सीबीएसई कक्षा 12 इतिहास: पाठ 14 - विभाजन को समझना (राजनीति, स्मृति, अनुभव) NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 12 PDF

यह पृष्ठ सीबीएसई कक्षा 12 इतिहास के लिए पाठ 14, 'विभाजन को समझना: राजनीति, स्मृति, अनुभव' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें महाध्वंश, लखनऊ समझौते, द्वितीय विश्व युद्ध के प्रति कांग्रेस के दृष्टिकोण, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा विभाजन की स्वीकृति के कारणों, जिन्ना के द्वि-राष्ट्र सिद्धांत, 1937 के प्रांतीय चुनावों के प्रभाव, ब्रिटिश भारत के विभाजन के कारणों, मौखिक इतिहास की खूबियों और खामियों, और भारत विभाजन के परिणामस्वरूप महिलाओं पर पड़े विनाशकारी प्रभावों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए विषय की गहरी समझ विकसित करने और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करने में मदद करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectइतिहास
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter14. विभाजन को समझना (राजनीति, स्मृति, अनुभव)

Chapter summary

यह खंड कक्षा 12 इतिहास के पाठ 'विभाजन को समझना' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें महाध्वंश, लखनऊ समझौता, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कांग्रेस की भूमिका, विभाजन की स्वीकृति के कारण, जिन्ना का द्वि-राष्ट्र सिद्धांत, 1937 के चुनावों का प्रभाव, विभाजन के कारण, मौखिक इतिहास का महत्व और सीमाएं, तथा विभाजन के दौरान महिलाओं के अनुभवों जैसे विषयों पर केंद्रित प्रश्न और उत्तर शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने और विश्लेषण करने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • महाध्वंश और लखनऊ समझौते जैसी ऐतिहासिक घटनाओं को परिभाषित करना सीखें।
  • द्वितीय विश्व युद्ध के प्रति भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के रुख को समझें।
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा विभाजन स्वीकार करने के कारणों का विश्लेषण करें।
  • जिन्ना के द्वि-राष्ट्र सिद्धांत की व्याख्या करें।
  • 1937 के प्रांतीय चुनावों के सांप्रदायिकता पर पड़ने वाले प्रभावों का मूल्यांकन करें।
  • ब्रिटिश भारत के विभाजन के विभिन्न कारणों की पहचान करें।
  • मौखिक इतिहास के लाभ और सीमाओं पर चर्चा करें।
  • भारत विभाजन के कारण महिलाओं पर पड़े गंभीर प्रभावों का वर्णन करें।

Topics covered

Paper topics

  • महाध्वंश
  • लखनऊ समझौता
  • द्वितीय विश्व युद्ध और कांग्रेस
  • विभाजन की स्वीकृति
  • जिन्ना का द्वि-राष्ट्र सिद्धांत
  • 1937 के प्रांतीय चुनाव
  • ब्रिटिश भारत का विभाजन
  • मौखिक इतिहास
  • विभाजन और महिलाएँ
  • सांप्रदायिकता
  • राजनीति, स्मृति और अनुभव

Important topics

  • विभाजन के कारण
  • विभाजन के परिणाम (विशेषकर महिलाओं पर)
  • जिन्ना का द्वि-राष्ट्र सिद्धांत
  • 1937 के चुनावों का प्रभाव
  • मौखिक इतिहास का महत्व और सीमाएं
  • महाध्वंश और लखनऊ समझौता

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्र.1 महाध्वंश से क्या तात्पर्य है।

महाध्वंश से क्या तात्पर्य है?
Solution: महाध्वंश शब्द का अर्थ है 'सामूहिक जनसंहार'। यह एक ऐसी भयावह स्थिति को दर्शाता है जहाँ बड़ी संख्या में लोगों को व्यवस्थित रूप से मार दिया जाता है। इसका एक प्रमुख ऐतिहासिक उदाहरण नाजी शासन के दौरान जर्मनी में सरकारी निकायों द्वारा किया गया नरसंहार है।

प्र.2 लखनऊ समझौता क्या था ?

