कक्षा 12 रसायन विज्ञान: दैनिक जीवन में रसायन NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 'दैनिक जीवन में रसायन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें नींद की गोलियों के उपयोग, रैनिटिडीन के प्रति-अम्ल गुण, कृत्रिम मधुरकों की आवश्यकता, साबुन बनाने की प्रक्रिया और विभिन्न प्रकार के डिटर्जेंट की संरचना जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को इन अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है। यह संसाधन परीक्षा की तैयारी और रसायन विज्ञान की व्यावहारिक समझ को मजबूत करने के लिए अत्यंत उपयोगी है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | रसायन विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 16. दैनिक जीवन में रसायन |
Chapter summary
अध्याय 16, 'दैनिक जीवन में रसायन', दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले विभिन्न रसायनों पर केंद्रित है। यह खंड नींद की गोलियों के औषधीय प्रभाव, रैनिटिडीन जैसे प्रति-अम्लों के कार्य, कृत्रिम मधुरकों के महत्व, साबुन निर्माण की रासायनिक अभिक्रियाओं और विभिन्न प्रकार के डिटर्जेंट की संरचना और गुणों की व्याख्या करता है। समाधान छात्रों को इन रसायनों के अनुप्रयोगों और उनके पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझने में सहायता करते हैं।
Learning outcomes
- नींद लाने वाली गोलियों के अनियंत्रित उपयोग के खतरों को समझना।
- रैनिटिडीन जैसे औषधियों के वर्गीकरण के आधार को पहचानना।
- कृत्रिम मधुरकों की आवश्यकता और उनके उपयोग को स्पष्ट करना।
- साबुन बनाने की रासायनिक अभिक्रियाओं को लिखना।
- अनायनिक अपमार्जकों में जलरागी और जलविरागी हिस्सों की पहचान करना।
Topics covered
Paper topics
- दैनिक जीवन में रसायन
- औषधियाँ
- नींद लाने वाली गोलियाँ
- प्रशांतक
- प्रति-अम्ल
- रैनिटिडीन
- कृत्रिम मधुरक
- साबुन
- ग्लिसरिल पामिटेट
- ग्लिसरिल ओलिएट
- अपमार्जक
- अनायनिक अपमार्जक
Important topics
- दैनिक जीवन में प्रयुक्त औषधियों के प्रकार और उनके प्रभाव
- कृत्रिम मधुरकों का महत्व और उपयोग
- साबुन और डिटर्जेंट के निर्माण की रासायनिक प्रक्रिया
- अपमार्जकों की संरचना और कार्यप्रणाली
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
नींद लाने वाली गोलियाँ, जिन्हें प्रशांतक (tranquilizers) या अवसादक (depressants) भी कहा जाता है, तंत्रिका तंत्र पर कार्य करती हैं। ये गोलियाँ चिंता, तनाव, क्षोभ या अत्यधिक उत्तेजना जैसी मानसिक स्थितियों से राहत दिलाने में मदद करती हैं। हालांकि, इनका उपयोग केवल एक योग्य चिकित्सक के मार्गदर्शन में ही किया जाना चाहिए। यदि इन गोलियों का सेवन बिना परामर्श के, अनियंत्रित मात्रा में या अधिक खुराक में किया जाता है, तो यह शरीर और मस्तिष्क के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकता है। उच्च मात्रा में, ये औषधियाँ विष के समान कार्य कर सकती हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
प्रश्न 2
यह वक्तव्य कि 'रैनिटिडीन प्रति-अम्ल है', औषधियों के वर्गीकरण के भेषजगुणविज्ञानीय (pharmacological) प्रभाव के आधार पर दिया गया है। रैनिटिडीन पेट में उत्पन्न होने वाले अतिरिक्त अम्ल की मात्रा को कम करके या उसे उदासीन करके काम करता है। कोई भी ऐसी औषध जो शरीर में अम्ल की अधिकता का प्रतिकार करती है या उसे कम करती है, उसे प्रति-अम्ल (antacid) कहा जाता है।
प्रश्न 3
