CBSE Class 5 Hindi NCERT Solutions: Chapter 18 - चुनौती हिमालय की
CBSE कक्षा 5 हिंदी के अध्याय 18, 'चुनौती हिमालय की' के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत हैं। यह अध्याय विशेष रूप से हिमालय जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और ऐसे इलाकों में यात्राओं से जुड़ी चुनौतियों का अन्वेषण करता है। इसमें छात्रों को मानचित्र पर स्थानों का पता लगाने, यात्रा व्यवस्थाओं पर विचार करने और पहाड़ी परिदृश्यों के भौगोलिक और भावनात्मक पहलुओं को समझने के लिए प्रोत्साहित करने वाले प्रश्न शामिल हैं। समाधानों में कठिनाइयों का सामना करने, चित्रों और शब्दों का उपयोग करके 'कोलाज' की कलात्मक अवधारणा, और यात्रा के अनुभवों पर व्यक्तिगत चिंतन पर भी चर्चा की गई है। ये समाधान अध्याय की सामग्री की समझ को बढ़ाने, चुनौतियों के बारे में आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखते हैं, जिससे वे परीक्षा की तैयारी और रोमांच की भावना को समझने के लिए एक मूल्यवान संसाधन बन जाते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 5 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 18 |
Chapter summary
Chapter 18, 'Chunauti Himalay Ki', focuses on the Himalayas and the experiences of undertaking a challenging journey there. The NCERT Solutions cover map-based questions about locations like Ladakh and Tibet, discussions on the perception of mountainous landscapes, and the importance of courage in facing difficulties. It also introduces the concept of creating collages from images and words related to mountains and encourages students to recall their own travel experiences. The solutions provide clear answers to questions about the challenges faced during such expeditions.
Learning outcomes
- Understand the geographical locations mentioned in the chapter, such as Ladakh and Tibet.
- Analyze the reasons why mountainous regions might appear desolate or vibrant.
- Discuss the importance of courage and perseverance when facing difficult journeys.
- Learn about the art of creating a collage using pictures and descriptive words.
- Reflect on personal travel experiences and compare them to the narrative.
- Explain the safety measures taken during mountain expeditions, like using ropes.
Topics covered
Paper topics
- Geographical locations (Ladakh, Tibet)
- Mountainous landscapes
- Challenges of travel
- Courage and perseverance
- Collage making (pictures and words)
- Personal travel experiences
- Safety measures in mountains
- Map reading
Important topics
- Understanding geographical locations on a map
- The spirit of facing challenges
- Creative expression through collages
- Safety precautions during expeditions
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
(क) लद्दाख जम्मू-कश्मीर राज्य में है। ऊपर दिए भारत के नक्शे में हूँढ़ो कि लद्दाख कहाँ है और तुम्हारा घर कहाँ है?
(ख) अनुमान लगाओ कि तुम जहाँ रहते हो वहाँ से लद्दाख पहुँचने में कितने दिन लग सकते हैं और वहाँ किन-किन ज़रियों से पहुँचा जा सकता है?
(ग) किताब के शुरू में तुमने तिब्बती लोककथा 'राख की रस्सी' पढ़ी थी। नक्शे में तिब्बत को ढूँढ़ो।
उत्तर:
यह प्रश्न छात्रों को मानचित्र का उपयोग करके भौगोलिक स्थानों की पहचान करने और यात्रा की योजना बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
(क) छात्रों को अपने शिक्षक या उपलब्ध भारत के मानचित्र की सहायता से लद्दाख और अपने निवास स्थान की स्थिति का पता लगाना चाहिए।
(ख) लद्दाख पहुँचने में लगने वाले दिनों का अनुमान और वहाँ पहुँचने के साधनों (जैसे हवाई जहाज, बस, या अन्य वाहन) पर विचार करना चाहिए। यह अनुमान छात्र के वर्तमान स्थान पर निर्भर करेगा।
(ग) छात्रों को मानचित्र में तिब्बत का स्थान खोजना चाहिए, जो कि लद्दाख के पूर्व में स्थित है।
प्रश्न 1
(क) बर्फ से ढके चट्टानी पहाड़ों के उदास और फीके लगने की क्या वजह हो सकती थी?
(ख) बताओ, ये जगहें कब उदास और फीकी लगती हैं और यहाँ कब रौनक होती है?