लखनऊ समझौता क्या था?
Solution: लखनऊ समझौता वर्ष 1916 में लखनऊ शहर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच संपन्न हुआ एक महत्वपूर्ण राजनीतिक समझौता था। इस समझौते का उद्देश्य दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच आपसी तालमेल और सहयोग को बढ़ावा देना था, जिससे एक संयुक्त राजनीतिक मंच तैयार हो सके।

प्र.3 द्वितीय विश्वयुद्ध के प्रति भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का क्या द्रष्टिकोण था ?

द्वितीय विश्वयुद्ध के प्रति भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का क्या दृष्टिकोण था?
Solution: द्वितीय विश्वयुद्ध के प्रति भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दृष्टिकोण सशर्त था। कांग्रेस इस शर्त पर ब्रिटेन की युद्ध में सहायता करने के लिए तैयार थी कि युद्ध समाप्त होने के बाद भारत को स्वतंत्रता प्रदान करने की स्पष्ट घोषणा की जाए। कांग्रेस स्वतंत्रता की मांग को लेकर अडिग थी।

प्र.4 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने विभाजन को क्यो स्वीकार किया ?

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने विभाजन को क्यों स्वीकार किया?
Solution: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा विभाजन को स्वीकार करने के पीछे कई कारण थे:
  1. देश के विभिन्न प्रांतों में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे थे, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति गंभीर हो गई थी।
  2. 1946 के चुनावों में मुस्लिम लीग को महत्वपूर्ण सफलता मिली थी, जिसने उनकी राजनीतिक स्थिति को मजबूत किया।

प्र.5 जिन्ना का द्वि. राष्ट्र सिद्धान्त क्या था ?

जिन्ना का द्वि-राष्ट्र सिद्धांत क्या था?
Solution: जिन्ना का द्वि-राष्ट्र सिद्धांत इस विचार पर आधारित था कि भारत में रहने वाले हिंदू और मुसलमान दो अलग-अलग और विशिष्ट समुदाय हैं। उनके अनुसार, दोनों समुदायों की संस्कृति, जीवन शैली और राजनीतिक आकांक्षाएं इतनी भिन्न हैं कि वे एक साथ एक राष्ट्र में नहीं रह सकते। इसलिए, उन्होंने भारत को दो अलग-अलग देशों, भारत और पाकिस्तान में विभाजित करने की वकालत की।

प्र.६ 1937 के प्रांतीय चुनाव में संयुक्त प्रांत में सरकार गठन की घटना ने किस प्रकार भारत में मुस्लिम साम्प्रदायिक्ता को बढ़ाया ?

1937 के प्रांतीय चुनावों में संयुक्त प्रांत में सरकार गठन की घटना ने किस प्रकार भारत में मुस्लिम सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया?
Solution: 1937 के प्रांतीय चुनावों के बाद संयुक्त प्रांत में सरकार गठन की घटना ने भारत में मुस्लिम सांप्रदायिकता को कई तरह से बढ़ाया:
  1. चुनावों में कांग्रेस को भारी बहुमत मिला और उसने सरकार बनाई।
  2. मुस्लिम लीग भी कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार में शामिल होना चाहती थी, लेकिन कांग्रेस ने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
  3. इस अस्वीकृति के कारण मुस्लिम लीग को यह महसूस हुआ कि वे कांग्रेस के प्रभुत्व वाले भारत में कभी भी राजनीतिक सत्ता हासिल नहीं कर पाएंगी।
  4. इस निराशा ने उन्हें राजनीतिक सत्ता प्राप्त करने के लिए भारत के विभाजन को एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया।
  5. इसके परिणामस्वरूप, मुस्लिम लीग ने स्वयं को भारत के सभी मुसलमानों के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में प्रचारित करना शुरू कर दिया और कांग्रेस को हिंदुओं की पार्टी के रूप में चित्रित किया, जिससे सांप्रदायिक विभाजन और गहरा हो गया।

प्र.7 ब्रिटिश भारत का विभाजन क्यों किया गया ?