हमें कृत्रिम मधुरकों की आवश्यकता मुख्य रूप से दो कारणों से पड़ती है:
- कैलोरी नियंत्रण: प्राकृतिक मधुरक जैसे सुक्रोज (चीनी) शरीर को कैलोरी प्रदान करते हैं। कृत्रिम मधुरक बिना अतिरिक्त कैलोरी प्रदान किए मिठास देते हैं, जिससे ग्रहण की गई कैलोरी की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
- मधुमेह रोगियों के लिए विकल्प: मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित व्यक्तियों के लिए अधिक कैलोरी और शर्करा का सेवन हानिकारक होता है। कृत्रिम मधुरक उनके लिए शर्करा के एक सुरक्षित विकल्प के रूप में कार्य करते हैं, जिससे वे मिठास का आनंद ले सकते हैं बिना रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाए।
प्रश्न 4
- (C15H31COO)3C3H5 — ग्लिसरिल पामिटेट
- (C17H33COO)3C3H5 — ग्लिसरिल ओलिएट
साबुन बनाने की प्रक्रिया को साबुनीकरण (saponification) कहते हैं। इसमें वसा या तेल (जो फैटी एसिड के ग्लिसरॉल एस्टर होते हैं) की कास्टिक क्षार (जैसे सोडियम हाइड्रॉक्साइड) के साथ अभिक्रिया कराई जाती है।
1. ग्लिसरिल पामिटेट से सोडियम पामिटेट (साबुन) बनाना:
ग्लिसरिल पामिटेट, जो पामिटिक एसिड का ट्राइग्लिसराइड है, सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) के साथ अभिक्रिया करके सोडियम पामिटेट (एक प्रकार का साबुन) और ग्लिसरॉल बनाता है।
CH_2-O-CO-C_{15}H_{31} | CH-O-CO-C_{15}H_{31} + 3NaOH \xrightarrow{\text{गर्म}} 3 C_{15}H_{31}COONa + CH_2-OH | CH_2-O-CO-C_{15}H_{31}
(ग्लिसरिल पामिटेट) (सोडियम पामिटेट) (ग्लिसरॉल)
2. ग्लिसरिल ओलिएट से सोडियम ओलिएट (साबुन) बनाना:
ग्लिसरिल ओलिएट, जो ओलिक एसिड का ट्राइग्लिसराइड है, सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) के साथ अभिक्रिया करके सोडियम ओलिएट (एक प्रकार का साबुन) और ग्लिसरॉल बनाता है।
CH_2-O-CO-C_{17}H_{33} | CH-O-CO-C_{17}H_{33} + 3NaOH \xrightarrow{\text{गर्म}} 3 C_{17}H_{33}COONa + CH-OH | CH_2-O-CO-C_{17}H_{33}
(ग्लिसरिल ओलिएट) (सोडियम ओलिएट) (ग्लिसरॉल)
प्रश्न 5
दिए गए अणु का सूत्र है: C_9H_{19} O(CH_2CH_2O)_xCH_2CH_2OH
इस अणु में दो मुख्य भाग होते हैं:
1. जलविरागी (Hydrophobic) या जल-विरोधी हिस्सा: यह अणु का वह भाग है जो पानी से दूर रहता है और तेल या ग्रीस जैसे अध्रुवीय पदार्थों में घुलनशील होता है। इस अणु में, लंबी एल्किल श्रृंखला C_9H_{19} जलविरागी हिस्सा है।
2. जलरागी (Hydrophilic) या जल-स्नेही हिस्सा: यह अणु का वह भाग है जो पानी के साथ अंतःक्रिया करता है और पानी में घुलनशील होता है। इस अणु में, पॉलीऑक्सीएथिलीन श्रृंखला (CH_2CH_2O)_xCH_2CH_2OH जलरागी हिस्सा है।
प्रकार्यात्मक समूह:
इस अणु में ईथर (C-O-C) प्रकार्यात्मक समूह (पॉलीऑक्सीएथिलीन श्रृंखला में) और ऐल्कोहॉल (-OH) प्रकार्यात्मक समूह (अंतिम छोर पर) उपस्थित हैं।
Common mistakes
- नींद की गोलियों की अधिक मात्रा के दुष्प्रभावों को कम आंकना।
- साबुन बनाने की अभिक्रिया में अभिकारकों और उत्पादों को गलत लिखना।
- डिटर्जेंट में जलरागी और जलविरागी भागों को पहचानने में भ्रमित होना।
Revision tips
- प्रत्येक रसायन के औषधीय प्रभाव और वर्गीकरण को सारणीबद्ध करें।
- साबुन और डिटर्जेंट बनाने की रासायनिक अभिक्रियाओं का अभ्यास करें।
- कृत्रिम मधुरकों और उनके लाभों पर ध्यान केंद्रित करें।
Practice MCQs
Q1. नींद लाने वाली गोलियाँ तंत्रिका तंत्र पर किस प्रकार कार्य करती हैं?
