना।
  • गंध के आधार पर कुछ खाद्य पदार्थों को पहचानने की क्षमता विकसित करना।
  • जीभ के विभिन्न हिस्सों द्वारा स्वाद का अनुभव करने की प्रक्रिया को समझना।
  • भोजन को अच्छी तरह चबाने के महत्व को समझना।
  • पाचन की प्रारंभिक प्रक्रिया और शरीर में भोजन के मार्ग का ज्ञान प्राप्त करना।
  • भूख लगने पर शरीर में होने वाली अनुभूतियों को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • स्वाद की पहचान (मीठा, खट्टा, कड़वा)
  • गंध और स्वाद का संबंध
  • जीभ के विभिन्न भाग और स्वाद
  • भोजन को चबाना
  • लार की भूमिका
  • पाचन की प्रक्रिया
  • शरीर में भोजन का मार्ग
  • भूख की अनुभूति
  • खाद्य पदार्थों का वर्णन

Important topics

  • विभिन्न स्वादों की पहचान
  • जीभ द्वारा स्वाद का अनुभव
  • भोजन को चबाने का महत्व
  • लार और पाचन में उसकी भूमिका
  • भूख लगने की शारीरिक अनुभूति

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

चर्चा करो और लिखो - प्रश्न 1

खट्टी इमली का नाम सुनते ही झूलन के मुँह में पानी आ गया। तुम्हारे मुँह में कब-कब पानी आता है? अपनी पसंद की पाँच चीजों के नाम और उनके स्वाद लिखो।
Solution:

जब मैं अपने पसंदीदा भोजन के बारे में सोचता हूँ या उसे देखता हूँ, तो मेरे मुँह में पानी आ जाता है।

मेरी पसंद की पाँच चीजें और उनके स्वाद इस प्रकार हैं:

  1. चॉकलेट - मीठा
  2. समोसा - नमकीन और मसालेदार
  3. आइस-क्रीम - मीठा
  4. संतरा - खट्टा-मीठा
  5. जलेबी - मीठा

चर्चा करो और लिखो - प्रश्न 2

तुम्हें एक ही तरह का स्वाद पसंद है या अलग-अलग? क्यों?
Solution:

मुझे अलग-अलग तरह के स्वाद पसंद हैं। एक ही तरह के स्वाद से जल्दी ही बोरियत हो जाती है और खाने में विविधता का आनंद नहीं मिलता। विभिन्न स्वादों का अनुभव करना भोजन को अधिक रुचिकर बनाता है।

चर्चा करो और लिखो - प्रश्न 3

झूलन ने झुम्पा को नींबू के रस की कुछ बूँदे चखाई। क्या कुछ बूँदों से स्वाद का पता चल सकता है?
Solution:

हाँ, नींबू के रस की कुछ बूँदें भी खट्टे स्वाद का पता लगाने के लिए पर्याप्त होती हैं। हमारी जीभ स्वाद के प्रति बहुत संवेदनशील होती है और थोड़ी मात्रा में भी स्वाद को पहचान सकती है।

चर्चा करो और लिखो - प्रश्न 4

अगर तुम्हारी जीभ पर सौंफ के दाने रखें, तो क्या बिना चबाए उसे पहचान पाओगे? कैसे?
Solution:

हाँ, अगर सौंफ के दाने जीभ पर रखे जाएँ तो बिना चबाए भी उन्हें पहचाना जा सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सौंफ की एक विशिष्ट खुशबू और हल्का स्वाद होता है, जिसे जीभ और नाक मिलकर पहचान लेते हैं।

चर्चा करो और लिखो - प्रश्न 5

खेल में झुम्पा ने मछली कैसे पहचान ली? वे कौन सी चीजें हैं, जो तुम बिना देखे और चखे केवल सूँघकर पहचान सकते हो?
Solution:

खेल में झुम्पा ने मछली को उसकी खास गंध से पहचाना होगा। कुछ चीजें जिन्हें हम बिना देखे और चखे केवल सूँघकर पहचान सकते हैं, वे हैं:

  • गुलाब का फूल
  • अत्तर (इत्र)
  • लहसुन या प्याज (कच्चा)
  • कॉफी
  • साबुन

चर्चा करो और लिखो - प्रश्न 6

क्या तुम्हारे घर पर किसी ने तुम्हें नाक बंद करके दवाई पीने को कहा है? वे ऐसा क्यों कहते होंगे?
Solution:

हाँ, कई बार घर पर दवाई पीने से पहले नाक बंद करने को कहा जाता है। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि कई दवाओं का स्वाद कड़वा या अप्रिय होता है, और उनकी गंध भी तेज हो सकती है। नाक बंद करने से हमें दवा की गंध महसूस नहीं होती, जिससे उसका कड़वा स्वाद कम महसूस होता है और दवाई पीना आसान हो जाता है।

आँख बंद करके स्वाद पहचानो - प्रश्न 1

अलग-अलग स्वाद की कुछ चीजें इकड़ी करो और अपने साथी के साथ झूलन और झुम्पा की तरह खेल खेलो। अपने साथी को चीजें चखाओ और पूछो- स्वाद कैसा था? खाने की चीज क्या थी?
Solution:

यह एक गतिविधि-आधारित प्रश्न है जिसे स्वयं करना है। उदाहरण के लिए, यदि साथी को चीनी चखाई जाती है, तो वह स्वाद को 'मीठा' बताएगा और चीज को 'चीनी' पहचानेगा।

आँख बंद करके स्वाद पहचानो - प्रश्न 2

जीभ के कौन-से हिस्से में स्वाद ज्यादा पता चल रहा था—आगे, पीछे, बाई या दाई तरफ?
Solution:

इस गतिविधि के अनुसार, आमतौर पर जीभ के अगले हिस्से में स्वाद का पता सबसे ज़्यादा चलता है। हालाँकि, जीभ के विभिन्न हिस्सों में स्वाद की संवेदनशीलता थोड़ी भिन्न हो सकती है।

आँख बंद करके स्वाद पहचानो - प्रश्न 3

तुम्हें जीभ के कौन-से हिस्से में कौन-सा स्वाद ज्यादा पता चला? अपने अनुभव के आधार पर चित्र में लिखो।
Solution:

यह एक व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित प्रश्न है जिसे छात्र को स्वयं चित्र बनाकर या लिखकर पूरा करना होगा। सामान्यतः, जीभ का अगला भाग मीठे और नमकीन स्वाद के लिए, किनारे खट्टे स्वाद के लिए और पिछला भाग कड़वे स्वाद के लिए अधिक संवेदनशील होता है।

आँख बंद करके स्वाद पहचानो - प्रश्न 4

कुछ खाने की चीजों को मुँह के किसी और हिस्से पर रखो−होठ, तालू, जीभ, के नीचे। क्या कहीं और भी स्वाद का पता चला?
Solution:

नहीं, आमतौर पर स्वाद का पता मुख्य रूप से जीभ पर ही चलता है। होठ, तालू या जीभ के नीचे स्वाद कलिकाएँ (taste buds) उतनी विकसित नहीं होतीं जितनी जीभ पर होती हैं, इसलिए वहाँ स्वाद का पता नहीं चलता या बहुत कम चलता है।

आँख बंद करके स्वाद पहचानो - प्रश्न 5

जीभ के अगले हिस्से को किसी साफ कपड़े से पोंछो ताकि वह सूखा हो जाए। अब वहाँ चीनी के कुछ दाने या शक्कर रखो। क्या कुछ स्वाद आया? सोचो, ऐसा क्यों हुआ होगा।
Solution:

जब जीभ का अगला हिस्सा सूखा होता है और उस पर चीनी के दाने रखे जाते हैं, तो तुरंत कोई स्वाद नहीं आता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि स्वाद कलिकाएँ (taste buds) भोजन में मौजूद रसायनों को तभी महसूस कर पाती हैं जब वे लार (saliva) में घुल जाते हैं। लार की अनुपस्थिति में, चीनी के दाने घुल नहीं पाते और स्वाद का अनुभव नहीं होता।

आँख बंद करके स्वाद पहचानो - प्रश्न 6

शीशे के सामने खड़े होकर अपनी जीभ की सतह को ध्यान से देखो। कैसी दिखती है? क्या जीभ पर कुछ दाने दाने जैसे दिखते हैं?
Solution:

हाँ, जब हम शीशे के सामने अपनी जीभ की सतह को ध्यान से देखते हैं, तो उस पर छोटे-छोटे दाने जैसे उभार दिखाई देते हैं। ये उभार 'पैपिला' (papillae) कहलाते हैं, और इन्हीं पर स्वाद कलिकाएँ (taste buds) स्थित होती हैं जो हमें स्वाद का अनुभव कराती हैं।

चर्चा करो - प्रश्न 1

अगर कोई हम से पूछे कि कच्चे आँवले या खीरे का क्या स्वाद है तो हमें सोचना पड़ेगा। तुम खाने की इन चीजों-टमाटर, प्याज, सौंफ, लौंग, आदि का क्या स्वाद बताओगे? स्वाद बताने के लिए कुछ शब्द ढूँढो और खुद से सोचकर बनाओ।
Solution:

यहाँ कुछ खाद्य पदार्थों के स्वाद का वर्णन दिया गया है:

  • टमाटर: खट्टा-मीठा, रसीला
  • प्याज: तीखा, थोड़ा कड़वा (कच्चा), मीठा (पका हुआ)
  • सौंफ: मीठा, सुगंधित, ताज़गी देने वाला
  • लौंग: कड़वा, तीखा, सुगंधित

चर्चा करो - प्रश्न 2

कुछ चीजें चखने के बाद झुम्पा बोली सी-सी-सी। सोचो, उसने क्या खाया होगा?
Solution:

जब कोई 'सी-सी-सी' जैसी आवाज निकालता है, तो इसका मतलब है कि उसने कुछ बहुत खट्टा या तीखा खाया होगा। इस संदर्भ में, झुम्पा ने शायद नींबू या कोई बहुत खट्टी चीज खाई होगी।

चर्चा करो - प्रश्न 3

तुम भी इसी तरह कुछ खाने के स्वादों के लिए आवाजें निकालो। अपने साथी से कहो कि वह तुम्हारे हाव-भाव देखकर अनुमान लगाए कि तुमने क्या खाया होगा।
Solution:

यह एक मजेदार गतिविधि है जिसे छात्रों को अपने साथियों के साथ करना है। उदाहरण के लिए, मीठे के लिए 'आह', खट्टे के लिए 'ईईई', कड़वे के लिए 'उह्ह्ह' या तीखे के लिए 'ओह्ह्ह' जैसी आवाजें और हाव-भाव निकाले जा सकते हैं।

चर्चा करो - प्रश्न 4 (क)

पहले रोटी का टुकड़ा या फिर कुछ चावल मुँह में डालो और तीन-चार बार चबाकर निगल जाओ। (क) क्या चबाने से स्वाद में बदलाव आया?
Solution:

जब रोटी या चावल के टुकड़े को केवल तीन-चार बार चबाकर निगला जाता है, तो स्वाद में बहुत कम या कोई बदलाव महसूस नहीं होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भोजन को पूरी तरह से लार के साथ मिलने और उसके रासायनिक परिवर्तन शुरू होने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता है।

चर्चा करो - प्रश्न 4 (ख)

अब रोटी का टुकड़ा या कुछ चावल मुँह में डालो और 20-25 बार चबाओ। क्या देर तक चबाने से स्वाद में बदलाव आया?
Solution:

हाँ, जब रोटी या चावल के टुकड़े को 20-25 बार या उससे अधिक देर तक चबाया जाता है, तो स्वाद में बदलाव आता है। भोजन मीठा लगने लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि चबाने के दौरान भोजन में मौजूद स्टार्च (carb) लार में मौजूद एंजाइम (amylase) की मदद से शर्करा (sugar) में टूटने लगता है, जिससे मीठा स्वाद आता है।

चर्चा करो - प्रश्न 1

घर में लोग तुम्हें कहते होंगे, खाना धीरे-धीरे खाओ, ठीक से चबाओ, खाना अच्छे से पचेगा। सोचो, वे ऐसा क्यों कहते होंगे?
Solution:

घर के बड़े-बुजुर्ग ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि खाना धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाने से पाचन क्रिया सुचारू रूप से होती है। जब भोजन को अच्छी तरह चबाया जाता है, तो वह छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाता है और लार के साथ अच्छी तरह मिल जाता है। इससे भोजन पेट में आसानी से पच जाता है और पोषक तत्व शरीर द्वारा बेहतर तरीके से अवशोषित हो पाते हैं। ठीक से न चबाने पर अपच, पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

चर्चा करो - प्रश्न 2

जब तुम कोई सख्त चीज जैसे अमरूद, खाते हो तो उसे मुँह में डालने से लेकर निगलने तक कौन-से बदलाव आते हैं और कैसे? सोचो, हमारे मुँह में लार क्या-क्या काम करती होगी?
Solution:

जब हम अमरूद जैसी सख्त चीज खाते हैं, तो मुँह में डालने पर वह पहले सख्त और कभी-कभी कसैला या हल्का कड़वा महसूस होता है। जैसे-जैसे हम उसे चबाते हैं, लार (saliva) उसमें मिलती है। लार अमरूद को मुलायम बनाती है और उसमें मौजूद स्टार्च को धीरे-धीरे शर्करा में बदलने लगती है, जिससे उसका स्वाद थोड़ा मीठा होने लगता है। चबाने से वह छोटे टुकड़ों में बंट जाता है जिसे निगलना आसान हो जाता है।

हमारे मुँह में लार के मुख्य कार्य हैं:

  • भोजन को गीला और मुलायम बनाना ताकि उसे आसानी से चबाया और निगला जा सके।
  • भोजन में मौजूद स्टार्च को शर्करा में तोड़ना, जिससे पाचन शुरू हो जाता है।
  • स्वाद कलिकाओं को सक्रिय करने में मदद करना ताकि हम भोजन का स्वाद ले सकें।
  • मुँह को साफ रखना और हानिकारक बैक्टीरिया को पनपने से रोकना।

दिल की बात - प्रश्न 1

तुम्हें क्या लगता है शरीर में खाना कहाँ-कहाँ जाता होगा? दिए गए चित्र में खाना जाने का रास्ता अपने मन से बनाओ। अपने साथी का चित्र भी देखो। क्या तुम्हारा चित्र और साथी का चित्र एक जैसा है या अलग?
Solution:

हमारे शरीर में खाना मुँह से शुरू होकर ग्रासनली (esophagus) से होते हुए पेट (stomach) में जाता है। पेट से यह छोटी आंत (small intestine), फिर बड़ी आंत (large intestine) और अंत में मलद्वार (anus) से बाहर निकल जाता है। यह एक सामान्य मार्ग है। छात्रों को दिए गए चित्र में इस मार्ग को बनाना होगा और अपने साथी के चित्र से तुलना करनी होगी। आमतौर पर, यह मार्ग सभी के लिए समान होता है।

दिल की बात - प्रश्न 2

क्या तुमने किसी को कहते सुना है, मेरे पेट में चूहे कूद रहे हैं। तुम्हें क्या लगता है, भूख लगने पर सचमुच पेट में चूहे कूदते हैं?
Solution:

हाँ, मैंने अक्सर लोगों को यह कहते सुना है कि 'पेट में चूहे कूद रहे हैं'। लेकिन, भूख लगने पर सचमुच पेट में चूहे नहीं कूदते। यह एक मुहावरा है जिसका अर्थ है कि बहुत तेज भूख लगी है। जब हमें भूख लगती है, तो पेट में कुछ हलचल या ऐंठन जैसी महसूस होती है, जिसे व्यक्त करने के लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।

दिल की बात - प्रश्न 3

तुम्हें कैसे पता चलता है कि तुम्हें भूख लगी है?
Solution:

मुझे भूख लगी है, यह पता चलने के कई तरीके हैं। सबसे आम संकेत है पेट में खालीपन महसूस होना, कभी-कभी पेट में हल्की ऐंठन या गुड़गुड़ाहट की आवाज आना। इसके अलावा, कमजोरी महसूस होना या किसी खास भोजन को खाने की तीव्र इच्छा होना भी भूख लगने के संकेत हैं।