ब्रिटिश भारत का विभाजन क्यों किया गया?
Solution: ब्रिटिश भारत के विभाजन के पीछे कई जटिल कारण थे:
  1. अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो की नीति: ब्रिटिश शासकों ने भारत में विभिन्न समुदायों के बीच मतभेद पैदा करके और उन्हें एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करके अपने शासन को बनाए रखा।
  2. मुस्लिम लीग का प्रचार: मुस्लिम लीग ने यह दुष्प्रचार किया कि वे ही भारत के सभी मुसलमानों की एकमात्र प्रतिनिधि संस्था हैं और उनके हितों की रक्षा केवल एक अलग राष्ट्र में ही संभव है।
  3. रियासतों का रुख: कुछ देसी रियासतों ने भी विभाजन के पक्ष में अपना रुख अपनाया, जिससे स्थिति और जटिल हो गई।
  4. सांप्रदायिक दंगे: विभाजन के समय देश भर में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे थे, जिन्होंने विभाजन की मांग को और बल दिया।
  5. प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस: 1946 में मुस्लिम लीग द्वारा 'प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस' मनाए जाने के बाद हुई हिंसा ने विभाजन की मांग को और मजबूत किया और इसे एक आवश्यक कदम के रूप में देखा जाने लगा।

प्र.8 मौखिक इतिहास की अच्छाइयां तथा कमियों बताइए ?

मौखिक इतिहास की अच्छाइयां तथा कमियां बताइए?
Solution: मौखिक इतिहास के अपने फायदे और नुकसान हैं:

अच्छाइयां:

  • यह लोगों के व्यक्तिगत अनुभवों और स्मृतियों को समझने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है।
  • यह बंटवारे जैसी जटिल और भावनात्मक घटनाओं का सजीव, बहुआयामी और व्यक्तिगत वृतांत लिखने में मदद करता है।
  • मौखिक इतिहास समाज के उन गरीब, वंचित और हाशिए पर पड़े लोगों के अनुभवों और भावनाओं को महत्व देता है, जिनकी आवाजें अक्सर लिखित इतिहास में अनसुनी रह जाती हैं।

कमियां:

  • मौखिक जानकारियां हमेशा तथ्यात्मक रूप से सटीक नहीं होती हैं; स्मृतियां समय के साथ बदल सकती हैं या विकृत हो सकती हैं।
  • निजी अनुभवों के आधार पर व्यापक सामान्यीकरण करना उचित नहीं है, क्योंकि व्यक्तिगत अनुभव सभी पर लागू नहीं हो सकते।

प्र.9 भारत विभाजन के परिणाम स्वरूप महिलाओं पर होने वाले प्रभावों की विवेचना कीजिए।

भारत विभाजन के परिणामस्वरूप महिलाओं पर होने वाले प्रभावों की विवेचना कीजिए।
Solution: भारत विभाजन के कारण महिलाओं को अत्यंत भयावह और दुखद अनुभवों से गुजरना पड़ा। उनके ऊपर पड़े प्रभावों का विवरण इस प्रकार है:
  1. हिंसा और उत्पीड़न: महिलाओं को बलात्कार, लूटपाट और अपहरण जैसी जघन्य घटनाओं का शिकार होना पड़ा। यह उनके लिए अत्यंत अपमानजनक और दर्दनाक था।
  2. खरीद-फरोख्त: कई महिलाओं को जबरन अजनबियों के साथ रहने के लिए मजबूर किया गया, और कुछ मामलों में उन्हें खरीदा और बेचा भी गया, जिससे उनकी गरिमा का हनन हुआ।
  3. जबरन विवाह: अनेक महिलाओं को उन लोगों के साथ जीवन बिताने के लिए मजबूर किया गया जिनसे वे अपरिचित थीं, जिससे उनके व्यक्तिगत जीवन पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
  4. सरकारी असंवेदनशीलता: दुर्भाग्यवश, उस समय की सरकारी मशीनरी अक्सर महिलाओं के प्रति असंवेदनशील रही, और उनके कष्टों को कम करने या उन्हें न्याय दिलाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।