Explanation: नींद लाने वाली गोलियाँ प्रशांतक या अवसादक होती हैं जो तंत्रिका तंत्र को शांत करके चिंता, तनाव और उत्तेजना से राहत दिलाती हैं।
Q2. रैनिटिडीन को किस आधार पर प्रति-अम्ल वर्गीकृत किया गया है?
Explanation: रैनिटिडीन पेट में अतिरिक्त अम्ल को उदासीन करता है, इसलिए इसे भेषजगुणविज्ञानीय प्रभाव के आधार पर प्रति-अम्ल के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
Q3. कृत्रिम मधुरकों का एक मुख्य उपयोग क्या है?
Explanation: कृत्रिम मधुरक कैलोरी की मात्रा को नियंत्रित करने और मधुमेह के रोगियों के लिए शर्करा के सुरक्षित विकल्प के रूप में कार्य करते हैं।
Q4. साबुन बनाने की प्रक्रिया में ग्लिसरिल पामिटेट की अभिक्रिया किसके साथ कराई जाती है?
Explanation: ग्लिसरिल पामिटेट (एक वसा) की सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) के साथ अभिक्रिया से सोडियम पामिटेट (साबुन) और ग्लिसरॉल बनता है।
Q5. अनायनिक अपमार्जक में जलविरागी (Hydrophobic) हिस्सा कौन सा होता है?
Explanation: अनायनिक अपमार्जक में, लंबी एल्किल श्रृंखला (जैसे C9H19) जलविरागी (पानी से दूर रहने वाला) हिस्सा होती है।
Frequently asked questions
नींद लाने वाली गोलियों का सेवन चिकित्सक की सलाह के बिना क्यों नहीं करना चाहिए?
नींद लाने वाली गोलियाँ तंत्रिका तंत्र पर गहरा प्रभाव डालती हैं। इनकी अनियंत्रित या अधिक मात्रा शरीर और मस्तिष्क के लिए हानिकारक हो सकती है, और ये उच्च खुराक में विषैली भी हो सकती हैं।
रैनिटिडीन किस प्रकार कार्य करता है?
रैनिटिडीन पेट में उत्पन्न होने वाले अतिरिक्त अम्ल को उदासीन करके कार्य करता है, इसलिए इसे प्रति-अम्ल के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
कृत्रिम मधुरकों की आवश्यकता क्यों महसूस होती है?
कृत्रिम मधुरकों की आवश्यकता कैलोरी सेवन को नियंत्रित करने और मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों के लिए शर्करा के सुरक्षित विकल्प प्रदान करने के लिए होती है, क्योंकि प्राकृतिक मधुरक कैलोरी प्रदान करते हैं।
साबुन बनाने की प्रक्रिया क्या है?
साबुन वसा (जैसे ग्लिसरिल पामिटेट या ग्लिसरिल ओलिएट) की कास्टिक क्षार (जैसे सोडियम हाइड्रॉक्साइड) के साथ अभिक्रिया (saponification) द्वारा बनाए जाते हैं, जिससे साबुन (फैटी एसिड का सोडियम लवण) और ग्लिसरॉल प्राप्त होता है।
अनायनिक अपमार्जक में जलरागी और जलविरागी भाग क्या होते हैं?
अनायनिक अपमार्जक में, लंबी हाइड्रोकार्बन श्रृंखला (जैसे C9H19) जलविरागी (hydrophobic) भाग होती है, और पॉलीऑक्सीएथिलीन श्रृंखला के साथ जुड़ा हाइड्रॉक्सिल समूह जलरागी (hydrophilic) भाग होता है।
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