दिल की बात - प्रश्न 4

सोचो, अगर तुम दो दिन तक कुछ भी न खाओ तो क्या होगा?
Solution:

अगर मैं दो दिनों तक कुछ भी न खाऊं, तो मुझे बहुत कमजोरी महसूस होगी। शरीर को ऊर्जा नहीं मिलेगी, जिससे काम करने की शक्ति कम हो जाएगी। सिरदर्द हो सकता है, चक्कर आ सकते हैं और मैं बीमार महसूस कर सकता हूँ। लंबे समय तक भोजन न करने से स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

Common mistakes

  • स्वाद और गंध के बीच अंतर को न समझना।
  • जीभ के सभी हिस्सों से समान रूप से स्वाद का अनुभव करने की गलत धारणा।
  • भोजन को ठीक से न चबाने के परिणामों को कम आंकना।
  • पाचन प्रक्रिया को केवल पेट तक सीमित समझना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को ध्यान से पढ़ें और समझें कि उसमें कौन सा स्वाद या प्रक्रिया बताई गई है।
  • जीभ के विभिन्न हिस्सों और उनके द्वारा महसूस किए जाने वाले स्वादों के बारे में दी गई जानकारी को याद करें।
  • चबाने और पाचन के बीच संबंध को समझने के लिए समाधानों में दिए गए उदाहरणों पर विचार करें।
  • भूख लगने पर शरीर में होने वाली अनुभूतियों को अपने अनुभवों से जोड़कर याद करें।

Practice MCQs

Q1. इमली का स्वाद कैसा होता है?

Q2. किसी चीज़ को केवल सूंघकर पहचानने में गंध की क्या भूमिका है?

Q3. जीभ के किस हिस्से में स्वाद का पता सबसे ज़्यादा चलता है?

Q4. लार (Saliva) भोजन के पाचन में क्या भूमिका निभाती है?

Q5. रोटी या चावल को देर तक चबाने पर उसका स्वाद कैसा हो जाता है?

Q6. पेट में चूहे कूदना' मुहावरे का क्या अर्थ है?

Frequently asked questions

कक्षा 5 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 'चखने से पचने तक' में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?

इस अध्याय में मुख्य रूप से विभिन्न खाद्य पदार्थों के स्वाद (मीठा, खट्टा, कड़वा), गंध की भूमिका, जीभ के विभिन्न हिस्सों द्वारा स्वाद का अनुभव, भोजन को चबाने का महत्व, लार की भूमिका और पाचन की प्रारंभिक प्रक्रिया को शामिल किया गया है।

क्या ये समाधान कक्षा 5 के CBSE पाठ्यक्रम के अनुसार हैं?

हाँ, ये समाधान विशेष रूप से CBSE कक्षा 5 के सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम के अध्याय 'चखने से पचने तक' के लिए NCERT पाठ्यपुस्तक पर आधारित हैं।

इन समाधानों से छात्रों को क्या लाभ होगा?

ये समाधान छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझने, प्रश्नों के उत्तर देने का तरीका सीखने और परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे। इनमें विस्तृत स्पष्टीकरण शामिल हैं जो विषय की गहरी समझ प्रदान करते हैं।

क्या समाधानों में केवल प्रश्न और उत्तर दिए गए हैं?

नहीं, समाधानों में प्रत्येक प्रश्न के लिए विस्तृत स्पष्टीकरण, चरण-दर-चरण प्रक्रिया (जहाँ लागू हो), और अतिरिक्त जानकारी शामिल है ताकि छात्र विषय को अच्छी तरह समझ सकें।

क्या इन समाधानों का उपयोग करके छात्र स्वाद और पाचन के बारे में सीख सकते हैं?

हाँ, ये समाधान छात्रों को स्वाद की इंद्रियों, जीभ की भूमिका, भोजन को चबाने की प्रक्रिया और पाचन तंत्र की मूल बातों को समझने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

क्या 'पेट में चूहे कूदना' एक वास्तविक स्थिति है?

नहीं, 'पेट में चूहे कूदना' एक मुहावरा है जिसका अर्थ है बहुत तेज भूख लगना। यह पेट में होने वाली वास्तविक हलचल को व्यक्त करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.