घर बाज़ार स्कूल खेत
उत्तर:
(क) बर्फ से ढके चट्टानी पहाड़ों के उदास और फीके लगने की मुख्य वजह यह हो सकती है कि वहाँ हरियाली की कमी होती है, वनस्पति बहुत कम होती है, और अत्यधिक ठंड के कारण लोगों का आना-जाना भी सीमित होता है।
(ख) विभिन्न स्थानों के उदास और रौनक वाले समय इस प्रकार हैं:
- घर: घर तब उदास और फीका लगता है जब घर के सदस्य बाहर गए होते हैं। घर में रौनक तब होती है जब सभी सदस्य घर पर मौजूद होते हैं, आपस में बात करते हैं और खुश रहते हैं।
- बाज़ार: बाज़ार दोपहर के समय या जब खरीददारी कम होती है, तब फीका लग सकता है। शाम के समय, त्योहारों पर या जब बहुत से लोग खरीदारी करने आते हैं, तब बाज़ार में रौनक होती है।
- स्कूल: स्कूल तब फीका लगता है जब बच्चों की छुट्टी होती है या स्कूल बंद होता है। जब बच्चे स्कूल में होते हैं, पढ़ते हैं और खेलते हैं, तब स्कूल में रौनक ही रौनक होती है।
- खेत: खेत फसल कटने के बाद या जब वे खाली पड़े होते हैं (परती), तब उदास और फीके लगते हैं। जब खेत लहलहाती फसलों से भरे होते हैं, तब उनमें रौनक होती है।
प्रश्न 2
जवाहरलाल को इस कठिन यात्रा के लिए तैयार नहीं होना चाहिए। तुम इससे सहमत हो तो भी तर्क दो, नहीं हो तो भी तर्क दो। अपने तर्कों को तुम कक्षा के सामने प्रस्तुत भी कर सकते हो।
उत्तर:
मैं इस कथन से सहमत नहीं हूँ कि जवाहरलाल को इस कठिन यात्रा के लिए तैयार नहीं होना चाहिए। इसके पक्ष में मेरे तर्क इस प्रकार हैं:
- कठिनाइयों का सामना: रास्ते की कठिनाइयों का पहले से अनुमान लगाकर उनसे मुँह मोड़ लेना सही नहीं है। हमें हमेशा कठिनाइयों को एक चुनौती के रूप में स्वीकार करना चाहिए और उनका सामना करने का प्रयास करना चाहिए।
- आत्मविश्वास और जोश: मनुष्य के अंदर इतना आत्मविश्वास और जोश होना चाहिए कि वह कठिनाइयों को पार करने का प्रयास करे। यदि संभव हो तो उन्हें पार करें, और यदि आगे बढ़ना बिल्कुल असंभव हो जाए, तभी वापस मुड़ने का विचार करें।
- गर्व का अनुभव: इस तरह प्रयास करने से हमें अफसोस नहीं होगा, बल्कि अपने आप पर गर्व महसूस होगा कि हमने मुश्किलों का सामना किया।
- महानता का प्रतीक: जवाहरलाल ने वही किया जो एक साहसी और महान व्यक्ति करता है - उन्होंने चुनौती स्वीकार की और आगे बढ़े।
इस प्रकार, कठिन यात्राओं के लिए तैयार होना और उनका सामना करना आवश्यक है, न कि उनसे बचना।
प्रश्न 1
तुम मिलकर पहाड़ों का एक कोलाज बनाओ। इसके लिए पहाड़ों से जुड़ी विभिन्न तस्वीरें इकट्ठा करो- पर्वतारोहण, चट्टान, पहाड़ों के अलग-अलग नज़ारे, चोटी, अलग-अलग किस्म के पहाड़। अब इन्हें एक बड़े से कागज़ पर पहाड़ के आकार में ही चिपकाओ।
उत्तर:
यह एक रचनात्मक गतिविधि है जिसे छात्रों को समूह में करना है।
कार्यविधि:
- छात्र विभिन्न स्रोतों (जैसे पत्रिकाओं, पुस्तकों, या इंटरनेट) से पर्वतारोहण, चट्टानों, पहाड़ी दृश्यों, चोटियों और विभिन्न प्रकार के पहाड़ों से संबंधित तस्वीरें एकत्र करेंगे।