Common mistakes

  • महाध्वंश को केवल एक सामान्य नरसंहार के रूप में समझना, इसके विशिष्ट ऐतिहासिक संदर्भ को अनदेखा करना।
  • लखनऊ समझौते के महत्व को केवल एक राजनीतिक सौदे के रूप में देखना, इसके राष्ट्रीय एकता के प्रयास को नजरअंदाज करना।
  • विभाजन के कारणों को केवल एक या दो कारकों तक सीमित रखना, बहुआयामी प्रकृति को न समझना।
  • मौखिक इतिहास की व्यक्तिपरकता को पूरी तरह से खारिज करना, इसके मूल्यवान अंतर्दृष्टि को नजरअंदाज करना।
  • विभाजन के दौरान महिलाओं के अनुभवों को सामान्यीकृत करना, उनकी व्यक्तिगत त्रासदियों की गहराई को कम आंकना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को मुख्य बिंदुओं में सारांशित करें।
  • विभाजन के कारणों और परिणामों को सूचीबद्ध करने के लिए माइंड मैप का उपयोग करें।
  • महिलाओं के अनुभवों जैसे संवेदनशील विषयों पर उत्तर लिखते समय तथ्यात्मक सटीकता और सहानुभूति बनाए रखें।
  • मौखिक इतिहास के लाभ और हानियों की तुलना करते समय उदाहरणों का प्रयोग करें।
  • ऐतिहासिक घटनाओं जैसे लखनऊ समझौते और द्वितीय विश्व युद्ध के प्रति कांग्रेस के रुख के बीच संबंध स्थापित करें।

Practice MCQs

Q1. महाध्वंश से क्या तात्पर्य है?

Q2. लखनऊ समझौता किन दो प्रमुख दलों के बीच हुआ था?

Q3. द्वितीय विश्वयुद्ध के प्रति भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का क्या दृष्टिकोण था?

Q4. 1937 के प्रांतीय चुनावों के बाद मुस्लिम लीग ने सरकार गठन में कांग्रेस के प्रस्ताव को ठुकराए जाने पर क्या महसूस किया?

Q5. ब्रिटिश भारत के विभाजन का एक प्रमुख कारण क्या था?

Q6. मौखिक इतिहास की एक प्रमुख कमी क्या है?

Frequently asked questions

कक्षा 12 इतिहास के पाठ 14 'विभाजन को समझना' में कौन से मुख्य विषय शामिल हैं?

इस पाठ में महाध्वंश, लखनऊ समझौता, द्वितीय विश्व युद्ध के प्रति कांग्रेस का दृष्टिकोण, विभाजन की स्वीकृति के कारण, जिन्ना का द्वि-राष्ट्र सिद्धांत, 1937 के प्रांतीय चुनावों का प्रभाव, ब्रिटिश भारत के विभाजन के कारण, मौखिक इतिहास की अच्छाइयां और कमियां, तथा विभाजन के कारण महिलाओं पर पड़े प्रभावों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है।

महाध्वंश से क्या तात्पर्य है?

महाध्वंश का अर्थ है सामूहिक जनसंहार। यह शब्द विशेष रूप से नाजी शासन के दौरान जर्मनी में सरकारी निकायों द्वारा किए गए नरसंहार के संदर्भ में प्रयोग किया जाता है।

लखनऊ समझौता क्या था और इसका क्या महत्व था?

लखनऊ समझौता 1916 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच हुआ था। यह एक संयुक्त राजनीतिक मंच बनाने का प्रयास था जिसका उद्देश्य आपसी तालमेल बढ़ाना था।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने विभाजन को क्यों स्वीकार किया?

कांग्रेस ने देश के कई प्रांतों में बढ़ते दंगों, चुनावों में मुस्लिम लीग की सफलता और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता जैसे कारणों से विभाजन को स्वीकार किया।

मौखिक इतिहास के उपयोग में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

मौखिक इतिहास की एक प्रमुख कमी यह है कि मौखिक जानकारियां हमेशा सटीक नहीं होती हैं और निजी अनुभवों के आधार पर सामान्यीकरण करना उचित नहीं होता है। इसलिए, इन जानकारियों का विश्लेषण करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

भारत विभाजन के दौरान महिलाओं पर क्या प्रभाव पड़ा?

भारत विभाजन के दौरान महिलाओं के अनुभव अत्यंत भयावह और दुखद थे। उनके साथ बलात्कार, लूट, अपहरण जैसी घटनाएं हुईं, उन्हें अजनबियों के साथ जीवन बिताने के लिए मजबूर किया गया और कई बार उन्हें खरीदा-बेचा भी गया।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.