- इन तस्वीरों को एक बड़े कागज़ पर इस तरह से चिपकाया जाएगा कि वे मिलकर एक बड़े पहाड़ का आकार बना दें।
- छात्र इस कोलाज को अपनी कक्षा की दीवार पर प्रदर्शित कर सकते हैं।
यह गतिविधि पहाड़ों के विभिन्न पहलुओं को देखने और समझने में मदद करती है।
प्रश्न 2
अब इन चित्रों पर आधारित शब्दों का एक कोलाज बनाओ। कोलाज में ऐसे शब्द हों जो इन चित्रों का वर्णन कर पा रहे हों या मन में उठने वाली भावनाओं को बता रहे हों। अब इन दोनों कोलाजों को कक्षा में प्रदर्शित करो।
उत्तर:
यह पहली गतिविधि का अगला चरण है, जिसमें शब्दों का उपयोग करके एक कोलाज बनाया जाएगा।
कार्यविधि:
- छात्र पहले बनाए गए चित्रों वाले कोलाज को देखेंगे।
- वे उन चित्रों का वर्णन करने वाले या उनसे जुड़ी भावनाओं को व्यक्त करने वाले शब्दों की सूची बनाएंगे। उदाहरण के लिए: 'ऊँचा', 'ठंडा', 'खतरनाक', 'सुंदर', 'शांति', 'साहस', 'चुनौती', 'बर्फ़ीला', 'चट्टानी', 'यात्रा', 'पर्वतरोही' आदि।
- इन शब्दों को भी एक कागज़ पर आकर्षक ढंग से व्यवस्थित किया जा सकता है, संभवतः एक पहाड़ के आकार में या चित्रों के साथ।
- अंत में, दोनों कोलाज (चित्रों वाले और शब्दों वाले) को कक्षा में एक साथ प्रदर्शित किया जाएगा।
यह गतिविधि छात्रों की शब्दावली और रचनात्मकता को बढ़ाती है।
प्रश्न 1
इस वृत्तांत को पढ़ते-पढ़ते तुम्हें भी अपनी कोई छोटी या लंबी यात्रा याद आ रही हो तो उसके बारे में लिखो।
उत्तर:
यह एक व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का प्रश्न है। छात्र अपनी किसी यात्रा के अनुभव को याद करके उसके बारे में लिख सकते हैं। उन्हें यात्रा के दौरान आई कठिनाइयों, देखे गए स्थानों, मिले लोगों और अपनी भावनाओं का वर्णन करना चाहिए। उदाहरण के लिए, वे अपनी किसी पारिवारिक यात्रा, स्कूल ट्रिप या किसी अन्य यात्रा का वर्णन कर सकते हैं।
प्रश्न 2
जवाहरलाल को अमरनाथ तक का सफर अधूरा क्यों छोड़ना पड़ा?
उत्तर:
जवाहरलाल को अमरनाथ तक का सफर अधूरा इसलिए छोड़ना पड़ा क्योंकि आगे का रास्ता बहुत ही कठिन और खतरनाक था। रास्ते में अनेक गहरी और चौड़ी खाइयाँ थीं, जिन्हें पार करने के लिए उनके पास उचित और पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं थे। इन परिस्थितियों में आगे बढ़ना संभव नहीं था।
प्रश्न 3
जवाहरलाल, किशन और कुली सभी रस्सी से क्यों बँधे थे?
उत्तर:
जवाहरलाल, किशन और कुली सभी रस्सी से इसलिए बँधे थे ताकि वे सुरक्षित रह सकें। पहाड़ी रास्तों पर, खासकर जहाँ ढलान या खाई हो, पैर फिसलने का खतरा रहता है। रस्सी से बंधे होने पर यदि कोई एक व्यक्ति फिसल कर गिरता है, तो वह खाई में पूरी तरह से नहीं गिरेगा, बल्कि रस्सी के सहारे लटका रहेगा। इससे अन्य साथी उसे सुरक्षित ऊपर खींच सकते हैं। जवाहरलाल के साथ ऐसी ही एक घटना हुई थी, जब रस्सी के सहारे ही किशन और कुली ने उन्हें खाई से बचाया था। यह एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है।
Common mistakes
- Difficulty in locating places on a map.
- Underestimating the challenges of mountain travel.
- Not understanding the concept of a collage.
- Inability to articulate personal travel experiences coherently.
Revision tips
- Review the map questions carefully to identify geographical locations.
- Think about the reasons for the 'sad and dull' appearance of mountains versus their 'lively' state.
- Understand the rationale behind using ropes for safety in treacherous mountain paths.
- Practice creating a word collage based on descriptive terms related to mountains.
- Recall and write about a personal journey, focusing on challenges and feelings.
Practice MCQs
Q1. लद्दाख भारत के किस राज्य में स्थित है?
Explanation: पाठ के अनुसार, लद्दाख जम्मू-कश्मीर राज्य में स्थित है। यह प्रश्न मानचित्र पर स्थानों की पहचान करने की क्षमता का परीक्षण करता है।
Q2. पहाड़ी इलाके 'उदास और फीके' क्यों लग सकते हैं?
Explanation: बर्फीले और चट्टानी पहाड़ों पर हरियाली की कमी और कम आवाजाही के कारण वे उदास और फीके लग सकते हैं।
Q3. कठिनाइयों का सामना करने के बारे में लेखक का क्या विचार है?
Explanation: लेखक का मानना है कि हमें कठिनाइयों से मुँह नहीं मोड़ना चाहिए, बल्कि आत्मविश्वास और जोश के साथ उनका सामना करना चाहिए।
Q4. कोलाज क्या होता है?
Explanation: कोलाज एक ऐसी तस्वीर होती है जिसे विभिन्न तस्वीरों के छोटे टुकड़ों को एक साथ चिपका कर बनाया जाता है।
Q5. जवाहरलाल को अमरनाथ तक का सफर अधूरा क्यों छोड़ना पड़ा?
Explanation: जवाहरलाल को अमरनाथ यात्रा बीच में ही छोड़नी पड़ी क्योंकि आगे का रास्ता गहरी खाइयों से भरा था और उसे पार करने के लिए आवश्यक सामग्री उनके पास उपलब्ध नहीं थी।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?
यह NCERT समाधान CBSE बोर्ड की कक्षा 5 के हिंदी विषय के लिए हैं, विशेष रूप से पाठ 18 'चुनौती हिमालय की' के लिए।
पाठ 18 'चुनौती हिमालय की' में मुख्य रूप से किन विषयों पर चर्चा की गई है?
इस पाठ में हिमालय जैसे पहाड़ी क्षेत्रों की यात्राओं की चुनौतियों, भौगोलिक स्थानों जैसे लद्दाख और तिब्बत की पहचान, और कठिनाइयों का सामना करने के साहस पर चर्चा की गई है। इसमें कोलाज बनाने की रचनात्मक गतिविधि भी शामिल है।
क्या इन समाधानों में मानचित्र से संबंधित प्रश्न हैं?
हाँ, इन समाधानों में ऐसे प्रश्न शामिल हैं जो छात्रों को भारत के नक्शे पर लद्दाख जैसे स्थानों को खोजने और अपने घर की स्थिति की पहचान करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
कोलाज बनाने की गतिविधि का क्या उद्देश्य है?
कोलाज बनाने की गतिविधि का उद्देश्य छात्रों को पहाड़ों से संबंधित विभिन्न तस्वीरों और शब्दों को इकट्ठा करके रचनात्मक रूप से व्यक्त करने का अवसर देना है, जिससे वे पाठ की विषय-वस्तु को बेहतर ढंग से समझ सकें।
जवाहरलाल को अपनी यात्रा क्यों अधूरी छोड़नी पड़ी?
जवाहरलाल को अपनी यात्रा अधूरी छोड़नी पड़ी क्योंकि आगे का रास्ता बहुत खतरनाक था, जिसमें गहरी खाइयाँ थीं, और उनके पास उन खाइयों को पार करने के लिए पर्याप्त या उचित साधन नहीं थे।
पहाड़ों पर यात्रा करते समय रस्सी से बंधने का क्या महत्व है?
रस्सी से बंधना एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है। यदि किसी का पैर फिसल जाए या वह गिर जाए, तो रस्सी उसे गिरने से बचा सकती है और टीम के अन्य सदस्य उसे सुरक्षित बाहर निकाल सकते हैं।
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